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नई हलचल

दोहे "विश्व पुस्तक दिवस" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

पाठक-पुस्तक में हमें, करना होगा न्याय।पुस्तक-दिन के सार्थक, होंगे तभी उपाय।।--होगा जब नियमित नहीं, पुस्तक से सम्वाद।तब तक पुस्तक का दिवस, नहीं रहेगा याद।।--जहाँ पुस्तकों से अधिक, बस्ते का हो भार...  और पढ़ें
29 मिनट पूर्व
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक
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सुनना

      मेरे पिता बहुत कम बोलते थे। वर्षों तक सेना में किए गए कार्य के कारण उनकी सुनने की क्षमता पर बुरा प्रभाव पड़ा था और वे सुनने के लिए दोनों कानों में मशीन लगाते थे। एक दोपहर, जब मैं और मे...  और पढ़ें
12 घंटे पूर्व
Roz Ki Roti
रोज़ की रोटी - Daily Bread
2

ADARSH DEVKALI M V

MAHAVIDYALAYA
MAHAVIDYALAYA
13 घंटे पूर्व
ADARSH DEVKALI M V
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अपने बारे में...

राजेश रंजन उपाध्याय ...  और पढ़ें
13 घंटे पूर्व
ADARSH DEVKALI M V
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गीत "गुलमोहर का रूप" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

हो गया मौसम गरम,सूरज अनल बरसा रहा।गुलमोहर के पादपों का,“रूप” सबको भा रहा।।दर्द-औ-ग़म अपना छुपा,हँसते रहो हर हाल में,धैर्य मत खोना कभी,विपरीत काल-कराल में,चहकता कोमल सुमन,सन्देश देता जा रहा।ग...  और पढ़ें
16 घंटे पूर्व
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक
1

चर्चा - 3313

1 दिन पूर्व
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक
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गालियों की वापसी ....

पहचान करबयान देकर वापस लेने के ट्रेंड कोमाँ-बहन की अनगिनत गालियाँ दे डाली मैंने अपने फ्रेंड कोसोचा था मैं उसको सरप्राईज दूंगा बाद में अपनी गालियाँ वापस ले लूंगा,गालियाँ सुनकर उसका ब्लडप्रे...  और पढ़ें
1 दिन पूर्व
M Verma
जज़्बात
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समझ तथा चिन्ता

      जब एक व्यक्ति से पूछा गया कि क्या उसे लगता है कि आज के समाज की समस्या उदासीन रहना तथा जानकारी न रखना हो सकती है, तो उसने मुस्कुराते हुई उत्तर दिया, “न मैं यह जानता हूँ, और न ही इसकी परव...  और पढ़ें
1 दिन पूर्व
Roz Ki Roti
रोज़ की रोटी - Daily Bread
2

कबीरदास

यह अद्भुत है।कबीरदास जो जिंदग़ी-भर अंधविश्वासों का विरोध करते रहे उनकी जब मृत्यु हुई तो उनके हिंदू और मुस्लिम शिष्य उनका अंतिम संस्कार अपने-अपने तरीक़े से करने के लिए लड़ने लगे। जब उन्होंने लाश...  और पढ़ें
2 दिन पूर्व
Sanjay Grover संजय ग्रोवर
नास्तिक The Atheist
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एयरलाइंस का निर्मम कारोबार

करीब सवा सौ विमानों के साथ चलने वाली देश की दूसरे नम्बर की एयरलाइंस का अचानक बंद होना स्तब्ध करता है। साथ ही कुछ कटु सत्यों को भी उजागर करता है। यह क्षेत्र बहुत निर्मम है। पिछले साल मार्च में य...  और पढ़ें
2 दिन पूर्व
Pramod Joshi
जिज्ञासा
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दोहे "गिरवीं रखा जमाल" (डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

बिना बुलाये क्यों गये, शासक पाकिस्तान।पूछ रहा है प्रश्न ये, सारा हिन्दुस्तान।।भुला दिया गौरव सभी, गिरवीं रखा जमाल।हमदर्दी थी किसलिए, उससे दीनदयाल।।गरज पड़ी थी कौन सी, गये पाक तत्काल।भूल हुई ...  और पढ़ें
2 दिन पूर्व
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक
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कीरचें...

वो समझ नहीं पाए, मैं समझाती रह गई।उनके अहम में, मैं खुद को मिटाती रह गई।उजाड़ी थी बागबां ने ही, बगिया हरी - भरीगुलाब सी मैं, काँटों में छटपटाती रह गई।महफिल ने यारों की, भेंट कर दी तन्हाइयामैं तन्ह...  और पढ़ें
2 दिन पूर्व
Sudha
Meri Jubani
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पवन पुत्र हनुमान वानर नही मानव थे … डा श्याम गुप्त

पवन पुत्र हनुमान वानर नही मानव थे … डा श्याम गुप्त =================================जगह-जगह मन्दिरों में स्थापित हनुमान जी की मूर्तियों को देख कर अधिकाँश हिन्दू और सभी विधर्मियों की आम धारणा है कि भगवान के र...  और पढ़ें
2 दिन पूर्व
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक
2

प्रेम

      मेरे माता-पिता, जो अमेरिका में रहते हैं, हम मिलने के लिए इंग्लैण्ड आए हुए थे, जहाँ हम रहते हैं। जब वे वापस जाने लगे, तो उन्हें विदा करते समय मेरी बेटी रोते हुए कहने लगी, “मैं नहीं चाहती...  और पढ़ें
2 दिन पूर्व
Roz Ki Roti
रोज़ की रोटी - Daily Bread
5

जनसंख्या-वृद्धि का सवाल लापता क्यों है?

देश की राजनीति में को लेकर चिंता के दो महत्वपूर्ण उदाहरण हमारे सामने हैं। पहला है, इमर्जेंसी के दौरान संजय गांधी के नेतृत्व में चला अभियान। और दूसरे हैं साक्षी महाराज जैसे बीजेपी के भड़काऊ न...  और पढ़ें
3 दिन पूर्व
Pramod Joshi
जिज्ञासा
1

ऐन वक़्त पर होता है

ग़ज़लकोई छुपकर रोता हैअकसर ऐसा होता हैदर्द बड़ा ही ज़ालिम हैऐन वक़्त पर होता हैशेर अभी कमअक़्ल है नाअभी नहीं मुंह धोता हैतुम ही कुछ कर जाओ नावक़्त मतलबी, सोता हैवो मर्दाना नहीं रहायूं वो खुलकर रो...  और पढ़ें
3 दिन पूर्व
Sanjay Grover संजय ग्रोवर
पागलखाना PAAGAL-KHAANAA
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मुक्तकगीत "बैरियों को कब्र में दफन होना चाहिए" (डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

-१-घण्टे-घड़ियाल, ताल-खड़ताल लेके अब,भारत माँ का कीर्तन-भजन होना चाहिए।देश की सीमाओँ को बचाने के लिए तो आज,तन-मन प्राण का हवन होना चाहिए।-२-शासकों को सीधी चाल चलने की जरूरत है,तुष्टिकरण नीति का...  और पढ़ें
3 दिन पूर्व
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक
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लहरों से डरता हुआ तैराक ...

मत पूछिए ये दिल चाक-चाक क्यूँ हैएहसासों को पत्थर की पोशाक क्यूँ है?हालात का तर्जुमा तुम्हारी निगाहों में हैदर्द को छुपाने की फिर फिराक़ क्यूँ है?तुम्हारे आँकड़ों पर यकीन करें भी कैसे?ज़हर भरा आख़...  और पढ़ें
3 दिन पूर्व
M Verma
जज़्बात
2

क्रूस

      मैं जिस चर्च में जाती हूँ, वहाँ वेदी के सामने एक बड़ा सा क्रूस टंगा हुआ है, जो उस क्रूस की स्मृति है जिसपर प्रभु यीशु मसीह को मारा गया था – वह स्थान जहाँ हम मनुष्यों के पाप परमेश्वर की प...  और पढ़ें
3 दिन पूर्व
Roz Ki Roti
रोज़ की रोटी - Daily Bread
3

जनता की अदालत में फैसला अभी बाकी है

जनता की अदालत में फैसला अभी बाकी है
कुछ समय पहले अमेरिका के एक शिखर के बेस बॉल खिलाड़ी जो कि वहाँ के लोगों के दिल म...  और पढ़ें
4 दिन पूर्व
dr neelam mahendra
1

एक ग़ज़ल : कहाँ आवाज़ होती है--

एक ग़ज़ल : कहाँ आवाज़ होती है--कहाँ आवाज़ होती है कभी जब टूटता है दिलअरे ! रोता है क्य़ूँ प्यारे ! मुहब्बत का यही हासिलमुहब्बत के समन्दर का सफ़र काग़ज़ की कश्ती मेंफ़ना ही इसकी क़िस्मत है, नहीं इसका कोई साहि...  और पढ़ें
4 दिन पूर्व
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक
4

पाकिस्तान क्यों है इस चुनाव का बड़ा मुद्दा?

भारतीय चुनावों में पाकिस्तान का मुद्दा कभी इतना महत्वपूर्ण बनकर नहीं बना,  जितना इसबार नजर आ रहा है. इसकी एक वजह 14 फरवरी के पुलवामा हमले को माना जा रहा है. इसके पहले 1999 के करगिल कांड और 2008 के मुम्...  और पढ़ें
4 दिन पूर्व
Pramod Joshi
जिज्ञासा
1

दोहे "बलशाली-हनुमान" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

हनुमान जयन्ती कीसभी भक्तों और पाठकों को बहुत-बहुत शुभकामनाएँ।धीर-वीर, रक्षक प्रबल, बलशाली-हनुमान।जिनके हृदय-अलिन्द में, रचे-बसे श्रीराम।।--महासिन्धु को लाँघकर, नष्ट किये वन-बाग।असुरों को ...  और पढ़ें
4 दिन पूर्व
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक
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सहन

      यदि कोई मित्र साथ हो तो क्या पीड़ा अधिक सहनीय हो जाती है? वर्जीनिया विश्विद्यालय के कुछ शोधकर्ताओं ने इस प्रश्न का उत्तर पाने के लिए एक रोचक अध्ययन किया। वे देखना चाहते थे कि पीड़ा हो...  और पढ़ें
4 दिन पूर्व
Roz Ki Roti
रोज़ की रोटी - Daily Bread
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दुष्प्रचारवादियों को इतना ही बताना चाहता हूं

कई बार सोचता हूं कि अगर मैं भी कभी जातिवादी, संप्रदायवादी, अंथ-पंथवादी, अगड़मवादी, बगड़मवादी होना चाहूं तो मेरे पास भी कोई ‘ढंग की उपलब्धियां’ हैं क्या! दूर-दूर तक कुछ नज़र नहीं आता। न कभी किसीको इ...  और पढ़ें
5 दिन पूर्व
Sanjay Grover संजय ग्रोवर
नास्तिक The Atheist
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दोहे "ईवीएम में बन्द" (डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

हुआ दूसरे चरण का, जगह-जगह मतदान।सब अपनी ही जीत का, लगा रहे अनुमान।।किसको मिले विषाद अब, मिले किसे आनन्द।क्या होगा परिणाम सब, ईवीएम में बन्द।।आ जायेगा सामने, कुछ दिन में निष्कर्ष।वही सफल होता य...  और पढ़ें
5 दिन पूर्व
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक
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