पाँच लिंकों का आनन्द की पोस्ट्स

1232...दिल के दर्द की दवा किसने दी है.....

30 नवंबर 1944देश की चर्चित हिंदी लेखिका एवं दिल्ली साहित्य अकादमी की उपाध्यक्ष मैत्रेयी पुष्पा का आज जन्मदिन है। वह अकादमी उपाध्यक्ष मनोनीत किए जाने पर सुर्खियों में आ जाती हैं तो कभी अपने वैवा...  और पढ़ें
2 सप्ताह पूर्व
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1231....आ गयी सर्दी भी मख़मली धूप लेकर .....

सादर अभिवादन। आ गयी सर्दी भी मख़मली धूप लेकर कुहाँसा छा रहा दृश्य अदृश्य होने। आइये अब आपको आज की पसंदीदा रचनाओं की ओर ले चलें -क्या होगा ?......आशालता सक्सेना इतना आसन नहीं सहेज...  और पढ़ें
2 सप्ताह पूर्व
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1230... आसमान की खुली छाती पर...

।।उषा स्वस्ति।।"असफलता एक चुनौती है.. स्वीकार करो..क्या कमी रह गयी, देखो और सुधार करो..जब तक ना सफल हो नींद-चैन को त्यागो तुम..संघर्षों का मैदान छोड़ मत भागो तुम..कुछ किये बिना ही जयजयकार नहीं होती....  और पढ़ें
2 सप्ताह पूर्व
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1229....झुग्गियो मे सर्द रातें रो रहा है हिन्दुस्तान ....

जय मां हाटेशवरी.....सोच रहा हूं......ब्लौग कितना अच्छा माध्यम है.....अपने विचार रखने का......फिर न जाने क्यों......ब्लौगर कम हो रहे हैं.......स्वागत है आप सभी का......अब पेश है.....मेरे द्वारा प्रस्तुत चंद लिंक.....सम्म...  और पढ़ें
2 सप्ताह पूर्व
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1228...हम-क़दम का छियांलिसवाँ क़दम...

हिमांशु जोशी (४ मई १९३५ - २३ नवम्बर २०१८) हिन्दी के ख्यातिलब्ध कहानीकार, उपन्यासकार और पत्रकार थे। उन्होंने अपने पेशेवर जीवन की शुरुआत पत्रकारिता से की थी। वे लंबे समय तक हि...  और पढ़ें
2 सप्ताह पूर्व
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1227...आसमान नापने का ठेका कहीं हो रहा था

सादरनौजवान मेरे देश का......अनीता सैनीमाँ के आँचल  की छाँव से महरुम, माँ की हिफ़ाज़त तु  करता, न कर दिल कमजोर, फौलाद से टकराये ऐसा हुनर तू  रखता !!घर की चौखट को मंदिर ,माँ  बाप में भगवान को तलाशत...  और पढ़ें
2 सप्ताह पूर्व
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1226... पल

जिनसे सीख पाई.... कर्मठ बननाव्यस्तता का बहाना नहीं बनानाना जाने कब बुलावा आ जाएकोई काम अधुरा रह जाएशुभ प्रभातसभी को यथायोग्यप्रणामाशीषयाद आती है माँजब ये सासें कुछ भारी सी लगने लगे,जब ये धड़कन ...  और पढ़ें
2 सप्ताह पूर्व
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1225...गुलमोहर के पेड़ की उस शाख पर....

सादर अभिवादन। जी हाँ आज शुक्रवार ही है। दिन अदला-बदली सुहानी धूप खिली। प्रकाश पर्व की शुभकामनाऐं। सिख धर्म के संस्थापक व 10 सिख गुरुओं में प्रथम गुरुनानक देव जी की 550 वीं जयंती आज...  और पढ़ें
3 सप्ताह पूर्व
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1224..खुल जा सिम-सिम फिर काम आएगी...

सादर नमस्कारआदरणीय रवींद्र जी व्यस्त थे इसलिए उनकी जगह आज मैं उपस्थित हूँ।आप कल उनकी प्रस्तुति पढ़ना न भूलियेगा।★सर्वप्रथम पढ़िए कुँवर नारायण जी की कुछ रचनाएँये पंक्तियाँ मेरे निकटकुछ दू...  और पढ़ें
3 सप्ताह पूर्व
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1223..लड़ रहा अपनी हदों से ..

।।भोर वंदन।।कुछ इस तरह से शामिल हूँ आज की विचारों से कि हर्फों के गौहरों में से एक गौहर चुनना मुश्किल हुए जाती..फिलहाल इन लिंकों का लुत्फ़ उठाए..✍🎆आदरणीय डा०वर्षा सिंह की गजल..लड़ रहा अपनी हदो...  और पढ़ें
3 सप्ताह पूर्व
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1222....आखिर मै किस दिन डूबूँगा फ़िक्रें करते है

जय मां हाटेशवरी......स्वागत है आप सभी का......पांच लिंकों का आनंद के 1222   अंक में......उसकी कत्थई आँखों में हैं जंतर-मंतर सबचाक़ू-वाक़ू, छुरियाँ-वुरियाँ, ख़ंजर-वंजर सबजिस दिन से तुम रूठीं मुझ से रूठे-र...  और पढ़ें
3 सप्ताह पूर्व
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1221...हम-क़दम का पैंतालीसवाँ क़दम...अतिथि

अतिथि का मतलब मेहमान,पाहुन,अभ्यागत है।एक ऐसा मेहमान जिसके आने की तिथि निश्चित न हो।पुरातन काल से भारतीय संस्कृति की समृद्ध परंपरा के अंतर्गत अतिथि सत्कार श्रेष्ठ व्यवहार माना गया है।बदलते ...  और पढ़ें
3 सप्ताह पूर्व
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1220....कविता को टेढ़ा मेढ़ा नहीं सीधे सीधे सीधा लिखा जाता है

स्वागत है आपकाअंक क्रमांक बारह बीस मेंसादर अभिवादन....आइए चलें रचनाओं की ओर....कही अनकही बातें......अनीता सैनीताक  रही  निगाहें, सुख अंबर  बरसायेगा, मेहनत  करेगा कौन ज़ब मुफ्त में खाना मिल जा...  और पढ़ें
3 सप्ताह पूर्व
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1219... इश्क़ अजब है, तोहमत लेकर आया हूँ

सभी को यथायोग्यप्रणामाशीषअपने समय से संवाद करता"ये मजदूरों की छोरियाँलप लप खाए जा रही हैं खीरऔर ऐसे कि कोई देख न लेइनकी बन आई है इन दिनों"ये सूरज पर थूकने वाले अपना चेहरा बचा लेगा क्याथोड़ा जुग...  और पढ़ें
3 सप्ताह पूर्व
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2018..आज का विशेषांक....पाठकों की पसंद....पाठिका आदरणीया साधना वैद...

बुधवारीय अंक में आदरणीया पम्मी जी की अनुपस्थिति का भरपूर सदुपयोग करते हुये पाठकों की पसंद के तहत हमने विशेष अतिथि आदरणीया साधना जी को आमंत्रित किया था। परिस्थितिवश उनकी पसंद की रचनाएँ...  और पढ़ें
4 सप्ताह पूर्व
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1217.....अटकी हो साँस जब कैसी याद पानी की....

सादर अभिवादन। हवा राजधानी की आती याद नानी की अटकी हो साँस जब कैसी याद पानी की। आइये अब आपको आज की पसंदीदा रचनाओं की ओर ले चलें-उलझन …प्रोफ़ेसर गोपेश मोहन जसवाल पारिवारिकपंचायतऔरमि...  और पढ़ें
4 सप्ताह पूर्व
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1216...लिखा हुआ रंगीन भी होता है रंगहीन भी होता है

सादर अभिवादनआदरणीय सखी पम्मी जीएक पुण्य कार्य कर रही हैउन्होंनें माता षष्ठी का त्रिदिवसीय व्रत रखा हैमाँ षष्ठी उन्हें सफल करेचलिए चलें आज हमारी पसंदीदी रचनाओं पर एक नजर...छठः संस्मरण....श्व...  और पढ़ें
4 सप्ताह पूर्व
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1215....फिर कुछ प्रश्न......

जय मां हाटेशवरी.....कुछ दिनों से लौह-पुरुष की सबसे बड़ी प्रतिमा का विरोध हो रहा है........पर मैं कुछ नया बनने का विरोध नहीं करता......ये भी देश के लिये एक पर्यटक स्थल ही बन गया है.....जो पैसा इस प्रतिमा पर खर...  और पढ़ें
4 सप्ताह पूर्व
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1214..हमक़दम ...चवालीसवाँ क़दम..दीपावली अनुभव

त्योहार का अर्थ होता है उमंग,उल्लास, खुशी,रंग,खुशबू,प्रेम,स्नेह अपनों का साथ और नियमित, एक ढर्रे से बंधी दिनचर्या में बदलाव, बदलाव जो नवीन ऊर्जा का संचरण करके मन मस्तिष्क और जीवन के प्रत...  और पढ़ें
4 सप्ताह पूर्व
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1213...पटना के घाट पर हमहू अर्जिया देबइ

सादर अभिवादन.....आज से प्रारम्भउत्तर भारत मेंसूर्योपासना....छठ पर्व....अभिलाषा चौहानकार्तिक शुक्ल चतुर्थी से मनता ये त्योहार,सर्वेभवन्तु सुखिना इस पर्व का है आधार।त्रेता-द्वापर काल से मनता आ र...  और पढ़ें
4 सप्ताह पूर्व
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1212... निराशा

सभी को यथायोग्यप्रणामाशीषयम से पंगा-दंगा-चंगा सब हो गयाअब समय आ गया सूर्य से गुहार लगाने कीयानी कल से छठ शुरू हो रहा हैपूरे देश में बिहारी फैल चुके हैं अत:छठ पर्व से सभी परिचित होंगेपूरे विधि-...  और पढ़ें
1 माह पूर्व
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1211.....मेरे भइया तुम्हारी हो लंबी उमर

पंच दिवसीय दीपोत्सव श्रृंखला में भाई-दूज पाँचवा त्योहार है,इसे यम द्वितीया भी कहते हैं। भाई-बहन के पवित्र स्नेह का प्रतीक यह त्योहार भारतीय संस्कृति के सामाजिक व्यवस्था में पावन रिश्तों क...  और पढ़ें
1 माह पूर्व
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1210....‘तमसो,मा ज्योतिर्गमय’....

सादर अभिवादन।पाँच दिवसीय दीपावली के त्यौहार का आज चौथा दिन। भारतीय संस्कृति का सर्वाधिक लोकप्रिय पर्व। हार्दिक मंगलकामनाएँ। हिन्दी प्रेमियों के लिये गर्व का बिषय है कि इज़राइल के प...  और पढ़ें
1 माह पूर्व
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1209..एक दीप, तुलसी चौरे पर..

।।प्रात: वंदन।।ज्योतिर्गमय आकांक्षा का सांस्कृतिक आयोजन दिवाली शुचिता के साथ प्रकाश को आगे बढाने की पंरपरा। रोशनी, रंगोली और मिठाइयों का दीपोत्सव। मिट्टी के दीये, रंग-बिरंगी झालरें,&nbs...  और पढ़ें
1 माह पूर्व
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1208....मिलकर मनाएं चलो दिवाली…..

जय मां हाटेशवरी.....हरेक मठ में जला फिर दिया दिवाली का,हरेक तरफ़ को उजाला हुआ दिवाली काअजब बहार का है दिन बना दिवाली का..नज़ीरसादर अभिवादन.....लंबी छुट्टी के बाद......आज पुनः उपस्थित हूं.....आप सब पाठकों क...  और पढ़ें
1 माह पूर्व
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1207 ...हमक़दम का तैंतालीसवाँ क़दम...तस्वीर

शुचिता,स्वच्छता,सुख,समृद्धि, सकारात्मकता से भरपूर त्योहार जीवन में नकारात्मकता को दूर करके नवीन ऊर्जा का संचरण करते हैं।सुप्रसिद्ध, पवित्र, पावन भारतीय त्योहारों की सूची में दीपावल...  और पढ़ें
1 माह पूर्व
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1206....अब चोर को शरीफ कह कर, एक ईमानदार को लात देनी चाहिये

सादर अभिवादनकुछ आन्तरिक व्यवधान की वजह से नियमित नही हो पा रही हूँ फिर भी ये पाँच लिंकों का आनन्द .आनन्द तो अनवरत रूप से दे ही रहा है....साधुवाद हमारी टीम को..चलिए चलते हैं रचनाओं की ओर....तो फ...  और पढ़ें
1 माह पूर्व
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1205.. पंकज सुबीर

एकलअकाल में उत्सवपंकज सुबीर को 'राजेन्द्र यादव हंस कथा सम्मान'. इस वर्ष का प्रतिष्ठित 'राजेन्द्र यादव हंस कथा सम्मान'सीहोर के कहानीकार पंकज सुबीर को प्रदान किया गयासभीको यथायोग्यप्रणा...  और पढ़ें
1 माह पूर्व
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1204....सतरंगी सपने मैं बुनती हूँ...।

सादर नमस्कारशाम ढलते हीगली,मुहल्ला,चौबारा,झोपड़ी, फ्लैटों,घरों पर सजे रंग बिरंगे बिजली की झालरों की आभा किसी परीलोक का आभास देने लगे हैं। दिवाली की साफ-सफाई और सजावट से हर घर मुस्कु...  और पढ़ें
1 माह पूर्व
पाँच लिंकों का आनन्द
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1203....हर मुर्दे को कफ़न भले ही हो न मयस्सर....

सादर अभिवादन। दिल्लीवाले विवश हैं ज़हरीली हवा में लेने को साँस,वोटों के सौदागर करते ऐसा तिलिस्म पाँच साल तक चुभती रहती    मन में फाँस।   आइये अब आपको आज की पसंदीदा रचनाओं क...  और पढ़ें
1 माह पूर्व
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