पाँच लिंकों का आनन्द की पोस्ट्स

878..विचार मानव के मूलभूत स्तम्भ हैं

इस धरा पर हर प्राणी अपने अस्तित्व के साथ अपने जीवन का निर्वहन करता है। फलतः अस्तित्व है तो विचार होना स्वाभाविक है और बिना विचार के अस्तित्व की कल्पना बेईमानी सी प्रतीत होती है। ये विच...  और पढ़ें
3 दिन पूर्व
पाँच लिंकों का आनन्द
4

877....असली सब छिपा कर रोज कुछ नकली हाथ में थमा जाता है

सादर अभिवादन स्वीकारेंआज हम आए हैं....बुखार आया हैआज आने वाले को...शायद  उन्होंने मच्छर को काट लिया है....का़टने वाले को मच्छरों नें बारह घण्टे केलिए मच्छरदानी में कैद कर दिया है.....आज हमारी पसंद......  और पढ़ें
4 दिन पूर्व
पाँच लिंकों का आनन्द
1

876.... आकांक्षा

आकांक्षाआप सभी को यथायोग्यप्रणामाशीषलेख्य-मंजूषापुस्तक मेला के मंच परकल (10-12-2017)दोपहर 2 बजे सेआप दें शुभकामनाओं की लड़ीमेरी आकांक्षाईमानदारी की तिनकों से बनाऊं अपनी एक सुंदर आसियाँचरित्र की ...  और पढ़ें
5 दिन पूर्व
पाँच लिंकों का आनन्द
0

875...समय ही इश्क हो लेता है समय से जब इश्क होता है

सादर अभिवादन।बाल पत्रिकाएँ दम तोड़ रही है, कुछ गिने चुने अखबारों में साप्ताहिक कॉलम बचे है बाल साहित्य के नाम पर।कार्टून कैरेक्टरों ने पंचतंत्र और अन्य प्रेरक कथाओं को विस्थापित कर दिया ...  और पढ़ें
6 दिन पूर्व
पाँच लिंकों का आनन्द
0

874....जब मिलता है तुम्हे वनवास.....

सादर अभिवादन।बीते कल और परसों ख़ासे चर्चा में रहे क्योंकि माननीय सर्वोच्च न्यायालय में "राम मंदिर-बाबरी मस्जिद विवाद"पर सुनवाई को लेकर जनमानस में भारी कौतूहल मौजूद था। अब यह सुनवाई 8 फरवरी 2018 त...  और पढ़ें
7 दिन पूर्व
पाँच लिंकों का आनन्द
0

873...बेवकूफ हैं, तो प्रश्न हैं.. उसी तरह जैसे गरीब है, तो गरीबी है...

सादर अभिवादनपम्मी सखी आज प्रवास पर  हैंअगले बुध से उन्हें आप फिर पाएँगे यहीं परइसी जगह...इसी दिनहाँ ..याद आया... आज तो छः दिसंबर हैआज ही जागा था भारत रात भरतोड़ी गई थी इमारतें...जिसे संज्ञा दी जात...  और पढ़ें
1 सप्ताह पूर्व
पाँच लिंकों का आनन्द
0

872....फलसफा प्रजातंत्र का

जय मां हाटेशवरी....हिमाचल में ठंड आवश्यक्ता से अधिक है....पर चुनाव के नतीजों के इंतजार में....ठंड अधिक महसूस नहीं हो रही है....हम मत-दाताओं को भी इंतजार है चुनाव नतीजों में राज्य के भविष्य का.......और प्र...  और पढ़ें
1 सप्ताह पूर्व
पाँच लिंकों का आनन्द
0

871...ब्लॉग जगत के सशक्त 'हस्ताक्षर'

कहते हैं इच्छायें उड़ती हैं परन्तु किस दिशा में ? व्यक्तिगत इच्छाओं का मूल्य तो है, सही दिशा भी हो यह आवश्यक नहीं ! कई इच्छायें यदि एक साथ चलें ज़ाहिर है सकारात्मक सोच,नई दिशा और दिशाओं के स...  और पढ़ें
1 सप्ताह पूर्व
पाँच लिंकों का आनन्द
0

870..बातें करते हैं उन हुनर की..

।।मांगल्यमः सुप्रभात।।यूँ तो मसले हजारों है..पर आज मसाइल की नहीं.. बातें करते हैं ..उन हुनर की जिसेशब्द बयानी कहते हैं..आगे बढने से पहले एक नजर सुविचार परकुछ न कुछ कर बैठने को ही कर्तव्य नह...  और पढ़ें
2 सप्ताह पूर्व
पाँच लिंकों का आनन्द
0

869... हाइकु 2

आप सभी को यथायोग्यप्रणामाशीषबस दो दिन की दूरीपल होंगे सिंदूरीहाइकुपलाश फलेजंगल के दिल मेंअनल जले।हाइकुमाँ है महानपूजा जीवन कीकरें सम्मान।हाइकुचरखी घूमीचिपकी चिंगारियाँगगन सजा।हाइकुम...  और पढ़ें
2 सप्ताह पूर्व
पाँच लिंकों का आनन्द
1

868.....आचमन ही सही कभी कर ही लिया कर

सादर अभिवादन....माह दिसम्बर का पहला दिनभारी छुट्टियों का महीनाबेसब्री से प्रतीक्षा कर रहे थे लोग...आपको तआज़्ज़ुब हो रहा होगाआज हम क्यों...आज हमारी सखी श्वेता अपरिहार्य कारणों से नहीं आ सकीचल...  और पढ़ें
2 सप्ताह पूर्व
पाँच लिंकों का आनन्द
2

867...तुम सूरज न बन पाओ तो बादल बन के रहना.....

सादर अभिवादन। आज 30 नवम्बर अर्थात इस साल का 334 वां दिन।  अब 31 दिन और शेष हैं 2018 का इंतज़ार ख़त्म होने में। समाचार आया है कि अँधेरे में मोबाइल का उपयोग करने वालों की आँखों की रौशनी जा सकती है अ...  और पढ़ें
2 सप्ताह पूर्व
पाँच लिंकों का आनन्द
0

866..शेष है अब भी कुछ सवाले.. जो निर्भर है जीवन और परिवेश के हवाले..

।।शुभ भोर वंदन।।जी, नमस्कार आज शुरुआत करते है इन अल्फाजों के साथ कि..शेष है अब भी कुछ सवाले..जो निर्भर हैजीवन और परिवेश के हवाले..क्योंकि...जो पढा है उसे जीना ही नहीं है मुमकिनज़िंदगी को मैं किता...  और पढ़ें
2 सप्ताह पूर्व
पाँच लिंकों का आनन्द
0

865....एक इंसान जिसने देशभक्ति की भावना को जाग्रृत करने का सही तरीका बतलाया!

जय मां हाटेशवरी....आज भी हमारे देश में बाल-विवाह जैसी कुप्रथा प्रचलित है....अभी दो तीन दिन पहले हिमाचल महिला व बाल विकास विभाग के   प्रयासों से दो बच्चियों    के  बाल-विवाह होने से रोके गय...  और पढ़ें
2 सप्ताह पूर्व
पाँच लिंकों का आनन्द
0

864... यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवता:।!

कहते हैं हौंसले बुलंद हो ,रास्ते खुद -ब -खुद मिल जाते हैं। डरिये नहीं ! आज मैं कोई लेख लिखने नहीं आया हूँ और न ही किसी समस्या पर विमर्श करने। आज मैं ब्लॉगिंग की दुनिया में सशक्त महिला रचनाका...  और पढ़ें
2 सप्ताह पूर्व
पाँच लिंकों का आनन्द
0

863....दिल खींचने के नजारे भी बहुत थे

सादर अभिवादन...है तो रविवार आज..दिन भी है छुट्टी काहोने के बाद भी छुट्टीनहीं न है छुट्टी..ढेरों काम हैं लम्बित..पर आज रविवार नहीं है..शनि का शाम से..... रवि की तैय्यारी हो रही है...   नव प्रवेश त्रय&...  और पढ़ें
3 सप्ताह पूर्व
पाँच लिंकों का आनन्द
1

862.... हाइकु

सभी को यथायोग्यप्रणामाशीषलेखन से कभी वास्ता नहीं रहाना वैसे माहौल में रहीब्लॉग की दुनिया में आई तोपढ़ने के शौक ने लेखन की तरफ खिंच लियालिखना तो चाहती हूँ बड़ी बड़ी रचनाएँलेकिन आकर्षित करती है ...  और पढ़ें
3 सप्ताह पूर्व
पाँच लिंकों का आनन्द
5

861 भाषा की मर्यादा

सादर अभिवादन" मर्यादा " एक शब्द या कोई बंधन नहीं, जीवन के व्यवहारिक व्यवस्था का संपूर्ण सार है।  भाषा की मर्यादा, जिससे हमारे चरित्र और व्यक्तित्व का आकलन किया जाता है।आज  ऐसे प...  और पढ़ें
3 सप्ताह पूर्व
पाँच लिंकों का आनन्द
2

860....सिसक-सिसककर आठ पहर अपने ही आँसू पीती है...

सादर अभिवादन। सत्रह साल के लम्बे अंतराल के बाद हरियाणा की एक बेटी मानुषी छिल्लर ने डॉक्टरी की पढ़ाई करते हुए विश्व सुंदरी ( मिस वर्ल्ड -2017 ) का ख़िताब जीतकर दुनिया को दिखाया कि "ब्यूटी विद ब...  और पढ़ें
3 सप्ताह पूर्व
पाँच लिंकों का आनन्द
1

859.. थोड़ा नज़र अंदाज करें और आगे बढ़ जाए..

२२ नवम्बर २०१७।।उषा स्वस्ति।।कभी-कभी ऐसी भी बातें होती है..जब केवलदेखें, समझे, मुस्कराएं थोड़ा नज़र अंदाज करेंऔर आगे बढ़ जाए..इसलिए सीधेआज की रोचक लिंकों की चर्चा में आप सभी सुधीजनों के समक्ष ब...  और पढ़ें
3 सप्ताह पूर्व
पाँच लिंकों का आनन्द
4

858....अजीब से काम जब नजीर हो रहे होते हैं....

सादर अभिवादन...आज हिमांचल प्रदेश में बारिश के साथ-साथ आँधी भी चल रही हैऐसा भाई कुलदीप जी फोन पर बता रहे थे..पहाड़ी इलाके में रहते हैं...ये भी कह रहे थे इस बार त्रिशंकु की उम्मीद हैचलिए बगैर ताम-झ...  और पढ़ें
3 सप्ताह पूर्व
पाँच लिंकों का आनन्द
2

857..पोस्टर मत जलाना ! दूसरों का चूल्हा अवश्य जलाना।

क्षमा कीजिएगा। कुछ दिनों से स्वास्थ्य अच्छा न होने की वज़ह से ब्लॉग पर अनुपस्थित रहा। औषधि लाभ ले रहा था जो हमारी परम्परा तथा वैज्ञानिक तथ्य भी ! निःसंदेह वर्तमान में कई हलचलें हुईं ,कुछ का...  और पढ़ें
3 सप्ताह पूर्व
पाँच लिंकों का आनन्द
1

856..बिल्ली जब जाती है दिल्ली, चूहा बन जाता है सरदार...

सादर अभिवादन..19 नवेम्बर..कई मुआमले में खास हैइतिहास के पन्‍नों में दर्ज है आज के दिन की कई घटनाएं, जिनमें ये प्रमुख हैं...आज ही..2017..आज पाँच लिंकों का आनन्द के 856 वें अंक का प्रकाशनजिसमें  उलूक, ...  और पढ़ें
4 सप्ताह पूर्व
पाँच लिंकों का आनन्द
2

855.... संवेदना

रेनबो में हमसमझते अपनीसंवेदनासभी को यथायोग्यप्रणामाशीषबाल दिवस बीत गया .... बालिका दिवस की प्रतीक्षा हैआजमा ही लेते हैं कितनी बची है हम मेंसंवेदनाजगे को सुलाती हैऔर सोय़े को जगाती है !तू बस व...  और पढ़ें
4 सप्ताह पूर्व
पाँच लिंकों का आनन्द
2

854....जीवन का स्वभाव चलते जाने की पुष्टि है

सादर अभिवादन।आधुनिक तकनीक की उपयोगिता और संचार माध्यम के क्रांति के इस दौर में इलेक्ट्रॉनिक बुक (ई-बुक) के प्रति लोगों का रूझान बढ़ा है, परंतु छपाई के पुस्तकों की प्रासंगिकता भी कम नहीं हुई है।...  और पढ़ें
4 सप्ताह पूर्व
पाँच लिंकों का आनन्द
2

853...मेरा हृदय छालों से भर जाता है...

सादर अभिवादन। जैसे-जैसे मौसम में बदलाव होता जा रहा है हमें धूप उतनी ही प्रिय लगने लगती है। डॉक्टर शीत ऋतु को हेल्दी सीजन कहते हैं।  बच्चों और वृद्ध जनों को यह ऋतु अधिक प्रभावित करती है।  स...  और पढ़ें
4 सप्ताह पूर्व
पाँच लिंकों का आनन्द
2

852..पत्थर की तरह बेहिस-ओ-बेजान सा क्यों है..

१ ५ नवम्बर २ ० १ ७ ।।प्रातः वन्दन।।सीने में जलन, आँखों में तूफ़ान सा क्यों हैइस शहर में हर शख्स परेशान सा क्यों हैदिल है तो, धड़कने का बहाना कोई ढूंढेंपत्थर की तरह बेहिस-ओ-बेजान सा क्यों हैक्यू...  और पढ़ें
4 सप्ताह पूर्व
पाँच लिंकों का आनन्द
4

851...बच्चों के लिये स्वस्थ्य सामाजिक-सांस्कृतिक वातावरण में बड़ा होने की अनुमति और अवसर प्रदान करें....

जय मां हाटेशवरी.......सोच रहा हूं....आज बाल-दिवस पर आयोजित होने वाले किसी सामारोह में....सड़क पर भीख मांगते हुए बच्चों के लिये भी कोई घोषणा होगी?...जिन मासूमों को ढाबों या कारखानों में काम करते हम अक्सर...  और पढ़ें
4 सप्ताह पूर्व
पाँच लिंकों का आनन्द
2

850...हक़ीक़त तो कुछ और है !

देर रात डेढ़ बज रहे थे कुछ क़दमों की आहट रात के अंधेरे को चीरती हुई लैब में दाख़िल हुई । मैं एकाएक दरवाज़े की तरफ भागा मेरे सम्मुख एक विकृत काली परछाई सामने आकर खड़ी हो गई। मैं दंग रह गया ! प्रोफेसर रम...  और पढ़ें
1 माह पूर्व
पाँच लिंकों का आनन्द
5

849................मानवता फिर कब होगी

सादर अभिवादन। सभी सम्मानित रचनाकारों से सविनय क्षमा चाहते हैं।  आपको आपकी रचना के प्रकाशन की सूचना गुरूवार (9 -11 -2017 ) के लिए दी गयी किंतु तकनीकी गड़बड़ी के चलते अंक रिशेड्यूल किया गया अतः आज...  और पढ़ें
1 माह पूर्व
पाँच लिंकों का आनन्द
2
Postcard
फेसबुक द्वारा लॉगिन  
हो सकता है इनको आप जानते हो!  
ramsagarparihar
ramsagarparihar
ahmedabad,India
mar shall
mar shall
new york,United States
ANKIT MAHESHWARI
ANKIT MAHESHWARI
bhilwara,India
Vijaykumar
Vijaykumar
punjab,India
दिगंबर नासवा
दिगंबर नासवा
dubai ,United Arab Emirates