मेरी धरोहर की पोस्ट्स

आवाज़.....पाराशर गौड़

सुनो..मेरी आवाज़ को गौर से सुनोअगर पौधा मर गया तो उसके साथबीज भी मर जायेगाधरती बंजर हो जायेगीकिसान भी मर जायेगा-अगर वो मरा तो...उसके साथ समुचा देश भी मर जायेगाफिर...ना तो कोई सुननेवाला होगाना सुना...  और पढ़ें
2 सप्ताह पूर्व
मेरी धरोहर
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आवाज़.....दीप्ति शर्मा

आवाज़ जोधरती से आकाश तकसुनी नहीं जातीवो अंतहीन मौन आवाज़हवा के साथ पत्तियोंकी सरसराहट मेंबस महसूस होती हैपर्वतों को लाँघकरसीमाएँ पार कर जाती हैंउस पर चर्चायें की जाती हैंपर रात के सन्नाटे ...  और पढ़ें
2 सप्ताह पूर्व
मेरी धरोहर
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25 त्रिपदियाँ......गुलजार

त्रिपदियाँ१.मां ने जिस चांद सी दुल्हन की दुआ दी थी मुझेआज की रात वह फ़ुटपाथ से देखा मैंनेरात भर रोटी नज़र आया है वो चांद मुझे२.सारा दिन बैठा,मैं हाथ में लेकर खा़ली कासा(भिक्षापात्र)रात जो गुज़...  और पढ़ें
2 सप्ताह पूर्व
मेरी धरोहर
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अक्स तुम्हारा (हाइकु)............डॉ. सरस्वती माथुर

अक्स तुम्हारा (हाइकु)1मोर है बोलेमेघ के पट जबगगन खोले 2वक्त तकलीदेर तक काततीमन की सुई l3यादों के हारकौन टाँक के गयामन के द्वार 4अक्स तुम्हारायाद आ गया जबमन क्यों रोया ?5यादों से अबमेरा बंधक मन...  और पढ़ें
2 सप्ताह पूर्व
मेरी धरोहर
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सूरज तुम जग जाओ न.....श्वेता सिन्हा

धुँधला धुँधला लगे है सूरजआज बड़ा अलसाये हैदिन चढ़ा देखो न  कितनाक्यूँ न ठीक से जागे हैछुपा रहा मुखड़े को कैसेज्यों रजाई से झाँके हैकुछ तो करे जतन हम सोचेकोई करे उपाय हैसूरज को दरिया के पानी मेध...  और पढ़ें
2 सप्ताह पूर्व
मेरी धरोहर
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रिश्ते...........डॉ. रति सक्सेना

कुछ रिश्तेतपती रेत पर बरसात सेबुझ जाते हैं,बनने से पहलेरिश्ते ऐसे भी होते हैंचिनगारी बनसुलगते रहते हैं जोजिन्दगी भरचलते साथ कुछ कदमकुछ रुक जाते बीच रास्तेरिश्ते होते हैं कहाँजो साथ निभा...  और पढ़ें
2 सप्ताह पूर्व
मेरी धरोहर
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रिश्ते...........डॉ. रति सक्सेना

कुछ रिश्तेतपती रेत पर बरसात सेबुझ जाते हैं,बनने से पहलेरिश्ते ऐसे भी होते हैंचिनगारी बनसुलगते रहते हैं जोजिन्दगी भरचलते साथ कुछ कदमकुछ रुक जाते बीच रास्तेरिश्ते होते हैं कहाँजो साथ निभा...  और पढ़ें
2 सप्ताह पूर्व
मेरी धरोहर
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तन्हा चाँद जाने किस ख़्याल में गुम है.....श्वेता सिन्हा

सर्द रात की नम आँचल परधुँध में लिपटा तन्हा चाँदजाने किसख़्याल में गुम हैझीनी चादरबिखरी चाँदनीलगता है किसी की तलाश हैनन्हा जुगनू छूकर पलकों कोदेने लगा हसीं कोई ख़्वाब हैठंडी हवाएँ भी...  और पढ़ें
2 सप्ताह पूर्व
मेरी धरोहर
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तन्हा चाँद जाने किस ख़्याल में गुम है.....श्वेता सिन्हा

सर्द रात की नम आँचल परधुँध में लिपटा तन्हा चाँदजाने किसख़्याल में गुम हैझीनी चादरबिखरी चाँदनीलगता है किसी की तलाश हैनन्हा जुगनू छूकर पलकों कोदेने लगा हसीं कोई ख़्वाब हैठंडी हवाएँ भी...  और पढ़ें
2 सप्ताह पूर्व
मेरी धरोहर
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आँसुओं का खजाना.........डॉ. रति सक्सेना

एक आँसूउसके लिएजो अपना न बन सकाएक आँसूअपना बनने कादिखावा करने वाले के लिएएक आँसूअपने आप से दोस्ती करवाने वाले के लिएआँसुओं का खजानाखत्म हो गया-डॉ. रति सक्सेना...  और पढ़ें
3 सप्ताह पूर्व
मेरी धरोहर
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आँसुओं का खजाना.........डॉ. रति सक्सेना

एक आँसूउसके लिएजो अपना न बन सकाएक आँसूअपना बनने कादिखावा करने वाले के लिएएक आँसूअपने आप से दोस्ती करवाने वाले के लिएआँसुओं का खजानाखत्म हो गया-डॉ. रति सक्सेना...  और पढ़ें
3 सप्ताह पूर्व
मेरी धरोहर
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सेल्फ पोर्ट्रेट.....गुलजार

नाम तो सोचा ही न था, है कि नहीं'अमा'कहकर बुला लिया इक ने'ए जी'कहके बुलाया दूजे ने..'अबे ओ'यार लोग कहते हैं..जो भी यूँ जिस किसी के जी आयाउसने वैसे ही बस पुकार लिया..तुमने इक मोड़ पर अचानक जबमुझको 'गुलजार'...  और पढ़ें
3 सप्ताह पूर्व
मेरी धरोहर
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तेरे नेह में....श्वेता सिन्हा

तुमसे मिलकर कौन सी बातें करनी थी मैं भूल गयीशब्द चाँदनी बनके झर गये हृदय मालिनी फूल गयीमोहनी फेरी कौन सी तुमने डोर न जाने कैसा बाँधातेरे सम्मोहन के मोह में सुध-बुध जग भी भूल गयीमन उलझे मन सागर ...  और पढ़ें
3 सप्ताह पूर्व
मेरी धरोहर
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लिबास....गौरव धूत

लिबास जो पहना था साल भर,उम्र ने अब उतार कर रख दिया,और साथ में उतार दिए,वो गिनती के दिन, जो मुझे दिए थे,कह कर के ये तेरा हिस्सा है,इनको जिस मर्ज़ी खर्च कर।बचा तो ना पाया मैं एक दिन भी,पर जाने कहाँ उनक...  और पढ़ें
3 सप्ताह पूर्व
मेरी धरोहर
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नन्ही ख़्वाहिश....श्वेता सिन्हा

एक नन्ही ख़्वाहिश चाँदनी को अंजुरी में भरने की,पिघलकर उंगलियों से टपकतीअंधेरे में ग़ुम होती चाँदनी देखकरउदास रात के दामन मेंपसरा है मातमी सन्नाटा ठंड़ी छत को छूकर सर्द किरणेंजगाती है बर्...  और पढ़ें
3 सप्ताह पूर्व
मेरी धरोहर
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क्षणिकाएँ..... पुरूषोत्तम व्यास

-१-बैठा रहताबहती धारा...जिसको कविता कहतादूर न पासअंदर न बाहरअपने आप में पूर्ण..चलना कितनादूर उसको ले आतादरवाज़े के उस पारआसमान नीलम-सामौन..कविता गाता...।-२-प्रेम-कहानीपढ़ने मेंमुझें डर लगता...क्य...  और पढ़ें
3 सप्ताह पूर्व
मेरी धरोहर
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अनायास ही गुम हो जाते हैंं...श्वेता सिन्हा

साँझ को नभ के दालान सेपहाड़ी के कोहान पर फिसलकरक्षितिज की बाहों में समाता सिंदुरिया सूरज,किरणों के गुलाबी गुच्छेटकटकी बाँधें खड़े पेड़ों के पीछे उलझकरबिखरकर पत्तों परअनायास ही गुम हो जाते हैं...  और पढ़ें
3 सप्ताह पूर्व
मेरी धरोहर
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नई आस्तीन - शकील आज़मी

न मेरे ज़हर में तल्ख़ी रही वो पहली सी बदन में उस के भी पहला सा ज़ाइक़ा/ज़ायका न रहा हमारे बीच जो रिश्ते थे सब तमाम हुए बस एक रस्म बची है शिकस्ता पुल की तरहकभी-कभार जवाब भी हमें मिलाती है मग...  और पढ़ें
4 सप्ताह पूर्व
मेरी धरोहर
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नदिया, ताल, समंदर आए....सिब्बन बैजी

कुछ फिकरे, कुछ पत्थर आएसच कहकर हम जब घर आएहमसे लोटा डोर मांगनेनदिया, ताल, समंदर आएमलबों की मातमपुर्शी कोकितने ही बुलडोजर आएशिकरों की दावत में अक्सरतीतर, बया, कबूतर आए'सिब्बन'की रातों से मिलनेस...  और पढ़ें
4 सप्ताह पूर्व
मेरी धरोहर
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लफ़्ज़ मेरे तौलने लगे......श्वेता सिन्हा

अच्छा हुआ कि लोग गिरह खोलने लगे।दिल के ज़हर शिगाफ़े-लब से घोलने लगे।।पलकों से बूंद-बूंद गिरी ख़्वाहिशें तमाम।उम्रे-रवाँ के  ख़्वाब  सारे  डोलने  लगे।।ख़ुश देखकर मुझे वो परेश़ान हो  गये।फि...  और पढ़ें
4 सप्ताह पूर्व
मेरी धरोहर
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सामने कारनामे जो आने लगे - अर्पित शर्मा "अर्पित"

सामने कारनामे जो आने लगे,आईना लोग मुझको दिखाने लगे |जो समय पर ये बच्चे ना आने लगे, अपने माँ बाप का दिल दुखाने लगे |फ़ैसला लौट जाने का तुम छोड़ दो, फूल आँगन के आँसू बहाने लगे |फिर शबे हिज़्र आँसूं म...  और पढ़ें
4 सप्ताह पूर्व
मेरी धरोहर
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है दीवाली-मिलन में ज़रूरी 'नज़ीर' .....नजीर बनारसी

घर की किस्मत जगी घर में आए सजनऐसे महके बदन जैसे चंदन का बन आज धरती पे है स्वर्ग का बाँकपन अप्सराएँ न क्यूँ गाएँ मंगलाचरण ज़िंदगी से है हैरान यमराज भी आज हर दीप अँधेरे पे है ख़ंदा-ज़न उन...  और पढ़ें
4 सप्ताह पूर्व
मेरी धरोहर
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अँधेरे अँधेरों मे खो गए !!...मंजू मिश्रा

मुट्ठी भर दिएमील भर अँधेरों कोचुनौती देते हैंशान से हँसते हैंऔर अँधेरेमन मसोस कर रह जाते हैं-:-यही तो हैअसली ताकतउजाले कीजब नन्ही सी रेखचीर देती है सीना अँधेरे काऔर अँधेरे देखते रह जाते हैं-:-...  और पढ़ें
4 सप्ताह पूर्व
मेरी धरोहर
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छठ पर्व का उत्तर भारत में उल्लास

कार्तिक शुक्ल की षष्ठी के पावन उत्सव, छठ पर्व का उत्तर भारत में उल्लास!  पटना के घाट पर हमहू अर्जिया देबइ, हे छठी मैया हम ना जाईब दूसर घाट देखब ये छठी मैया!! ऐसे ही अन्य भक्ति गीतों के स...  और पढ़ें
1 माह पूर्व
मेरी धरोहर
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भाई-बहन....गोपाल सिंह नेपाली

भाई-बहन....गोपाल सिंह नेपालीतू चिनगारी बनकर उड़ री, जाग-जाग मैं ज्वाल बनूँ,तू बन जा हहराती गंगा, मैं झेलम बेहाल बनूँ,आज बसन्ती चोला तेरा, मैं भी सज लूँ लाल बनूँ,तू भगिनी बन क्रान्ति कराली, मैं भाई व...  और पढ़ें
1 माह पूर्व
मेरी धरोहर
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सुलग सुलग री जोत...माखन लाल चतुर्वेदी

सुलग-सुलग री जोत दीप से दीप मिलेंकर-कंकण बज उठे, भूमि पर प्राण फलें।लक्ष्मी खेतों फली अटल वीराने मेंलक्ष्मी बँट-बँट बढ़ती आने-जाने मेंलक्ष्मी का आगमन अँधेरी रातों मेंलक्ष्मी श्रम के साथ घात-...  और पढ़ें
1 माह पूर्व
मेरी धरोहर
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इतिहास...जो सच है......

ये सत्य इतिहास है जो मुगलों और नकली परिवार की वजह से नही जानते लोग!!हिंदू धर्म ग्रंथ नहींं कहते कि देवी को शराब चढ़ाई जाये..,ग्रंथ नहींं कहते की शराब पीना ही क्षत्रिय धर्म है.. ये सिर्फ़ एक मुग़लो...  और पढ़ें
1 माह पूर्व
मेरी धरोहर
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जीने के इरादे करे...

हम क्यों रचेंअपने प्यार के इर्दगिर्दएक स्वप्न-संसार?क्यों हम नामुमकिन वादें करें?क्यों ताजमहल को ही सबूत मानेंबेपनाह मोहब्बतों का?करें क्यों हम भी वहीजो शाहजहां या शहज़ादे करें?प्यार अनुभू...  और पढ़ें
1 माह पूर्व
मेरी धरोहर
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तितली-सा फुदका मन....श्वेता सिन्हा

धूप की उंगलियों ने छू लिया अलसाया तन सर्द हवाओं की शरारतों सेतितली-सा फुदका मनतन्वंगी कनक के बाणों सेकट गये कुहरीले पाशबिखरी गंध शिराओं मेंमधुवन में फैला मधुमासमन मालिन्य धुल गयाझर-झर झ...  और पढ़ें
1 माह पूर्व
मेरी धरोहर
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माँ है अनुपम....डॉ. कनिका वर्मा

माँ है अनुपममाँ है अद्भुतमाँ ने नीर बनमेरी जड़ों को सींचाऔर उसी पानी सेमेरे कुकर्म धोएमाँ ने वायु बनमेरे सपनों को उड़ान दीऔर उसी हवा सेमेरे दोषों को उड़ा दियामाँ ने अग्नि बनमेरी अभिलाषाओं क...  और पढ़ें
1 माह पूर्व
मेरी धरोहर
1
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