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भरम तोड़ने के लिए धन्यवाद रवीश जी - प्रसंगवश

                          यह कहने में मुझे संकोच नहीं है कि दूसरे तमाम लोगों की तरह मैं भी इस खुशफहमी में जी रहा था कि देश में प्राथमिक शिक्षा की हालत चाहे जितनी बदतर हो लेकिन उच्च शिक्...  और पढ़ें
1 दिन पूर्व
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सरल है बहुत ... - कविता

सरल है बहुतआंखों पर पट्टी बांधकर अनजान बननादेखते हुए सबकुछअनदेखा करनाबचना जिम्मेदारी सेकरना हत्या समय कीमोबाइल लैपटाप पर बैठकरहोता है कत्ललाखों करोड़ों घंटों का चुटकियों मेंफंस कर माया...  और पढ़ें
4 सप्ताह पूर्व
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मां तुम कैसी थीं बचपन में - बालगीत 102

मां तुम कैसी थीं बचपन मेंकरती थीं शैतानी जब तुमनानी डांट लगातीं थीं क्यारोज रात को तुम्हें सुलानेनानी लोरी गाती थीं क्याउठे सवाल ये मेरे मन मेंमां तुम कैसी थीं बचपन मेंकौन कौन से खेल खेलती थ...  और पढ़ें
4 सप्ताह पूर्व
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लाई के लड्डू गुल्लइया - बालगीत 104

लाई के लड्ड़ू गुल्लइयाले लो बहना ले लो भइयाकाजू कतली भी ना देगीस्वाद जो देती है गुल्लइयागुड़ लाई से इन्हें बनातेबच्चे बूढ़े सभी हैं खातेचुरमुर चुरमुर गीत सुनाएमुह में आते ही गुल्लइयाकेक पे...  और पढ़ें
4 सप्ताह पूर्व
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बरफ का गोला - बालगीत 101

दिलवादो मां बरफ का गोलादेख जिसे मेरा मन डोलागर्मी दूर भगानेवालाठंडक दिल में लानेवालागोला बने बरफ घिस घिस करनाच उठे मन जिसको खाकरहरा लाल रंग जो भी चाहोउस रंग के गोले बनवालोगोले वाला रोज है आत...  और पढ़ें
1 माह पूर्व
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The story 'Pratigya' is a sequel to earlier written story 'Brigadier Saheb' by the author.

प्रतिज्ञा                                                                               ...  और पढ़ें
1 माह पूर्व
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ओ नन्हे दीपक ... - बालगीत 112

सभी मित्रो, परिजनों, शुभचिंतकों को दीप पर्व दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं इन पंक्तियों के साथ-अंधकार से लड़नेवालेओ नन्हे दीपक मतवालेअपने धुन में मस्त रहे तूजगमग जगमग करने वालेआशा का संचार ...  और पढ़ें
1 माह पूर्व
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पाओ कदमों पे मंजिल को - बालगीत 103

बड़े काम की होती रस्सीसुनो ध्यान से जो यह कहतीबंधे नेह की रस्सी से जोखोले नहीं कभी है खुलतीबिखरों को यह साथ में लाएरेशा मिल रस्सी बन जाएहाथी जैसा ताकतवर भीमोटी रस्सी तोड़ न पाएएका की ताकत को द...  और पढ़ें
1 माह पूर्व
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जादूगर - बालगीत 100

मम्मी खेल दिखाने आयाहम लोगों को जादूगरखूब हंसाया चौंकाया सबकेमन भाया जादूगरकभी हवा में हाथ उठाचीजें मंगवाता  जादूगरकभी हिला रूमाल हवा मेंफूल गिराता जादूगरआंख में पट्टी बांध चलातामोटरस...  और पढ़ें
1 माह पूर्व
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गणपति जी बुद्धी दिहे रहेव - अवधी व्यंग रचना

गणपति जी बुद्धी दिहे रहेवकविता की बारिश किहे रहेवमन मा है जउन कुछ जनतै हौनस नस हमार पहिचनतै हौझोली मा पुरस्कार आवैं एतना जुगाड़ प्रभु किहे रहेवतुम भोग लगाओ लेड़ुअन काएतराज न एमा कुछ हमकाज...  और पढ़ें
1 माह पूर्व
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खतरनाक है सेल्फी लेना - बालगीत 98

बुरा है जैसे सेल्फिश होनाखतरनाक है सेल्फी लेनासेल्फी लेने के चक्कर मेंदुनिया भर में मौते होतीहदें पार कर जाते सारीलगी जिंदगी दांव पर होतीकोई कितना ही समझाएकहां मानते किसी का कहनाआती हुई ट्...  और पढ़ें
1 माह पूर्व
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जुनून 2 ( खजाना यादों का 8 )

वर्ल्ड सोशल फोरम के इस अनूठे महाकुंभ में राष्ट्रीय वन श्रमजीवी मंच के बैनर तले देश के विभिन्न भागों से बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए जिसमें ग्रामीण महिलाओं की अच्छी खासी भाग...  और पढ़ें
1 माह पूर्व
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चम्पी की दूकान - बालगीत 97

चम्पू बंदर ने चम्पी कीखोली नई दुकानबडे प्यार से चम्पी करतेरखते सबका ध्यानसिर चकराए जी घबराएवह चम्पी करवाएबढ़ी भीड़ इतनी ज्यादामुश्किल से नंबर आएदौलत शोहरत ने उन पर तबअपना रंग चढ़ायाडांट ड...  और पढ़ें
1 माह पूर्व
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हंसते हंसते घर को आए ... बालगीत 95

पापा आए हैं आफिस सेथके थके से मुरझाए सेमम्मी चाय बनाकर लाईदौड़ मैं उनकी गोद समाईपापा को एक गीत सुनायाजो टीचर ने मुझे सिखायाहम दोनो तब गए पार्क मेंझूला झूले खेले संग मेंपापा ने फिर कही कहानीए...  और पढ़ें
1 माह पूर्व
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प्रेम कहां कब मरता है - गीत

प्रेम कहां कब मरता हैदिल में बसा वह रहता हैबहे नदी सा कलकल छलछलमन की बगिया सींचे पल पललुकाछिपी सा करता हैप्रेम कहां कब मरता हैकभी तोड़े दे बांध वो सारेकभी  कोई ज्यों दूर पुकारेखेल अनेकों कर...  और पढ़ें
1 माह पूर्व
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करो उदासी को अब टाटा - बालगीत 94

क्यों उदास बैठे हो ऐसेक्यों छाया इतना सन्नाटाटूट गया तुमसे कुछ गिरकरपड़ा गाल पर मां का चांटाहोमवर्क कर पाए ना जबटीचर ने स्कूल में डांटाहल्का  हो जाता है हर दुखमित्रों से यदि उसको बांटाआओ च...  और पढ़ें
1 माह पूर्व
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सपनों के गांव - बालगीत 93

चलो न मां सपनों के गांवदिखलाओ मुझको वह ठांवदिन में जहां छिपे रहते वेसारा दिन करते हैं क्या वेअक्सर रातों को क्यों आतेडरकर दिन में क्यों छिप जातेनींद लगी ज्यों सपने आएंनींद खुली गायब हो जाएंल...  और पढ़ें
1 माह पूर्व
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मम्मी सपने क्यों आते हैं - बालगीत 91

मम्मी सपने क्यों आते हैंकुछ डरवाते कुछ भाते हैंकभी शेर सपने में आएगुर्राए और हमें डराएहम भी तब इतना डर जाएंजोर जोर रोने लग जाएतब झिंझोड़ तुम हमें जगातींबुरे स्वप्न से हमें बचातींकभी देखते अ...  और पढ़ें
2 माह पूर्व
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साक्षरता की चाबुक - हास्यव्यंग 82

        साधो, एक जमाना था जब साक्षरता बहुत बड़ी चीज हुआ करती थी। दो चार गांव के बीच बामुश्किल एकाध ही होते जो चिट्ठी पत्री बांच लेते थे। तब उनकी बड़ी कद्र हुआ करती थी। क्या सुबह क्या शाम उनकी ...  और पढ़ें
2 माह पूर्व
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नन्हे देवदूत - कविता

ऐ नन्हे देवदूततुम्हारी मोहक मुस्कानघोलती है अमृत हमारे दिलों मेंतुम्हारी अचरज भरी आखेंजादू करती हैं हम परतुम्हारा जागना तुम्हारा सोनातुम्हारा हसना तुम्हारा रोनाबिस्तर पर पड़े हुए हाथ प...  और पढ़ें
2 माह पूर्व
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अकाल - लघुकथा

-आंटी, देखिये ग्यारह से ऊपर हो चुके पर एक भी कन्या नहीं आई अभी तक। आपने सभी को कल ठीक से कह तो दिया था ना। आरती ने जब कुछ शिकायती लहजे में पड़ोस वाली आंटी गरिमा जी से कहा तो उन्हें अच्छा तो नहीं ल...  और पढ़ें
2 माह पूर्व
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बंदर जी पहुंचे स्कूल - बालगीत 90

बंदर जी पहुंचे स्कूलसबक गए वे सारा भूलबैठे क्लास में पीछे जाकरमास्टर जी की नजर बचाकरचल ना पाई यह होशियारीउनकी भी फिर आई बारीकोई बहाना काम न आयातब माथा उनका चकरायामास्टर भालू जी गुस्साएदंड ब...  और पढ़ें
2 माह पूर्व
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सिमट गई दुनिया बच्यों की - बालगीत 88

बदल गए हैं खेल खिलौनेबदल गई है दुनियाखेल रही फुटबाल मैच अबमोबाइल पर मुनियाक्रिकेट मैच भी खेले कान्हाघर आते ही पढ़करबस्ता फेंक बैठता जल्दी सेमोबाइल लेकरआंख मिचौनी अंठी चक्खनफिरकी लट्टू कं...  और पढ़ें
2 माह पूर्व
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साफ सफाई - बालगीत 89

बड़े काम की साफ सफाईलाख रोग की एक दवाईसुबह उठो पानी पी करकेफ्रेश हो आओ मेरे भाईब्रश करना और रोज नहानाकपड़े साफ पहन कर आनाजब नाखून बड़े हो जाएंदेर न करना उन्हें कटानाकचरा इधर उधर मत फेंकोडस्ट...  और पढ़ें
2 माह पूर्व
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बंदरमामा और मूंछ - बालगीत 87

बंदर मामा बिना मूंछ केआप न  अच्छे  लगतेमर्दों की है शान मूंछ सेयह भी नहीं समझतेमूंछ तुम्हारे होती तोसब पर तुम रौब जमातेमूंछ ऐंठकर बड़े बड़ों केमामा होश उड़ातेबंदरमामा हंस कर बोलेमूंछ हमे...  और पढ़ें
2 माह पूर्व
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गीतों का त्योहार - बालगीत 85

 चलो गीत मिलकर सब गाएंगीतों का त्योहार मनाएगीत बिना जीवन सूना हैनाचे गाएं धूम मचाएंगीतों का संसार निराला जादू सा गीतों ने डालागीत भेद कोई ना मानेजाति धर्म या गोरा कालाहर भाषा में गीत मिल...  और पढ़ें
2 माह पूर्व
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हंसो - बालगीत 86

हसो  हंसी में क्या लगता हैहसने पर मुखड़ा खिलता हैरोनी सूरत रहें बनाएऐसों से तो राम बचाएआंखमिचौनी खेला करतेनभ में तारे हसते हसतेहंसी फूल की सबको भाएजो भी देखे खुश हो जाएबचपन हंसे बुढ़ापा रो...  और पढ़ें
2 माह पूर्व
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गांव की सैर - बालगीत 84

आओ करें गांव की सैररखना मत आपस में वैरगांवों से भारत की शानगांव देश की हैं पहचानयह देखो यह बूढ़ा बरगदसुना कहानी होता गदगदताल तलैया खेत खलिहानगांवों की अब भी पहचानबदला समय गांव भी बदलेनहीं रह...  और पढ़ें
2 माह पूर्व
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बुलबुल गीत सुनाने आई - बालगीत 83

बुलबुल गीत सुनाने आईबच्चों के मन को वह भाईकौवा कांव कांव चिल्लाताफटे बांस से बोल सुनाताकोयल कुहू कुहू कर गातीइस डाली से उस पर जातीपपिहा पी पी टेर लगाएकोई देखे शरमा जाएटिलटका टिलटका तीतर करत...  और पढ़ें
2 माह पूर्व
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हे मां , बीएचयू छात्राओं पर लाठीचार्ज - प्रसंगवश

हे मां, आजकल का नजारा देखकर तो विश्वास ही नहीं होता कि कभी देवतागण तुम्हारे समक्ष नतमस्तक हुए होंगे। अपने पुरुष होनो के अभिमान को भूलकर तुमसे रक्षा की गुहार लगाई होगी। हो सकता है दैत्यों से पि...  और पढ़ें
2 माह पूर्व
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