bhonpooo.blogspot.com की पोस्ट्स

हैं अनमोल खजाने मेरे - बालगीत

हैं अनमोल खजाने मेरेदादा दादी नाना नानीप्यार दुलार लुटाते पल पलगा गा लोरी सुना कहानीकभी घुमाते पार्क कभीमेला ले जाते अपने संग मेंभूल बुढ़ापा अपना सारारंग जाते बच्चों के रंग मेंबच्चों के सं...  और पढ़ें
3 माह पूर्व
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Arshad Ali Ansari

अरशद अली अंसारी लेखक: विजय चतुर्वेदीनवीन के मोबाइल की घंटी बज रही थी  'सारे जहां से अच्छा हिंदोस्तां हमारा'की धुन उसने अपने कॉलर ट्यून पर लगा रखी थी आवाज इतनी तेज थी कि जैसे ही बजती  तो घर क...  और पढ़ें
7 माह पूर्व
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राजतिलक की जगह वनवास ( 1 ) - कथाओं में कथा राम कथा ( 13 )

            जब परशुराम जी का संदेह दूर हुआ तब कहीं जाकर उनका क्रोध शांत हुआ। फिर तो उनके वापस जाने के बाद ही लोगों की जान में जान आई वरना सबकी सांसें अटकी हुई थीं कि पता नहीं कब क्या अनर्थ हो ...  और पढ़ें
8 माह पूर्व
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सीता स्वयंवर ( 2 ) - कथाओं में कथा रामकथा ( 12 )

           रामचंद्र जी के धनुष तोड़ते ही सारा माहौल पलक झपकते ही बदल गया। जनक जी का पछतावा, माता सुनयना का संदेह और सीता जी की सारी व्यग्रता पल भर में छूमंतर हो गई। सब की जान में जान आई। खुश...  और पढ़ें
8 माह पूर्व
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दहकते सवाल - कविता

मां तुम इतना क्यों सहती होघुट घुट कर जीती रहती होजकड़ी हुई बेड़ियों में तुममुझको कैदी सी लगती होबडे भोर से देर रात तकथक कर चूर न होतीं जब तकखटती रहती हो मशीन सीचलता रहेग ऐसा कब तकजिंदा लाश बनी ...  और पढ़ें
8 माह पूर्व
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जनप्रतिनिधि फूलें फलें - कुंडलियां

                         मित्रो, देश में भले ही संकट हो। किसान आत्महत्या कर रहे हों, नौजवान पढ़ लिख कर, परीक्षा पर परीक्षा देकर रोजगार की आस लगाए मारे मारे फिर रहे हों, महंगाई की मार से ...  और पढ़ें
8 माह पूर्व
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टेरत श्याम ... - कविता

                                  ( 1 )बागन मोर चकोर करे धुनि कलियन मुख अलि चूम रह्यो रीटेरत श्याम बजाय बंसुरिया सुध बुध सगरी छीन रह्यो रीआओ चलौ सब काम धाम तजि मन ऐसो हुलसाय रह्यो रीत...  और पढ़ें
9 माह पूर्व
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ना तुम खोलौ ना हम खोली - अवधी व्यंग रचना

बुरा न मानो है होली**************** ना तुम खोलौ ना हम खोलीना तुम बोलौ ना हम बोलीहैं राज की बातें जो गहरीजनता तो है अंधी बहरीहै पर्देदारी सगी बहनराजनीति की छोटी मुंहबोलीना तुम खोलौ ना हम खोलीएक थैली के ...  और पढ़ें
9 माह पूर्व
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डिजिटल होली - कविता

सभी प्रियजनों को होली की शुभकामनाएं******************************                               ( 1 )            जाय फिरंगन देश बसे पिया चोट हिया कि कहे कासे गोरीबान लगे हिय में जब मिल कहें सारी पड...  और पढ़ें
9 माह पूर्व
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सीता स्वयंवर ( 1 ) - कथाओं में कथा रामकथा ( 11 )

    सुननेवालों को वही कहानी बांधे रहती है जिसमें कदम कदम पर चौंकानेवाले मोड़ आते है। हर समय यह धुकधकी बनी रहती है कि पता नहीं अब आगे क्या होता है। श्रोता जो सोच भी नहीं पाता वैसी घटना अचानक घट...  और पढ़ें
9 माह पूर्व
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चाहै घोटाला महा करौ - अवधी व्यंग कविता

बेटवा जो करौ सो बड़ा करौचाहै घोटाला महा करौहम काटा उमिर कलर्की माकुछ कइ पावा ना जिनगी मातुम किहेव न बेटवा अस गल्तीखूब फूंक फूंक के गोड़ धरौबेटवा जो करौ सो बड़ा करौचाहै घोटाला महा करौबिन भेष क...  और पढ़ें
9 माह पूर्व
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तीन रुपये का नोट - खजाना यादों का ( 11 )

           कहते हैं विधाता ने इस दुनिया को सुफेद और काले दो मुख्तलिफ रंग के धागों से बुना है। तभी तो यहां पर रात और दिन, खुशी और गम, नेकी और बदी, धूप और छांह, दोस्ती और दुश्मनी, होशियारी और भोल...  और पढ़ें
9 माह पूर्व
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नाव - बालगीत 108

नदी पार करवाती नावकाम बहुत ही आती नावबड़ा पुराना नदी से नातानदियों को हम मानें मातापली सभ्यता नदी किनारेबहुत पुरानी साथी नावफैलाए ना कोई प्रदूषऩयातायात का ऐसा साधनजरा भी झटका लग न पाएबड़े ...  और पढ़ें
9 माह पूर्व
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डांसर श्यामलाल - खजाना यादों का ( 10 )

            गंगा-जमुनी तहज़ीब अवध के ज़र्रे ज़र्रे में रची बसी है। शहरी इलाका हो या ठेठ देहात हर कहीं इसका नज़ारा किया जा सकता है। मंझनपुर उस समय एक ऊंघता हुआ छोटा सा कस्बा ही हुआ करता था। अ...  और पढ़ें
9 माह पूर्व
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कथाओं में कथा रामकथा ( 10 ) - विमर्श

    जब राम लक्षमण विश्वामित्र जी के साथ सीता के स्वयंबर में मिथिला जा रहे थे तब रास्ते में गौतम रिषि का आश्रम पड़ा जो एकदम वीरान पड़ा था। यहां पर किसी तरह की गतिविधि या जीवन के कोई लक्षण न देख...  और पढ़ें
9 माह पूर्व
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जरा इधर भी नजर घुमाले - बालगीत

प्यारे नन्हे अहान के लिए---------------------------ओ नन्हे मुन्ने मतवालेजरा इधर भी नजर घुमा लेमालामाल हमें तू कर देमधुर मधुर मुस्कानों वालेखुशियों का तू लगे समंदरप्यारे तू है मस्त कलंदरअचरज से देखे तू सबकु...  और पढ़ें
9 माह पूर्व
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कथाओं में कथा रामकथा ( 8 ) - विमर्श

       शिवजी की बारात जब नगर के पास पहुंची तो बारात की अगवानी करने सजधज कर आए लोग पहले देवताओं के दल को देखकर बहुत खुश हुए लेकिन जब उनकी नजर दूल्हे के साथ चल रहे नाचते गाते उनके गणों पर पड़ी त...  और पढ़ें
10 माह पूर्व
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कथाओं में कथा राम कथा ( 9 ) - विमर्श

          उत्साह साहस से भरे नौजवान ही कठिन से कठिन चुनौतियों का सामना कर सकते हैं। जान हथेली पर लेकर वही चल सकते हैं और जरूरत पड़ने पर जान की बाजी भी लगा सकते हैं। इतिहास के पन्ने ऐसे उदाहर...  और पढ़ें
10 माह पूर्व
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होना न होना - लघुकथा

उसने पूछा कि बाथरूम इस साइड भी है ना? मुझे हँसी तो आ रही थी मगर बिना हँसे कह दिया.... हाँ, होगा ही। जब वो जाने लगी तो समीर मुझे हस्ते हुए देख रहा था। दरसल वो ट्रैन में सफ़र नहीं करती है, और मैं चाहता था ...  और पढ़ें
10 माह पूर्व
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कथाओं में कथा रामकथा ( 7 ) - विमर्श

          नारद मोह की ही तरह शिव- पार्वती विवाह की कथा भी कफी रोचक और सीख देने वाली है। कथा के अनुसार सती जी पर्वतराज हिमांचल के घर पार्वती के रूप में जन्म लेती हैं और शंकर जी से उनका विवाह हो...  और पढ़ें
10 माह पूर्व
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लघुकथा... खर्राटे

धीरे धीरे दरवाज़े के लॉक में चाबी डाली और उसे खोलने की कोशिश करने लगा। दरवाज़ा खुलते ही खर्राटों की आवाज़ आने लगी; वो गहरी नींद में सो रही थी। एक बार उसे आवाज़ दी मगर खर्राटे बंद नहीं हुए, तो मैंने सो...  और पढ़ें
10 माह पूर्व
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एहसास... लघुकथा

कौन सा स्टेशन आ रहा है? चाय वाले ने बताया बैतुल। मैं घोड़ाडोंगरी स्टेशन में उतरकर एक फ़ोटो खीचना चाह रहा था। इटारसी और बैतुल के बीच एक स्टेशन जहाँ से मेरा बचपन 24 km दूर हैं। खैर यहाँ ज़्यादा ट्रैन पह...  और पढ़ें
10 माह पूर्व
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phone...लघुकथा

हर घर में लैंडलाइन फ़ोन का कनेक्शन मिल रहा था। मेरे घर भी एक क्रीम कलर का फ़ोन आया, जिसमे काले रंग का numbers का एक खाना था। जिसमें * और # बटनों से हम लोगो को कोई मतलब भी नही था। एक छोटा सा कस्बा जहाँ गवर्न...  और पढ़ें
10 माह पूर्व
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हादसों का इंतजार - प्रसंगवश

   अब ऐसी भयानक घटना के बाद और क्या कहा जा सकता है सिवाय इसके कि हमारे जिम्मेदारों को सिर्फ हादसों का इंतजार रहता है। उनकी नींद केवल हादसों पर ही कुछ समय के लिए टूटती है। इसके बाद फिर वे किसी ...  और पढ़ें
10 माह पूर्व
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कथाओं में कथा रामकथा ( 6 ) - विमर्श

         सफलता से कौन खुश नहीं होता। हर कोई सफलता चाहता है। भला असफल होना कौन चाहेगा क्योंकी सफलता आगे बढ़ने को प्रेरित करती है। यहां तक तो ठीक है लेकिन सफलता के साइड इफेक्ट्स भी होते हैं ज...  और पढ़ें
10 माह पूर्व
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कथाओं में कथा रामकथा ( 5 ) - विमर्श

                         हर काल और हर समाज में संत महात्मा अपने अच्छे आचरण से समाज का मार्गदर्शन करते रहे हैं। इसीलिए आमजन तो क्या बड़े बड़े सम्राट तक उनके आगे नतमस्तक होते रहे। उनकी ...  और पढ़ें
11 माह पूर्व
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चूहा और हैट - बालगीत 107

चूहे जी को मिल गया हैटलगे बोलने दिस और दैटहैट मिला तो लगे अकड़नेबात बात पर लगे झगड़नेअब वे टहलें बिल के बाहरबड़ी अदा से हैट लगाकरहुई बहुत चुहिया हैरानहरकत से उनकी परेशानबार बार उसने समझायाचू...  और पढ़ें
11 माह पूर्व
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कथाओं में कथा रामकथा ( 4 ) - विमर्श

         शक्तिप्रसाद जी ने सतीकथा के प्रसंग को उठाते हुए कहा, आज पति पत्नी के बीच बड़ी समस्या क्या है जिससे अधिकांश परिवार पीड़ित हैं। यही ना कि पत्नी को पति अपने से हमेशा कमतर आंकता है। बा...  और पढ़ें
11 माह पूर्व
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तो फिर ... ( खजाना यादों का 9 )

                                             कहते हैं बातन हाथी पाइये बातन हाथी पांव यानी यह छोटी सी जुबान जो जो न करवाए कम है। चाहे तो बातों से राजा को प्रसन्न करके ईनाम में हा...  और पढ़ें
11 माह पूर्व
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कथाओं में कथा रामकथा ( 3 ) - विमर्श

                     यह भी कहा जा सकता है कि जब यह कथा रची गई तब के समय और अब में बहुत अंतर आ गया है। यह ठीक है लेकिन जो परिवर्तन हुआ है वह बाहरी यानी भौतिक ज्यादा है। मनुष्य की मूलप्रवृत्...  और पढ़ें
11 माह पूर्व
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