nayisoch की पोस्ट्स

"आशान्वित हुआ फिर"......

खडा था वह आँगन के पीछेलम्बे ,सतत प्रयास  और  अथक,इन्तजार के बाद आयी खुशियाँ....शाखा -शाखा खिल उठी थी,खूबसूरत फूलों से....मंद हवा के झोकों के संग,होले-होले.....जैसे पत्ती-पत्ती खुशियों का,जश्न मनाती....  और पढ़ें
2 माह पूर्व
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नारी ! अब तेरे कर्तव्य और बढ गये.....

बढ रही दरिन्दगी समाज में,नारी ! तेरे फर्ज और बढ गये .......माँ है तू सृजन है तेरे हाथ में,"अब तेरे कर्तव्य औऱ बढ गये".......संस्कृति, संस्कार  रोप बाग में ,माली तेरे बाग यूँ उजड गये ........दया,क्षमा की गन्ध आज ...  और पढ़ें
2 माह पूर्व
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"सैनिक---देश के"

कब तक चलता रहेगा बोलो,लुका-छुपी का खेल ये ?.......अब ये दुश्मन बन जायेंगे,या फिर होगा मेल रे ?.........उसने सैनिक मार गिराये,तुमने बंकर उडा दिये........ईंट के बदले पत्थर मारे,ताकत अपनी दिखा रहे........संसद की कुर्स...  और पढ़ें
2 माह पूर्व
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"माँ"

माँ इतनी आशीष दें !कर सके कोई अर्पण तुम्हें...प्रेम से तुमने सींचा हमेंबढ सकें यूँ कि छाँव दें तुम्हें...माँ के ख्वाबों को आबाद करमंजिलों तक पहुँच पायेंं हमसपने बिखरे न माँ के कोईकाम इतना तो कर ज...  और पढ़ें
2 माह पूर्व
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वीरांगना बन जाओ बिटिया....

नाजुकता अब छोडो बिटिया,वीरांगना बन जाओ ना........सीखो जूडो और करांटे,बल अपना फिर बढाओ ना ।भैया दण्ड-पेल हैं करते,तुम भी वही अपनाओ ना ।गुडिया से खेलना छोड़ोमर्दानी बन जाओ ना........मात-पिता की चिन्ता हो त...  और पढ़ें
3 माह पूर्व
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आस हैं और भी.....राह हैं और भी....

जब कभी अकेली सी लगी जिन्दगी, तन्हाई भी आकर जब सताने लगी  आस-पास चहुँ ओर नजरें जो गयी, एक नयी सोच मन मेरे आने लगी......*देख ऐसी कला उस कलाकार की, भावना गीत बन गुनगनाने लगी .......... मंजिल दूर थी रा...  और पढ़ें
3 माह पूर्व
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खोये प्यार की यादें......

वो ऐसा था/वो ऐसी थी यही दिल हर पल कहता है,गुजरती है उमर, यादों में खोया प्यार रहता है.........भुलाये भूलते कब हैं वो यादें वो मुलाकातें,भरे परिवार में अक्सर अकेलापन ही खलता है ।कभी तारों से बातें कर क...  और पढ़ें
3 माह पूर्व
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हम क्रांति के गीत गाते चलें

राष्ट्र की चेतना को जगाते चलेंहम क्रांति के गीत गाते चलें...अंधेरे को टिकने न दें हम यहाँ,नयी रोशनी हम जलाते चलें ।निराशा न हो अब कहीं देश में,आशा का सूरज उगाते चलें ।हम क्रांति के गीत गाते चलें.....  और पढ़ें
3 माह पूर्व
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शुक्रिया प्रभु का.......

हम चलें एक कदमफिर कदम दर कदमयूँ कदम से कदम हमफिर बढाते चले.......जिन्दगी राह सी,औरचलना गर मंजिल.....नयी उम्मीद मन में जगाते रहें.......खुशियाँ मिले या गमहम चले,हर कदमशुकराने तेरे (प्रभु के) मन में गाते रह...  और पढ़ें
4 माह पूर्व
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उफ! "गर्मी आ गयी"

      बसंत की मेजबानी अभी चल ही रही थी,तभी दरवाजे पर दस्तक दे गर्मी बोली .....               "लो मैंं आ गई"औऱ फिर सब एक साथ बोल उठे....           उफ !गर्मी आ गई ?हाँ !  मैं आ गयी......अब क्या हु...  और पढ़ें
4 माह पूर्व
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जब से मिले हो तुम

जीवन  बदला ,दुनिया बदली,मन को अनोखा,ज्ञान मिला।मिलकर तुमसे मुझको मुझमें एक नया इंसान मिला।रोके भी नहीं रुकती थी जो,आज चलाए चलती हूँ।जो तुम चाहते वही हूँ करतीजैसे कोई कठपुतली हूँमाथे की तु...  और पढ़ें
4 माह पूर्व
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दो दिन की हमदर्दी में, जीवन किसका निभ पाया....

जाने इनके जीवन में ,ये कैसा मोड आया,खुशियाँँ कोसों दूर गयीदुख का सागर गहराया...कैसे खुद को संभालेंगेमेरा मन सोचे घबराया.....आयी है बसंत मौसम में,हरियाली है हर मन में,पतझड़ है तो बस इनके,इस सूने से जी...  और पढ़ें
5 माह पूर्व
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"पुष्प और भ्रमर"

तुम गुनगुनाए तो मैने यूँ समझा........प्रथम गीत तुमने मुझे ही सुनायातुम पास आये तो मैं खिल उठी यूँ.....अनोखा बसेरा मेरे ही संग बसाया ।हमेशा रहोगे तुम साथ मेरे...।.बसंत अब हमेशा खिला ही रहेगातुम मुस्कुर...  और पढ़ें
5 माह पूर्व
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हाँ ! मैने कुछ रिश्तों को टूटते-बिखरते देखा है ;

जंग लगे/दीमक खाये खोखले से थे वे,कलई / पालिस कर चमका दिये गयेनये /मजबूत से दिखने लगे एकदम...ऐसे सामानों को बाजारों में बिकते देखा है।खोखले थे सो टूटना ही था,दोष लाने वालों पर मढ दिये गये...शुभ और अश...  और पढ़ें
5 माह पूर्व
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बेरोजगारी : "एक अभिशाप"

   नवयुवा अपने देश के,    पढे-लिखे ,डिग्रीधारी    सक्षम,समृद्ध, सुशिक्षित     झेल रहे बेरोजगारी।                               कर्ज ले,प्राप्त की उच्च शिक्षा,        &nb...  और पढ़ें
6 माह पूर्व
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नारी-"अबला नहीं"

आभूषण रूपी बेडियाँ पहनकर...अपमान, प्रताड़ना का दण्ड,सहना नियति मान लिया...अबला बनकर निर्भर रहकर,जीना है यह जान लिया....सदियों से हो रहा ये शोषण,अब विनाश तक पहुँच गया ।"नर-पिशाच"का फैला तोरण,पूरे समाज...  और पढ़ें
7 माह पूर्व
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"नववर्ष मंगलमय हो"

                  नववर्ष के शुभ आगमन पर,                  शुभकामनाएं हैं हमारी।                  मंगलमय जीवन हो सबका,                  प्रेममय दुनिया हो सारी।    &nbs...  और पढ़ें
7 माह पूर्व
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"तुम हो हिन्दुस्तानी"

  प्यारे बच्चों ! दुनिया में तुम नया सवेरा लाना,       जग में नाम कमाना ,कुछ नया-सा कर के दिखाना।         फैली तन्हाई, अब तुम ही इसे मिटाना,            ऐसा कुछ कर जाना..  गर्व करें हर...  और पढ़ें
7 माह पूर्व
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बच्चों के मन से

                       माँ! तुम ऐसे बदली क्यों?               मेरी प्यारी माँ बन जाओ,               बचपन सा प्यार लुटाओ यों               माँ तुम ऐसे बदली क्यों?  &...  और पढ़ें
8 माह पूर्व
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राजनीति और नेता

            आज मेरी लेखनी ने राजनीति की तरफ देखा, आँखें इसकी चौंधिया गयी मस्तक पर छायी गहरी रेखा।                                                                &nb...  और पढ़ें
8 माह पूर्व
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प्रकृति की रक्षा ,जीवन की सुरक्षा

      उर्वरक धरती कहाँ रही अब?सुन्दर प्रकृति कहाँ रही अब ?कहाँ रहे अब हरे -भरे  वन?ढूँढ रहा है जिन्हें आज मन                          तोड़ा- फोड़ा इसे मनुष्य ने,                &...  और पढ़ें
8 माह पूर्व
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माँ ! तुम सचमुच देवी हो......

किस मिट्टी की बनी हो माँ?क्या धरती पर ही पली हो माँ !?या देवलोक की देवी हो,करने आई हम पर उपकार।माँ ! तुम्हें नमन है बारम्बार!                                सागर सी गहराई तुममें,     ...  और पढ़ें
9 माह पूर्व
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आइना---समाज का।।

प्रस्तुत आलेख कोई कहानी या कल्पना नहीं, अपितु सत्य घटना है........आज walking पर काफी आगे निकल गयी,road के पास बने stop की बैंच पर बैठ गयी, थोडा सुस्ताने के लिए। तभी सिक्योरिटी गार्ड को किसी पर गुस्सा करते हुए स...  और पढ़ें
10 माह पूर्व
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प्रकृति का संदेश

हरी - भरी धरती नीले अम्बर की छाँवप्रकृति की शोभा बढाते ये गाँव।सूर्य चमक कर देता खुशहाली का सन्देश,हवा महककर बोली मै तो घूमी हर देश।।चँदा ने सिखाया देना सबको नया उजाला,तारे कहते गीत सुनाओ सबको...  और पढ़ें
11 माह पूर्व
nayisoch
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