तस्कीन की पोस्ट्स

कमियाँ मेरी सब ने देखीं

कमियाँ मेरी सब ने देखींपर मेरे हुनर को किसी न पहचाना शीरीं मंसूरी "तस्कीन "...  और पढ़ें
3 माह पूर्व
तस्कीन
17

अपने प्यार के काबिल

न तुमने मुझे कभी पहचाना, न पहचानोगेशायद मैं ही गलत थी जो तुम्हेंअपने प्यार के काबिल समझ बैठीशीरींमंसूरी  "तस्कीन"...  और पढ़ें
3 माह पूर्व
तस्कीन
16

मैं तुम्हें जितना भूलने की कोशिश करती हूँ

मैं तुम्हें जितना भूलने की कोशिश करती हूँ तुम मुझे उतना ही याद आते हो मुझे पता नहीं ये मेरी कमी हैया ये तुम्हारी कमी है शायद ये तुम्हारी ही कमी है कि तुम इतने अच्छे न होते तो शायद मैं तुम्हें कभ...  और पढ़ें
3 माह पूर्व
तस्कीन
12

अल्लाह मुझे उस वक्त

अल्लाह मुझे उस वक्त आप से बहुत शिकायत थी जब मैं अपनी बेकार सी ख्वाहिशों के पीछे भाग रही थी मुझे आपसे हजारों शिकायतें थीं तब मैं दुनियाँ से बेखबर थी जब दुनियाँ को देखा पहचाना कि दुनियाँ में ...  और पढ़ें
3 माह पूर्व
तस्कीन
17

वक़्त भी कितना अजीब है

वक़्त भी कितना अजीब है न इन्सान को क्या कुछ नहीं सिखा देता जब मुझे तुम्हारी ख्वाहिश थी तब तुम्हें मेरी ख्वाहिश नहीं थी जब मैं तुमसे बेपनाह प्यार करती थी तब तुम्हें मुझसे प्यार नहीं था उस वक़्त ज...  और पढ़ें
3 माह पूर्व
तस्कीन
19

कई अर्सा हो गया

कई अर्सा हो गयातुम्हारी मुस्कराहट देखे हुएकई ......तुम्हारा झूठा खाए हुएकई ......मेरी हर बात पे"हाँ ठीक है "किये हुएये सब सुनने के लिएआज भी मेरा दिल बेक़रार हैशीरीं मंसूरी "तस्कीन"...  और पढ़ें
3 माह पूर्व
तस्कीन
15

आखिरी दिन

साल का आखिरी दिन थासब भूल के नयी जिन्दगी की ओरबढ़ने लगी थी मैंअचानक आकर यूँ मेरी जिन्दगी मेंसब रंग भर गए थे तुमसोचा था मंजिल मिल गई मुझेअंजान थी में खुद से जो तुझ पर भरोसा कर बैठीशीरीं मंसूरी "...  और पढ़ें
3 माह पूर्व
तस्कीन
13

बहुत दूर चला गया

गम आज मुझसे बहुत दूर चला गयाकहता है यहाँ बहुत अँधेरा हैशीरीं मंसूरी "तस्कीन "...  और पढ़ें
3 माह पूर्व
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11

लाख मुखोटे

अपने चहरे पे तुमने लगाये हैंयूँ अच्छाई के लाख मुखोटेढूँढने निकलूँ बुराई को दुनिया मेंतो तुम सा बुरा न कोई पायेगाशीरीं मंसूरी "तस्कीन "...  और पढ़ें
3 माह पूर्व
तस्कीन
9

होसलों और उम्मीदों

एक नई कोशिश की है... शायद इसे लेखन तो नहीं कहा जा सकता, आप चाहें तो कह भी सकते हैं... कुछ क़लम घिसी है ... क्या निकला ... खुद तय करना मुश्किल है.... आप बताइयेगा मैं सागर की रेत, तुम सागर की लहर मैं होंसलों और उ...  और पढ़ें
3 माह पूर्व
तस्कीन
17

ज़िन्दगी का सफ़र

ज़िन्दगी का सफ़र किसी ने न जाना मैं अंजानी तू बेगाना शीरीं मंसूरी 'तस्कीन'...  और पढ़ें
3 माह पूर्व
तस्कीन
10

गलती तेरी नहीं

गलती तेरी नहीं मेरी थी जोमेरी आँखें तेरा दिल न पढ़ पायींशीरीं मंसूरी 'तस्कीन'...  और पढ़ें
3 माह पूर्व
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10

वक़्त को और इंसान

वक़्त को और इंसान को बदलने में देर नहीं लगती .......शीरीं मंसूरी 'तस्कीन'16.05.17...  और पढ़ें
3 माह पूर्व
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9

एक सच सभी के लिए

एक सच सभी के लिएजब कोई अनजान व्यक्ति आपकी जिंदगी में अचानक से आता है और आप उस अनजान व्यक्ति को अपनी जिंदगी की सारी सच्चाई उसे आँख बंद करके बता देते हैं उसके ऊपर हद से ज्यादा भरोसा करने लगते हैं ...  और पढ़ें
3 माह पूर्व
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11

अर्शे के बाद

कई अर्शे के बाद उनका ये पयाम आया हैउन्हें आज भी है मुहब्बत ये पैगाम आया हैशीरीं मंसूरी 'तस्कीन'...  और पढ़ें
3 माह पूर्व
तस्कीन
11

माँ तू कितनी प्यारी है

माँ तू कितनी प्यारी हैआप जैसा कोई नहींमेरे रूठ जाने पर बार बार मनाती होमुझे हमेशा खुश करने कीकोशिशों में लगी रहती होमेरे छोटी-छोटी परेशानियों मेंखुद परेशान हो जाती होमेरी मुसीबतों को अपने...  और पढ़ें
3 माह पूर्व
तस्कीन
12

तुम जैसा कोई नहीं

ढूंढ़ने चली थी हर इंसान के अन्दर तुम्हेंन पता था तुम जैसा कोई नहीं इस जहाँ मेंशीरीं मंसूरी 'तस्कीन'...  और पढ़ें
3 माह पूर्व
तस्कीन
12

रास्ते में

दूर चले गए मुझे यूँ रास्ते में अकेला छोड़कर आज भी उसी मोड़ पर खड़ी तेरा इंतज़ार करती हूँशीरीं मंसूरी 'तस्कीन'...  और पढ़ें
3 माह पूर्व
तस्कीन
13

सपना देखा था

सपना देखा था कभी हर पल को तेरे साथ बिताने का मगर वो सपना बंद अखियों में कैद हो के रह गया हमेशा के लियेशीरीं मंसूरी 'तस्कीन'...  और पढ़ें
3 माह पूर्व
तस्कीन
10

तमाशा तक़दीर का

बदलना चाहती थी अपनी तक़दीर को पर देख तमाशा तक़दीर का मुझे ही बदल डालाशीरीं मंसूरी 'तस्कीन'...  और पढ़ें
4 माह पूर्व
तस्कीन
13

फ़िक्र करने वाला

आज परेशानी हुई तब जानामेरी फ़िक्र करने वाला कौन हैजिसे में पराया समझी आज वो मुझे अपनापन दे गयाशीरीं मंसूरी 'तस्कीन'...  और पढ़ें
4 माह पूर्व
तस्कीन
9

ऐ मेरे दोस्त

न भूली हूँ न भूलूँगी ऐ मेरे दोस्तआज भी तुम मेरी सांसों में जिंदा होशीरीं मंसूरी 'तस्कीन'...  और पढ़ें
4 माह पूर्व
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13

कभी मिटते नहीं

कुछ जख़्म ऐसे मिलते हैं ज़िन्दगी मेंजो कभी मिटते नहीं हमेशा दर्द देते हैंशीरीं मंसूरी 'तस्कीन'...  और पढ़ें
4 माह पूर्व
तस्कीन
10

दुनियां की यारी

देखी दुनियां की यारी बिछड़े सभी बारी बारी शीरीं मंसूरी 'तस्कीन'...  और पढ़ें
4 माह पूर्व
तस्कीन
12

होने के बावजूद भी

आज सब कुछ होने के बावजूद भीज़िन्दगी में खालीपन सा महसूस हो रहा है शायद मेरे दोस्त मुझे तेरी कमी खल रही हैI really miss you dostशीरीं मंसूरी 'तस्कीन'...  और पढ़ें
4 माह पूर्व
तस्कीन
43

होने के बावजूद भी

आज सब कुछ होने के बावजूद भीज़िन्दगी में खालीपन सा महसूस हो रहा है शायद मेरे दोस्त मुझे तेरी कमी खल रही हैI really miss you dostशीरीं मंसूरी 'तस्कीन'...  और पढ़ें
4 माह पूर्व
तस्कीन
10

दूर जाना चाहता है

जब कोई आपको ignore करने लगे समझो वो आपसे दूर जाना चाहता है शीरीं मंसूरी 'तस्कीन'...  और पढ़ें
4 माह पूर्व
तस्कीन
14

ज़िन्दगी की कशमकस

ज़िन्दगी की कशमकस में ,उलझनें हैं हज़ार मगर मैं तुझे याद ,करती हूँ बार- बार ....शीरीं मंसूरी  'तस्कीन' ...  और पढ़ें
4 माह पूर्व
तस्कीन
9

ऐ मेरे हमदम .....

एक नई कोशिश की है... शायद इसे लेखन तो नहीं कहा जा सकता, आप चाहें तो कह भी सकते हैं... कुछ क़लम घिसी है ... क्या निकला ... खुद तय करना मुश्किल है.... आप बताइयेगानिकल पड़ती हूँ हर रोज तुम्हारी तलाश में ऐ मेरे ...  और पढ़ें
4 माह पूर्व
तस्कीन
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कठपुतली बनकर जीना होता है

हर एक दिन कठपुतली बनकर जीना होता है दूसरों को ख़ुशी और खुद को दुःख देती हूँ हर एक दिन झूठी मुस्कान के साथ दिन की शुरुआत करती हूँ ये दुनियां वाले मेरे दिल के छुपे दर्द को क्या महसूस करेंगे लोगों क...  और पढ़ें
4 माह पूर्व
तस्कीन
12
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