अब छोड़ो भी की पोस्ट्स

देह तक सिमटे ''कथित फरिश्‍ते''

देह तक सिमटे ''कथित फरिश्‍ते''हम जिस आदि धर्म को ''सनातन''कहते हैं, आज उसी के नाम पर  किस तरह गंदगी फैलाई जा रही है, उसकी बानगी हैं आध्यात्मिक  गुरू होने का दावा करने वाले दुराचारी वीरेंद्र देव द...  और पढ़ें
2 सप्ताह पूर्व
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अभी तक सबसे ज्‍यादा तोड़े मरोड़े गए हैं महात्‍मा गांधी और उनके शब्‍द, ये कैसी श्रद्धांजलि

अभी तक सबसे ज्‍यादा तोड़े मरोड़े गए हैं महात्‍मा गांधी और उनके शब्‍द, आलोचकों की नई पीढ़ी में शामिल हो गई हैं भारतीय मूल की अमेरिकी लेखिका सुजाता गिडला ।  JLF (जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल) में "Ants...  और पढ़ें
3 सप्ताह पूर्व
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भपंग वादन से हुई समानांतर साहित्य उत्सव के दूसरे दिन की शुरूआत

जयपुर। समानांतर साहित्य उत्सव के दूसरे दिन प्रतिरोध का पंजाबी साहित्य, कविता अनंत, कहानी बुरे दिनों में और भारतीय लोकतंत्र का उत्तर सत्य विषय पर विभिन्न सत्रों का आयोजन किया गया जिसमें बड़ी स...  और पढ़ें
3 सप्ताह पूर्व
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आवारा पूंजी के वर्चस्व को चुनौती देने खड़ा हुआ समानांतर साहित्य उत्सव

जयपुर। राजस्‍थान की राजधानी जयपुर में तीन दिवसीय समानांतर साहित्य उत्सव यानी पीएलएफ का शनिवार से शुभारंभ हो गया। इस समानांतर साहित्य उत्सव का उदघाटन साहित्यकार विभूति नारायण, मैत्रेयी पु...  और पढ़ें
3 सप्ताह पूर्व
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भविष्‍य के हाथों में खंजर देकर देख लिया, अब गिरेबां में झांकने का वक्‍त

बच्‍चों में फैलती हिंसा पर पिछले कुछ दिनों में इतने लेख लिखे  गए हैं कि समस्‍या पीछे छूटती गई और लेखकों के अपने विचार  हावी होते गए। लेखकों में से कोई सरकारी नीतियों को, तो कोई  परिवारों के...  और पढ़ें
4 सप्ताह पूर्व
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whatsapp पर तैरते इस विराट झूठ का कड़वा सच क्‍या

...कि इस समय मेरी जिह्वापर जो एक विराट् झूठ हैवही है--वही है मेरी सदी कासब से बड़ा सच ! ...ये उस कविता की पंक्‍तियां हैं जिसे कवि केदारनाथ सिंहने  अपनी एक लंबी कविता ''बाघ''में उद्धृत किया है। कवि न...  और पढ़ें
1 माह पूर्व
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सबहीं को मुबारक हो हैप्‍पी वाली ''खिचराईं''

आज मकर संक्रांति है, मुझे अपना बचपन याद आ रहा है जो पूर्वी उत्‍तर प्रदेश के गांवों में बीता और जहां ''संक्राति'को ''खिचराईं''कहा जाता है।आज के दिन वहां घर की औरतों में एक कहावत बहुतायत से कही जाती ...  और पढ़ें
1 माह पूर्व
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26 वें विश्व पुस्तक मेले में सबसे ज्‍यादा किताब बिकी ‘औरत और इस्लाम’

देश में तीन तलाक और मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों को लेकर चल रही बहस की वजह से लोगों में इस्लाम में महिलाओं के अधिकारों को जानने की ललक बढ़ी रही और लोग, विशेष तौर पर महिलाएं, यहां आयोजित विश्व पुस...  और पढ़ें
1 माह पूर्व
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विवेकानंद जयंती : तुम्हारी आत्मा के अलावा कोई और गुरु नहीं है

स्‍वामी विवेकानंद ने कहा था कि-You have to grow from the inside out. None can teach  you, none can make you spiritual. There is no other  teacher but your own soul.अर्थात्तुम्हें अन्दर से बाहर की तरफ विकसित होना है। कोई तुम्हें पढ़ा  नहीं सकता, कोई तुम्हें आध्यात्मि...  और पढ़ें
1 माह पूर्व
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नाजायज़ शोर की बंधुआगिरी

Painting courtsey: Google imagesकिसी भी धर्म का मर्म व्‍यक्‍ति की अंतध्‍वर्नि को जाग्रत करने में निहित है  ताकि धर्माचरण के बाद प्रवाहित होने वाली तरंगें व्‍यक्‍ति व समाज में  सकारात्‍मक ऊर्जा फैलाने का काम...  और पढ़ें
1 माह पूर्व
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लिखी गईं नई इबारतें...कि ये ख्‍वाहिशें रूमानी नहीं हैं...

आज के विषय पर सबसे पहले पढ़िए मेरे चंद अशआर.....ये परेशानियां जिस्‍मानी नहीं हैंये ख्‍वाहिशें रूमानी नहीं हैंऔर ये खिलाफतें भी रूहानी नहीं हैंकि अब ये आवाज़ें उठ रही हैंउन जमींदोज वज़ूदों की ज...  और पढ़ें
2 माह पूर्व
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मशहूर शायर अनवर जलालपुरी के निधन से गमगीन हुआ माहौल

ख्वाहिश मुझे जीने की ज़ियादा भी नहीं हैवैसे अभी मरने का इरादा भी नहीं हैहर चेहरा किसी नक्श के मानिन्द उभर जाएये दिल का वरक़ इतना तो सादा भी नहीं हैवह शख़्स मेरा साथ न दे पाऐगा जिसकादिल साफ नही...  और पढ़ें
2 माह पूर्व
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सुनिए मंत्री जी! गले नहीं उतरने वाले ये बचकाना तर्क

किसी भी उच्‍च पदस्‍थ व्‍यक्‍ति की मन: स्‍थिति को समझने के लिए उसके भाव काफी होते हैं। उच्‍चपदासीन होने का यह मतलब यह नहीं कि पद प्राप्‍त करने वाले व्‍यक्‍ति द्वारा पद पर आसीन होने से पहले जो क...  और पढ़ें
2 माह पूर्व
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चंबल की ये औरतें- feminism से आगे की बात हैं

राजनैतिक रूप से लगातार उद्भव-पराभव वाले हमारे देश में कुछ  निर्धारित हॉट टॉपिक्स हैं चर्चाओं के लिए। देश के सभी प्रदेशों में  ''महिलाओं की स्‍थिति''पर लगातार चर्चा इन हॉटटॉपिक्स में से एक ...  और पढ़ें
2 माह पूर्व
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हम पैदाइशी संन्यासी हैं, हमें तो सूतक भी नहीं लगता

हमें न अखाड़ा परिषद से मान्यता की जरूरत है, न उनके सहयोग की। अपने अधिकार व सम्मान की लड़ाई स्वयं लड़ लेंगे, क्योंकि जनता हमारे साथ है। वैसे भी हम पैदाइशी संन्यासी हैं, हमें तो सूतक भी नहीं लगता,...  और पढ़ें
2 माह पूर्व
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हारून भाई को किसने मारा...

वो फैमिली हेयर ड्रेसर थे, दुबई रिटर्न...जी हां...''दुबई रिटर्न'', ये तमगा 90 के दशक में बड़ी बात  हुआ करती थी, वो बताते थे कि वो स्‍वयं तब वहां शेखों के पर्सनल सैलून्‍स में हजामत किया करते  थे।खुशदि...  और पढ़ें
3 माह पूर्व
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भंसाली जी! इतिहास प्रयोगधर्मी का सेट नहीं हो सकता

हाई बजट, ग्रेट स्‍ट्रैटजी, भव्‍य सेट और टॉप के कलाकारों के साथ अपनी फिल्‍म को 'महान'  बताने के 'आदी'रहे संजय लीला भंसाली ने संभवत: रानी पद्मिनी के जौहर को हल्‍के में ले  लिया। यूं आदतन उन्‍हों...  और पढ़ें
3 माह पूर्व
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खबर आई है कि उनका दम घुट रहा है...

सुना है कि धुंध ने दिल्‍ली में डेरा जमा लिया है। ये कैसी धुंध है जो  एक कसमसाती ठंड के आगमन की सूचना लेकर नहीं आती बल्‍कि  एक ज़हर की चादर हमारे अस्‍तित्‍व पर जमा करती चली आती है।इस धुंध ने आद...  और पढ़ें
3 माह पूर्व
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धर्मध्‍वजा पर छाती चौड़ी करने वालों का एक सच यह भी

 आज कर्तिक पूर्णिमा भी है, देव दीपावली भी और गुरू नानक जयंती भी...इस शुभ दिन पर धर्म की सर्वाधिक बातें की जाऐंगी मगर कुछ सच ऐसे हैं जो इन बड़ी बड़ी बातों में दबे रह जाऐंगे।यूं भी धर्म जब तक किताब...  और पढ़ें
4 माह पूर्व
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दो 31 तारीखों के बीच पूरा जीवन जी लिया अमृता प्रीतम ने

दो 31 तारीखों के बीच पूरा जीवन जी लिया अमृता प्रीतम ने, जी हां, 31 अगस्‍त 1919 को जन्‍मी Amrita Pritam का निधन भी 31 अक्‍तूबर 2005 को हुआ।पंजाबी की प्रसिद्ध कवियित्री श्रीमती अमृता प्रीतम भारत के वरिष्ठ साहित्य...  और पढ़ें
4 माह पूर्व
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समय के दो पाट: कहां ये और कहां वो

समय के दो पाटों में से एक पाट पर हैं शास्‍त्रीय संगीत की पुरोधा गिरिजा देवी की प्रस्‍तुतियां और दूसरे पाट  पर हैं ढिंचक पूजा जैसी रैपर की अतुकबंदी वाली रैपर-शो'ज (जिसे प्रस्‍तुति नहीं कहा जा ...  और पढ़ें
4 माह पूर्व
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10

इस दीपावली बाहर का प्रकाश भीतर भी जाना चाहिए

दीपावली के महापर्व पर आज लिखने को बहुत कुछ है मगर मैं शब्‍दों से खाली हूं और इसीलिए पं. हजारीप्रसाद द्विवेदी जी के आलोक पर्व का सहारा लिया।आलोक पर्व में ज्योतिर्मयी देवी लक्ष्मी पं. हजारी प्र...  और पढ़ें
4 माह पूर्व
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13

शोषण की नई भाषा गढ़ता 'फंसाने'का चलन और बच्‍चियां

Photo Courtsy: Googleकल अंतर्राष्‍ट्रीय बालिका दिवस पर बेटियों के लिए बहुत कुछ सुना,  देखा और पढ़ा भी। सभी कुछ बेहद भावनात्‍मक था। कल इसी बालिका  दिवस पर बच्‍चियों को सुप्रीम कोर्ट ने भी बड़ी सौगात दे द...  और पढ़ें
4 माह पूर्व
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बतर्ज़ अताउल मुस्‍तफा...हाईकोर्ट ने दिखाया आईना

क्‍यों उनकी राष्‍ट्रभक्‍ति वीडियोग्राफी की मोहताज हैयदि खुशहाल जीवन जीने के लिए प्रेम, कर्तव्‍य और मौलिक  अधिकारों में से किसी एक का चुनाव करने को कहा जाए तो आप  किसे चुनेंगे।जहां तक मेर...  और पढ़ें
5 माह पूर्व
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संस्‍कारों की खोज CCTV से

आज नवरात्रि की अष्‍टमी तिथि है, शक्‍ति के आगमन का ये त्‍यौहार कुछ घंटों में समापन  की ओर बढ़ चलेगा परंतु इन नवदुर्गाओं में बहुत कुछ ऐसा घट चुका है जो हमें अपने  छीजते मूल्‍यों की ओर मुड़कर द...  और पढ़ें
5 माह पूर्व
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हे देवि! अब मृजया रक्ष्यते को लेकर हमारी शर्मिंदगी भी स्‍वीकार करें

durga-puja-sindur-khela-painting-by-ananta-mandalअतिवाद कोई भी हो, वह सदैव संबंधित विषय की उत्‍सुकता को नष्‍ट कर देता है। अति  की घृणा, प्रमाद, सुंदरता, वैमनस्‍य, भोजन, भूख, जिस तरह जीवन को प्रभावित करती  हैं और स्‍वाभाविक ...  और पढ़ें
5 माह पूर्व
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एक ट्वीट ने मृणाल पांडे की कलई खोल दी

जब बड़े ओहदे पर रह चुकी नामचीन हस्‍ती मात्र अपनी खुन्‍नस निकालने को मर्यादा के सबसे निचले स्‍तर पर उतर आए और गली कूचों में इस्‍तेमाल की जाने वाली गरियाऊ भाषा को अपना हथियार बना ले तो क्‍या कहा...  और पढ़ें
5 माह पूर्व
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ऐसा कहां होता है भाई...कि मारौ घोंटूं फूटी आंख ?

ब्रज में ये कहावत बहुत प्रचलित है-  ''मारौ घोंटूं फूटी आंख'', यानि कुछ किया और कुछ और ही हो गया, यूं इसके शब्‍द विन्‍यास से आप लोग समझ पा रहे होंगे कि जब घुटने में मारने से आंख कैसे फूट गई, तो आप सही ...  और पढ़ें
5 माह पूर्व
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अशोक वाजपेयी जी, यह समय ही शूद्र है जो...?

रामकुमार वर्मा ने अपने महाकाव्‍य ''एकलव्‍य''में लिखा है, ''तुम नहीं वत्‍स, यह समय  ही शूद्र है''। हमेशा से ही ''शूद्र''शब्‍द को दलितों का प्रतीक माना जाता रहा जबकि ''शूद्र''  कोई जाति नहीं एक उपमा है ...  और पढ़ें
5 माह पूर्व
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13

गुरूदीक्षा लेने के कुचक्र के आफ्टरइफेक्‍ट हैं ये सब...

अभीतक तथाकथित आधुनिकता की आड़ में जो लोग ज्‍योतिषीय आंकलन को ढपोरशंखी बताया करते थे, वे इस प्राचीन  विद्या के वैज्ञानिक पक्ष से पूर्णत: अनभिज्ञ रहे और हम सतही जानकारियों के बूते इस विज्ञान ...  और पढ़ें
6 माह पूर्व
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