अब छोड़ो भी की पोस्ट्स

भंसाली जी! इतिहास प्रयोगधर्मी का सेट नहीं हो सकता

हाई बजट, ग्रेट स्‍ट्रैटजी, भव्‍य सेट और टॉप के कलाकारों के साथ अपनी फिल्‍म को 'महान'  बताने के 'आदी'रहे संजय लीला भंसाली ने संभवत: रानी पद्मिनी के जौहर को हल्‍के में ले  लिया। यूं आदतन उन्‍हों...  और पढ़ें
5 दिन पूर्व
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खबर आई है कि उनका दम घुट रहा है...

सुना है कि धुंध ने दिल्‍ली में डेरा जमा लिया है। ये कैसी धुंध है जो  एक कसमसाती ठंड के आगमन की सूचना लेकर नहीं आती बल्‍कि  एक ज़हर की चादर हमारे अस्‍तित्‍व पर जमा करती चली आती है।इस धुंध ने आद...  और पढ़ें
2 सप्ताह पूर्व
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धर्मध्‍वजा पर छाती चौड़ी करने वालों का एक सच यह भी

 आज कर्तिक पूर्णिमा भी है, देव दीपावली भी और गुरू नानक जयंती भी...इस शुभ दिन पर धर्म की सर्वाधिक बातें की जाऐंगी मगर कुछ सच ऐसे हैं जो इन बड़ी बड़ी बातों में दबे रह जाऐंगे।यूं भी धर्म जब तक किताब...  और पढ़ें
3 सप्ताह पूर्व
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दो 31 तारीखों के बीच पूरा जीवन जी लिया अमृता प्रीतम ने

दो 31 तारीखों के बीच पूरा जीवन जी लिया अमृता प्रीतम ने, जी हां, 31 अगस्‍त 1919 को जन्‍मी Amrita Pritam का निधन भी 31 अक्‍तूबर 2005 को हुआ।पंजाबी की प्रसिद्ध कवियित्री श्रीमती अमृता प्रीतम भारत के वरिष्ठ साहित्य...  और पढ़ें
3 सप्ताह पूर्व
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समय के दो पाट: कहां ये और कहां वो

समय के दो पाटों में से एक पाट पर हैं शास्‍त्रीय संगीत की पुरोधा गिरिजा देवी की प्रस्‍तुतियां और दूसरे पाट  पर हैं ढिंचक पूजा जैसी रैपर की अतुकबंदी वाली रैपर-शो'ज (जिसे प्रस्‍तुति नहीं कहा जा ...  और पढ़ें
4 सप्ताह पूर्व
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इस दीपावली बाहर का प्रकाश भीतर भी जाना चाहिए

दीपावली के महापर्व पर आज लिखने को बहुत कुछ है मगर मैं शब्‍दों से खाली हूं और इसीलिए पं. हजारीप्रसाद द्विवेदी जी के आलोक पर्व का सहारा लिया।आलोक पर्व में ज्योतिर्मयी देवी लक्ष्मी पं. हजारी प्र...  और पढ़ें
1 माह पूर्व
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शोषण की नई भाषा गढ़ता 'फंसाने'का चलन और बच्‍चियां

Photo Courtsy: Googleकल अंतर्राष्‍ट्रीय बालिका दिवस पर बेटियों के लिए बहुत कुछ सुना,  देखा और पढ़ा भी। सभी कुछ बेहद भावनात्‍मक था। कल इसी बालिका  दिवस पर बच्‍चियों को सुप्रीम कोर्ट ने भी बड़ी सौगात दे द...  और पढ़ें
1 माह पूर्व
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बतर्ज़ अताउल मुस्‍तफा...हाईकोर्ट ने दिखाया आईना

क्‍यों उनकी राष्‍ट्रभक्‍ति वीडियोग्राफी की मोहताज हैयदि खुशहाल जीवन जीने के लिए प्रेम, कर्तव्‍य और मौलिक  अधिकारों में से किसी एक का चुनाव करने को कहा जाए तो आप  किसे चुनेंगे।जहां तक मेर...  और पढ़ें
2 माह पूर्व
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संस्‍कारों की खोज CCTV से

आज नवरात्रि की अष्‍टमी तिथि है, शक्‍ति के आगमन का ये त्‍यौहार कुछ घंटों में समापन  की ओर बढ़ चलेगा परंतु इन नवदुर्गाओं में बहुत कुछ ऐसा घट चुका है जो हमें अपने  छीजते मूल्‍यों की ओर मुड़कर द...  और पढ़ें
2 माह पूर्व
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हे देवि! अब मृजया रक्ष्यते को लेकर हमारी शर्मिंदगी भी स्‍वीकार करें

durga-puja-sindur-khela-painting-by-ananta-mandalअतिवाद कोई भी हो, वह सदैव संबंधित विषय की उत्‍सुकता को नष्‍ट कर देता है। अति  की घृणा, प्रमाद, सुंदरता, वैमनस्‍य, भोजन, भूख, जिस तरह जीवन को प्रभावित करती  हैं और स्‍वाभाविक ...  और पढ़ें
2 माह पूर्व
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एक ट्वीट ने मृणाल पांडे की कलई खोल दी

जब बड़े ओहदे पर रह चुकी नामचीन हस्‍ती मात्र अपनी खुन्‍नस निकालने को मर्यादा के सबसे निचले स्‍तर पर उतर आए और गली कूचों में इस्‍तेमाल की जाने वाली गरियाऊ भाषा को अपना हथियार बना ले तो क्‍या कहा...  और पढ़ें
2 माह पूर्व
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ऐसा कहां होता है भाई...कि मारौ घोंटूं फूटी आंख ?

ब्रज में ये कहावत बहुत प्रचलित है-  ''मारौ घोंटूं फूटी आंख'', यानि कुछ किया और कुछ और ही हो गया, यूं इसके शब्‍द विन्‍यास से आप लोग समझ पा रहे होंगे कि जब घुटने में मारने से आंख कैसे फूट गई, तो आप सही ...  और पढ़ें
2 माह पूर्व
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अशोक वाजपेयी जी, यह समय ही शूद्र है जो...?

रामकुमार वर्मा ने अपने महाकाव्‍य ''एकलव्‍य''में लिखा है, ''तुम नहीं वत्‍स, यह समय  ही शूद्र है''। हमेशा से ही ''शूद्र''शब्‍द को दलितों का प्रतीक माना जाता रहा जबकि ''शूद्र''  कोई जाति नहीं एक उपमा है ...  और पढ़ें
3 माह पूर्व
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गुरूदीक्षा लेने के कुचक्र के आफ्टरइफेक्‍ट हैं ये सब...

अभीतक तथाकथित आधुनिकता की आड़ में जो लोग ज्‍योतिषीय आंकलन को ढपोरशंखी बताया करते थे, वे इस प्राचीन  विद्या के वैज्ञानिक पक्ष से पूर्णत: अनभिज्ञ रहे और हम सतही जानकारियों के बूते इस विज्ञान ...  और पढ़ें
3 माह पूर्व
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13

ठहरिए…देखिए…कहीं आपका टटलू न कट जाये

लव मैरिज, मनचाहा प्‍यार, वशीकरण, गृहक्‍लेश, जादूटोना, विदेश यात्रा, कारोबार में रुकावट, शादी में अड़चन, रूठों को मनाना, कोख में बाधा, किया कराया, पति पत्‍नी में अनबन, सौतन व दुश्‍मनी से छुटकारा, स...  और पढ़ें
3 माह पूर्व
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13

ठहरिए…देखिए…कहीं आपका टटलू न कट जाये

लव मैरिज, मनचाहा प्‍यार, वशीकरण, गृहक्‍लेश, जादूटोना, विदेश यात्रा, कारोबार में रुकावट, शादी में अड़चन, रूठों को मनाना, कोख में बाधा, किया कराया, पति पत्‍नी में अनबन, सौतन व दुश्‍मनी से छुटकारा, स...  और पढ़ें
3 माह पूर्व
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बेबी बंप: एक्‍सपोज...एक्‍सपोजर...एक्‍सपोज्‍ड

एक्‍सपोजर पाने को एक्‍सपोज्‍ड होने की ललक आपको किस-किस तरह से एक्‍सपोज करेगी, यह अगर  देखना है तो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही उन तस्‍वीरों को देख लीजिए जिनमें बॉलीवुड की  अप्‍सराएं स्‍वयं ...  और पढ़ें
3 माह पूर्व
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15

सावधान! कन्‍हैया निशाने पर हैं...

जन्‍माष्‍टमी को दो दिन बचे हैं और मथुरा के मंदिरों-घाटों-आश्रमों-गेस्‍ट हाउसों में भारी  भीड़ है। इस भीड़ में अधिकांशत: पूर्वी प्रदेश के दर्शनार्थी ही हैं, इसके बाद क्रमश: अगले  नंबरों पर प...  और पढ़ें
3 माह पूर्व
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21

अंसारी साहब…शहर के कुछ बुत ख़फ़ा हैं इसलिये, चाहते हैं हम उन्हें सज़दा करें

बुद्धिमत्‍ता जब अपने ही व्‍यूह में फंस जाए और पाखंड से ओवरलैप कर दी जाए तो वही स्‍थिति हो जाती है जो आज निवर्तमान उपराष्‍ट्रपति मोहम्‍मद हामिद अंसारी की हो रही है।''देश के मुस्लिम समुदाय में घ...  और पढ़ें
3 माह पूर्व
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20

चोटी कटवा: खौफ़ की मौत तो जाहिल मरा करते हैं

सबसे पहले एक शेर-बड़े खौफ़ में रहते हैं वो, जो ज़हीन होते हैंमगर खौफ़ की मौत तो जाहिल मरा करते हैं...और इन्हीं दो पंक्‍तियों के साथ आज सुबह तक चोटी काटने की घटनाओं की संख्‍या बढ़कर 62 पहुंच गई।ग़ज...  और पढ़ें
4 माह पूर्व
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17

एक फॉन्‍ट की ताकत: जिसने एक सत्‍ताधीश को कुर्सी से उतार फेंका

कभी कवि रामधारी सिंह "दिनकर"ने कलम का महत्‍व बताते हुए लिखा था-दो में से क्या तुम्हें चाहिए कलम या कि तलवार मन में ऊँचे भाव कि तन में शक्ति विजय अपारअंध कक्ष में बैठ रचोगे ऊँचे मीठे गानया तलवा...  और पढ़ें
4 माह पूर्व
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16

महिलाओं की FOP Leave: फेमिनिस्‍ट की इतनी हायतौबा क्‍यों ?

डिजिटल प्रगति अब हमारे समय का सच है इसलिए अब इसके बिना सामाजिक या आर्थिक प्रगति के बारे में सोचा भी नहीं जा सकता।नित नए प्रयोग हो रहे हैं, नया क्षेत्र होने के कारण इसके साथ आने वाली बाधाओं से न...  और पढ़ें
4 माह पूर्व
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15

धर्म की दीमकें

इस विषय पर मैं पहले भी काफी लिखती रही हूं और आज फिर लिख रही हूं क्‍योंकि यह विषय  मुझे हमेशा से न सिर्फ उद्वेलित करता रहा है बल्‍कि नए-नए सवाल भी खड़े करता रहा है।व्‍यापारिक तौर पर बड़े टर्नओव...  और पढ़ें
4 माह पूर्व
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15

वैचारिक हिंसा का प्रायोजित प्रदर्शन #NotInMyName

ये बदहवास सा वक्‍त हमारी रूहों के गिर्द कुछ इस तरह चस्‍पा किया जा चुका है कि तमाम  कोशिशें नाकाफी मालूम पड़ती हैं, बावजूद इसके हम मायूस नहीं हैं, कतई नहीं। ऐसा लगता है  कि हम जितना आगे जाने की...  और पढ़ें
5 माह पूर्व
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18

इमरजेंसी पर आज बस इतने ही हैं शब्‍द

इमरजेंसी पर आज बस इतना ही कह सकती हूं  कि…इतिहास की एक घटना जिसने भारतवर्ष की  राजनैतिक दिशा-दशा, आरोह-अवरोह, घटना-परिघटना,  विचारधाराओं का विचलन और समन्‍वय के साथ-साथ  हमारी पीढ़ियों को...  और पढ़ें
5 माह पूर्व
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17

पौधों को वृक्ष बनने के लिए किसी मार्केटिंग की जरूरत नहीं

मुनव्‍वर राणा साहब लिखते हैं कि -सो जाते हैं फुटपाथ पे अखबार बिछाकर,मजदूर कभी नींद की गोली नहीं खाते...ये अशआर पढ़ते हुए हम भूल जाते हैं कि अब हमें उल्‍टे कदमों पर चलना सिखाया जा रहा है  और ये प...  और पढ़ें
6 माह पूर्व
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16

बीफ पर बात करने से पहले ज़रा ये सच भी जान लीजिए----

पूर्वाग्रह व्‍यक्‍ति के प्रति हों, समाज के प्रति अथवा राजनैतिक पार्टी के प्रति, किसी  भी विषय पर तिल का ताड़ बनाने और उसी आधार पर शंकाओं को वास्तविकता  जैसा दिखाने का माद्दा रखते हैं। रस्‍...  और पढ़ें
6 माह पूर्व
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13

सहारनपुर: हर इक फ़साद ज़रूरत है अब सियासत की

शायर हसनैन आक़िब का एक शेर है - हर इक फ़साद ज़रूरत है अब सियासत कीहर इक घोटाले के पीछे वज़ीर रहते हैं।सहारनपुर हिंसा पर जो सवाल उठ रहे  हैं उनके जवाब अभी तो कोई नहीं देगा मगर सवाल तो उठ रहे हैं न...  और पढ़ें
6 माह पूर्व
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16

क़ाजी नजरुल इस्लाम- एक विद्रोही जनकवि जो अपनी उम्र के आखिरी तीन दशक तक खामोश रहा

क़ाजी नजरुल इस्लाम- एक विद्रोही जनकवि जो अपनी उम्र के आखिरी तीन दशक तक खामोश रहाआज 24 मई को जन्‍मे काजी नजरुल इस्लाम नाम है आजादी के 1942 के दौर में सामाजिक भेदभाव और धार्मिक कट्टरता के खिलाफ सबसे...  और पढ़ें
6 माह पूर्व
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16

बेसन की सोंधी रोटी... के बाद की यात्रा

आज मातृदिवस पर कुछ लिखना था तो सोचा वही क्‍यों ना लिखूं जो कई सालों से मन को बींधता आया है। बाजार और सोशल मीडिया जैसे प्‍लेटफॉर्म लीक पर चलते हुए बखूबी सारे ''दिवस''मनाते हैं मगर वे उन प्रश्‍नों ...  और पढ़ें
6 माह पूर्व
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