अब छोड़ो भी की पोस्ट्स

Junior Doctors: कौन कहता है कि ये …धरती पर दूसरे भगवान हैं

हम लोग अकसर यह सुनते हुए बड़े हुए हैं कि डॉक्‍टर तो धरती पर भगवान का दूसरा रूप होते हैं, परंतु होटल में शराब पीने से रोकने पर शनिवार रात को आगरा के Junior-Doctors ने जो हंगामा मचाया उसने उन्‍हें जनसामान्...  और पढ़ें
1 सप्ताह पूर्व
अब छोड़ो भी
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My Lord, आप भी सोचिए कि मॉब लिंचिंग पर कानून की जरूरत ही क्‍यों पड़ी ?

सुप्रीम कोर्ट अकसर गंभीर मामलों पर ”स्‍वत: संज्ञान” लेता रहता है मगर आपने कभी सुना है कि उसने न्‍यायव्‍यवस्‍था के भीतर पनप चुके दलदल की बावत स्‍वत: संज्ञान लिया हो।मुकद्दमों के अंबार, तारीख ...  और पढ़ें
3 सप्ताह पूर्व
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चेतन भगत ने नए अंदाज में किया नई किताब The Girl in Room 105 का खुलासा

चेतन भगत उन चंद युवा लेखकों में से हैं जो जानते हैं कि चर्चा में बने रहने के लिए कब, क्या और कैसे करना चाहिए। पिछले दिनों जन्माष्टमी पर उन्होंने अनोखे अंदाज में यह खुलासा किया कि उनकी नई किताब द...  और पढ़ें
3 सप्ताह पूर्व
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Rape संबंधी आरोपों के लिए नज़ीर पेश करता एक महिला जज का फैसला

किसी अपराध के लिए कानून बनने के साथ ही उसे ध्वस्‍त करने के तरीके भी ईज़ाद कर लिए जाते हैं। हमारे देश में कानून का दुरुपयोग कोई नया नहीं है और हमारे देश में ही क्‍यों दुनिया के सभी देशों में यही ...  और पढ़ें
1 माह पूर्व
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कहने को तो वेश्‍या एक ऐसा शब्‍द है जिसे बोलने में माइक्रो सेकेंड ही लगते हैं मगर...

शब्‍दों की ताकत बताने वाली टिप्‍पणीशब्‍दों का चयन सोच समझकर करना चाहिए, क्‍योंकि रोष में बोला गया एक भी घातक शब्‍द तलवार से भी ज्‍यादा भयानक वार कर सकता है और शब्‍द वाण से लक्षित व्‍यक्‍ति  (...  और पढ़ें
1 माह पूर्व
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सुप्रीम कोर्ट दुखी है…

सुप्रीम कोर्ट दुखी है…मुज़फ्फ़रपुर शेल्‍टर होम कांड के बाद देवरिया से आई भयानक खबर से त्रस्‍त है वह… कि देशभर में यह क्या हो रहा है, लेफ्ट, राइट और सेंटर…सब जगह रेप हो रहा है, नेशनल क्राइम रिकॉ...  और पढ़ें
2 माह पूर्व
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इस मंथन का हिस्‍सा बनकर तो देखिए

जैसा कि कूर्म पुराण और विष्‍णु पुराण में कहा गया है कि जब  संसार में आसुरी शक्‍तियों का शासन चरम पर था तब संतुलन बनाने  के समुद्र मंथन की युक्‍ति निकाली गई। ना तो आसुरी शक्‍तियां  (जैसा कि ...  और पढ़ें
2 माह पूर्व
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स्‍वयं ही साधना होगा अपने गुरूत्‍व को

हम सनातनधर्मी सदैव दो धाराओं में बहते हैं और समयानुसार इनका उपयोग-सदुपयोग-दुरूपयोग  भी कर लेते हैं। अब देखिए ना गुरूपूर्णिमा के उत्‍सव को लेकर भी तो यही हो रहा है।  मथुरा में गुरू पूर्णिमा...  और पढ़ें
2 माह पूर्व
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क्रूरता की हदें पार करने पर veal का विरोध अभीतक क्‍यों नहीं हुआ

veal के रूप में क्रूरता को तो हम अपनी थाली में परोसकर चल रहे हैंपिछले कई दिनों से जब लगातार नन्‍हीं बच्‍चियों के साथ बलात्‍कार की खबरें पढ़-सुन कर मुझे बहुत बेचैनी हो रही है तो उन मांओं के साथ क्‍...  और पढ़ें
3 माह पूर्व
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संगीत की साक्षात् देवी सिद्धेश्वरीदेवी: सात स्वरों की स्वर्ग-सृष्टि

क्‍या हुआ जब डॉ. सुरेशव्रत राय इंटरव्‍यू लेने के लिए सिद्धेश्वरीदेवी से मिले ---चलिए आज आपको एक अद्भुत संस्‍मराणात्‍मक लेख से परिचय कराते हैं, फरवरी 1971 में क्‍या हुआ जब डॉ. सुरेशव्रत राय सिद...  और पढ़ें
3 माह पूर्व
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जो ज़िंदा हो तो फिर ज़िंदा नज़र आना ज़रूरी है

"उसूलों पर जहाँ आँच आए टकराना ज़रूरी है,जो ज़िंदा हो तो फिर ज़िंदा नज़र आना ज़रूरी है ।"वसीम बरेलवीका यह शेर, इंसान को इंसान की तरह नज़र आने और इंसान को इंसानियत से पेश आने का सलीका सिखाता है मगर ...  और पढ़ें
3 माह पूर्व
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Down the drain: अमानवीय वातावरण में काम, ‘आखिरी व्‍यक्‍ति’ की कथा

Down the drain एक सबक के तौर पर है उनके लिए जो हमेशा अपने काम से असंतुष्‍ट रहते हैंइस मानसूनी मौसम में कहीं जलभराव और कहीं सीवर का पानी उफनते देखकर सफाईकर्मियों को गरियाते हुए, उनके लिए अपशब्‍दों का इस...  और पढ़ें
3 माह पूर्व
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तराशे हुए बाजुओं का सच

चित्र गूगल से साभारकमउम्र में ही दुनिया को अलविदा कह गईं मशहूर शायरा परवीन शाकिर का एक शेर याद आ रहा है ....तूने अखबार में उड़ानों का इश्‍तिहार देकरमेरे तराशे हुए बाजुओं का सच बेपरदा कर दिया।पर...  और पढ़ें
3 माह पूर्व
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आज साहित्य अकादमी ने वर्ष 2018 के लिए बाल साहित्य पुरस्कार और युवा पुरस्कारों की घोषणा

साहित्य अकादमी का युवा साहित्य अकादमी पुरस्कार आस्तिक वाजपेयी, बाल साहित्य पुरस्कार दिविक रमेश नई दिल्ली। उदयन वाजपेयी के पुत्र व अशोक वाजपेयी के भतीजे हैं आस्तिक वाजपेयी  को इसबा...  और पढ़ें
3 माह पूर्व
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यहाँ सब के सर पे सलीब है

अपेक्षाओं का अतिरिक्‍त दबाव हम सहन करने में नाकाम हो रहे हैं, यह बात किसी आम आदमी  की हो तो समझ में भी आती है मगर जब दूसरों के लिए माइलस्‍टोन बने अपने क्षेत्र के ''कामयाब  दिग्‍गज''नाकामी की इब...  और पढ़ें
3 माह पूर्व
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Fathers Day पर पढ़िए अज्ञेय की कविता – चाय पीते हुए

कभी अज्ञेय ने कहा था- कि …चाय पीते हुएहर साल जून के तीसरे रविवार को पूरी दुनिया में फादर्स डे मनाया जाता है। इस साल यह दिन 17 जून को सेलिब्रेट किया जा रहा है। पिछले साल 18 जून को फादर्स डे के रूप में ...  और पढ़ें
3 माह पूर्व
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सनौली के माध्‍यम से हमारी सभ्‍यता का इतिहास दोबारा लिखा जाएगा

किसी भी देश के अस्‍तित्‍व को उसकी सभ्‍यता के वर्षों पुराने इतिहास से आंका जाता है। आज के इस लेख से पहले मैंने एक बार लिखा था कि ''पहले हिन्दू राष्ट्र था अफगानिस्‍तान में 5000 हजार वर्ष पुराना विमा...  और पढ़ें
4 माह पूर्व
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वरिष्ठ पत्रकार, लेखक और कवि राजकिशोर का निधन

नई दिल्ली। वरिष्ठ पत्रकार, लेखक और कवि राजकिशोर का सोमवार को यहां अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में निधन हो गया। वे करीब तीन सप्ताह से एम्स के गहन चिकित्सा कक्ष (आईसीयू) में भर्ती थे...  और पढ़ें
4 माह पूर्व
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कन्नड़ लोक कथा पर बनी संस्‍कृत भाषा की पहली animated फिल्‍म ‘पुण्‍यकोटि’

आज एक कन्नड़ लोक कथा पुण्‍यकोटि का ट्रेलर आया, जन-सहयोग से बनी ये animated फिल्‍म हमें यूट्यूब पर देखने को मिली, वह भी संस्‍कृत में।सबसे अधिक ध्‍यान देने की बात संस्‍कृत के शब्‍दों का स्‍तर कतई प्रा...  और पढ़ें
4 माह पूर्व
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8

गुलजारे दाग़, आफ्ताबे दाग़, माहतादे दाग़, यादगारे दाग़

दाग़ देहलवी: चित्र गूगल से साभारउर्दू के प्रसिद्ध शायर दाग़ देहलवी का वास्तविक नाम नवाब मिर्ज़ा ख़ाँ था, आज उनका यानि 25 मई को जन्मदिन है।उर्दू के प्रसिद्ध शायर दाग़ देहलवी का जन्म 1831 ...  और पढ़ें
4 माह पूर्व
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20 मई याद है ना आपको ?

आज 20 मई है, देश के अन्‍य शिक्षा बोर्ड्स की तो नहीं मालूम मगर 3 दशक पहले तक  हमारे यूपीबोर्ड के स्‍कूल और इंटर कॉलेजों में इस दिन एक अलग किस्‍म के त्‍यौहार  का नजारा होता था। परीक्षायें खत्‍म ह...  और पढ़ें
4 माह पूर्व
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पत्रकारिता की भाषा में 'नुक्‍़ता'लगाना अब कोई नहीं जानता

भाषा की शुद्धता का मज़ाक बनाकर रख रहे हैं हिंदी के पत्रकार दुनियभर में सोशल मीडिया अथवा ऐसे ही माध्‍यमों के कारण समाचारों की अधिकता हो गई है मगर इस बीच हिंदी पत्रकारिता करने वालों ने अपनी भ...  और पढ़ें
5 माह पूर्व
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जीवन की प्रमेय में रत्‍नीबाई

हमने 10वीं कक्षा के गणित में पाइथागोरस प्रमेय को पढ़ा था। पढ़ा क्‍या था, बल्‍कि यूं कहिए…अपने गणित के अध्‍यापकों पर खिन्‍न होते-होते ‘बमुश्‍किल’ रटा था कि यदि किसी त्रिभुज की दो भुजाओं की लंबा...  और पढ़ें
5 माह पूर्व
अब छोड़ो भी
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रवीन्द्रनाथ टैगोर जयंती विशेष

भारतीय राष्ट्रगान के रचयिता और काव्य, कथा, संगीत, नाटक, निबंध जैसी साहित्यिक विधाओं में अपना सर्वश्रेष्ठ देने वाले और चित्रकला के क्षेत्र में भी कलाकार के रूप में अपनी पहचान कायम करने वाले रव...  और पढ़ें
5 माह पूर्व
अब छोड़ो भी
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अभी और कितना गिरना बाकी है...

आज जिसे देख-सुनकर मैं व्‍यथित हूं, निश्‍चित ही आप भी होंगे,  दिनभर में कई घटनाओं से हम सभी पत्रकार रूबरू होते हैं मगर  इनमें से कुछ ऐसी होती हैं जो रात को भी सोने नहीं देतीं। जो  अपनी ही सांस ...  और पढ़ें
5 माह पूर्व
अब छोड़ो भी
12

चीन में भारत: राजन-साजन मिश्र ने भी सुनाई ”भैरव से भैरवी तक” की गजब कंपोजीशन, आप भी सुनिए

आजकल आप लोग पढ ही रहे होंगे कि भारत-चीन मैत्री के लिए विदेश मंत्री श्रीमती सुषमा स्वराज और रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण सहित कई अन्‍य नेता शंघाई की विजिट पर हैं, हमारे ये सभी मंत्री वहां शंघाई ...  और पढ़ें
5 माह पूर्व
अब छोड़ो भी
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सरकार ने तो कर दिया अब समाज कब करेगा ?

...और अंतत: दुष्‍कर्मियों के लिए फांसी का प्रावधान हो ही गया, फांसी  अर्थात् अपराधशास्‍त्र और दंडनीति के अनुसार सजा का अंतिम अस्‍त्र। कठुआ, उन्‍नाव और सूरत में बच्‍चियों के साथ दरिंदगी करन...  और पढ़ें
5 माह पूर्व
अब छोड़ो भी
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देश को बेइज्‍ज़त करने के कुत्‍सित-अभियान... क्‍या ये देशद्रोह नहीं

सूचनाओं की बेलगाम आवाजाही एक ओर जहां कानून-व्‍यवस्‍था और  शासन-प्रशासन पर सवालिया निशान लगाती है वहीं दूसरी ओर समाज  को भी संवेदनाहीन बनाने का काम करती है। पिछले लगभग तीन चार  साल से मैं ...  और पढ़ें
5 माह पूर्व
अब छोड़ो भी
12

बूढ़े बरगद को बचाने के लिए लगाई गई है सलाइन ड्रिप

अकसर हम नेगेटिव खबरों को ही अपनी चर्चा का केंद्रबिंदु मानकर समाचार सूत्रों को गरियाते रहते हैं और साथ ही वही समाचार देखते भी रहते हैं मगर  जबकुछ करने की बात आती है तो अपना पल्‍ला झाड़ने स...  और पढ़ें
5 माह पूर्व
अब छोड़ो भी
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… ये मील के पत्‍थरों से आगे का सफर है

मशहूर शायर बशीर बद्र साहब का एक शेर है- जिस दिन से चला हूँ मेरी मंज़िल पे नज़र हैआँखों ने कभी मील का पत्थर नहीं देखा...ये फ़कत एक शेर नहीं, उस जज्‍़बे का अक्‍स है जिसे आजकल हम रेसलिंग मैट्रेस, बॉ...  और पढ़ें
5 माह पूर्व
अब छोड़ो भी
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