राधे गोपाल
राधे का संसार की पोस्ट्स

दोहे "इंसानों सेआस "( राधा तिवारी "राधेगोपाल " )

इंसानों सेआस पशुओं को होती सदा, इंसानों सेआस। इंसानों के साथ रह, होते नहीं उदास।। शोर मचाते वे अधिक, जिन्हें नहीं है ज्ञान। समझो यातायात का, पू...  और पढ़ें
1 माह पूर्व
राधे का संसार
1

दोहे "साइकिल से ट्रक बोलता "( राधा तिवारी "राधेगोपाल " )

 साइकिल से ट्रक बोलता साइकिल से ट्रक बोलता, मैं हूँ  बड़ा महान्। मुझसे बचकर ही रहो, ओ छोटी नादान।। जब मैं हौरन दूँ  तुझे, तेज न करना चाल। ...  और पढ़ें
1 माह पूर्व
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1

दोहे "कैसे तोड़े फूल "( राधा तिवारी "राधेगोपाल " )

 कैसे तोड़े फूल सोए अगर दोपहर में, करें रात में काम ।अंधियारे में कठिन है, गिनना अपने दाम ।।कैसे देखें बाग को, कैसे तोड़े फूल। अंधियारे में ...  और पढ़ें
1 माह पूर्व
राधे का संसार
1

दोहे "जग के पालनहार"( राधा तिवारी "राधेगोपाल " )

 जग के पालनहार गंगा जी के घाट पर,  लगी हुई है भीड़। गंगा तट पर आ गए, लोग छोड़कर नीड।। सुहागिनें सब आ रही, करके साज श्रृंगार।  दीप जलाकर ...  और पढ़ें
1 माह पूर्व
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1

दोहे "दोनों बहने साथ"राधा तिवारी "राधेगोपाल "

माटी से है खेलती, दोनों बहने साथ।पानी मिट्टी से मिला, लेती अपने हाथ।।रूप कटोरी का दिया, मन में वह मुस्काय।रखती  उनको धूप में ,पात्र तभी बन जाय...  और पढ़ें
2 माह पूर्व
राधे का संसार
1

संस्कृत पर दोहे( राधा तिवारी "राधेगोपाल " )

 संस्कृत पर दोहे थोड़े शब्दों में बने,  संस्कृत के सब वाक्य। घर में जाकर कीजिए, आप सदा शालाक्य ।।फोर्ब्स मैगजिन बोलते, संस्कृत को उपयुक्त। बोलचा...  और पढ़ें
2 माह पूर्व
राधे का संसार
4

ग़ज़ल "शब्द में सिमट रही" (राधा तिवारी 'राधेगोपाल')

भूख से तड़प रहे हैं हड्डियां भी दिख रहीहाठ में गरीब की रोटियाँ भी बिक रहीथा गुमान बाप को की बेटी घर चलाएगीआबरू को बेचकर  बेटियाँ हैं टिक रहीभा...  और पढ़ें
2 माह पूर्व
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3

दोहे "रहना हरदम साथ" (राधा तिवारी 'राधेगोपाल')

 नेकी के हर काम का, करती हूँ  आगाज़। एक भरोसे राम के, लगा रही आवाज़ ।।दौलत-शौहरत से नहीं, होती है पहचान ।काम सदा ही नेक हो, मन में लो यह जान...  और पढ़ें
2 माह पूर्व
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3

दोहे "कोजावत उपवास "( राधा तिवारी "राधेगोपाल " )

कोजावत उपवास कहे बिहार बंगाल में , कोजावत उपवास ।लक्ष्मी करने आ रही, धरती पर आवास।। व्यापारी देना नहीं ,रुपया आज उधार ।सोच समझ कर कीजिए , तुम&nbs...  और पढ़ें
3 माह पूर्व
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11

दोहे "दीपोत्सव" ( राधा तिवारी "राधेगोपाल " )

 दीपोत्सव शिवजीनेपूरीकरी, सबकेमनकीआस।आताश्रावणमासमें, पर्वहरेलाखास।। जन्मदिवससरदार  का, मनारहाजगआज। लौहपुरुषइनकोकहे, पूरादेशसमाज।। लोहशस्त्रोंटनलगा, प्रतिमाहैअभिराम। व...  और पढ़ें
3 माह पूर्व
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9

दोहे "नरकासुर का नाश" ( राधा तिवारी "राधेगोपाल " )

मेरे कष्टों को हरो, राम भक्त हनुमान।कहकर सब जन कर रहे, गंगा में स्नान।।श्री कृष्ण ने कर दिया, नरकासुर का नाश।मुक्त किए बंधक सभी, खोले उनके पाश।।नरकासुर की मौत थी, नारी के ही हाथ।सतभामा ने था दिय...  और पढ़ें
3 माह पूर्व
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7

गीत "गंगा यमुना सरयू का तट" ( राधा तिवारी "राधेगोपाल " )

 गीत " गंगा यमुना सरयू का तट"जगमग करते दीपों से हम अपना भवन सजाएंगे ।चीनी लड़ियां छोड़ वहाँ  माटी के दीए जलाएंगे।। हिंदू मुस्लिम सिख ईसाई के...  और पढ़ें
3 माह पूर्व
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5

दोहे "वृक्षों से मिलती हमें, ठंडी ठंडी छांव" ( राधा तिवारी "राधेगोपाल " )

वृक्षों से मिलती हमें, ठंडी ठंडी छांव साफ सफाई का यहाँ , बच्चों रखना ध्यान ।स्वच्छ अगर परिवेश हो ,स्वस्थ रहे को जान।। वर्षा के जल का करो, जीव...  और पढ़ें
3 माह पूर्व
राधे का संसार
5

भारत देश ( राधा तिवारी "राधेगोपाल " )

भारत देशभारत देश कर रहा है अपना ही विकास अब ।दीप अपने माटी के ही कर रहे प्रकाश अब।। लेने आ रहे हैं सब सूर्य से है रोशनी। चांद से भी मां...  और पढ़ें
3 माह पूर्व
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8

दोहे "बच्चों को अच्छे लगे, चटकीले ही रंग" ( राधा तिवारी "राधेगोपाल " )

दोहे " बच्चों को अच्छे लगे, चटकीले ही रंग" हाल कभी पूछा नहीं, जब थी तन मे स्वास। स्वास निकलते ही सभी, देखो आए पास।। चिंता में जलते सभी, अक्सर दिन और रात ।नहीं मौत के सामने ,चलती यहाँ बिसात।।&n...  और पढ़ें
3 माह पूर्व
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6

दोहे "मात-पिता गुरुदेव को, जो करते हैं प्यार" ( राधा तिवारी "राधेगोपाल " )

 दोहे " मात-पिता गुरुदेव को, जो करते हैं प्यार" मेरे मित्रों ने किया, है मुझ पर अहसान। सुख दुख में मुझको दिया, सदा यहाँ  सम्मान।। सुंदर वह होता नहीं, जिसका सुंदर अंग। कभी नहीं रब देखता,...  और पढ़ें
3 माह पूर्व
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7

दिख रही ऊंची पहाड़ी दूर तक ( राधा तिवारी "राधेगोपाल " )

 दिख रही ऊंची पहाड़ी दूर तक दिख रही ऊंची पहाड़ी दूर तक दिख रहे जंगल व झाड़ी दूर तक पेड़ पौधे तो धरा की शान हैपर चली इन में कुल्हाड़ी दू...  और पढ़ें
3 माह पूर्व
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6

दोहे "अहोई उपवाल" (राधा तिवारी "राधेगोपाल")

बच्चों को होती सदा, अपनी माँसे आस।करें अहोई अष्ठमी का, मिलकर उपवास।।करते राधा कुंड में, कई भक्त स्नान।जिससे मिलती है उन्हें, प्यारी सी संतान।।पति-पत्नी इसमें करें, मिलकर के स्नान।पुत्र रत्न ...  और पढ़ें
3 माह पूर्व
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8

मुक्तक गीत "महफिल रास आएगी" ( राधा तिवारी "राधेगोपाल " )

 मुक्तक गीत " महफिल रास आएगी" भरी महफिल में बैठोगे तो महफिल रास आएगी कदम जब भी बढ़ाओगे तो मंजिल पास आएगीपहाड़ों से निकलकर ने खुद ही राह बनात...  और पढ़ें
3 माह पूर्व
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8

दोहे "ओवरलोडिंग" ( राधा तिवारी "राधेगोपाल " )

ओवरलोडिंगगाड़ी में भरना नहीं ,कभी अधिकतम भार ।मोबाइल से मत कभी, चालक करना प्यार।। दुर्घटनाओं पर नहीं ,चले किसी का जोर ।ओवरलोडिंग से बढे, दुर्घटना&...  और पढ़ें
3 माह पूर्व
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6

करवा चौथ दोहे "माँ की तुम पूजा करो" ( राधा तिवारी "राधेगोपाल " )

 करवा चौथ  दोहेमाँ की तुम पूजा करो माँ की तुम पूजा करो, मन में करके ध्यान। दूध दही देकर करें ,सब का ही सम्मान।। श्रृंगार गहने पकवान का, सरगी ...  और पढ़ें
3 माह पूर्व
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6

गीत "वो ही करीब है"( राधा तिवारी "राधेगोपाल " )

 गीत "वो ही  करीब है"मोहब्बतकीराहभीकितनीअजीबहैl  जिसकोभीदूरदेखोवोही  करीबहैll  राहोंमेंपहलेउनसेमुलाकातहोतीहैl  फिरचुपकेचुपकेसेकुछबातहोतीहैll  मिलनाबिछड़नाउनकाक...  और पढ़ें
3 माह पूर्व
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6

ग़ज़ल "भूखा पेट " ( राधा तिवारी "राधेगोपाल " )

 भूखा पेटएक नन्हा सा दिया तम को मिटाने आ गया। एक भूखा पेट अब कूड़ा उठाने आ गया ।।भूख से बेहाल काया दिख रही उसकी यहाँ। हाल अपनी मुफलिसी( &nbs...  और पढ़ें
3 माह पूर्व
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7

ग़ज़ल "अंधेरे में मकड़ी के जाले पड़ेंगे" ( राधा तिवारी "राधेगोपाल " )

 अंधेरे में मकड़ी के जाले पड़ेंगे रंग जब तक दिलों के ये काले पड़ेंगे जबानों में तब तक ही ताले पड़ेंगे अगर रखना है तुमको रिश्ता को कायमखाने&n...  और पढ़ें
3 माह पूर्व
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8

दोहे "करवा की पूजा करो" (राधा तिवारी 'राधेगोपाल')

 करवा की पूजा करो, माँ का करके ध्यान।दूध दही देकर करें,माता जी अहसान।।श्रृंगारिक गहने हमें, देती माता सास। बेटे की लम्बी उमर, की माँ रखती आस।।तेरह दाने अन्न के, लेकर करना ध्यान।कर लेना सं...  और पढ़ें
3 माह पूर्व
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7

मुक्तक गीत"संतों की वाणी "( राधा तिवारी "राधेगोपाल " )

 मुक्तकगीतसंतों की वाणी  भरीमहफिलमेंबैठोगेतोमहफिलरासआएगी कदमजबभीबढ़ाओगेतोमंजिलपासआएगीपहाड़ोंसेनिकलकर नीर खुदहीराहबनाताहै उसेजोमिलगयासाथीउसेसंगमेंलेजाताहै बहे...  और पढ़ें
3 माह पूर्व
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6

मेरी मां ( राधा तिवारी "राधेगोपाल " )

मेरी मां  जब मैं इस जग में आई तब घर में हुआ उजाला। बड़े प्यार से देखो मुझको मेरी मां ने पाला।। मुझको कहती मेरी मम्मी अपना चांद सितारा। द...  और पढ़ें
3 माह पूर्व
राधे का संसार
6

दोहे "माता वीणावादिनी"( राधा तिवारी "राधेगोपाल " )

माता वीणावादिनीनवरात्र में  मात के, होते हैं नौ रूप। माता देती वर उन्हें ,उनके ही अनुरूप।। महिमा सीता राम की, कितनी अपरंपार। जो भजता श्री राम को, उसका बेड़ा पार ।।माता वीणावादिनी, दे दो ...  और पढ़ें
3 माह पूर्व
राधे का संसार
6

दोहे "मेला देखन को चले" (राधा तिवारी"राधेगोपाल ")

 मेला देखन को चले मेला लगता है हमें, जैसे हो त्यौहार ।बाल वृद्ध महिलाएं सब, आते बारंबार।। मेला देखन को चले, अब राधा गोपाल। हाथ पकड़कर चल पड़े ,उनका उनके बाल ।।कोई झूला झूलता, कोई लेता चित्...  और पढ़ें
3 माह पूर्व
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दोहे "माता के दोहे"( राधा तिवारी "राधेगोपाल " )

माताकेदोहे माताकेनवरूपका ,राधाकरेबखान।माताहमकोदीजिए , रिद्धिसिद्धिकादान।। मांकीसेवामेंरहे ,हमसबहीतल्लीन।कृपाअगरहोमातुकी, रहेनकोईदीन।। शैलसुताहेमाततुम, मुझकोदोवरदान।मनसेमैं...  और पढ़ें
3 माह पूर्व
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