Dr. Hari Mohan Gupt की पोस्ट्स

थलचर प्राणी

नभचर,जलचर,जब खेमों में नहीं बंटे हैं,थलचर प्राणी क्यों आपस में लडे कटे हैं,हम में हो सदभाव, सियासी दांव न खेलें,मिल कर रहना सीख सकें हर जगह डटे हैं  ...  और पढ़ें
4 दिन पूर्व
Dr. Hari Mohan Gupt
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ईद

ईद पर सभी मित्रों को  शुभ कामनाएं,                             आपका                              डा० हरिमोहन गुप्त ...  और पढ़ें
5 दिन पूर्व
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प्रतिभा शाली

जिसकी बुद्धि प्रखर होती है,वही व्यक्ति मेधावी होता,मेधावी  ही  आगे  बढ़  कर, प्रज्ञावान प्रभावी  होता l अगर विवेकी बनना है तो, बस सत्संग सदा आवश्यक,गुणी, पारखी और विवेकी, वह  ही प्रतिभा श...  और पढ़ें
6 दिन पूर्व
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नारी की पीड़ा

जो पीड़ित हो बलात्कार से , इस में उसका दोष रहा क्या ?कब तक वह प्रस्तरवत होगी , पूँछ रही है आज अहल्या ?...  और पढ़ें
2 सप्ताह पूर्व
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देश जाग्रत है सदा साहित्य से,

जग प्रकाशित है सदा आदित्य से, हम प्रगति करते सदा सानिध्य से, कोई माने, या न माने सत्य है,देश जाग्रत  है सदा साहित्य से l ...  और पढ़ें
2 सप्ताह पूर्व
Dr. Hari Mohan Gupt
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मेरी कवितायें

जग में जो जन्मी प्रतिभायें,उनकी हों जग में चर्चायें,मिल पाए सम्मान यथोचितउनके हित मेरी कवितायें- डॉ. हरिमोहन गुप्त ...  और पढ़ें
2 सप्ताह पूर्व
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सेवा भाव

  सेवा भाव समर्पण  ही बस, मानव की पहिचान है,              जिसको है सन्तोष हृदय में, सच में वह धनवान है l              यों तो मरते,और जन्मते,जो भी आया यहाँ धरा पर,कर...  और पढ़ें
3 सप्ताह पूर्व
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कल किसने देखा

गद्द लेखन की तुलना में कहानी का प्रभाव अधिक होता है l कहानी पढने में और सुनने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है l यदि कहानी पद्द में हो तो और अधिक प्रभावी हो जाती है l“सब सुलझ जाती समस्या , बात नानी ...  और पढ़ें
3 सप्ताह पूर्व
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जब हम रंग मंच पर जाते.

पहली बार पाँव  कँपते  हैं, जब  हम रंग मन्च  पर जाते,किन्तु सतत अभ्यासी बन जो, कला मन्च का धर्म निभाते l द्दढता,  साहस,  सदाचरण से, तन मन उत्साहित हो जाता,जीवन  में  निर्भीक  रहे  जो, सद...  और पढ़ें
3 सप्ताह पूर्व
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नारी चेतना

युग कोई भी रहा हो नारी की स्थिति बराबर की कह कर उसका शोषण ही हुआ है l पुरुषों को अधिकार है कि वह बहु विवाह कर सकता है लेकिन नारी नहीं , यदि उसके साथ बलात्कार हुआ हो तो दोष नारी का ही माना गया और उसे द...  और पढ़ें
3 सप्ताह पूर्व
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पाप पुन्य के गणित को,

पाप पुण्य के गणित को, समझ सका है कौन,मन चाही  है  व्यवस्था, शास्त्र हुये  हैं मौन l                                          पंथों  ने बाँटा ...  और पढ़ें
3 सप्ताह पूर्व
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कटा अंगूठा

   महाभारत के एक पात्र एकलव्य की गुरुभक्ति पर अधिकतर लेखकों ने लिखा है पर अँगूठा कट जाने के बाद उसकी मनः दशा क्या रही होगी इस पर लिखा यह काव्य अपना अलग स्थान रखता है l      आज ‘अर्जुन’ , ‘द...  और पढ़ें
3 सप्ताह पूर्व
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साध्वी सीता

न्याय की आँखें नहीं , अपितु कान होते हैं वह दोनों पक्षों को सुनकर अपने विवेक से निर्णय सुनाता है , पर यदि न्यायाधीश के आँख और कान दोनों हों और घटना भी उसी के साथ की हो फिर भी वह दूसरे पक्ष को बिना स...  और पढ़ें
4 सप्ताह पूर्व
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कुणाल

विमाता के प्रणय प्रेम के अस्वीकार करने का दण्ड सम्राट अशोक के पुत्र कुणाल को गरम सलाखों से अपने नेत्रों को खो कर भोगना पड़ा l ऐतहासिक प्रष्ठभूमि पर आधारित सत्य घटना है, खण्ड काव्य “कुणाल,ऐक अप्...  और पढ़ें
4 सप्ताह पूर्व
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रविदास

पहले भारतवर्ष में वर्ण भेद की समस्या गुरुतर थी l शूद्र अंतिम स्वांस तक अस्पर्श्य का नारकीय जीवन जीते थे , पर 14 वीं शातब्दी के मध्य में शूद्र रविदास अग्रगण्य संतों में गिने गए l  एक महान संत एवं ...  और पढ़ें
4 सप्ताह पूर्व
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भाग्यहीन

    महाभारत में कर्ण भी एक पात्र है जिसे राजपुत्र होने पर भी शूद्र का जीवन व्यतीत करना पड़ा था क्योंकि वह कुँवारी माँ कुन्ती का पुत्र था और उसे नदी में प्रवाहित कर दिया गया था l जिसे शूद्र कुल क...  और पढ़ें
4 सप्ताह पूर्व
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ह्रदय परिवर्तन

       बोद्ध काल में अंगुलिमाल एक डाकू था, लेकिन महात्मा बुद्ध ने अपने वार्तालाप के प्रभाव से उसका ह्रदय परिवर्तन किया, और दस्यु प्रकृति से छुटकारा दिलाया l उसी भाव को सामने रख कर आजकल द...  और पढ़ें
4 सप्ताह पूर्व
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मैने तो बस गीत लिखे हैं,

मैनें तो बस गीत लिखे हैं, इनको तुम अपना स्वर दे दो,मैं तो आकार  दिया है, जीवित  रहने  का  वर  दे  दो l  भाषा पर प्रतिबन्ध नहीं हो,छंदों  से अनुबन्ध नहीं  हो,स्वर,लय,गति सब साध सकूं मैं,यह...  और पढ़ें
4 सप्ताह पूर्व
Dr. Hari Mohan Gupt
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संकल्प

एक सच्ची घटना को आधार बनाकर लिखा गया यह नाटक युवा वर्ग को दिशा देता है l व्यक्ति में इच्छा शक्ति और मन में संकल्प प्रगति में सीढियाँ चढ़ने के लिए पर्याप्त है lअभिलाषा बलवती अगर है , संग में इच्छा श...  और पढ़ें
4 सप्ताह पूर्व
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लक्ष्मण विसर्जन

दुर्वासा ऋषि का क्रोध,और राजाराम का आदेश, इसमें लक्ष्मण ने राजाराम के आदेश का उल्लंघन कर गुप्त वार्ता में वाधा डाली, उसी के परिणाम स्वरूप उनको अपने शरीर का त्याग करना पड़ा l आध्यत्म रामायण के प्...  और पढ़ें
4 सप्ताह पूर्व
Dr. Hari Mohan Gupt
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कद बडा है आपका,

कद बड़ा है आपका बस, शाम की परछाई सा,असलियत का तो पता, सूरज सुबह बतलायगा l  सत्य होंगे सब उजागर, दोपहर कल  धूप में,ध्यान से जब देखना,तो खुद समझ आ जायगा l                 ओढ़ करके यह ...  और पढ़ें
4 सप्ताह पूर्व
Dr. Hari Mohan Gupt
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हेमू आख्यान

     हेमू अथवा हेमराज मध्य युग के इतिहास में विशेष स्थान रखते हैं , एन. के. स्मिथ. , एल. पी. शर्मा की शोध के अनुसार हेमू वैश्य वर्ग से थे और आदिलशाह की मृत्यु के पश्चात वे दिल्ली की गद्दी पर बैठ...  और पढ़ें
4 सप्ताह पूर्व
Dr. Hari Mohan Gupt
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जीवन के तीन रूप गीत

चटकीले, भड़कीले  रंग  को  ही तुम भरते,उषा काल में, तुम प्रसन्न होकर क्या करते ?           आज शिशु का जन्म, कृपा की है ईश्वर ने,           सतरंगी  बौछार  यहाँ  भर  ...  और पढ़ें
4 सप्ताह पूर्व
Dr. Hari Mohan Gupt
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बीते युग को छोड़, नये युग का निर्माण करो.

बीते युग को छोड़, नये युग का निर्मार्ण करो,आने वाले कल का तुम बढ़ कर सम्मान करो l “बीती   ताहि विसारो”  का  सिद्धान्त हमारा, किन्तु नहीं हम गत को भूलें,उसका मान करो l...  और पढ़ें
1 माह पूर्व
Dr. Hari Mohan Gupt
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मीलों चले गरीब, सिर्फ भोजन को पाने,

मीलों चले गरीब, सिर्फ भोजन को पाने,मीलों चले अमीर, सिर्फ बस उसे पचाने l भोजन मिलता उसे, जिसे विश्वास रहा है,चलता रहे फकीर, खुदा को ही वह माने l ...  और पढ़ें
1 माह पूर्व
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5

मीलों चले गरीब, सिर्फ भोजन को पाने,

मीलों चले गरीब, सिर्फ भोजन को पाने,मीलों चले अमीर, सिर्फ बस उसे पचाने l भोजन मिलता उसे, जिसे विश्वास रहा है,चलता रहे फकीर, खुदा को ही वह माने l ...  और पढ़ें
1 माह पूर्व
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5

रात जागते ही रहें,

                    रात जागते ही रहें, रोगी, कामी, चोर,                    केवल कायर,दीन ही, सदा मचाते शोर l                           लोभ और निर्लज्यता, गर...  और पढ़ें
1 माह पूर्व
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बहता पानी स्वच्छ और निर्मल होता है,

 बहता पानी स्वच्छ  और निर्मल होता है, आगे बढने  का प्रयास  प्रतिपल  होता है l  सागर कब किसको मिठास दे पाया जग में  ठहरे पानी  में  अक्सर  दलदल  होता है l ...  और पढ़ें
1 माह पूर्व
Dr. Hari Mohan Gupt
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सदा रहे निस्वार्थ भावना,

             सदा रहे निस्वार्थ भावना, हो  जग  का कल्याण,             सतत साधना के ही बल पर,बनती निज पहिचान,             सहें यातना, किन्तु ह्रदय में, भारत माँ  का ...  और पढ़ें
1 माह पूर्व
Dr. Hari Mohan Gupt
8

राम कथा

   राम कथा  में आपने, किया अगर  गुण गान, निश्चित फल तुमको मिले, हो समाज में मान l                      योग,यज्ञ,जप,तप सभी, व्यर्थ उपाय तमाम,                  ...  और पढ़ें
1 माह पूर्व
Dr. Hari Mohan Gupt
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