MAN SE- Nitu Thakur की पोस्ट्स

प्रश्न का उत्तर प्रश्न नही हो सकता है....नीतू ठाकुर

पा लेना ही प्रेम नहीं हो सकता है, सब कुछ खोकर भी क्या प्रेम पनपता है? प्रश्न किया जब जब मेरे मनमीत ने उत्तर देने जन्म लिया एक गीत ने जीवन की परिभाषा क्या है क्योँ जानें ?सत्य असत्य के भेद...  और पढ़ें
2 दिन पूर्व
MAN SE- Nitu Thakur
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अब नहीं चुभते तेरे शब्दों के तीर ......- नीतू ठाकुर

अब नहीं चुभते तेरे शब्दों के तीरजो दिल को चीरकर लहूलुहान कर देधज्जियाँ उड़ा दे इज्जत कीस्वाभिमान बेजान कर देदफ़न होती सिसकियों काजीना हराम कर देअब नहीं चुभते तेरे शब्दों के तीरजो वजूद मिटाते ...  और पढ़ें
1 सप्ताह पूर्व
MAN SE- Nitu Thakur
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कैसे समझाएँ.....नीतू ठाकुर

चीरकर पर्बतों को आज चली है मिलने बहती नदिया की रवानी को कैसे समझाएँ खारे सागर से मिलकर खुद को मिटा लेगी वो ऐसी बेखौफ दिवानी को कैसे समझाएँ जनता है वो मगर फिर भी है खामोश अभी आज सागर...  और पढ़ें
2 सप्ताह पूर्व
MAN SE- Nitu Thakur
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इन्द्रधनुष- मधुर मिलन की परछाई..... नीतू ठाकुर

सूरज की प्यासी किरणें जब बारिश से मिलने जाती है और नन्ही नन्ही बूँदों से वो अपनी प्यास बुझाती हैं उस मधुर मिलन की परछाई कुछ ऐसे रंग सजाती है बटती है  सात रंग में वो और इन्द्रधनुष&n...  और पढ़ें
3 सप्ताह पूर्व
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दुनिया से छुपाऊँ क्यों ?....नीतू ठाकुर

मुकद्दर में भरें हैं ग़म, तो दुनिया से छुपाऊँ क्यों ?मुझे मंजूर है किस्मत, तभी तो अश्क़ ढाऊँ मैतेरी यादों के तकिये को, सिरहाने पे सजाऊँ मै,उन्हीं के दम पे हूँ जिंदा, उन्हें क्यों भूल जाऊँ मै ?बड़ी ब...  और पढ़ें
4 सप्ताह पूर्व
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"तितली"नन्हे गुलशन की रानी..... नीतू ठाकुर

जल बिन सूख रहा था गुलशन तितली पल पल नीर बहाये जैसे गुलों में प्राण बसे हों ऐसे उनसे लिपटी जाये देख रही हर पल अंबर को शायद जलधारा दिख जाये पर नन्हे गुलशन की रानी जाकर विपदा किसे सुनए...  और पढ़ें
4 सप्ताह पूर्व
MAN SE- Nitu Thakur
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गणतंत्र दिवस मनाएंगे ... नीतू ठाकुर

हे धन्य धन्य भारत भूमी हम तुम्हें पूजते जाएंगे,  वीर शहीदों को वंदन कर श्रद्धा सुमन चढ़ाएंगे, यह देश तिरंगा हो जाये हम इतने ध्वज फहराएंगे, इस हिंद देश की महिमा को द्विगुणित आज बनाएंगे,&nbs...  और पढ़ें
4 सप्ताह पूर्व
MAN SE- Nitu Thakur
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"बसंत"देखो ऋतूराज का आगमन हो गया....नीतू ठाकुर

इंद्रधनुषी ह्रदय का गगन हो गया देखो ऋतूराज का आगमन हो गया सारी मायूसियाँ अब विदा हो गई मातमी सारा मंजर फ़ना हो गयाघाव पतझड़ के फिर सारे भरने लगे खुशनुमा आज सारा चमन हो गया इंद्रधनुषी ...  और पढ़ें
1 माह पूर्व
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आज भी माँ क़ब्र से लोरी सुनाती है मुझे....नीतू ठाकुर

सो रही है प्यार से मिट्टी की चादर ओढ़कर आज भी माँ क़ब्र से लोरी सुनाती है मुझे दूर अंबर में  बसेरा है मेरे माँ का मगर आज भी वो दिल के कोने में बसाती है मुझेभूख से बेज़ार होकर जब पुकारा है उसेभ...  और पढ़ें
1 माह पूर्व
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फर्क नहीं पड़ता है कोई करते रहो बवाल ...नीतू ठाकुर

त्राहि त्राहि करती है जनता देश  का बुरा हाल,फिर भी देश के सारे नेता लगते हैं खुशहाल,पूँजीपती  के हाथों में है देश का सारा माल,फिर भी गूँगी बहरी जनता करती नहीं सवाल,फर्क नहीं पड़ता है कोई कर...  और पढ़ें
1 माह पूर्व
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इजहार....नीतू ठाकुर

हाथ में हथकड़ी पाओं में बेड़ियाँ मै मोहब्बत में तेरे गिरफ़्तार हूँजिसको बरसों तलाशा है दिल ने तेरे सामने तेरे हमदम वही प्यार हूँ जीत कर दिल मेरा मुस्कुराये थे तुम जो बचा न सकी दिल वही हा...  और पढ़ें
1 माह पूर्व
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ज़िंदगी के पास एक उम्मीद होनी चाहिए.....नीतू ठाकुर

गर्म बिस्तर में सुनहरे ख्वाब बुनता है जहाँ सरहदों पर जान की बाजी लगाते नौजवान  जागते है रात भर की जान बचनी चाहिए दुश्मनों से धरती माँ की आन बचनी चाहिए बेरहम मौसम हुआ तो चल पड़ी कातिल हव...  और पढ़ें
1 माह पूर्व
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तेरे जाने के बाद ....नीतू ठाकुर

क्या जी उठूंगी तेरे आँसुओं से क्या खेल पाओगे कभी मेरे गेसुओं सेढूंढ़ने निकले हो हमको दफ़न हो जाने के बाद निशान नहीं मिलते है साहब दिल जलाने के बादमुद्दतों तेरी याद में तड़पता रहा है दिल वक़्...  और पढ़ें
1 माह पूर्व
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किसी ने ज़िंदगी गँवाई थी ...नीतू ठाकुर

खून से लथपथ बेजान जिस्म रास्ते के किनारे पड़ा था मंजर बता रहा था वो मौत से लड़ा था टूटे हुए जिस्म के बिखरे हुए हिस्से कांच के टुकड़ों की तरह बेबस पड़े थे बहता हुआ लहू चीख चीख  कर दे रहा थ...  और पढ़ें
2 माह पूर्व
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जब तक मेरा दर्द बिकता रहा... नीतू ठाकुर

जब तक मेरा दर्द बिकता रहा मै अश्कों की स्याही से लिखता रहा डर लगता था कहीं बेमोल न हो जाऊँ इसलिए यादों की चक्की में पिसता रहा जाता रहा दफ़न यादों के बेदर्द शहर में जहाँ का हर पल मुझे ...  और पढ़ें
2 माह पूर्व
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क्या पत्थर ही बन जाओगे ....नीतू ठाकुर

 सूखे पत्ते बंजर धरती क्या नजर नहीं आती तुमको ये बेजुबान भूखे प्यासे क्या खुश कर पायेंगे तुमको हे इंद्रदेव, हे वरुणदेव किस भोग विलास में खोये हो या किसी अप्सरा की गोदी में सर रखक...  और पढ़ें
2 माह पूर्व
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तुम्हें मेरी याद आयेगी न ?...नीतू ठाकुर

सच कहो तुम्हें मेरी याद आयेगी न ?मेरे साथ हर पल जिया है तूने तेरे गम और ख़ुशी का साक्षीदार हूँ मै आज आकर इस आखरी मक़ाम पर बहुत बेबस और लाचार हूँ मै मिटना ही मुकद्दर था चंद सांसे ही बची हैं ...  और पढ़ें
2 माह पूर्व
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वो आखरी खत जो तुमने लिखा था......नीतू ठाकुर

वो आखरी खत जो तुमने लिखा था तेरे हर खत से कितना जुदा था मजबूरियों का वास्ता देकर मुकर जाना तेरा गुनहगार वो वक़्त था या खुदा था बड़ी मुश्किल से संभाला था खुद को वो पल भी मुश्किल बड़ा था शि...  और पढ़ें
2 माह पूर्व
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इंग्लिश मौसी....नीतू ठाकुर

हे परमपूज्य इंग्लिश मौसी तुम विश्वमान्य, जगकल्याणी तेरे चरणों का दास बना इस युग का हर मानव प्राणी तुम बनी ज्ञान की परिभाषा हर अज्ञानी की अभिलाषा फिर क्यों तेरी कृपा से वंचित  र...  और पढ़ें
2 माह पूर्व
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पत्नी का मोबाइल प्रेम...नीतू ठाकुर

मै पहले जब घर आता था वो मंद मंद मुस्काती थी नाजुक सी अपनी हथेली से प्याली मुझको पकड़ाती थी कैसा था दिन प्रीतम बोलो कह कर कितना बतलाती थी  मीठी मीठी उन बातों से दुःख को मेरे हर जात...  और पढ़ें
2 माह पूर्व
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ऐसी मधुर मधुर...नीतू ठाकुर

ऐसी मधुर मधुर धुन छेड़ रहें हैं जमुना तट पर गिरधारी झूमे गोकुल नगरी सारी कान्हा ऐसी तान सुनाये सुध बुध सबकी हरता जाये झनक रही राधा की पायल पिया मिलन की प्यास जगाये ऐसी मधुर मधुर............  और पढ़ें
2 माह पूर्व
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इस डायरी में मेरे हजारों ख्वाब है.... -नीतू ठाकुर

दिल के हर एहसास को पन्नों पर उतारा है शब्दोँ के मोती से उसको संवारा है इस डायरी में मेरे हजारों ख्वाब हैदिल में उठे हजारों सवालों के जवाब है कहीं गम के बादल हैं कहीं खुशियों की ब...  और पढ़ें
2 माह पूर्व
MAN SE- Nitu Thakur
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वक़्त की दहलीज़ पर...नीतू ठाकुर

वक़्त की दहलीज़ पररोशनी  सी टिमटिमाई रात के अंधियारे वन में एक खिड़की दी दिखाई चल ख्वाबों के पंख लगाकर नील गगन में उड़ते जायें तारों से रोशन दुनिया में सपनों का एक महल बनायें जहाँ ...  और पढ़ें
2 माह पूर्व
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कैसा तेरा प्रेम समर्पण ?....नीतू ठाकुर

सुंदर मुखड़ा चिकनी काया देख के तेरा मन भरमाया करने चले तुम सब कुछ अर्पण कैसा तेरा प्रेम समर्पण ?शब्दों के तू जाल बिछाये झूठे सच्चे ख्वाब दिखाये दिखा रहे हो झूठा दर्पण कैसा तेरा प्रे...  और पढ़ें
2 माह पूर्व
MAN SE- Nitu Thakur
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बिखरी हुई है ज़िंदगी...नीतू ठाकुर

बिखरी हुई है ज़िंदगी टूटे हुए है सपने न है कोई सहारा और ना ही कोई अपने चारों तरफ अँधेरा गर्दिश में हैं सितारे धुंधला गये हों जैसे  दुनिया के सब नज़ारे न खोने का गम है न पाने की चा...  और पढ़ें
2 माह पूर्व
MAN SE- Nitu Thakur
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मै तो तेरा अंश हूँ मैया...नीतू ठाकुर

मै तो तेरा अंश हूँ मैयाकर मुझको स्वीकारमुझे दे जीने का अधिकारन जाने कब क्या हो जायेसोच के मेरा मन घबरायेतुझसे मै कुछ कह ना  पाऊँपर तुझको कैसे समझाऊँमै तो तेरा अंश हूँ मैया.....भूल हुई क्या मै ...  और पढ़ें
2 माह पूर्व
MAN SE- Nitu Thakur
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ज़िंदगी-मौत......नीतू ठाकुर

मौत से पूछा जो हमनेदेर कर दी आते आतेमौत अचरज से निहारेदेख मुझको मुस्कुरातेज़िंदगी ने इस कदरलूटी हमारी ज़िंदगीअब तो दिल करता है हर पलमौत की ही बंदगीज़िंदगी तो ख्वाब हैएक दिन मिट जाएगीमौत है असली...  और पढ़ें
3 माह पूर्व
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