MAN SE- Nitu Thakur की पोस्ट्स

अंतिम इच्छा..... नीतू ठाकुर

विधिना का लेख लिखित ना हो मृत्यू का क्षण अंकित ना हो पर शाश्वत पल हो जीवन का जब जीवन सूर्य उदित ना हो जब त्याग के इस नश्वर तन को मै इस जग से प्रस्थान करूँ तब अंतिम क्षण हे शिव शंकर&nbs...  और पढ़ें
10 घंटे पूर्व
MAN SE- Nitu Thakur
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हमें जहाँ की कहाँ पड़ी है .... नीतू ठाकुर

मरती है तो मर जाने दो हमें जहाँ की कहाँ पड़ी है पागल है लड़की की माँ जो न्याय की खातिर जिद पे अड़ी है शोक प्रदर्शन खत्म हो चुका अब घरवालों को सहने दो प्रेम नगर के वासी हैं हम प्रेम नगर म...  और पढ़ें
3 दिन पूर्व
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3

अपने रक्षण हेतु लो हाथों में तलवार....नीतू ठाकुर

हे मृगनयनी , गजगामिनी, त्याग के तुम श्रृंगार  अपने रक्षण हेतु लो हाथों में तलवारना जाने किस वेश में दुश्मन कर दे घात जैसे माता जानकी फसी दशानन हाथ  मत सोचो रक्षण हेतु श्री रामचंद्र ज...  और पढ़ें
6 दिन पूर्व
MAN SE- Nitu Thakur
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डर व्याप्त सदा हो जिस मन में....नीतू ठाकुर

डर व्याप्त सदा हो जिस मन में,जीवित वो मृतक समान लगे,कुंठा से मन व्याकुल प्रति पल,कैसे सुंदर ये जहान लगे ,भयभीत ह्रदय, विचलित लोचन,कर्तव्य क्षीण हो क्षण प्रति क्षण,सब लुप्त हुए हर गुण-अवगुण,गुणवा...  और पढ़ें
1 सप्ताह पूर्व
MAN SE- Nitu Thakur
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कितना गरूर था मुझे अपनी उड़ान पर...नीतू ठाकुर

कितना गुरूर था मुझे अपनी उड़ान पर पड़ते थे ख्यालों के कदम आसमान पर जब होश संभाला तो कतरे हुये थे पर न जाने कितने पहरे थे मेरी जुबान पर रस्मों रिवायतों में उलझा था इस कदर कुछ वक़्...  और पढ़ें
2 सप्ताह पूर्व
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13

तन्हाईयों में अक्सर.....नीतू ठाकुर

तन्हाईयों में अक्सर तेरा ख्याल आया गुजरे हुए लम्हों ने कितना हमें रुलाया किस्मत में थी तन्हाई मंजूर कर लिया तेरे लिए जहाँ से खुद को दूर कर लिया अपनों से जीतने का टूटा मेरा भरम बनने लग...  और पढ़ें
3 सप्ताह पूर्व
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एहसास कभी शब्दों का मोहताज नहीं होता ....नीतू ठाकुर

एहसास कभी शब्दों का मोहताज नहीं होता ये दुनिया कायम नहीं होती अगर एहसास नहीं होता एहसास बना एक गूढ़ प्रश्न कितना उसको सुलझाएं हर पल होता होता मौजूद मगर वो कभी नजर न आये एहसासों का भंवर ज...  और पढ़ें
4 सप्ताह पूर्व
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13

फिर आ गये वहीँ ..... नीतू ठाकुर

अपने मकान जैसा कोई मकाँ नही निकले थे हम जहाँ से फिर आ गये वहीँ टूटे से झोपड़े में कितना मिला सकूँ छोटा है तो हुआ क्या अपना तो है सही पूरे न होंगे अरमां हमको भी है खबर फिर भी हमारे दिल में ...  और पढ़ें
1 माह पूर्व
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13

उम्मीद मन सम्राट है....नीतू ठाकुर

अंत ही आरंभ है,प्रारंभ करता नवसृजन उद्देश्य की पूर्ति करे, उम्मीद का पुनः जन्म शाश्वत ये सत्य विराठ है, उम्मीद मन सम्राट है आरंभ से पहले है वो , वो अंत के भी बाद है सृष्टि का सृजन हुआ जिस प...  और पढ़ें
1 माह पूर्व
MAN SE- Nitu Thakur
17

आखरी वो सिसकियाँ.....नीतू ठाकुर

रेशमी चादर में लिपटी आखरी वो सिसकियाँ सूखते अश्कों से जाने कितना कुछ कहती रही एक कोना ना मिला छुपने को उसको मौत से आज परछाई से भी डरती रही छुपती रही याद करती परिजनों को वेदना स...  और पढ़ें
1 माह पूर्व
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20

करती निरंतर परिक्रमा ...नीतू ठाकुर

करती निरंतर परिक्रमाक्यों ये धरा अभिशप्त हैकिस आस में अविरल चलेजब की वो मन से विरक्त हैकिस खंत में जलती है वोउसका ह्रदय संतप्त हैज्वालामुखी सी जल रहीकिस भाव में आसक्त हैकोमल ह्रदय पाषाण बनल...  और पढ़ें
1 माह पूर्व
MAN SE- Nitu Thakur
21

मै दर्द की एक परछाई हूँ .....नीतू ठाकुर

मै दर्द की एक परछाई हूँ अश्कों में नहा कर आई हूँ मै भी तन्हा हूँ तेरी तरह इस दुनिया की ठुकराई हूँ इस दिल में छुपी उदासी हूँ मै भी चाहत की प्यासी हूँ अनचाहा सा एहसास हूँ मै फिर भी हर द...  और पढ़ें
2 माह पूर्व
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24

मनमीत मै तेरा गीत बनूँ ....नीतू ठाकुर

मनमीत मै तेरा गीत बनूँ संगीत बने एहसास है मन में बस इतनी सी आस रहूँ मै हर पल तेरे पास दो नैनों की डोली में मै कितने रंग सजा बैठी तेरे प्रीत में ऐसे रंगी सारे रंग भुला बैठी जब तक ...  और पढ़ें
2 माह पूर्व
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19

प्रश्न का उत्तर प्रश्न नही हो सकता है....नीतू ठाकुर

पा लेना ही प्रेम नहीं हो सकता है, सब कुछ खोकर भी क्या प्रेम पनपता है? प्रश्न किया जब जब मेरे मनमीत ने उत्तर देने जन्म लिया एक गीत ने जीवन की परिभाषा क्या है क्योँ जानें ?सत्य असत्य के भेद...  और पढ़ें
2 माह पूर्व
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20

अब नहीं चुभते तेरे शब्दों के तीर ......- नीतू ठाकुर

अब नहीं चुभते तेरे शब्दों के तीरजो दिल को चीरकर लहूलुहान कर देधज्जियाँ उड़ा दे इज्जत कीस्वाभिमान बेजान कर देदफ़न होती सिसकियों काजीना हराम कर देअब नहीं चुभते तेरे शब्दों के तीरजो वजूद मिटाते ...  और पढ़ें
2 माह पूर्व
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17

कैसे समझाएँ.....नीतू ठाकुर

चीरकर पर्बतों को आज चली है मिलने बहती नदिया की रवानी को कैसे समझाएँ खारे सागर से मिलकर खुद को मिटा लेगी वो ऐसी बेखौफ दिवानी को कैसे समझाएँ जनता है वो मगर फिर भी है खामोश अभी आज सागर...  और पढ़ें
2 माह पूर्व
MAN SE- Nitu Thakur
22

इन्द्रधनुष- मधुर मिलन की परछाई..... नीतू ठाकुर

सूरज की प्यासी किरणें जब बारिश से मिलने जाती है और नन्ही नन्ही बूँदों से वो अपनी प्यास बुझाती हैं उस मधुर मिलन की परछाई कुछ ऐसे रंग सजाती है बटती है  सात रंग में वो और इन्द्रधनुष&n...  और पढ़ें
3 माह पूर्व
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17

दुनिया से छुपाऊँ क्यों ?....नीतू ठाकुर

मुकद्दर में भरें हैं ग़म, तो दुनिया से छुपाऊँ क्यों ?मुझे मंजूर है किस्मत, तभी तो अश्क़ ढाऊँ मैतेरी यादों के तकिये को, सिरहाने पे सजाऊँ मै,उन्हीं के दम पे हूँ जिंदा, उन्हें क्यों भूल जाऊँ मै ?बड़ी ब...  और पढ़ें
3 माह पूर्व
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17

"तितली"नन्हे गुलशन की रानी..... नीतू ठाकुर

जल बिन सूख रहा था गुलशन तितली पल पल नीर बहाये जैसे गुलों में प्राण बसे हों ऐसे उनसे लिपटी जाये देख रही हर पल अंबर को शायद जलधारा दिख जाये पर नन्हे गुलशन की रानी जाकर विपदा किसे सुनए...  और पढ़ें
3 माह पूर्व
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18

गणतंत्र दिवस मनाएंगे ... नीतू ठाकुर

हे धन्य धन्य भारत भूमी हम तुम्हें पूजते जाएंगे,  वीर शहीदों को वंदन कर श्रद्धा सुमन चढ़ाएंगे, यह देश तिरंगा हो जाये हम इतने ध्वज फहराएंगे, इस हिंद देश की महिमा को द्विगुणित आज बनाएंगे,&nbs...  और पढ़ें
3 माह पूर्व
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17

"बसंत"देखो ऋतूराज का आगमन हो गया....नीतू ठाकुर

इंद्रधनुषी ह्रदय का गगन हो गया देखो ऋतूराज का आगमन हो गया सारी मायूसियाँ अब विदा हो गई मातमी सारा मंजर फ़ना हो गयाघाव पतझड़ के फिर सारे भरने लगे खुशनुमा आज सारा चमन हो गया इंद्रधनुषी ...  और पढ़ें
3 माह पूर्व
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17

आज भी माँ क़ब्र से लोरी सुनाती है मुझे....नीतू ठाकुर

सो रही है प्यार से मिट्टी की चादर ओढ़कर आज भी माँ क़ब्र से लोरी सुनाती है मुझे दूर अंबर में  बसेरा है मेरे माँ का मगर आज भी वो दिल के कोने में बसाती है मुझेभूख से बेज़ार होकर जब पुकारा है उसेभ...  और पढ़ें
3 माह पूर्व
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18

फर्क नहीं पड़ता है कोई करते रहो बवाल ...नीतू ठाकुर

त्राहि त्राहि करती है जनता देश  का बुरा हाल,फिर भी देश के सारे नेता लगते हैं खुशहाल,पूँजीपती  के हाथों में है देश का सारा माल,फिर भी गूँगी बहरी जनता करती नहीं सवाल,फर्क नहीं पड़ता है कोई कर...  और पढ़ें
3 माह पूर्व
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17

इजहार....नीतू ठाकुर

हाथ में हथकड़ी पाओं में बेड़ियाँ मै मोहब्बत में तेरे गिरफ़्तार हूँजिसको बरसों तलाशा है दिल ने तेरे सामने तेरे हमदम वही प्यार हूँ जीत कर दिल मेरा मुस्कुराये थे तुम जो बचा न सकी दिल वही हा...  और पढ़ें
3 माह पूर्व
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17

ज़िंदगी के पास एक उम्मीद होनी चाहिए.....नीतू ठाकुर

गर्म बिस्तर में सुनहरे ख्वाब बुनता है जहाँ सरहदों पर जान की बाजी लगाते नौजवान  जागते है रात भर की जान बचनी चाहिए दुश्मनों से धरती माँ की आन बचनी चाहिए बेरहम मौसम हुआ तो चल पड़ी कातिल हव...  और पढ़ें
3 माह पूर्व
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17

तेरे जाने के बाद ....नीतू ठाकुर

क्या जी उठूंगी तेरे आँसुओं से क्या खेल पाओगे कभी मेरे गेसुओं सेढूंढ़ने निकले हो हमको दफ़न हो जाने के बाद निशान नहीं मिलते है साहब दिल जलाने के बादमुद्दतों तेरी याद में तड़पता रहा है दिल वक़्...  और पढ़ें
3 माह पूर्व
MAN SE- Nitu Thakur
18

किसी ने ज़िंदगी गँवाई थी ...नीतू ठाकुर

खून से लथपथ बेजान जिस्म रास्ते के किनारे पड़ा था मंजर बता रहा था वो मौत से लड़ा था टूटे हुए जिस्म के बिखरे हुए हिस्से कांच के टुकड़ों की तरह बेबस पड़े थे बहता हुआ लहू चीख चीख  कर दे रहा थ...  और पढ़ें
3 माह पूर्व
MAN SE- Nitu Thakur
17

जब तक मेरा दर्द बिकता रहा... नीतू ठाकुर

जब तक मेरा दर्द बिकता रहा मै अश्कों की स्याही से लिखता रहा डर लगता था कहीं बेमोल न हो जाऊँ इसलिए यादों की चक्की में पिसता रहा जाता रहा दफ़न यादों के बेदर्द शहर में जहाँ का हर पल मुझे ...  और पढ़ें
4 माह पूर्व
MAN SE- Nitu Thakur
17

क्या पत्थर ही बन जाओगे ....नीतू ठाकुर

 सूखे पत्ते बंजर धरती क्या नजर नहीं आती तुमको ये बेजुबान भूखे प्यासे क्या खुश कर पायेंगे तुमको हे इंद्रदेव, हे वरुणदेव किस भोग विलास में खोये हो या किसी अप्सरा की गोदी में सर रखक...  और पढ़ें
4 माह पूर्व
MAN SE- Nitu Thakur
19

तुम्हें मेरी याद आयेगी न ?...नीतू ठाकुर

सच कहो तुम्हें मेरी याद आयेगी न ?मेरे साथ हर पल जिया है तूने तेरे गम और ख़ुशी का साक्षीदार हूँ मै आज आकर इस आखरी मक़ाम पर बहुत बेबस और लाचार हूँ मै मिटना ही मुकद्दर था चंद सांसे ही बची हैं ...  और पढ़ें
4 माह पूर्व
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