Nazariya Now की पोस्ट्स

डॉलर अंडरवियर नहीं अमरीकी डॉलर महंगा हुआ है, 72.55 रु का हो गया है - ✍ रवीश कुमार

सोमवार को 12 बज कर 03 मिनट पर डॉलर ने भारतीय रुपये को फिर धक्का दिया है. इस समय पर रुपये का भाव ऐतिहासिक रूप से नीचे चला गया. एक डॉलर 72 रुपये 55 पैसे का हो गया. वाकई अब श्री श्री रविशंकर से कहना होगा कि व...  और पढ़ें
1 माह पूर्व
Nazariya Now
0

नज़रिया - नाम बदलने की राजनीति

मशहूर लेखक व नाटककार विलियम शेक्सपियर ने कहा था ''नाम में क्या रखा है'' लेकिन पिछले कुछ वक़्त से हमारे देश के नेताओं को लग रहा जैसे नाम में ही सबकुछ रखा है। सारे ज़रूरी मुद्दों को दरकिनार करके सि...  और पढ़ें
1 माह पूर्व
Nazariya Now
0

मेच फिक्सिंग (लघुकथा) - लेखक : डॉ. चंद्रेश कुमार छतलानी

"सबूतों और गवाहों के बयानों से यह सिद्ध हो चुका है कि वादी द्वारा की गयी 'मेच फिक्सिंग'की शिकायत सत्य है, फिर भी यदि प्रतिवादी अपने पक्ष में कुछ कहना चाहता है तो न्यायालय उसे अपनी बात रखने का अधि...  और पढ़ें
2 माह पूर्व
Nazariya Now
0

साक्षात्कार भाग 02 : 'कौवों का हमला'उपन्यास लेखक श्री अजय कुमार सिंह 'रावण

'कौवों का हमला'उपन्यास लिखने के बाद टेलीविज़न जगत के जाने माने लेखक अजय कुमार सोशल मीडिया पर सक्रीय हैं। इस माध्यम से अजय जी अधिक से अधिक साहित्य प्रेमियों तक पहुँचने का प्रयास कर रहे हैं। इसी ...  और पढ़ें
2 माह पूर्व
Nazariya Now
0

परसाई होते तो क्या मॉब लिंचिंग से, आवारा भीड़ के खतरों से बच पाते? ✍ प्रियदर्शन

हरिशंकर परसाई खुशकिस्मत थे कि 1995 में ही चले गए. अगर आज होते तो या तो मॉब लिंचिंग के शिकार हो गए होते या फिर जेल में सड़ रहे होते या फिर देशद्रोह के आरोप में मुक़दमा झेल रहे होते. आवारा भीड़ के ख़तर...  और पढ़ें
2 माह पूर्व
Nazariya Now
0

यादों में कुलदीप नैयरः शमा हर रंग में जलती है सहर होने तक... ✍ रवीश कुमार

मिर्ज़ा ग़ालिब की शमा की तरह कुलदीप नैयर हर लौ में तपे हैं, हर रंग में जले हैं. शमा के जलने में उनका यक़ीन इतना गहरा था कि 15 अगस्त से पहले की शाम वाघा बॉर्डर पर मोमबत्तियां जलाने पहुंच जाते थे. उस...  और पढ़ें
2 माह पूर्व
Nazariya Now
0

यादों में कुलदीप नैयरः शमा हर रंग में जलती है सहर होने तक... - ✍ रवीश कुमार

मिर्ज़ा ग़ालिब की शमा की तरह कुलदीप नैयर हर लौ में तपे हैं, हर रंग में जले हैं. शमा के जलने में उनका यक़ीन इतना गहरा था कि 15 अगस्त से पहले की शाम वाघा बॉर्डर पर मोमबत्तियां जलाने पहुंच जाते थे. उस ...  और पढ़ें
2 माह पूर्व
Nazariya Now
0

साक्षात्कार : "कौवों का हमला"उपन्यास और भारतीय टेलीविज़न जगत के प्रख्यात लेखक श्री अजय कुमार सिंह 'रावण'से कुछ बातें। भाग #01 साक्षात्कारकर्ता - मोहित शर्मा 'ज़हन'

 "कौवों का हमला"उपन्यास और भारतीय टेलीविज़न जगत के प्रख्यात लेखक श्री अजय कुमार सिंह 'रावण'  से कुछ बातें। भाग #01 साक्षात्कारकर्ता - मोहित शर्मा 'ज़हन'सवाल 1 : अपने बारे में कुछ बतायें। जवाब : मै...  और पढ़ें
2 माह पूर्व
Nazariya Now
0

आज़ादी के 7 दशक बाद कितने आज़ाद हैं हम ?

भारत को आज़ाद हुए 71  साल हो गए हैं इस साल हम आज़ादी के 72 वें वर्ष में प्रवेश कर रहे हैं।  लम्बे वक़्त तक ब्रिटिश हुकूमत की गुलामी के बाद 15 अगस्त 1947 को देश को आज़ादी मिली।  देश की आज़ादी के लिए, अपने स...  और पढ़ें
2 माह पूर्व
Nazariya Now
0

नज़रिया - भीड़ द्वारा हत्यायें - Mob Lynching

देश में पिछले कुछ समय से एक अजीब सा माहौल बनता जा रहा है।  हर महीने कुछ ऐसी ख़बरें सुनने-पड़ने को मिल रही हैं जिसमे देश में कहीं भी भीड़ द्वारा एक बेगुनाह की इंसान पीट पीटकर हत्या कर दी जाती है। ...  और पढ़ें
3 माह पूर्व
Nazariya Now
0

नज़रिया - एक देश एक चुनाव - One Nation One Election

भारत  में काफी समय से चुनाव सुधार की बात की जा रही है। देश में पुरे साल किसी न किसी प्रकार के चुनाव होते रहते हैं ।  हर 5 साल में लोकसभा चुनाव, अलग अलग राज्यों में विधानसभा चुनाव, कभी लोकसभा उप...  और पढ़ें
3 माह पूर्व
Nazariya Now
0

विजेता - कहानी लिखो प्रतियोगिता - Freelance Talents Championship 2018

कहानी को ज़हन में उमड़ते असंख्य विचारों का ऐसा अर्क कहा जा सकता है जो सीधे मन पर मरहम की तरह काम करती है। कभी किसी भावना को जगाती तो कभी कोई नया एहसास करवाती। जहाँ इंटरनेट ने कई लेखकों को बड़ा मंच ...  और पढ़ें
4 माह पूर्व
Nazariya Now
0

मानव ज्ञान का चरित्र और विकास ✍ सनी

इंसान ने अपने जीवन की संघर्षपूर्ण यात्रा की शुरुआत आज से लगभग 2,50,000 साल पहले की थी। उसने इस दौरान धरती पर हो रही अद्भुत गतिमान परिघटनाओं को समझा, उनमें से कुछ को अपने काबू में करना सीखा है। समुद...  और पढ़ें
4 माह पूर्व
Nazariya Now
0

Comics Theory Ghosts of India - Horror Comics Anthology

कॉमिक्स थ्योरी Ghosts of India - Horror Comics Anthology का पहला इशू दिल्ली में Indie Comix  Fest में रिलीज़ किया गया है। कॉमिक्स थ्योरी  में भारतीय भूत-प्रेत की कहानियां को कॉमिक्स के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है।  कॉमि...  और पढ़ें
5 माह पूर्व
Nazariya Now
6

भारतीय कॉमिक्स संसार के पितामह स्व. श्री प्राण कुमार शर्मा

भारतीय कॉमिक्स जगत  में  स्व. श्री प्राण कुमार शर्मा जी का नाम पूरे सम्मान के साथ लिया जाता है। प्राण जी के बनाये कॉमिक्स कैरेक्टर्स आज भी लोगों के दिलों में बसे हुए हैं। प्राण जी के बनाये क...  और पढ़ें
5 माह पूर्व
Nazariya Now
6

विश्व तंबाकू निषेध दिवस 31 मई - World No Tobacco Day 31st May

31 मई का दिन पूरी दुनिया में विश्व तंबाकू निषेध दिवस के रूप में मनाया जाता है।  तम्बाकू एक धीमा जहर है जो व्यक्ति को धीरे धीरे करके मौत के मुँह मे धकेलता रहता है। लोग जाने अनजाने मे या सिर्फ शौ...  और पढ़ें
5 माह पूर्व
Nazariya Now
13

सफरनामा - लेखक आबिद रिज़वी साहब - भाग - 6

मैंने जाना अकरम ‘इलाहाबादी’ एम.एल. पाण्डेय तथा तीरथराम ‘फीरोजपुरी’उस दौर के लेखकों में अकरम ‘इलाहाबादी’ , एमएल, पाडेय, तीरथराम ‘फीरोजपुरी’ पूर्व में मैं लिख न सका; भूलने जैसी बात नहीं, अनभिज...  और पढ़ें
5 माह पूर्व
Nazariya Now
3

Operation 136 - मीडिया का लालची चेहरा बेनक़ाब

मीडिया को लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ माना जाता है।  देश और समाज के निर्माण में मीडिया की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण होती है। मीडिया (इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट)  का काम सिर्फ जनता सही और निष्पक्ष त...  और पढ़ें
5 माह पूर्व
Nazariya Now
4

भाग - 5 - सफरनामा - लेखक आबिद रिज़वी साहब

विलक्षणता की अगली झलकपहली सिटिंग 9 से 12 के बीच सोलह पेज तैयार हुए यानि एक फार्म। सात फार्म के छपने वाले नाॅवल का 1/7 भाग पहली सिटिंग में। भोजनावकश। खाना घर से आया था। मेरे लिए भी मंगवाया गया था। ...  और पढ़ें
5 माह पूर्व
Nazariya Now
4

जागरूकता के आभाव में देश में बढ़ता जालसाज़ी का कारोबार

कुछ समय पहले एक मोबाइल कंपनी मात्र 251 रू. में स्मार्टफोन देने का दावा करके रातों रात चर्चा का विषय बन जाती है। प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रानिक मीडिया, सोशल मीडिया से लेकर आम जनता तक हर कहीं उस मोबा...  और पढ़ें
5 माह पूर्व
Nazariya Now
8

सफरनामा - लेखक आबिद रिज़वी साहब - भाग - 4

सैयद मुजाविर हुसैन रिज़वी उर्फ मुज्जन साहब, पेन नेम ‘इब्ने सईद’, पश्ताकद, साधारण डील-डौल के, पर होंठों पर हर क्षण मुस्कान समेटे रहने वाले ऐसे इंसान, जिनके पास काबलियत का अथाह खाजाना हिलोरे मारत...  और पढ़ें
5 माह पूर्व
Nazariya Now
14

भाग -3 : लेखक आबिद रिज़वी साहब का साठ सालों का सफरनामा उन्हीं की ज़ुबानी

प्यारे लाल ‘आवारा’ की शरण में इण्टर की परीक्षा देने के बाद, गर्मियों की छुट्टी तक किसी नामवर लेखक से ज्ञान हासिल करने की पिपासा में मैं एक सुबह, मई माह सन् 60 में जा पहुंचा मुट्ठी गंज, बिरहाना र...  और पढ़ें
5 माह पूर्व
Nazariya Now
7

राज्यपाल वजूभाई वाला ने खुद को आदर्श राज्यपाल साबित करने का मौक़ा खो दिया

कर्नाटक में चुनाव परिणाम आने के बाद से चल रहे राजनैतिक घटनाक्रम का आखिरकार पटाक्षेप हो ही गया। बहुमत के लिए ज़रूरी आंकड़े तक न पहुँचने के कारण येदियुरप्पा ने बहुमत परीक्षण से पहले ही इस्तीफा द...  और पढ़ें
5 माह पूर्व
Nazariya Now
5

भाग -2 : लेखक आबिद रिज़वी साहब का साठ सालों का सफरनामा उन्हीं की ज़ुबानी - लेखक : आबिद रिज़वी

लुगदी साहित्य का नामकरण-जब जासूसी-सामाजिक, जन साहित्य के रूप में चलन में आ रहे थे तो उनकी कम कीमत और जन-सामान्य तक पहुंच बनाने की लोकप्रियता ने उन्हें ‘सस्ता साहित्य’ नाम दिया गया। सस्ता साहित...  और पढ़ें
5 माह पूर्व
Nazariya Now
10

लेखक आबिद रिज़वी साहब का साठ सालों का सफरनामा उन्हीं की ज़ुबानी - लेखक : आबिद रिज़वी (भाग -1)

क्यों आम जन में पढ़ी जाने वाली पुस्तकें लुगदी साहित्य कहलाती है?इलाहाबाद के प्रकाशन संस्थान और लेखक बंधुओं का साथ।आइए आपको ले चलते हैं अब से 60 साल पहले की दुनिया में। सन् 1958 का दौर! मैं उम्र के 16व...  और पढ़ें
5 माह पूर्व
Nazariya Now
7

हट जा रे खड़ूस (कहानी) - लेखक : क़ैस जौनपुरी

मुम्बई सेंट्रल. यात्रीगण अपनी-अपनी ट्रेन के आने के इन्तज़ार में बैठे हैं. कुछ को ट्रेन पकड़ के कहीं जाना है. और कुछ, किसी के आने का इन्तज़ार कर रहे हैं. सुबह-सुबह शोर थोड़ा कम है. लोग भी कम हैं. कुली लोग...  और पढ़ें
5 माह पूर्व
Nazariya Now
5

नेशनल टेक्नोलॉजी डे 11 मई - 11 May National Technology Day

11 मई  1998 को भारत ने अपना दूसरा सफल परमाणु परीक्षण पोखरण (राजस्थान) में किया था।  यह सफल परीक्षण टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में भारत की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि थी।  इस उपलब्धि के कारण 11 मई को राष्...  और पढ़ें
5 माह पूर्व
Nazariya Now
3

परमवीर कंपनी क्वार्टर मास्टर हवलदार अब्दुल हमीद ✍ आलेख : प्रेम प्रकाश - Paramveer Abdul Hameed

कारे और जीपे तो हजार देखी होगी आपने पर ये जीप नही देखी होगी। कभी नही देखी होगी। लेकिन ठीक है, नही देखी तो नही देखी, ऐसा क्या खास है इस जीप मे ! खास है साहब, बहुत खास है। आज हमारे जिले मे तो इस जीप को ...  और पढ़ें
6 माह पूर्व
Nazariya Now
3

पुस्तक समीक्षा - शोरूम में जननायक - व्यंग्य संग्रह - Showroom Men Jannayak

''शोरूम में जननायक''लेखक अनूप मणि त्रिपाठी जी का एक लाजवाब व्यंग्य संग्रह हैं।  उनकी इस किताब में एक से बढ़कर एक व्यंग्य हैं।  हर व्यंग्य अपने आप में अनूठा और लाजवाब।  लेखक अनूप जी के लिखने ...  और पढ़ें
6 माह पूर्व
Nazariya Now
3

पुस्तक समीक्षा : शिवगामी कथा - बाहुबली आरम्भ से पूर्व - The Rise of Sivagami Hindi

अगर आपको बताया जाये की कटप्पा के पिता का नाम ''मलयप्पा''था और कटप्पा का एक छोटा भाई भी था जिसका नाम ''शिवप्पा''था तो शायद आपको यक़ीन नहीं होगा क्योंकि बाहुबली फिल्म के दोनों पार्ट में ऐसा कुछ बताया...  और पढ़ें
6 माह पूर्व
Nazariya Now
3
Postcard
फेसबुक द्वारा लॉगिन  
हो सकता है इनको आप जानते हो!  
vikas kumar
vikas kumar
begusarai,India
Hr Gurjar
Hr Gurjar
Nagoir,India
ANKUR DWIVEDI
ANKUR DWIVEDI
KANPUR,India
Suraj pratap
Suraj pratap
Varanasi,India
Digvij Borda
Digvij Borda
Surat,India
sakhi
sakhi
greater noida,India