डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक
उच्चारण की पोस्ट्स

गीत "दीप खुशियों के जलें" (डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री ‘मयंक’)

आओ फिर से हम नये, उपहार की बातें करेंप्यार का मौसम है, आओ प्यार की बातें करें।नेह की लेकर मथानी, सिन्धु का मन्थन करें,छोड़ कर छल-छद्म, कुछ उपकार की बातें करें।आस का अंकुर उगाओ, दीप खुशियों ...  और पढ़ें
7 घंटे पूर्व
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दोहे "सबको दो उपहार" (डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

दीपक जलता है तभी, जब हो बाती-तेल।खुशिया देने के लिए, चलता रहता खेल।१।--तम को हरने के लिए, खुद को रहा जलाय।दीपक काली रात को,  आलोकित कर जाय।२।--झिलमिल-झिलमिल जब जलें, दीपक एक कतार।तब बिजली की झालर...  और पढ़ें
1 दिन पूर्व
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गीत "नन्हें दीप जलायें हम" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

दीवाली पर आओ मिलकर, नन्हें दीप जलायें हमघर-आँगन को रंगोली से, मिलकर खूब सजायें हमआओ स्वच्छता के नारे कोदुनिया में साकार करें चीन देश की चीजों कोहम कभी नहीं स्वीकार करेंछोड़ साज-संगीत व...  और पढ़ें
2 दिन पूर्व
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गीत "मिट्टी के ही दिये जलाना" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

मित्रों!पिछले वर्ष 16 अक्तूबर, 2016 कोनिम्न गीत लिखा था,परन्तु इस गीत की कुछ पंक्तियों मेंथोड़ा बदलाव करकेबहुत से लोगों ने इस गीत कोअपने नाम से यू-ट्यूब परलगा दिया है।देश के धन को देश में रखना,बहा ...  और पढ़ें
3 दिन पूर्व
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गीत "पथ का निर्माता हूँ" (डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

जिनका पेटभरा हो उनको, भोजन नहीं कराऊँगा।जिस महफिल में उल्लू बोलें, वहाँ नहीं मैं गाऊँगा।।महाइन्द्र की पंचायत में, भेदभाव की है भाषा,अपनो की महफिल में, बौनी हुई सत्य की परिभाषा,ऐसे सम्मेलन में,...  और पढ़ें
3 दिन पूर्व
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ग़ज़लिका "उलझे हुए सवालों में" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

उग आये शैवाल गाँव के तालों मेंपेंच फँसें हैं उलझे हुए सवालों मेंकरूँ समर्पित कैसे गंगा जल को अबनकली सूरज हँसता खूब उजालों मेंगोशालाएँ सिसक-सिसक दम तोड़ रहींभरा हुआ है दोष हमारे ग्वालों मेंद...  और पढ़ें
4 दिन पूर्व
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दोहे "फीके सब त्यौहार" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

आज अहोई-अष्टमी, दिन है कितना खास।जब तक माँ जीवित रही, रखती थी उपवास।।वो घर स्वर्ग समान है, जिसमें माँ का वास।अब मेरा माँ के बिना, मन है बहुत उदास।।बचपन मेरा खो गया, हुआ वृद्ध मैं आज।सोच-समझकर ...  और पढ़ें
5 दिन पूर्व
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दोहे "चलना कछुआ चाल" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

उपवन में काँटे उगे, चलना कदम सम्भाल।प्यार-प्रीत की राह में, चलना कछुआ चाल।।चारों ओर बिछा हुआ, बहेलियों का जाल।थर्राता है गात तब, जब आता भूचाल।।भट्टी में तपकर बने, लोहा भी फौलाद।सुख-दुख दोनों ...  और पढ़ें
5 दिन पूर्व
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प्रकाशन-जय विजय "सपनों की मत बात करो"

सम्बन्धों की दुनियादारी,अनुबन्धों की बात करो।सपने कब अपने होते हैं,सपनों की मत बात करो।।लक्ष्य नहीं हो जिन राहों में,कभी न उन पर कदम धरो,जिनसे औंधे मुँह गिर जाओ,ऐसी नहीं उड़ान भरो,रंग-बिरंगी इ...  और पढ़ें
5 दिन पूर्व
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दोहागीत "बेटों जैसे दीजिए, बेटी को अधिकार" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

बेटी से आबाद हैं, सबके घर-परिवार।बेटों जैसे दीजिए, बेटी को अधिकार।।दुनिया में दम तोड़ता, मानवता का वेद।बेटा-बेटी में बहुत, जननी करती भेद।।बेटा-बेटी के लिए, हों समता के भाव।मिल-जुलकर म...  और पढ़ें
6 दिन पूर्व
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दोहे "रहे न खाली हाथ" (डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

त्यौहारों पर किसी का, रहे न खाली हाथ।पञ्च पर्व दीपावली, लाती अपने साथ।।नौ दिन ही नवरात्र के, होते पुत्री पर्व।देवी हैं सब बेटियाँ, जिन पर हमको गर्व।।विजय पर्व के बाद में, लोग हुए निःशंक।अँ...  और पढ़ें
7 दिन पूर्व
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दोहे "सालों का आकार" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री ‘मयंक’)

अपनी सजनी से अगर, पाना चाहो प्यार।जीवनभर करते रहो, सालों की मनुहार।।होते हैं ससुराल का, साले ही आधार।समय-समय पर बाँटिए, सालों को उपहार।।घर का हो गर चाहते, आप शान्त परिवेश।धन पर करने दीजिए, निज स...  और पढ़ें
1 सप्ताह पूर्व
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प्रकाशन-शैलसूत्र "प्राणों से प्यारा वो अपना वतन"

जिसकी माटी में चहका हुआ है सुमन,मुझको प्राणों से प्यारा वो अपना वतन।जिसकी घाटी में महका हुआ है पवन,मुझको प्राणों से प्यारा वो अपना वतन।जिसके उत्तर में अविचल हिमालय खड़ा,और दक्षिण में फैला है ...  और पढ़ें
1 सप्ताह पूर्व
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दोहे "सबका अटल सुहाग" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री ‘मयंक’)

मेरी माता जी रहीं, जब तक मेरे साथ।रहता था मेरे सदा, सिर पर उनका हाथ।१।माता ने सिखला दिये, बहुओं को सब ढंग।सीख गयीं बहुएँ सभी, त्यौहारों के रंग।२।करवा पूजन की कथा, जब भी आती याद।पति की लम्बी उमर क...  और पढ़ें
1 सप्ताह पूर्व
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गीत "जिन्दगी भर सलामत रहो साजना" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री ‘मयंक’)

कर रही हूँ प्रभू से यही प्रार्थना।जिन्दगी भर सलामत रहो साजना।।चन्द्रमा की कला की तरह तुम बढ़ो,उन्नति की सदा सीढ़ियाँ तुम चढ़ो,आपकी सहचरी की यही कामना।जिन्दगी भर सलामत रहो साजना।।आभा-शो...  और पढ़ें
1 सप्ताह पूर्व
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दोहे "साली रस की खान" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

सम्बन्धों का है यहाँ, अजब-गजब संसार।घरवाली से भी अधिक, साली से है प्यार।।--अपनी बहनों से नहीं, करते प्यार-अपार।किन्तु सालियों से करें, प्यारभरी मनुहार।।--जीजा-साली का बहुत, होता नाता खास।जिनके ...  और पढ़ें
2 सप्ताह पूर्व
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दोहे "मुखपोथीःसभी तरह के लोग" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

फेसबुक (मुखपोथी)“रूप”-शब्द-का हो रहा, यहाँ सुखद संयोग।मुख-पोथी पर आ गये, सभी तरह के लोग।।--निर्भय हो विचरण करें, तीतर और बटेर।एक घाट पर पी रहे, पानी, बकरी-शेर।।--आभासी संसार है, आभासी सम्बन्ध।मिलन...  और पढ़ें
2 सप्ताह पूर्व
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दोहे "उज्जवल-धवल मयंक" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री ‘मयंक’)

अमृत वर्षा कर रही, शरदपूर्णिमा रात।आज अनोखी दे रहा, शरदचन्द्र सौगात।।खिला हुआ है गगन में, उज्जवल-धवल मयंक।नवल-युगल मिलते गले, होकर आज निशंक।।निर्मल हो बहने लगा, सरिताओं में नीर।मन्द-मन्द चलन...  और पढ़ें
2 सप्ताह पूर्व
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गीत "भक्तों के अधिकार में" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

बात करते हैं हम पत्थरों से सदा,हम बसे हैं पहाड़ों के परिवार में।प्यार करते हैं हम पत्थरों से सदा,ये तो शामिल हमारे हैं संसार में।।देवता हैं यही, ये ही भगवान हैं,सभ्यता से भरी एक पहचान हैं,हमने इ...  और पढ़ें
2 सप्ताह पूर्व
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दोहागीत "गुरू ज्योति का पुंज" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

यज्ञ-हवन करके करो, गुरूदेव का ध्यान।जग में मिलता है नहीं, बिना गुरू के ज्ञान।। (१)भूल गया है आदमी, ऋषियों के सन्देश।अचरज से हैं देखते, ब्रह्मा-विष्णु-महेश।गुरू-शिष्य में हो सदा, श्रद्धा-प्या...  और पढ़ें
2 सप्ताह पूर्व
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बालकविता "छुक-छुक करती आती रेल" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

धक्का-मुक्की रेलम-पेल।आयी रेल-आयी रेल।।इंजन चलता सबसे आगे।पीछे -पीछे डिब्बे भागे।।हार्न बजाता, धुआँ छोड़ता।पटरी पर यह तेज दौड़ता।।जब स्टेशन आ जाता है।सिग्नल पर यह रुक जाता है।।जब तक बत्ती ला...  और पढ़ें
2 सप्ताह पूर्व
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बालकविता "छाते" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

धूप और बारिश से,जो हमको हैं सदा बचाते।छाया देने वाले ही तो,कहलाए जाते हैं छाते।। आसमान में जब घन छाते,तब ये हाथों में हैं आते।रंग-बिरंगे छाते ही तो,हम बच्चों के मन को भाते।। तभी अचानक आसमा...  और पढ़ें
2 सप्ताह पूर्व
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दोहे "गाँधी जी का चित्र" (डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

बापू जी का जन्मदिन, देता है सन्देश।रहे नहीं अब देश में, दूषित सा परिवेश।।साफ-सफाई पर रहे, लोगों का अब ध्यान। होगा सारे जगत में, अपना देश महान।।कभी नहीं पनपे यहाँ, छुआ-छूत का बीज।सभी मनाये प...  और पढ़ें
2 सप्ताह पूर्व
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दोहे "अनुबन्धों का प्यार" (डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

हिन्दी पखवाड़ा गया, गया दिलों से जोश।अंगरेजी के सामने, हिन्दी है खामोश।।पर्व दशहरा पर जले, पुतले लाख-हजार।मन के रावण को नहीं, लोग सके हैं मार।।सम्बन्धों में है भरा, अनुबन्धों का प्यार।परम्पर...  और पढ़ें
2 सप्ताह पूर्व
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दोहे "दुष्ट हो रहे पुष्ट" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

लोग समझते हैं यही, दशकन्धर था दुष्ट।लेकिन कलि के काल में, दुष्ट हो रहे पुष्ट।।--रावण युग में था नहीं, इतना पापाचार।वर्तमान में है नहीं, लोगों में आचार।।--सत्य आचरण को दिया, लोगों ने अब छोड़।क...  और पढ़ें
2 सप्ताह पूर्व
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जन्मदिवस का गीत "तीस सितम्बर" (डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

एक साल में एक बार जब,तीस सितम्बर आता है।आज तुम्हारे जन्मदिवस को,घर-परिवार मनाता है।।अमर भारती नाम तुम्हारा,सारे जग से न्यारी हो।सहनशीलता की मूरत तुम,तुम सुवास की क्यारी हो।मेरा और तुम्हारा स...  और पढ़ें
3 सप्ताह पूर्व
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दोहागीत "होगा क्या उद्धार"

विजय सत्य की हो तभी, झूठ जाय जब हार।कुछ पुतलों के दहन से, होगा क्या उद्धार।।नकली तीर-कमान पर, लोग कर रहे गर्व।सिमटा पुतला दहन तक, विजयादशमी पर्व।।चाल-चलन का रूप तो, बहुत हुआ विकराल।अपने बिल ...  और पढ़ें
3 सप्ताह पूर्व
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दोहे "माता सबके साथ" (डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

--जन्म हिमालय पर लिया, नमन आपको मात।शैलसुता के नाम से, आप हुईं विख्यात।। कठिन तपस्या से मिला, ब्रह्मचारिणी नाम।तप के बल से पा लिया, शिवशंकर का धाम।। चन्द्र और घंटा रहे, जिनके हरदम पास।घंटाध्...  और पढ़ें
3 सप्ताह पूर्व
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दोहे "जग में माँ का नाम" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

देते शिक्षा जगत को, माता के नव रूप।सबको रहना चाहिए, माता के अनुरूप।।माता के उपकार का, कैसे करूँ बखान। प्रतिदिन होना चाहिए, माता का सम्मान।।ममता का पर्याय है, जग में माँ का नाम।माँ की पूजा स...  और पढ़ें
3 सप्ताह पूर्व
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दोहे "हरकत हैं नापाक" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

देख रहा करतूत को, होकर मूक जहान।पाल रहा आतंक को, कैसे पाकिस्तान।।--भारत में पकड़े गये, पाकिस्तानी दूत।राष्ट्रसंघ को चाहिएँ, कितने और सबूत।।--इतने पर भी बोलता, पाक झूठ पर झूठ।जब अच्छा माहौल हो, त...  और पढ़ें
3 सप्ताह पूर्व
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