डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक
सृजन मंच ऑनलाइन की पोस्ट्स

कहानी माधवी की – नारी की महत्ता या यौन शोषण - एक पौराणिक कथा----डा श्याम गुप्त...

कहानी माधवी की – नारी की महत्ता या यौन शोषण - एक पौराणिक कथा----                 \\                 बुराइयां मानव का एक स्वाभाविक भाव है वे समाज में सदैव स...  और पढ़ें
2 दिन पूर्व
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राष्ट्रीय पुस्तक मेले में दिनांक १९-८-१७ शनिवार को-लेखक से मिलिए कार्यक्रम..डा श्याम गुप्त

राष्ट्रीय पुस्तक मेले में दिनांक १९-८-१७---\\राष्ट्रीय पुस्तक मेले में दिनांक १९-८-१७ शनिवार कोलेखक से मिलिए कार्यक्रम में पाठक साहित्यभूषण साहित्याचार्य श्री डा रंगनाथ मिश्र सत्य, महाकवि सा...  और पढ़ें
3 दिन पूर्व
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'नवसृजन'साहित्यिक संस्था का नवाँ वार्षिकोत्सव---डा श्याम गुप्त को 'साहित्याचार्य '.की उपाधि

श्रीमती उषा सिन्हा जी को माल्यार्पण करती हुई सुषमा गुपता                                                       दिनांक 13/08/2017 क...  और पढ़ें
6 दिन पूर्व
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श्रीकृष्ण--त्रिगुणात्मक प्रकृति से प्रकट होती चेतना सत्ता---डा श्याम गुप्त...

    कृष्ण जन्माष्टमी पर विशेष------ \\श्रीकृष्ण--त्रिगुणात्मक प्रकृति से प्रकट होती चेतना सत्ता--- \श्रीकृष्ण आत्मतत्व के मूर्तिमान रूप हैं। मनुष्य में इस चेतन तत्व का पूर्ण विकास आत्मतत्व क...  और पढ़ें
1 सप्ताह पूर्व
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श्याम सवैया छंद--- निज हाथ में प्यारा तिरंगा उठाए--डा श्याम गुप्त....

                                   भारत जैसे विश्व के प्राचीनतम देश जो विश्व में अग्रणी देश था , उसकी गौरव गाथा आज हम व हमारी वर्त्तमान पीढ़ी भूल चुक...  और पढ़ें
1 सप्ताह पूर्व
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कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर दो पद----- डा श्याम गुप्त

कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर दो पद-----\\१.ब्रज की भूमि भई है निहाल |सुर गन्धर्व अप्सरा गावें नाचें दे दे ताल |जसुमति द्वारे बजे बधायो, ढफ ढफली खडताल |पुरजन परिजन हर्ष मनावें जनम लियो नंदलाल |आशिष दे...  और पढ़ें
1 सप्ताह पूर्व
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ज़िन्दगी--गज़ल ---डा श्याम गुप्त

ज़िन्दगी--गज़लराहोंकेरंगन जीसके,कोईज़िन्दगीनहीं।यूहींचलतेजानादोस्त, कोईज़िन्दगीनहीं।कुछपलतोरुककेदेखले, क्याक्याहैराहमें,यूहींराहचलतेजानाकोईज़िन्दगी नहीं।चलने काकुछतोअर्थह...  और पढ़ें
2 सप्ताह पूर्व
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३० वर्ण की दो घनाक्षरी-----सूर घनाक्षरी...व श्याम-घनाक्षरी....डा श्याम गुप्त ...

                       ३० वर्ण की दो घनाक्षरी-----सूर घनाक्षरी...व श्याम-घनाक्षरी.......  \\१. श्याम-घनाक्षरी, ...वर्ण- १६-१४ ..८ ८, ७ ७ पर यति, अंत में तीन गुरु (sssमगण)-- \बहु भांति प...  और पढ़ें
2 सप्ताह पूर्व
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श्याम स्मृति-१२६. --- काव्य -- मानवीय सृजन में सर्वाधिक महत्वपूर्ण – डा श्याम गुप्त

-----श्याम स्मृति-१२६. --- *****काव्य -- मानवीय सृजन में सर्वाधिक महत्वपूर्ण – *** -------- काव्य मानव-मन की संवेदनाओं का बौद्धिक सम्प्रेषण है--मानवीय सृजन में सर्वाधिक कठिन व रहस्यपूर्ण ; क्योंकि काव्य अंतः...  और पढ़ें
2 सप्ताह पूर्व
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भारत ७० साल का होगया है - डा श्याम गुप्त

                                                        १.भारत ७० साल का होगया है -----एक समाचार , हिन्दुस्तान--------हम भूल जाते है...  और पढ़ें
2 सप्ताह पूर्व
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रिश्ता सारमेय सुत का.-----..डा श्याम गुप्त की कहानी ----

रिश्ता सारमेय सुत का.-----..डा श्याम गुप्त की कहानी ---- \\कालू कुत्ते ने झबरीली कुतिया का गेट खटखटाया और बोला,-'भौं .s.s.भौं ऊँ भुक -अरे कोई है। 'झबरीली ने गेट की सलाखों के नीचे से झांका और गुर्राई, 'भूं ऊँ ऊ...  और पढ़ें
2 सप्ताह पूर्व
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ब्रज कुमुदेश पत्रिका में---कुछ शायरी की बात होजाए --की समीक्षा--- डा श्याम गुप्त की ...

          ब्रज कुमुदेश पत्रिका में  डा श्याम गुप्त की कृति---कुछ शायरी की बात होजाए --की समीक्षा---...  और पढ़ें
2 सप्ताह पूर्व
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गरीबी, भूखे को रोटी-दूध .....मंदिर, भगवान, आस्था...डा श्याम गुप्त ....

               प्रेमचंद आदि गरीबों के मसीहा एवं आजकल कवियों, लेखकों, व्यंगकारों , समाज के ठेकेदारों, नेताओं, मीडिया का प्रिय विषय है...गरीबी, भूखे को रोटी-दूध .....मंदिरों, भगवान, ...  और पढ़ें
3 सप्ताह पूर्व
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मुंशी प्रेमचंद्र का आलेख-----साम्प्रदायिकता व संस्कृति---डा श्याम गुप्त ..

मुंशी प्रेमचंद्र का आलेख-----साम्प्रदायिकता व संस्कृति--चित्र में देखें ---- यह आलेख मुंशी जी ने १९३४ में लिखा था | \\ -------मुंशी जी ने यहाँ संस्कृति , साम्प्रदायिकता --के बारे में लिखते हुएहिन्दू व मुस...  और पढ़ें
3 सप्ताह पूर्व
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सृष्टि के आदिपुरुष - शिव ---डा श्याम गुप्त

                           सृष्टि केआदिपुरुष - शिव                                          आदि-पुरुष शिव—...  और पढ़ें
3 सप्ताह पूर्व
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ललिता चन्द्रावली राधा का त्रिकोण --- ----अंतिम -क़िस्त--- राधा ....डा श्याम गुप्त...

                              ललिता चन्द्रावली राधा का त्रिकोण --- प्रेम, तपस्या एवं योग-ब्रह्मचर्य का उच्चतम आध्यात्मिक भाव-तत्व ----अंतिम -क़िस्त--- राधा ..... \\...  और पढ़ें
4 सप्ताह पूर्व
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-ललिता चन्द्रावली राधा का त्रिकोण --- प्रेम, तपस्या एवं योग-ब्रह्मचर्य का उच्चतम आध्यात्मिक भाव-तत्व ----चन्द्रावली सखी----डा श्याम गुप्त

-ललिता चन्द्रावली राधा का त्रिकोण ----- \\ --- प्रेम, तपस्या एवं योग-ब्रह्मचर्य का उच्चतम आध्यात्मिक भाव-तत्व ---- \ ------आगे-------चन्द्रावली सखी---- \२.चन्द्रावली करेह्ला गाँव में रहती थी | गोवर्धन मल्ल की पत्...  और पढ़ें
4 सप्ताह पूर्व
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सृष्टि व मानव जाति के महान समन्वयक—विश्व भर में पूज्य -देवाधिदेव शिव--डा श्याम गुप्त

                                          सृष्टि व मानव जाति के महान समन्वयक—विश्व भर में पूज्य -देवाधिदेव शिव         प्राणी व ...  और पढ़ें
4 सप्ताह पूर्व
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कृष्ण और -----ललिता चन्द्रावली राधा का त्रिकोण -----१.ललिता- डा श्याम गुप्त...

                                -----कृष्ण और  -----ललिता चन्द्रावली राधा का त्रिकोण -------- प्रेम, तपस्या एवं योग-ब्रह्मचर्य का उच्चतम आध्यात्मिक भाव-तत्व ---- &nbs...  और पढ़ें
4 सप्ताह पूर्व
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बहुआयामी साहित्यकार डा श्यामगुप्त** ---ले.साहित्यभूषण डा रंगनाथ मिश्र सत्य .....

  बहुआयामी साहित्यकार डा श्यामगुप्त** ---ले.साहित्यभूषण डा रंगनाथ मिश्र सत्य .....                                                                 &nb...  और पढ़ें
1 माह पूर्व
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गुरुवासरीय काव्य गोष्ठी संपन्न --डा श्याम गुप्त....

गुरुवासरीय काव्य गोष्ठी संपन्न \\प्रत्येक माह के प्रथम गुरूवार को होने वाली काव्यगोष्ठी दि.६-७-१७ गुरूवार को डा श्यामगुप्त के आवास के-३४८, आशियाना, लखनऊ पर संपन्न हुई | गोष्ठी में अगीत परिषद् ...  और पढ़ें
2 माह पूर्व
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उपन्यास "कल्याणी माँ"

एक खुश खबर !प्रिय मित्रो , आपको यह खुश खबर देते हुए अपार हर्ष हो रहा है कि मेरा उपन्यास "कल्याणी माँ'प्रकाशित हो चुका है और amazon.in and flipkart.com में उपलब्ध है | इसका लिंक नीचे दे रहा हूँ | गाँव की एक गरीब स...  और पढ़ें
2 माह पूर्व
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मेरे मन की....

मेरी पहली पुस्तक "मेरे मन की"की प्रिंटींग का काम पूरा हो चुका है | और यह पुस्तक बुक स्टोर पर आ चुकी है| आप सब ऑनलाइन गाथा के द्वारा बुक कर सकते है| मेरी पहली बुक कविताओ और कहानीओ का अनुपम संकलन है|...  और पढ़ें
2 माह पूर्व
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पुस्तक----ईशोपनिषद का काव्यभावानुवाद ------डा श्याम गुप्त-----

पुस्तक----ईशोपनिषद का काव्यभावानुवाद ------डा श्याम गुप्त----- \\प्रथम मन्त्र ..”ईशावास्यम इदं सर्वं यद्किंचित जगत्याम जगत |”                   ”तेन त्यक्तेन भुंजीथा म...  और पढ़ें
3 माह पूर्व
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पुस्तक----ईशोपनिषद केप्रथम मन्त्र .के द्वितीय भाग ..”तेन त्यक्तेन भुंजीथा.का काव्यभावानुवाद ------डा श्याम गुप्त-----

पुस्तक----ईशोपनिषद केप्रथम मन्त्र .के द्वितीय भाग ..”तेन त्यक्तेन भुंजीथा.का काव्यभावानुवाद ------डा श्याम गुप्त-----                              \\ईशोपनिषद के ...  और पढ़ें
3 माह पूर्व
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ईशोपनिषद के प्रथम मन्त्र . के प्रथम भाग..”ईशावास्यम इदं सर्वं यद्किंचित जगत्याम जगत |” का काव्य-भावानुवाद...... \---डा श्याम गुप्त

ईशोपनिषद के प्रथम मन्त्र . के प्रथम भाग..”ईशावास्यम इदं सर्वं यद्किंचित जगत्याम जगत |” का काव्य-भावानुवाद...... \---डा श्याम गुप्त                              ...  और पढ़ें
3 माह पूर्व
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सूखे गुलाब ---ग़ज़ल---डा श्याम गुप्त

सूखे गुलाब ---ग़ज़ल---डा श्याम गुप्त                              .ग़ज़ल----इन शुष्क पुष्पों में आज भी जाने कितने रंग हैं |तेरी खुशबू, ख्यालो-ख्वाब किताबों में बंद है...  और पढ़ें
3 माह पूर्व
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डा श्याम गुप्त की दो नई गज़लें ---

डा श्याम गुप्त की दो नई गज़लें ----  ग़ज़ल-१...साडी व दुपट्टे में यही फ़ायदा है दोस्तो, भीड़ में भी आँचल डाल, माँ दूध पिला लेती है |हर जगह अलग से एक केबिन चाहिए उन्हें,माताएं जो पेंट जींस टॉप सिला लेती ह...  और पढ़ें
4 माह पूर्व
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आधुनिकता और नारी उत्प्रीणन के नए आयाम --डा श्याम गुप्त

---------आधुनिकता और नारी उत्प्रीणन के नए आयाम ------ \\                    पुरातन समय में नारी की, भारतीय समाज की तथा कथित रूढिगत स्थिति में नारी के उत्प्रीणन पर न जाने कि...  और पढ़ें
4 माह पूर्व
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सखीं संग राधाजी दर्शन पाए----‘श्याम सवैया छंद...श्याम गुप्त...

-----सखीं संग राधाजी दर्शन पाए------.. \चित्रकूट के घाट पर भई संतन की भीर,तुलसी दास चन्दन घिसें तिलक देत रघुबीर | -------इस घटना को चाहे कुछ लोग कल्पित रचना मानते हों परन्तु रचना में अन्तर्निहित जो भगव...  और पढ़ें
4 माह पूर्व
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