डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक
घायल का घरौंदा की पोस्ट्स

"चाहतों का दर्द तो सीने में दफ्न है"

आँखों को आँसुओं का खजाना बना लिया खामोशियों को दिल का ठिकाना बना लिया चाहतों का दर्द तो सीने में दफ्न हैपीने का हमने खूब बहाना बना लियाअपनी तो हो गयी है हर शाम उसके नामयादे वफा की हमने फसान...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
घायल का घरौंदा
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"प्यार का हो व्याकरण" (दिलीप कुमार तिवारी "घायल")

 अमल नवल है सुमनरूप का प्रबलचमनहो जहाँ सबल सृजन  अमनका हो आवरणक्यों न फिर पड़े वहाँदेवताओं के चरणवाद हो विवाद होदुःख का विषाद होकिन्तु बात-बात मेंप्यार का हो व्याकरण शान्ति का वातावरणप्र...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
घायल का घरौंदा
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"ग़ज़ल-दिल तेरा दिवाना है" (दिलीप कुमार तिवारी 'घायल')

मेरे खामोश लब पे, ऐ सनम तेरा तराना हैनिगाहें खुद बयां करती कि दिल तेरा दिवाना हैअगर फिर भी यकीं न हो, तो उसकी धड़कनें सुन लोतेरेदिल के समुन्दर में ही, मेरा अशियाना हैतेरे पहलू मे आके खुद का भी अप...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
घायल का घरौंदा
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"मुक्तक और अशआर" दिलीप कुमार तिवारी 'घायल'

दुनिया के रंजो गम मेँ पलना ही गजल है बेजान जिन्दगी में सपना ही गजल है तकदीर की तस्वीर को अक्सर बनाये जोइन झील सी आँखो मेँ बसना ही गजल हैक्या खवाब बेहिसाब बताये कोई घायलदुःख दर्द के जलन मे जल...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
घायल का घरौंदा
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"गुरुवर डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक' का आभार दर्शन" (दिलीप कुमार तिवारी 'घायल')

मित्रों!    आप सबको बड़े हर्ष के साथ सूचित कर रहा हूँ कि मैंने गुरुवर डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक' जी से अपना ब्लॉग "घरौंदा घायल का" बनवा लिया है।    मैं आदरणीय डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'म...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
घायल का घरौंदा
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