डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक
आपका ब्लॉग की पोस्ट्स

एक गीत :--------तो क्या हो गया

               एक गीत : --------तो क्या हो गयातेरी खुशियों में शामिल सभी लोग हैं ,एक मैं ही न शामिल तो क्या हो  गया !ज़िन्दगी थी गुज़रनी ,गुज़र ही गईबाक़ी जो भी बची है ,गुज़र जाएगीदो क़दम साथ देकर चली छ...  और पढ़ें
3 दिन पूर्व
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एक ग़ज़ल : जो चढ़ रहा था वो सुरूर था----

एक ग़ज़ल : वो जो चढ़ रहा था----वो जो चढ़ रहा था सुरूर था ,जो उतर रहा है ख़ुमार हैवो नवीद थी तेरे आने की , तेरे जाने की ये पुकार हैइधर आते आते रुके क़दम ,मेरा सर खुशी से है झुक गयाये ज़रूर तेरा है आस्ताँ ,ये ज़रूर ...  और पढ़ें
1 सप्ताह पूर्व
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Now that you pamper the soulful me

Now that you pamper  the soulful me  Why won't  you pamper the bodily me You are the  he and I am the  she Why won't you love the she in me I am the nectar that feeds your soul Why won't you be my honey bee The fire, desires in the ember me Why won't you be my inferno spree The touch that renaissance the bodily me Why won't you be Leonardo da Vinci ...  और पढ़ें
2 सप्ताह पूर्व
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रूप तुम्हारा खिला कंवल है (गीत )

गीत रूप तुम्हारा खिला कँवल है हिरनी जैसी चाल हैमन्द मन्द मुस्कान तुम्हारीमुख पर लगा गुलाल हैनैनों से नैना टकरायेदिल में मचा धमाल हैरूप तुम्हारा खिला कँवल हैहिरनी जैसी चाल हैबोल तुम्हार...  और पढ़ें
3 सप्ताह पूर्व
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Laxmirangam: इस गली में आना छोड़ दो

Laxmirangam: इस गली में आना छोड़ दो:                                 इस गली में आना छोड़ दो                             रे चाँद ,                  हर रात , इस गली......  और पढ़ें
4 सप्ताह पूर्व
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एक ग़ज़ल : दिल न रोशन हुआ----

एक ग़ज़ल :  दिल न रोशन हुआ-----दिल न रोशन हुआ ,लौ लगी भी नही, फिर इबादत का ये सिलसिला किस लिएफिर ये चन्दन ,ये टीका,जबीं पे निशां और  तस्बीह  माला  लिया किस लिए सब को मालूम है तेरे घर का पता ,हो कि पण...  और पढ़ें
1 माह पूर्व
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दिल्ली से चेन्नई : एक लम्बी ट्रेन यात्रा

दिल्ली से चेन्नई : एक लम्बी ट्रेन यात्रा4 महीने से जिस दिन का इंतज़ार कर रहा था आख़िरकार वो दिन आ गया। आज रात 10 बजे तमिलनाडु एक्सप्रेस से चेन्नई के लिए प्रस्थान करना था। मम्मी पापा एक दिन पहले ही द...  और पढ़ें
1 माह पूर्व
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एक क़ता-----

एक क़ता-----भला होते मुकम्मल कब यहाँ पे इश्क़ के किस्सेकभी अफ़सोस मत करना कि हस्ती हार जाती हैपढ़ो ’फ़रहाद’ का किस्सा ,यकीं आ जायेगा तुम कोमुहब्बत में कभी ’तेशा’ भी बन कर मौत आती हैजो अफ़साना अधूरा था व...  और पढ़ें
1 माह पूर्व
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एक लघु चिन्तन:--देश हित में

एक लघु चिन्तन : --"देश हित में"जिन्हें घोटाला करना है वो घोटाला करेंगे---जिन्हें लार टपकाना है वो लार टपकायेगें---जिन्हें विरोध करना है वो विरोध करेंगे--- सब अपना अपना काम करेगे ।ख़ुमार बाराबंकी साह...  और पढ़ें
1 माह पूर्व
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एक ग़ैर रवायती ग़ज़ल : कहने को कह रहा है------

एक  ग़ैर रवायती ग़ज़ल : कहने को कह रहा है-----कहने को कह रहा है कि वो बेकसूर हैलेकिन कहीं तो दाल में काला ज़रूर हैलाया "समाजवाद"ग़रीबो  से छीन कर बेटी -दमाद ,भाई -भतीजों  पे नूर हैकाली कमाई है नही, सब ...  और पढ़ें
1 माह पूर्व
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दो अश’आर

1 माह पूर्व
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एक ग़ज़ल : मिल जाओ अगर तुम तो-----

एक ग़ज़ल :  मिल जाओ अगर तुम---मिल जाओ अगर तुम तो ,मिल जाये खुदाई हैक्यों तुम से करूँ परदा , जब दिल में सफ़ाई हैदेखा तो नहीं अबतक . लेकिन हो ख़यालों में सीरत की तेरी मैने ,  तस्वीर   बनाई   हैलोगों से...  और पढ़ें
2 माह पूर्व
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चन्द माहिया : क़िस्त 42

चन्द माहिया  :क़िस्त 42:1:दो चार क़दम चल करछोड़ तो ना दोगे ?सपना बन कर ,छल कर:2:जब तुम ही नहीं हमदमसांसे  भी कब तकअब देगी साथ ,सनम !:3:जज्बात की सच्चाईनापोगे कैसे ?इस दिल की गहराई:4;सबसे है रज़ामन्दीसबसे मि...  और पढ़ें
2 माह पूर्व
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मेरे मन की

मेरी पहली पुस्तक "मेरे मन की"की प्रिंटींग का काम पूरा हो चुका है | और यह पुस्तक बुक स्टोर पर आ चुकी है| आप सब ऑनलाइन गाथा के द्वारा बुक कर सकते है| मेरी पहली बुक कविताओ और कहानीओ का अनुपम संकलन है|...  और पढ़ें
2 माह पूर्व
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चन्द माहिया : क़िस्त 41

चन्द माहिया: क़िस्त 41:1:सदक़ात भुला मेराएक गुनह तुम कोबस याद रहा मेरा:2:इक चेहरा क्या भायाहर चेहरे में वोमख़्सूस नज़र आया;3:कर देता है पागल जब जब साने सेढलता है तेरा आँचल:4:उल्फ़त की यही ख़ूबीपार लगी उस...  और पढ़ें
2 माह पूर्व
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♥कुछ शब्‍द♥: तलाश___|||

♥कुछ शब्‍द♥: तलाश___|||: वह बेज़ान पड़ी घूर रही है घर की दीवारों को कभी छत को कभी उस छत से लटक रहे पंखे को उसकी नजरें तलाश रहीं है आज  उन नजरों में परवाह जरा सी अपने ......  और पढ़ें
2 माह पूर्व
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♥कुछ शब्‍द♥: इक सफर___|||

♥कुछ शब्‍द♥: इक सफर___|||: मासूम सा प्रेम मेरा  परिपक्य हो गया  वक़्त के थपेड़ो से  सख्त हो गया  किया न गया तुमसे कदर इस दिल का  आंखे देखों मेरी  सुखकर बंजर हो ग......  और पढ़ें
3 माह पूर्व
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एक ग़ज़ल : ज़िन्दगी न हुई----

एक ग़ज़ल : ज़िन्दगी ना हुई बावफ़ा आजतक------ज़िन्दगी   ना  हुई  बावफ़ा आज तकफिर भी शिकवा न कोई गिला आजतकएक चेहरा   जिसे  ढूँढता  मैं  रहाउम्र गुज़री ,नहीं वो मिला  आजतकदिल को कितना पढ़ाता मुअल्ल...  और पढ़ें
3 माह पूर्व
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Laxmirangam: निर्णय ( भाग 2)

Laxmirangam: निर्णय ( भाग 2): निर्णय (भाग 2)                                                   (भाग 1 से आगे) रजत भी समझ नहीं पा रहा था कि कैसे अपनी भावना संजना ......  और पढ़ें
3 माह पूर्व
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ज्वालादेवी से धर्मशाला (Jwaladevi to Dharamshala)

ज्वालादेवी से धर्मशाला (Jwaladevi to Dharamshala)कल पूरे दिन के सफर की थकान और बिना खाये पूरे दिन रहने के बाद रात को खाना खाने के बाद जो नींद आयी वो एक ही बार 4:30 बजे मोबाइल में अलार्म बजने के साथ ही खुला। बिस्तर ...  और पढ़ें
3 माह पूर्व
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♥कुछ शब्‍द♥: छोड़ चली हूँ___|||

♥कुछ शब्‍द♥: छोड़ चली हूँ___|||: मैं छोड़ चली हूँ अब तुम्हें हृदय में तुम्हारी याद लिए अनुराग के मधुर क्षणों संग वियोग की पीड़ा अथाह लिए कप्पन लिए पैरों में अपने अवशेष प्......  और पढ़ें
3 माह पूर्व
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Laxmirangam: निर्णय

Laxmirangam: निर्णय: निर्णय ( भाग -1) बी एड में अलग अलग कॉलेजो से आए हुए अलग अलग विधाओं के विद्यार्थी थे । सबकी शैक्षणिक योग्यताएँ भी समान नहीं थीं । रजत ......  और पढ़ें
3 माह पूर्व
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एक ग़ज़ल : ज़रा हट के---ज़रा बच के---

           एक मज़ाहिका ग़ज़ल :---ज़रा हट के ---ज़रा बच के---मेरे भी ’फ़ेसबुक’ पे कदरदान बहुत हैंख़ातून भी ,हसीन  मेहरबान  बहुत हैं"रिक्वेस्ट फ़्रेन्डशिप"पे हसीना ने ये कहा-"लटके हैं पाँव कब्र में ,अरम...  और पढ़ें
3 माह पूर्व
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♥कुछ शब्‍द♥: #बसयूँही

♥कुछ शब्‍द♥: #बसयूँही: सदियों से वो लिखती आई प्रेम आंधी में तूफान में बाढ़ में सैलाब में लेकिन कभी देख न पाई वक़्त के थपेड़ों ने उस स्याही को कर दिया था फ......  और पढ़ें
3 माह पूर्व
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♥कुछ शब्‍द♥: युद्ध

♥कुछ शब्‍द♥: युद्ध: छिड़ चूका है युद्ध भयानक और मैं अबकी इंतजार में हूँ अपनी आत्मा के हार जाने का अपनी इस घुटी हुई परिस्थितियों से उबरने के लिए______ मैंने......  और पढ़ें
3 माह पूर्व
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Laxmirangam: पुस्तक प्रकाशन

Laxmirangam: पुस्तक प्रकाशन: पुस्तक प्रकाशन हर रचनाकार , चाहे वह कहानीकार हो, नाटककार हो या समसामयिक विषयों पर लेख लिखने वाला हो, कवि हो या कुछ और , चाह......  और पढ़ें
3 माह पूर्व
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Laxmirangam: पुस्तक प्रकाशन

Laxmirangam: पुस्तक प्रकाशन: पुस्तक प्रकाशन हर रचनाकार , चाहे वह कहानीकार हो, नाटककार हो या समसामयिक विषयों पर लेख लिखने वाला हो, कवि हो या कुछ और , चाह......  और पढ़ें
3 माह पूर्व
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चन्द माहिया :; क़िस्त 40

चन्द माहिया : क़िस्त 40:1:जीवन की निशानी हैरमता जोगी हैऔर बहता पानी है;2:मथुरा या काशी क्यामन ही नहीं चमकाघट क्या ,घटवासी क्या:3:ख़ुद को देखा होतामन के दरपन मेंक्या सच है ,पता होता:4:बेताब न हो , ऎ दिल !सोज़...  और पढ़ें
3 माह पूर्व
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एक ग़ज़ल : हौसला है दो हथेली है----

हौसला है ,दो हथेली है , हुनर हैकिस लिए ख़ैरात पे तेरी नज़र हैआग दिल में है बदल दे तू ज़मानातू अभी सोज़-ए-जिगर से बेख़बर हैसाजिशें हर मोड़ पर हैं राहजन केजिस तरफ़ से कारवाँ की रहगुज़र हैडूब कर गहराईयों से ...  और पढ़ें
3 माह पूर्व
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