डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक
आपका ब्लॉग की पोस्ट्स

चन्द माहिया : क़िस्त 43

चन्द माहिया : क़िस्त 43:1:जज्बात की सच्चाईनापोगे कैसेइस दिल की गहराई:2:तुम को सबकी है ख़बरकौन छुपा तुम सेसब तेरी ज़ेर-ए-नज़र:3:इक तुम पे भरोसा थाटूट गया वो भीकब मैने सोचा था:4:इतना जो मिटाया हैऔर मिटा देत...  और पढ़ें
4 दिन पूर्व
आपका ब्लॉग
4

Laxmirangam: जरूरी तो नहीं

Laxmirangam: जरूरी तो नहीं: जरूरी तो नहीं. माना, हर मुलाकात का अंजाम जुदाई तो है तो मुलाकात किया जाए, उसे बदनाम किया जाए जुदाई के लिए ? ये जरूरी तो नहीं. दिल ......  और पढ़ें
1 सप्ताह पूर्व
आपका ब्लॉग
5

Laxmirangam: मेरी तीसरी पुस्तक हिंदी : प्रवाह और परिवेश प...

Laxmirangam: मेरी तीसरी पुस्तक हिंदी : प्रवाह और परिवेश प...: मेरी तीसरी पुस्तक हिंदी : प्रवाह और परिवेश प्रकाशित हो गई हैय.  उसका कवर और संबंधित लिंक संलग्न हैं. अंतिम दो लिंकों  से पुस्तक खरीद......  और पढ़ें
2 सप्ताह पूर्व
आपका ब्लॉग
4

गीत - जीवन है या दण्ड मिला है

जीवन है या दण्ड मिला हैपग-पग पर प्रतिबंध लगा हैकारागारों में साँसों काआना-जाना बहुत खला है।जीवन है यादण्ड मिला है।।हूँ सौभाग्यवतीवरदानित,सृष्टि मुझी से हैअनुप्राणित।मंदिर में महिमा मंडन ...  और पढ़ें
2 सप्ताह पूर्व
आपका ब्लॉग
4

Laxmirangam: जिंदगी का सफर

Laxmirangam: जिंदगी का सफर:                               जिंदगी का सफर                                                  आलीशान तो नहीं , पर था शानदार,      ......  और पढ़ें
3 सप्ताह पूर्व
आपका ब्लॉग
5

who is guilty?

कसूरवार कौन ? #meremankee #rishabhshukla #book #poetry #hindi #onlinegathaबात तब की है जब मै सिर्फ १२ साल का था | मै अपने जन्म स्थान, उत्तरप्रदेश के भदोही जिले में अपने माता-पिता के साथ रहता था | वही भदोही जो अपने कालीन निर्यात के लि...  और पढ़ें
2 माह पूर्व
आपका ब्लॉग
9

Laxmirangam: वर्तमान शिक्षा प्रणालीभाषा देखें : घ...

Laxmirangam: सरकारों को चाहिए कि BE, MBBS, CA, ICWA, Ph.D  व भाषा विशारद जैसे क्षेत्रों में छात्रों को भेड़ बकरियों सा आभास मत दीजिए, उनमें गुणवत्ता लाइए. कम से कम शिक्षण के क्षेत्र में भ्रष्टाचार पूरी तरह से...  और पढ़ें
2 माह पूर्व
आपका ब्लॉग
11
आपका ब्लॉग
13

चिड़िया: बाँसुरी

चिड़िया: बाँसुरी: बाँसुरी - 1- बाँस का इक नन्हा सा टुकड़ा, पोर - पोर में थीं गाँठें ! जीवित था पर प्राण कहाँ थे ? चलती थीं केवल साँसें !!! मन का मौजी,......  और पढ़ें
2 माह पूर्व
आपका ब्लॉग
21

एक ग़ज़ल : ये कैसी रस्म-ए-उलफ़त है----

एक ग़ज़ल : ये कैसी रस्म-ए-उलफ़त है----ये कैसी रस्म-ए-उलफ़त है ,न आँखें नम ,न रुसवाईज़माने को खटकता क्यों  है दो दिल की  पज़ीराईतुम्हारे हाथ में पत्थर ,  जुनून-ए-दिल इधर भी हैन तुम जीते ,न दिल न हारा,नही उल...  और पढ़ें
3 माह पूर्व
आपका ब्लॉग
17

होली पर एक भोजपुरी गीत---

होली पर एक ठे भोजपुरी गीत रऊआ लोग के समने--अशीरवाद चाही ]होली पर सब मनई लोगन के हमार बधाई बा--------होली पर एक भोजपुरी गीत-----------कईसे मनाईब होली ? हो राजा !कईसे मनाईब होली ........आवे केS कह गईला अजहूँ नS अई...  और पढ़ें
3 माह पूर्व
आपका ब्लॉग
17

Laxmirangam: जिद

Laxmirangam: जिद: जिद जायज न हो शायद तुझे दोष देना कन्हैया, मगर मैं तो मजबूर हूँ. तुम्हारे किए का हरजाना देने, मैं कब तक सहूँ, मैं कब तक मरूँ......  और पढ़ें
3 माह पूर्व
आपका ब्लॉग
18

Laxmirangam: टूटते बंधन

Laxmirangam: टूटते बंधन: टूटते बंधन पाश्चात्य सभ्यता के अनुसरण की होड़ में जो सबसे महत्वपूर्ण बातें सीखी गई या सीखी जा रही है उनमें जो सर्वप्रथम स्थान पर आता है......  और पढ़ें
3 माह पूर्व
आपका ब्लॉग
15

♥कुछ शब्‍द♥: मुरली वाले__❤

♥कुछ शब्‍द♥: मुरली वाले__❤: मुरली वाले तू सुनले पुकार नैया मेरी, फंस गई मजधार___ भूल हुई तुझको न जाना दिलने कभी तुमको न माना तुझमें ही सारे संसार का सार मुरली वाले......  और पढ़ें
4 माह पूर्व
आपका ब्लॉग
16

चिड़िया: दो बालगीत

चिड़िया: दो बालगीत: 1- जानवरों का नववर्ष जंगल के पशुओं ने सोचा हम भी धूम मचाएँ , मानव के जैसे ही कुछ हम भी नववर्ष मनाएँ ! वानर टोली के जिम्मे है फल-फू......  और पढ़ें
5 माह पूर्व
आपका ब्लॉग
17

चिड़िया: बूँद समाई सिंधु में !

चिड़िया: बूँद समाई सिंधु में !: प्रीत लगी सो लगि गई, अब ना फेरी जाय । बूँद समाई सिंधु में, अब ना हेरी जाय ।। हिय पैठी छवि ना मिटे, मिटा थकी दिन-रैन । निर्मोही के ......  और पढ़ें
6 माह पूर्व
आपका ब्लॉग
16

चिड़िया: पुस्तक समीक्षा - "मन दर्पण"

चिड़िया: पुस्तक समीक्षा - "मन दर्पण": पुस्तक समीक्षा रचना – मन दर्पण. रचनाकार – माड़भूषि रंगराज अयंगर. प्रकाशक – बुक बजूका पब्लिकेशन्स, कानपुर. मूल्य – रु. 175 मात्र ......  और पढ़ें
6 माह पूर्व
आपका ब्लॉग
16

चिड़िया: जब शरद आए !

चिड़िया: जब शरद आए !: ताल-तलैया खिलें कमल-कमलिनी मुदित मन किलोल करें हंस-हंसिनी ! कुसुम-कुसुम मधुलोभी मधुकर मँडराए, सुमनों से सजे सृष्टि,जब शरद आए !!! ......  और पढ़ें
7 माह पूर्व
आपका ब्लॉग
19

चिड़िया: जीवन - घट रिसता जाए है...

चिड़िया: जीवन - घट रिसता जाए है...: जीवन-घट रिसता जाए है... काल गिने है क्षण-क्षण को, वह पल-पल लिखता जाए है... जीवन-घट रिसता जाए है । इस घट में ही कालकूट विष, अमृत है इस......  और पढ़ें
7 माह पूर्व
आपका ब्लॉग
20

चिड़िया: आनंद की खोज

चिड़िया: आनंद की खोज: आनंद की खोज आओ साथी मिलकर खोजें, जीवन में आनंद को, क्रोध, ईर्ष्या, नफरत त्यागें पाएँ परमानंद को... जीवन की ये भागादौड़ी, लगी रही ह......  और पढ़ें
7 माह पूर्व
आपका ब्लॉग
20

Laxmirangam: डिजिटल इंडिया - मेरा अनुभव.

Laxmirangam: डिजिटल इंडिया - मेरा अनुभव.: डिजिटल इंडिया – मेरा अनुभव. उस दिन मेरे मोबाईल पर फ्लेश आया. यदि आप जिओ का सिम घर बैठे पाना चाहते हैं तो यहाँ क्लिक करें. मैंने क्लिक क......  और पढ़ें
7 माह पूर्व
आपका ब्लॉग
18

चिड़िया: रहिए जरा सँभलकर

चिड़िया: रहिए जरा सँभलकर: रहिए जरा सँभलकर  मंजिल है दूर कितनी,  इसकी फिकर न करिए बस हमसफर राहों के,  चुनिए जरा सँभलकर... काँटे भी ढूँढते हैं,  नजदीकियों के ......  और पढ़ें
7 माह पूर्व
आपका ब्लॉग
17

चिड़िया: खामोशियाँ गुल खिलाती हैं !

चिड़िया: खामोशियाँ गुल खिलाती हैं !: रात के पुर-असर सन्नाटे में जब चुप हो जाती है हवा फ़िज़ा भी बेखुदी के आलम में हो जाती है खामोश जब ! ठीक उसी लम्हे, चटकती हैं अनगिनत कलि......  और पढ़ें
7 माह पूर्व
आपका ब्लॉग
17

Laxmirangam: साजन के गाँव में.

Laxmirangam: साजन के गाँव में.: साजन के गाँव में. आज मत रोको मुझे, साजन के गाँव में, सुनो मेरी छम छम, बिन पायल के पाँव में. आलता मँगाऊँगी मैं, मेंहदी  रच......  और पढ़ें
7 माह पूर्व
आपका ब्लॉग
24

Laxmirangam: धड़कन

Laxmirangam: धड़कन: धड़कन संग है तुम्हारा आजन्म, या कहें संग है हमारा आजन्म. छोड़ दे संग परछाईं जहाँ, उस घनेरी रात में भी, गर तुम नहीं हो सा......  और पढ़ें
7 माह पूर्व
आपका ब्लॉग
18

एक ग़ज़ल : मिलेगा जब वो हम से---

 ग़ज़ल : मिलेगा जब भी वो हमसे---मिलेगा जब भी वो हम से, बस अपनी ही सुनायेगामसाइल जो हमारे हैं  , हवा  में  वो   उड़ाएगाअभी तो उड़ रहा है आस्माँ में ,उड़ने  दे उस कोकटेगी डॊर उस की तो ,कहाँ पर और जाय...  और पढ़ें
7 माह पूर्व
आपका ब्लॉग
17

एक ग़ज़ल : छुपाते ही रहे अकसर---

एक ग़ज़ल : छुपाते ही रहे अकसर--छुपाते ही रहे अकसर ,जुदाई के दो चश्म-ए-नमजमाना पूछता गर ’क्या हुआ?’ तो क्या बताते हममज़ा ऐसे सफ़र का क्या,उठे बस मिल गई मंज़िलन पाँवों में पड़े छाले  ,न आँखों  में  ही अश...  और पढ़ें
8 माह पूर्व
आपका ब्लॉग
22
Postcard
फेसबुक द्वारा लॉगिन  
हो सकता है इनको आप जानते हो!  
Madan
Madan
,India
klonopin side effects
klonopin side effects
FjwZFFZmFUhqI,
सचिन
सचिन
ग़ाज़ियाबाद,भारत
mukesh sharma
mukesh sharma
alwar,India
Haresh
Haresh
North-East Delhi,India