डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक
आपका ब्लॉग की पोस्ट्स

Laxmirangam: धड़कन

Laxmirangam: धड़कन: धड़कन संग है तुम्हारा आजन्म, या कहें संग है हमारा आजन्म. छोड़ दे संग परछाईं जहाँ, उस घनेरी रात में भी, गर तुम नहीं हो सा......  और पढ़ें
2 दिन पूर्व
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एक ग़ज़ल : मिलेगा जब वो हम से---

 ग़ज़ल : मिलेगा जब भी वो हमसे---मिलेगा जब भी वो हम से, बस अपनी ही सुनायेगामसाइल जो हमारे हैं  , हवा  में  वो   उड़ाएगाअभी तो उड़ रहा है आस्माँ में ,उड़ने  दे उस कोकटेगी डॊर उस की तो ,कहाँ पर और जाय...  और पढ़ें
3 दिन पूर्व
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एक ग़ज़ल : छुपाते ही रहे अकसर---

एक ग़ज़ल : छुपाते ही रहे अकसर--छुपाते ही रहे अकसर ,जुदाई के दो चश्म-ए-नमजमाना पूछता गर ’क्या हुआ?’ तो क्या बताते हममज़ा ऐसे सफ़र का क्या,उठे बस मिल गई मंज़िलन पाँवों में पड़े छाले  ,न आँखों  में  ही अश...  और पढ़ें
2 सप्ताह पूर्व
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एक ग़ज़ल : बहुत अब हो चुकी बातें----

ग़ज़ल : बहुत अब हो चुकी बातें------बहुत अब हो चुकी बातें तुम्हारी ,आस्माँ कीउतर आओ ज़मीं पर बात करनी है ज़हाँ कीमसाइल और भी है ,पर तुम्हें फ़ुरसत कहाँ हैकहाँ तक हम सुनाएँ  दास्ताँ  अश्क-ए-रवाँ कीमिलात...  और पढ़ें
2 सप्ताह पूर्व
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एक व्यंग्य : अनावरण एक गाँधी मूर्ति का-------

[ 2--अक्टूबर -- गाँधी जयन्ती के अवसर पर ---]डायरी के पन्नों से-----------------------एक व्यंग्य : अनावरण एक गाँधी मूर्ति का-------......नेता जी ने अपनी गांधी-टोपी सीधी की।रह रह कर टेढी़ हो जाया करती है। विशेषत: जब वह सत्ता ...  और पढ़ें
2 सप्ताह पूर्व
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Laxmirangam: मेरा जिन्न

Laxmirangam: मेरा जिन्न: मेरा जिन्न                     कल सुबह अचानक ही मेरी मौत हो गई.                मैं लाश लिए काँधे किसी दर निकल पड़ा,      ......  और पढ़ें
3 सप्ताह पूर्व
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एक व्यंग्य : रावण का पुतला---

 एक लघु कथा  : ----रावण का पुतला ---- आज रावण वध है । 40 फुट का पुतला जलाया जायेगा । विगत वर्ष 30 फुट का जलाया गया था } इस साल बढ़ गया रावण का कद। पिछ्ले साल से से इस साल बलात्कार अत्याचार ,अपहरण ,हत्या की ...  और पढ़ें
3 सप्ताह पूर्व
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एक व्यंग्य : रावण का पुतला---

 एक लघु कथा  : ----रावण का पुतला ---- आज रावण वध है । 40 फुट का पुतला जलाया जायेगा । विगत वर्ष 30 फुट का जलाया गया था } इस साल बढ़ गया रावण का कद। पिछ्ले साल से से इस साल बलात्कार अत्याचार ,अपहरण ,हत्या की ...  और पढ़ें
3 सप्ताह पूर्व
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जिन्दगी

जिन्दगीविवसता में  हाथ  कैसे  मल रही  है जिन्दगीमनुज से ही मनुजता को छल रही है जिन्दगीएक  छोटे  से  वतन  के  सत्य  में आभाव मेंरास्ते की पटरियों  पर  पल  रही  है जिन्दगी//0//फू...  और पढ़ें
3 सप्ताह पूर्व
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एक ग़ज़ल :- ये गुलशन तो सभी का है---

एक ग़ैर रवायती ग़ज़ल :---ये गुलशन तो सभी का है----ये गुलशन तो सभी का है ,तुम्हारा  है, हमारा हैलगा दे आग कोई  ये नही   हमको गवारा  हैतुम्हारा धरम है झूठा ,अधूरा है ये फिर मज़हबज़मीं को ख़ून से रँगने का ग...  और पढ़ें
3 सप्ताह पूर्व
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चिड़िया: बस, यूँ ही....

चिड़िया: बस, यूँ ही....: नौकरी, घर, रिश्तों का ट्रैफिक लगा,  ज़िंदगी की ट्रेन छूटी, बस यूँ ही !!! है दिवाली पास, जैसे ही सुना, चरमराई खाट टूटी, बस यूँ ही !!! ड......  और पढ़ें
3 सप्ताह पूर्व
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Laxmirangam: हिंदी दिवस 2017 विशेष - हमारी राष्ट्रभाषा

Laxmirangam: हिंदी दिवस 2017 विशेष - हमारी राष्ट्रभाषा: हमारी राष्ट्रभाषा. परतंत्रता की सदियों मे स्वतंत्रता आंदोलन में लोगों को एक जुट करने के लिए राष्ट्रभाषा शब्द का शायद प्रथम प्रयोग......  और पढ़ें
1 माह पूर्व
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चिड़िया: पाषाण

चिड़िया: पाषाण: पाषाण सुना है कभी बोलते, पाषाणों को ? देखा है कभी रोते , पाषाणों को ? कठोरता का अभिशाप, झेलते देखा है ? बदलते मौसमों से, जूझते द......  और पढ़ें
1 माह पूर्व
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Laxmirangam: दीपा

Laxmirangam: दीपा: दीपा हर दिन की तरह मुंबई की लोकल ट्रेन खचाखच भरी हुई थी. यात्री भी हमेशा की तरह अंदर बैठे , खड़े थे. गेट के पास कुछ यात्री हेंडल पकड़े ......  और पढ़ें
1 माह पूर्व
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Laxmirangam: दीपा

Laxmirangam: दीपा: दीपा हर दिन की तरह मुंबई की लोकल ट्रेन खचाखच भरी हुई थी. यात्री भी हमेशा की तरह अंदर बैठे , खड़े थे. गेट के पास कुछ यात्री हेंडल पकड़े ......  और पढ़ें
1 माह पूर्व
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Laxmirangam: आस्था : बहता पानी

Laxmirangam: आस्था : बहता पानी: आस्था : बहता पानी                 तैरना सीखने की चाह में,                 वह समुंदर किनारे                  अठखेलियाँ करन......  और पढ़ें
1 माह पूर्व
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चिड़िया: नुमाइश करिए

चिड़िया: नुमाइश करिए: दोस्ती-प्यार-वफा की, न अब ख्वाहिश करिए ये नुमाइश का जमाना है नुमाइश करिए । अब कहाँ वक्त किसी को जनाब पढ़ने का, इरादा हो भी, खत लिखने का,......  और पढ़ें
1 माह पूर्व
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चिड़िया: शब्द

चिड़िया: शब्द:शब्दमानव की अनमोल धरोहरईश्वर का अनुपम उपहार,जीवन के खामोश साज परसुर संगीत सजाते शब्द !!!अनजाने भावों से मिलकरत्वरित मित्रता कर लेते,और कभी परिचित पीड़ा केदुश्मन से हो जाते शब्द !!!...  और पढ़ें
1 माह पूर्व
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एक गीत : कुंकुम से नित माँग सजाए----

गीत : कुंकुम से नित माँग सजाए---कुंकुम से नित माँग सजाए ,प्रात: आती कौन ?प्राची की घूँघट अधखोलेअधरों के दो-पट ज्यों डोलेमलय गन्ध में डूबी डूबी ,तुम सकुचाती कौन?फूलों के नव गन्ध बिखेरेअभिमन्त्रित ...  और पढ़ें
2 माह पूर्व
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Laxmirangam: संप्रेषण और संवाद

Laxmirangam: संप्रेषण और संवाद:संप्रेषण और संवादआपके कानों में किसी की आवाज सुनाई देती है. शायद कोई प्रचार हो रहा है. पर भाषा आपकी जानी पहचानी नहीं है. इससे आप उसे ......  और पढ़ें
2 माह पूर्व
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एक गीत :--------तो क्या हो गया

               एक गीत : --------तो क्या हो गयातेरी खुशियों में शामिल सभी लोग हैं ,एक मैं ही न शामिल तो क्या हो  गया !ज़िन्दगी थी गुज़रनी ,गुज़र ही गईबाक़ी जो भी बची है ,गुज़र जाएगीदो क़दम साथ देकर चली छ...  और पढ़ें
2 माह पूर्व
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एक ग़ज़ल : जो चढ़ रहा था वो सुरूर था----

एक ग़ज़ल : वो जो चढ़ रहा था----वो जो चढ़ रहा था सुरूर था ,जो उतर रहा है ख़ुमार हैवो नवीद थी तेरे आने की , तेरे जाने की ये पुकार हैइधर आते आते रुके क़दम ,मेरा सर खुशी से है झुक गयाये ज़रूर तेरा है आस्ताँ ,ये ज़रूर ...  और पढ़ें
2 माह पूर्व
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Now that you pamper the soulful me

Now that you pamper  the soulful me  Why won't  you pamper the bodily me You are the  he and I am the  she Why won't you love the she in me I am the nectar that feeds your soul Why won't you be my honey bee The fire, desires in the ember me Why won't you be my inferno spree The touch that renaissance the bodily me Why won't you be Leonardo da Vinci ...  और पढ़ें
2 माह पूर्व
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रूप तुम्हारा खिला कंवल है (गीत )

गीत रूप तुम्हारा खिला कँवल है हिरनी जैसी चाल हैमन्द मन्द मुस्कान तुम्हारीमुख पर लगा गुलाल हैनैनों से नैना टकरायेदिल में मचा धमाल हैरूप तुम्हारा खिला कँवल हैहिरनी जैसी चाल हैबोल तुम्हार...  और पढ़ें
3 माह पूर्व
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Laxmirangam: इस गली में आना छोड़ दो

Laxmirangam: इस गली में आना छोड़ दो:                                 इस गली में आना छोड़ दो                             रे चाँद ,                  हर रात , इस गली......  और पढ़ें
3 माह पूर्व
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एक ग़ज़ल : दिल न रोशन हुआ----

एक ग़ज़ल :  दिल न रोशन हुआ-----दिल न रोशन हुआ ,लौ लगी भी नही, फिर इबादत का ये सिलसिला किस लिएफिर ये चन्दन ,ये टीका,जबीं पे निशां और  तस्बीह  माला  लिया किस लिए सब को मालूम है तेरे घर का पता ,हो कि पण...  और पढ़ें
3 माह पूर्व
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दिल्ली से चेन्नई : एक लम्बी ट्रेन यात्रा

दिल्ली से चेन्नई : एक लम्बी ट्रेन यात्रा4 महीने से जिस दिन का इंतज़ार कर रहा था आख़िरकार वो दिन आ गया। आज रात 10 बजे तमिलनाडु एक्सप्रेस से चेन्नई के लिए प्रस्थान करना था। मम्मी पापा एक दिन पहले ही द...  और पढ़ें
3 माह पूर्व
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