रविकर-पुंज की पोस्ट्स

रविकर की कुण्डलियाँ

बानी सुनना देखना, खुश्बू स्वाद समेत।पाँचो पांडव बच गये, सौ सौ कौरव खेत।सौ सौ कौरव खेत, पाप दोषों की छाया।भीष्म द्रोण नि:शेष, अन्न पापी का खाया ।लसा लालसा कर्ण, मरा दानी वरदानी।अन्तर्मन श्री कृ...  और पढ़ें
1 वर्ष पूर्व
रविकर-पुंज
23

रविकर की कुण्डलियाँ

प्रमाणित किया जाता कि प्रकाशन हेतु प्रस्तुत रचनाएँ मौलिक और अप्रकाशित हैं | --रविकर (१)झाड़ी में हिरणी घुसी, प्रसव काल नजदीक।इधर शिकारी ताड़ता, उधर शेर दे छींक।उधर शेर दे छींक, गरजते बादल छा...  और पढ़ें
1 वर्ष पूर्व
रविकर-पुंज
20

पहली प्रस्तुति

कुछ हास्य-कुछ व्यंग (विधाता छंद) (१)चुनावी हो अगर मौसम, बड़े वादे किये जाते।कई पूरे हुवे लेकिन, कई बिसरा दिए जाते।किया था भेड़ से वादा मिलेगा मुफ्त में कम्बलकतर के ऊन भेड़ो का, अभी नेता लिये जाते...  और पढ़ें
1 वर्ष पूर्व
रविकर-पुंज
23

खतरे से खिलवाड़ पर, कारण दिखे अनेक-

Monday, 13 January 2014रविकर ले हित-साध, आप मत डर खतरे से-खतरे से खिलवाड़ पर, कारण दिखे अनेक |थूक थूक कर चाटना, घुटने देना टेक |घुटने देना टेक, अगर हो जाए हमला |होवे आप शहीद, जुबाँ पर जालिम जुमला |भाजप का अपराध, उसी प...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
रविकर-पुंज
112

बानी है धमकी भरी, खफा खफा सरकार-

अब आप के कर्णधारों को सोचना चाहिएpramod joshi जिज्ञासा बानी है धमकी भरी, खफा खफा सरकार |सुनी तनिक खोटी-खरी, धरने को तैयार |धरने को तैयार, हमेशा टाँग अड़ाएं |करते रहे प्रचार, किन्तु अब मुँह की खाएं |वाह ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
रविकर-पुंज
111

बेंचे धर्म-इमान, ख़रीदे कुल मुख्तारी -

हमाहमी हरहा हिये, लिये जाति-च्युत होय |ऐसी अवसरवादिता, देती साख डुबोय |देती साख डुबोय, प्रबंधन कौशल भारी |बेंचे धर्म-इमान, ख़रीदे कुल मुख्तारी |रविकर जाने मर्म, आप की जाने महिमा |आम आदमी तं...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
रविकर-पुंज
101

तड़पन बढती ही गई, नमक नमक हर घाव

तड़पन बढती ही गई, नमक नमक हर घाव -सरिताहिमनद भैया मौज में, सोवे चादर तान | सरिता बहना झेलती, पग पग पर व्यवधान |काटे कंटक पथ कई, करे पार चट्टान ।गिरे पड़े आगे बढे, किस्मत से अनजान ।सुन्दर सरिता सँवर...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
रविकर-पुंज
111

नमो नमो का खौफ, लगे शहजादे चंगे-

गे-गूंगे के दौर में, मौन मुखर हो जाय |गूँ गूँ गे गे गड़गड़ी, सम्मुख रहा बजाय |सम्मुख रहा बजाय, आज जाकर लब खोला |जिसकी खाय कमाय, उन्हीं की जय जय बोला |नमो नमो का खौफ, लगे शहजादे चंगे |जल्दी कुर्सी सौंप, ता...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
रविकर-पुंज
107

ताल-मेल का ताल, डुबकियां "आप" लगाएं

दायें बायें जाय के, कैसे काटूं कान |कूट कूट कर जो भरा, काया में ईमान |काया में ईमान, बिठाया लोकपाल भी |बहुत बजाया गाल, दिया है साथ ताल भी |ताल-मेल का ताल, डुबकियां आप लगाएं | *कूटकर्म से मार, मछलि...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
रविकर-पुंज
113

लेना देना साथ भी, लागे भ्रष्टाचार-

अड़ियल टट्टू आपका, अड़ा-खड़ा मझधार |लेना देना साथ भी, लागे भ्रष्टाचार |लागे भ्रष्टाचार, दीखने लगा *अड़ाड़ा |भाड़ा पूरा पाय, पढ़ाये आज पहाड़ा |ताके पूरा देश, हमेशा बेहतर दढ़ियल |टस से मस ना होय, महत्वाकांक...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
रविकर-पुंज
77

चुल्लू में उल्लू बने, धन्य समर्थक आप -

चुल्लू में उल्लू बने, धन्य समर्थक आप |कीचड़ में खिलते कमल, चालू क्रिया-कलाप |चालू क्रिया-कलाप, संभालो कुनबा अपना |माना उनसे बीस, किन्तु है अभी निबटना |साम-दाम मद लोभ, बदल ना जाँय निठल्लू |होय खरीद-फर...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
रविकर-पुंज
71

व्यर्थ रेप कानून, कहे इत खुल्लम खुल्ला-

अब्दुल्ला दीवानगी, देख बानगी एक |करे खिलाफत किन्तु फिर, देता माथा टेक |देता माथा टेक, नेक बन्दा है वैसे |किन्तु तरुण घबराय, लिफ्ट की लिप्सा जैसे |व्यर्थ रेप कानून, कहे इत खुल्लम खुल्ला |उसका राज्य...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
रविकर-पुंज
91

सेना है नारायणी, साईँ करो क़ुबूल-

पेशी साईँ की इधर, फूल बिछाते फूल |सेना है नारायणी, साईँ करो क़ुबूल |साईँ करो क़ुबूल, किन्तु नहिं जुर्म कबूला |झोंक आँख में धूल, सतत दक्षिणा वसूला |बेशक नारा ढील, किन्तु फॉलोवर वेशी |भागा लाखों मील, हु...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
रविकर-पुंज
76

बदली सबला रूप, खींच कर रखती डोरी-

आखिर क्यों :आसान नहीं रहता है औरतों का कामानन्द प्राप्त होनाVirendra Kumar Sharma  ram ram bhaiक्रीड़ा-हित आतुर दिखे, दिखे परस्पर नेह |पहल पुरुष के हाथ में, सम्पूरक दो देह | सम्पूरक दो देह, मगर संदेह हमेशा |होय त...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
रविकर-पुंज
93

आ जा भारत रत्न, कांबळी रस्ता नापे

News: Former Indian cricketer Vinod Kambli suffers heart attackकाम्बली की ओर से-खा के झटका मित्र से, दिल का दौरा झेल |जिस भी कारण से हुई, हुई दोस्ती फेल |हुई दोस्ती फेल, कलेजा फिर से काँपे  |आ जा भारत रत्न, कांबळी रस्ता नापे |हु...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
रविकर-पुंज
84

खाये घर की दाल, मजे ले अक्सर रविकर-

करमहीन नर हैं सुखी, कर्मनिष्ठ दुःख पाय |बैठ हाथ पर हाथ धर, खुद लेता खुजलाय |खुद लेता खुजलाय, स्वयं पर रखें नियंत्रण |दे कोई उकसाय, चले ठुकराय निमंत्रण |टाले सकल बवाल, रहे मुर्गी से बचकर |खाये घर क...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
रविकर-पुंज
86

रंग धर्म क्षेत्रीयता, पद मद के दुष्कृत्य

कुंडलियां (१)मानव समता पर लगे, प्रश्न चिन्ह सौ नित्य । रंग धर्म क्षेत्रीयता, पद मद के दुष्कृत्य । पद मद के दुष्कृत्य , श्रमिक रानी में अंतर । प्राण तत्व जब एक, दिखें क्यूँ भेद भयंकर ।रविकर...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
रविकर-पुंज
76

नीति-नियम में लोच, कोर्ट इनको फटकारे-

मुआवजा नहि वेवजह, पीछे घातक सोच |खैरख्वाह इक वर्ग के, नीति-नियम में लोच |नीति-नियम में लोच, कोर्ट इनको फटकारे |इन्हें नहीं संकोच, दूसरा वर्ग नकारे |जो जो खाया चोट, इन्हें दे रहा बद्दुआ |कह इ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
रविकर-पुंज
76

चूर चूर विश्वास, किया क्या हाय शाजिया -

रखे ताजिया *जिया का, भैया अपने आप |अविश्वास रविकर नहीं, पर करता है बाप |पर करता है बाप, रही छवि अब ना उजली |कीचड़ में ही कमल, हाथ में चालू खुजली |चूर चूर विश्वास, किया क्या हाय शाजिया |अंतर दिया मिटाय...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
रविकर-पुंज
72

जिन्दा भारत-रत्न मैं, मैं तो बसूँ विदेश -

जिन्दा भारत-रत्न मैं, मैं तो बसूँ विदेश |पता नहीं यह मीडिया, खुलवा दे क्या केस |खुलवा दे क्या केस, करूँगा खुल के मस्ती |नहीं किसी को क्लेश, मटरगस्ती कुछ सस्ती |बना दिया भगवान्, करूं क्यूँकर शर्मिं...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
रविकर-पुंज
80

बोलो सतत असत्य, डूब के खोजो मोती-

(1)होती जिनसे चूक है, कहते उन्हें उलूक |असत्यमेव लभते सदा, यदा कदा हो चूक |यदा कदा हो चूक, मूक रह कर के लूटो |कह रविकर दो टूक, लूट के झटपट फूटो |बोलो सतत असत्य, डूब के खोजो मोती |व्यवहारिक यह कथ्य, सदा जय...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
रविकर-पुंज
75

मोदी छीने स्वाद, नमक भिजवाना भूला-

ये क्या नमक फांकेगा ?Bamulahija dot Com Cartoon, Hindi Cartoon, Indian Cartoon, Cartoon on Indian Politcs: BAMULAHIJA  भूला रोटी प्याज भी, अब मिलती ना भीख |नमक चाट कर जी रहे, ले तू भी ले चीख |ले तू भी ले चीख, चीख पटना में सुनकर |हुआ खफा गुजरात, हमें लगता ह...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
रविकर-पुंज
71

अंग अंग दे बेंच, देख रविकर का बूता-

खलियाना खलता नहीं, चमड़ी धरो उतार |मँहगाई की मार से, बेहतर तेरी मार |बेहतर तेरी मार, बना के पहनो जूता |अंग अंग दे बेंच, देख रविकर का बूता |जीना हुआ मुहाल, भला है बूचड़-खाना -झटका अते हलाल, शुरू कर ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
रविकर-पुंज
77

सट्टेबाजी में लगा, खलनायक रंजीत-

CBI निदेशक का विवादास्पद ...cbi निदेशक का विवादास्पद बयान, सट्टेबाजी की तुलना रेप से कीhttp://zeenews.india.com/hindi/news/india/cbi-director-gives-controversial-statement-compare-betting-with-rape/194845सट्टेबाजी में लगा, खलनायक रंजीत |कानूनी जामा पहन, मि...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
रविकर-पुंज
70

चला कटारी घोप, हिन्दु हूँ इत्तेफाक से-

पटेल होने का मतलब देश की अस्मिता के लिए काम करना। अखंडता को बनाये रखना हैVirendra Kumar Sharma  ram ram bhai   शिक्षा से क्रिश्चियन हूँ, रोप दिया यूरोप |संस्कार से मुसलमाँ, चला कटारी घोप |चला कटारी घोप, हिन्...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
रविकर-पुंज
78

पुन: मुज्जफ्फर नगर, करूँ क्यूँकर अनुशंसा-

(१)बारी बारी से करें, दरबारी स्तुतिगान |गरिमा से गणतंत्र की, खेल रहे नादान |खेल रहे नादान, अधिकतर गलतबयानी |खानदान वरदान, सयानी रविकर रानी  |कई पालतू सिंह, पाय के मनसबदारी ।  जी हुज...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
रविकर-पुंज
63

लिया पाक से बीज, खाद ढाका से लाये-

खीरा-ककड़ी सा चखें, हम गोली बारूद |पचा नहीं पटना सका, पर अपने अमरूद |पर अपने अमरूद, जतन से पेड़ लगाये |लिया पाक से बीज, खाद ढाका से लाये |बिछा पड़ा बारूद, उसी पर बैठ कबीरा |बने नीति का ईश, जमा कर रखे जख...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
रविकर-पुंज
65

कीचड़ तो तैयार, कमल पर कहाँ खिलेंगे ??Tuesday, 30 July 2013

Tuesday, 30 July 2013खिलें इसी में कमल, आँख का पानी, कीचड़कीचड़ कितना चिपचिपा, चिपके चिपके चक्षु |चर्म-चक्षु से गाय भी, दीखे उन्हें तरक्षु |दीखे जिन्हें तरक्षु, व्यर्थ का भय फैलाता |बने धर्म निरपेक्ष, धर्म की...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
रविकर-पुंज
75

विस्फोटक पर बैठ, मस्त सरकार बिहारी-

नक्सल आतंकी कहीं, फिर ना जायें कोप |शान्ति-भंग रैली करे, सत्ता का आरोप |सत्ता का आरोप, निभाता नातेदारी |विस्फोटक पर बैठ, मस्त सरकार बिहारी |दशकों का अभ्यास, सँभाले रक्खा भटकल |रैली से आतंक, इ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
रविकर-पुंज
67

धोते "रविकर" पाप, आज गर बापू होते -

बापू होते खेत इत, भारत चाचा खेत |सेत-मेत में पा गए, वंशावली समेत |वंशावली समेत, समेंटे सत्ता सारी |  अहंकार कुल छाय, पाय के कुल-मुख्तारी |"ताल-कटोरा" आय, लगाते घोंघे गोते |धोते "रविकर" पाप, आज गर बाप...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
रविकर-पुंज
78
Postcard
फेसबुक द्वारा लॉगिन  
हो सकता है इनको आप जानते हो!  
Rahul
Rahul
bhopal,India
vikas
vikas
delhi,India
Praveen
Praveen
,India
Vishal
Vishal
,India
jayprakash
jayprakash
mohammad ganj,India
Rohit
Rohit
,India