विमल कुमार शुक्ल
मेरी दुनिया की पोस्ट्स

तंजौर

 पूर्व मध्यकाल में चोल साम्राज्य की राजधानी के रूप में विख्यात रहा यह स्थल कावेरी नदी के तट पर ‘मन्दिरों के शहर’ के नाम से भी प्रसिद्ध है| यहाँ चोल शासक राजराज द्वारा बनवाया गया 14 मंजिला व 190 फ...  और पढ़ें
3 सप्ताह पूर्व
मेरी दुनिया
3

शीत का शासन

गली में शीत का शासन,जमाया धुंध ने आसन।कँपा उर देह कंपित है,वसन का त्यागना त्रासन।कृपया पोस्...  और पढ़ें
3 सप्ताह पूर्व
मेरी दुनिया
3

गुणनखण्ड 4

निम्नलिखित का गुणनखण्ड ज्ञात करो-a^3-8/a^3-4a+8/a  कृपया पोस्ट पर कमेन्ट करके अवश्य प्रोत्साहित करें| कृपया पोस्ट पर कमेन्ट करके प्रोत्साहित अवश्य करें|...  और पढ़ें
3 सप्ताह पूर्व
मेरी दुनिया
2

गुणनखण्ड

निम्नलिखित का गुणनखण्ड ज्ञात करो- x^2+x-(a+1)(a+2)हल :-कृपया पोस्ट पर कमेन्ट करके अवश्य प्रोत्साहित करें| कृपया पोस्ट पर कमेन्ट करके प्रोत्साहित अवश्य करें|...  और पढ़ें
3 सप्ताह पूर्व
मेरी दुनिया
2

गुणनखण्ड 2

निम्नलिखित का गुणनखण्ड ज्ञात करो-    (x+y)^2+x+y+z-z^2 कृपया पोस्ट पर कमेन्ट करके अवश्य प्रोत्साहित करें| कृपया पोस्ट पर कमेन्ट करके प्रोत्साहित अवश्य करें|...  और पढ़ें
3 सप्ताह पूर्व
मेरी दुनिया
1

गुणनखण्ड 1

निम्नलिखित का गुणनखण्ड ज्ञात करो-     x^3 - y^3 - 9xy - 27 कृपया पोस्ट पर कमेन्ट करके अवश्य प्रोत्साहित करें| कृपया पोस्ट पर कमेन्ट करके प्रोत्साहित अवश्य करें|...  और पढ़ें
3 सप्ताह पूर्व
मेरी दुनिया
2

स्वागत

पुराना वर्षअलविदा कह रहा है, नया वर्ष बस कुछ ही घंटे दूर खड़ा है| ऐसे में दो छोटी छोटी रचनायें अपने ब्लॉग पाठकों के लिये|[1]चल पड़ा वो छोड़कर मुझको जवानी की तरह,बिन रुके बहते हुए दरिया के पानी की तर...  और पढ़ें
3 सप्ताह पूर्व
मेरी दुनिया
1

जौनपुर

यह नगर उत्तर प्रदेश में गोमती नदी के किनारे स्थित है इसकी स्थापना सुल्तान फिरोजशाह तुगलक ने अपने भाई जूना खां (मुहम्मद बिन तुगलक) की याद में की थी| जब तैमूर ने हिन्दुस्तान पर आक्रमण किया तब उस स...  और पढ़ें
3 सप्ताह पूर्व
मेरी दुनिया
3

जोधपुर

इस नगर की स्थापना 1459 में राव जोधा द्वारा की गयी थी| उसने अपनी राजधानी मंडोर से हटाकर जोधपुर को बनाया था| जब शेरशाह सूरी ने यहाँ के शासक मालदेव को सेमल के युद्ध में हराया तो शेरशाह ने कहा था कि “एक ...  और पढ़ें
3 सप्ताह पूर्व
मेरी दुनिया
2

उदयगिरि

यह स्थल मध्यप्रदेश के रायसीन जिले में बेतवा तथा बेश नदी के मध्य विदिशा का एक उपनगर था| चन्द्रगुप्त द्वितीय के उदयगिरि गुहालेख में इस पहाड़ी का वर्णन है यहाँ पर 20 गुफाएं हैं जो हिन्दू व जैन मूर्त...  और पढ़ें
3 सप्ताह पूर्व
मेरी दुनिया
1

किशनगढ़

जयपुर व अजमेर के मध्य एक नगर जिसकी स्थापना 1575 ईस्वी में जोधपुर के राजा उदयसिंह के पुत्र किशनसिंह ने की थी| यह अपनी चित्रकला की विशिष्ट शैली के लिए प्रसिद्ध है| जिसका प्रारम्भ किशनसिंह के पुत्र ...  और पढ़ें
3 सप्ताह पूर्व
मेरी दुनिया
1

अहिच्छत्र

महाभारतकाल में उत्तर पांचाल की राजधानी रहे इस नगर के अवशेष बरेली-उत्तर प्रदेश के रामनगर गाँव में प्राप्त हुए| समुद्रगुप्त की प्रयाग-प्रशस्ति में वर्णित ‘अच्युत’ नाम के राजा की मुद्राएँ  य...  और पढ़ें
3 सप्ताह पूर्व
मेरी दुनिया
1

ऐहोल

यह स्थान कर्नाटक के बीजापुर जिले में बादामी के पास है| यहाँ से 634 ईस्वी का नरेश पुलकेशिन द्वितीय का एक अभिलेख प्राप्त हुआ है जिसे संस्कृत में जैन कवि रविकीर्ति ने लिखा है| इसमें पुलकेशिन द्विती...  और पढ़ें
3 सप्ताह पूर्व
मेरी दुनिया
1

उज्जैन

मध्यप्रदेश के मालवा क्षेत्र में विख्यात स्थान है| ‘पेरिप्लस ऑफ़ द सी’ पुस्तक में इसे ओजोनी कहा गया है| छठीं शताब्दी ईसा पूर्व में यह अवन्ती महाजनपद के उत्तर भाग की राजधानी थी| बुद्ध के समय यहाँ ...  और पढ़ें
3 सप्ताह पूर्व
मेरी दुनिया
1

आलमगीरपुर

 उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में हिंडन नदी के तट पर स्थित इस स्थल से हड़प्पाकालीन संस्कृति के अवशेष प्राप्त हुए हैं| यहाँ के लोग कपड़ा बुनना जानते थे, तांबे का भी इन्हें ज्ञान था| लोहे के तीर फलक, भ...  और पढ़ें
3 सप्ताह पूर्व
मेरी दुनिया
1

सामूगढ़

आगरा के निकट इस स्थल पर दाराशिकोह एवं औरंगजेब के मध्य 29 मई 1658 में युद्ध हुआ था, जिसमें दाराशिकोह की पराजय जो गयी थी| इसके बाद  8 जून 1658 को ही औरंगजेब ने आगरा पर अधिकार कर लिया था|  कृपया पोस्ट पर क...  और पढ़ें
3 सप्ताह पूर्व
मेरी दुनिया
3

चिरंद

यह नवपाषाणकालीन स्थल पटना के उत्तर-पश्चिम में बिहार राज्य में है| चमकदार पाषाण उपकरणों सहित अस्थिनिर्मित उपकरण एवं औजार यहाँ से प्राप्त हुए हैं| यहाँ के लोग बाँस-बल्ली निर्मित झोपड़ियों में र...  और पढ़ें
3 सप्ताह पूर्व
मेरी दुनिया
3

साकल

रावी एवं चिनाब नदियों के मध्य स्थित यह स्थल वर्तमान में पाकिस्तान के सियाल कोट में है| प्राचीन काल में यह मद्र देश की राजधानी रहा है| यूनानी शासक मिनान्डर की भी यह राजधानी रहा| गुप्तोत्तर काल म...  और पढ़ें
3 सप्ताह पूर्व
मेरी दुनिया
2

काले भगवान

काहे सोंचु करति इन्सान,कालो तुमहिं रंगो भगवान,वेद पुरानन को परमान,गोरेन के काले भगवान||कृपया पोस्ट पर कमेन्ट करके अवश्य प्रोत्साहित करें| कृपया पोस्ट पर कमेन्ट करके प्रोत्साहित अवश्य करें|...  और पढ़ें
4 सप्ताह पूर्व
मेरी दुनिया
3

एक प्रदर्शनी

23/12/2017 पिहानी- स्थान सेंट जेवियर्स सीनियर सेकंड्री स्कूल| मुझे अपने सहायक अध्यापक श्री बृजेश कुमार के साथ यहाँ जाने का अवसर प्राप्त हुआ| यहाँ एक बाल प्रदर्शनी का आयोजन किया गया था| विभिन्न विषयो...  और पढ़ें
4 सप्ताह पूर्व
मेरी दुनिया
2

केन

केन हतः श्याममृगः, केन हता सुनन्दा?केन टू जी धनं हृता, केन आरुषी हता|अद्यावधि अनिर्णीता पदमार्गे मनुजतां,केन छिन्नभिन्ना कृता केन-कदा वदिष्यति?धन्याः अभियोजकाः, धन्याः विवेचकाः,धन्या न्याय...  और पढ़ें
4 सप्ताह पूर्व
मेरी दुनिया
6

शीतकालीन अवकाश

अब आज और कल  (20/12/2017 & 21/12/2017)  इतनी भी ठण्ड नहीं थी कि छुट्टी घोषित कर दी जाये| मुझे तो यह समझ में नहीं आता कि पर्वतीय प्रदेशों में कभी स्कूल खुलते भी होंगे जहाँ रोज ही इतनी ठण्ड होती है| जब मैं स्कू...  और पढ़ें
1 माह पूर्व
मेरी दुनिया
7

हम सब कवि हैं

हम सब कवि हैं। अपने रोजमर्रा के जीवन मेंहम कई बार कविता में ही बतियाते हैं। सवेरे सवेरे पति पत्नी किस तरह कविता में ही बात करते हैं उसका एक नमूना देखें।तौलिया कहाँ है?  अरे! वहीं तो टंग...  और पढ़ें
1 माह पूर्व
मेरी दुनिया
8

तक्षशिला

तक्षशिला का शाब्दिक अर्थ है शिलाखण्डों पर बसा शहर| यह स्थल वर्तमान पाकिस्तान के रावलपिंडी जिले में रावलपिंडी से 33 किमी पश्चिम में सिरकप नामक स्थान पर रहा है| किसी समय यह गांधार राज्य की राजधा...  और पढ़ें
1 माह पूर्व
मेरी दुनिया
9

उत्तर मेरूर

यह स्थल तमिलनाडु में था| यहाँ से चोल शासक परान्तक प्रथम का एक अभिलेख मिला है जो वहाँ के स्थानीय स्वायत्त शासन का पर प्रकाश डालती है| यह शिलालेख मन्दिर की दीवार पर खुदा है| प्रशासन में स्थानीय लो...  और पढ़ें
1 माह पूर्व
मेरी दुनिया
8

वल्लभी

यह स्थल गुजरात में है| यह स्थान प्राचीनकाल में शिक्षा, धर्म एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए प्रसिद्ध रहा है| इसी स्थल पर द्वितीय बौद्ध संगीति हुई थी| गुप्तोत्तरकाल में यहाँ मैत्रक वंश का शास...  और पढ़ें
1 माह पूर्व
मेरी दुनिया
14

मेहरानगढ़

यह दुर्ग राजस्थान के जोधपुर जिले में है| इसका निर्माण 1459 में राव जोधा ने 400 फीट ऊँची चिड़ियानाथ नाम की पहाड़ी पर करवाया था|   कृपया पोस्ट पर कमेन्ट करके अवश्य प्रोत्साहित करें| कृपया पोस्ट पर कमे...  और पढ़ें
1 माह पूर्व
मेरी दुनिया
7

मंडोर

यह दुर्ग राजस्थान के जोधपुर के पास है| इस दुर्ग पर बौद्ध शैली का प्रभाव है| माना जाता है कि प्राचीनकाल में यह स्थल मान्डव्य ऋषि की तपस्थली रहा है अतः पहले इसका नाम मांडव्यपुर था बाद में मंडोर हो...  और पढ़ें
1 माह पूर्व
मेरी दुनिया
8

तारागढ़

इस किले का निर्माण राजस्थान के बूँदी जिले में सन 1354 में राव बरसिंह ने करवाया था|  कृपया पोस्ट पर कमेन्ट करके अवश्य प्रोत्साहित करें| कृपया पोस्ट पर कमेन्ट करके प्रोत्साहित अवश्य करें|...  और पढ़ें
1 माह पूर्व
मेरी दुनिया
7

जालौर

जालौर का दुर्ग अरावली पहाड़ी पर चार सौ फीट की ऊंचाई पर सूंकड़ी नदी के तट पर स्थित है| इसे नौवीं शताब्दी में परमारवंशीय राजाओं ने बनवाया था| इस पर चौहानों व चालुक्यों के बाद 1310 में अलाउद्दीन खिलजी ...  और पढ़ें
1 माह पूर्व
मेरी दुनिया
7
Postcard
फेसबुक द्वारा लॉगिन  
हो सकता है इनको आप जानते हो!  
Syed Viqar Ahmad Naqvi
Syed Viqar Ahmad Naqvi
Farrukhabad,India
KAPIL DEV
KAPIL DEV
churu,India
sunil dubey
sunil dubey
noida,India
Ravindra Swami
Ravindra Swami
churu,India
Shoaib
Shoaib
Patna,India