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नई हलचल

गायब होने का उम्दा भारतीय कौशल

लो, जी आदमी गायब हो सकेगा। साइंस ने ऐसी तरकीब खोज कर ली है। अमरीका आदि देशों ने यह खोज की है। वैसे इसमें नई खोज क्या हुई। इंडिया में यह तरकीब बहुत पहले से चालू है। साइंस की मदद से गायब आदमी कुछ दे...  और पढ़ें
9 वर्ष पूर्व
surjeet singh
ख़राशें
42

महंगाईबाजी बनाम कमेटीबाजी

एक अप्रेल को खबर आई कि सरकार महंगाई पर लगाम कसेगी। यह संशय भरी खबर थी। यह वैसी ही घोषणा थी, जैसी अक्सर सरकारों की हुआ करती हैं। लोगों ने इसलिए भी भरोसा कम किया कि कहीं वे अप्रेल फूल न बन जाएं। लेक...  और पढ़ें
9 वर्ष पूर्व
surjeet singh
ख़राशें
43

कौन है यह मल्लिका साराभाई?

कौन है यह मल्लिका साराभाई?पता नहीं।तूने नाम सुना है पहले।नहीं तो...तुमने?मैंने भी नहीं सुना।फिर?फिर क्या?(सवाल यह था कि फिर क्यों छापा जा रहा है।)खैर, सहवाग ने कितने बना लिए?तिहरा शतक ठोक दिया।प...  और पढ़ें
9 वर्ष पूर्व
surjeet singh
ख़राशें
44

मेरी होली

मेरी होलीये फागुनी नशा है औ बसन्ती है जादूमेरी आँखें बिन भंग लाल-लाल हो गईंसाजन ने बाहों में भर के रंग डालाअबके होली में मैं मालामाल हो गई ।मुझ-हीं से लेके रंग, मुझ-हीं को लगाएहै तू रंग मेरा जो र...  और पढ़ें
9 वर्ष पूर्व
AJANTA SHARMA
अजन्ता शर्मा
32

प्राण...

आँसू यह अब झरता नहींकिसी को चुप करता नहींबस गाँठों पर गाँठेंयहाँ कसता है आदमीएक पल में प्राण गयेतो मुर्दा है आदमीकहता है तो रूकता नहींखुद की भी यह सुनता नहींबस छोड़कर यहाँ खुदकोसब जानता है आद...  और पढ़ें
9 वर्ष पूर्व
Reetesh Gupta
भावनायें...
69

दूर तक है बहना...

अभिव्यक्ति से बढ़कर रखी थीअव्यक्त से आशाइंसानियत को मानकरसही धर्म की परिभाषाउसने पहलेजितना सहा जा सकता थाउतना सहाफ़िरजितना कहा जा सकता थाउतना कहापर धीरे-धीरे उसने जानागर अकेले चल पड़ातो भी म...  और पढ़ें
9 वर्ष पूर्व
Reetesh Gupta
भावनायें...
67

कर्मयोग, ज्ञानयोग और भक्तियोग...

हे केशव तुमने ज्ञान,कर्म और भक्तियोग समझाकरअर्जुन का विषाद हर लिया थापर इस कलयुग मेंतुम्हारी कोई जरूरत नहींनिज स्वार्थ में डूबे पार्थों कोयहाँ कोई विषाद नहींइस युग में तुम्हारा कर्मयोगअब ...  और पढ़ें
9 वर्ष पूर्व
Reetesh Gupta
भावनायें...
67

धन्य है जिदंगी यह हमारी...

गायत्री परिवार का यह सुंदर भजन मुझे बहुत प्रिय है । आप भी इसे नीचे दी गई लिंक पर सुन सकतें हैं । लिंक पर जाकर गाने पर क्लिक करें । साथ में नीचे भजन के बोल भी दिये गये हैं । धन्यवाद...http://multimedia.awgp.org/?mission_visio...  और पढ़ें
9 वर्ष पूर्व
Reetesh Gupta
मेरी पसंद...
66

तुम बेसहरा हो तो...

मुझे फ़िल्म अनुरोध का गाना "तुम बेसहारा हो तो..." बहुत पसंद है । आप इस गाने को नीचे दी गई लिकं से सुन सकते हैं । लिंक पर जाकर गीत select करके play बटन पर click करें । साथ में गाने के बोल भी दिये गये हैं ।http://www.youtube.com/wa...  और पढ़ें
9 वर्ष पूर्व
Reetesh Gupta
मेरी पसंद...
66

एक और दिन चला गया यूँ ही...

रात हो चुकी थीदिन भर के थके पंछीसंतुष्ट एवं आनंदमग्नचहचहा रहे थे अपने घोंसलों मेंपेड़-पोधे भी अपार संतोष लियेसो रहे थे गहरी नींद मेंवहीं दूसरी ओरइंसानों की बस्ती मेंछाई हुई थी गहरी उदासीसब स...  और पढ़ें
10 वर्ष पूर्व
Reetesh Gupta
भावनायें...
65

नेता बनाम राजा...

बिन्देश्वरी दुबे शहर के बड़े लोकप्रिय नेता माने जाते थे । उनके कद का कोई दूजा नेता पूरे नगर में ना था । जनता उन्हें गरीबों का मसीहा मानती थी । कालेज में छात्रों के बीच उनकी बड़ी चर्चा हुआ करती थी ...  और पढ़ें
10 वर्ष पूर्व
Reetesh Gupta
भावनायें...
63

सपने भी सुंदर आयेगें...

संस्कारों से मिली थीउर्वरा धरती मुझेस्नेह का स्पर्श पाकरबाग पुष्पित हो गयाभावनाओं से पिरोयासूत में हर पुष्प कोमाला ना फ़िर भी बन सकीअर्पण जिसे मैं कर सकूँहे ईश सविनय आज तुमको----प्रयास भगीरथ ...  और पढ़ें
10 वर्ष पूर्व
Reetesh Gupta
भावनायें...
72

एक कविता----मुंडेर पे छत की बैठ कबूतर गाते तो होंगे..

एक ब्लॉग पढ़ रहा था...शीर्षक था ...(ये खून के रिश्ते ) और नाम था..दिल के दरमियां.. तो ..मेरे जहन में एक कविता ने जन्म लिया...ये खून के रिश्ते दिल के दरमियां आते तो होंगे॥मुंडेर पे छत की बैठ कबूतर गाते तो ह...  और पढ़ें
10 वर्ष पूर्व
सचिन
कभी कभी
90

अपहरण...

अभी कुछ दिन पहलेकिसी अपने ने मुझसे कहाअरे अब तो आप भी हो गयेरीतेश होशंगाबादीमैं सोचने लगाअब कहाँ होती हैव्यक्ति की पहचान उसकेगाँव या शहर सेउसकी पहचानअब सिर्फ़ इससे हैकी वह आदमी है या औरतऔर हा...  और पढ़ें
10 वर्ष पूर्व
Reetesh Gupta
भावनायें...
75

गालिब का एक शेर...........

बहुत दिनो के बाद आज आपसे मुखातिब हुये हैं......आज एक शेर...गालिब का एक शेर याद आ रहा है.....................हम कहां के दाना थे किस हुनर में यकता थेबेसबब हुआ दुश्मन गालिब आसमां अपना।हुई मुद्दत कि गालिब मर गया पर ...  और पढ़ें
10 वर्ष पूर्व
सचिन
कभी कभी
94

एक अच्छी कविता की नींव...

कुछ देर पहले ही की तो बात हैहर तरफ़ लगा हुआ था मेलाकोई भी नहीं था मेरे अंदर अकेलामिल रही थी ह्रदय को पर्याप्त वायुमन आश्वस्थ थाऔर कान भूल गये थे सन्नाटे की आवाजफ़िर रूक रूककर आने लगीं गहरी साँसे...  और पढ़ें
10 वर्ष पूर्व
Reetesh Gupta
भावनायें...
70

मेरी रागिनी मनभावनी...

मेरी रागिनी मनभावनीमेरी कामिनी गजगामिनीजीवन के पतझड़ में मेरेतू है बनी मेरी सावनीशब्द सब खामोश थेबेरंग थी मन भावनासंगीतमय जीवन बनाजो तू बनी मेरी रागिनीआँखों को जो अच्छा लगेसुंदर कहे दुनिय...  और पढ़ें
10 वर्ष पूर्व
Reetesh Gupta
भावनायें...
80

शेर और भैंस...

रोज-रोज की मारामारी से तंग आकरभैंसों ने सोचा चलो शेरों से संधि की जायेशेरों की जरूरत को ध्यान में रखते हुयेतय हुआ कि रोज दो भैंसें शेरों को सौंप दी जायेगींजानकर शेरों का चेहरा खिल गयासोचने लग...  और पढ़ें
10 वर्ष पूर्व
Reetesh Gupta
भावनायें...
68

पति-पत्नी...

पति-पत्नीसाथ रहते रहतेकुछ-कुछ एकसा दिखने लगते हैंबहुत कुछ एकसा सोचने लगते हैंआजकल यह सोचकरवो जरा डर रहें हैंइसलिये चेहरे पर कमविचारों पर अधिकध्यान दे रहें हैं...  और पढ़ें
10 वर्ष पूर्व
Reetesh Gupta
भावनायें...
74

मुझे जलाने में...

वो इतना जलते हैंफ़िर भी राख नहीं बनतेमैं सोचकर हैरान हूँथोड़ा परेशान हूँकितना जलना पड़ता होगा उन्हेंथोड़ा मुझे जलाने मेंआजकल नज़र उनकीहमसे नहीं मिलतीहमे देखते ही वोरास्ता बदल लेते हैंमैं सोचक...  और पढ़ें
10 वर्ष पूर्व
Reetesh Gupta
भावनायें...
66

पृष्ठभूमि...

आजकल हर छोटी बड़ी बात परहो जाता है संघर्षबह जाता है खूनपहले की तरहअब कम ही निकलता हैबातचीत और शान्ति सेसमस्याओं का समाधानआज फ़िर दुर्योधन ठुकरा रहें हैंकृष्ण का शान्ति संदेशऔर बना रहें हैं बं...  और पढ़ें
10 वर्ष पूर्व
Reetesh Gupta
भावनायें...
55

घुटन होती है मुझे...

आदमखोर शेर को मारने के लियेगाँव वालों की मेहनत से बने मचान सेबंदूकधारी हाथों को डर से काँपता देखकरघुटन होती है मुझेअन्याय की अट्टाहस सेमुकाबले के लिये तैयार निहत्थे लोगों सेमशीनगन लिये पुल...  और पढ़ें
10 वर्ष पूर्व
Reetesh Gupta
भावनायें...
88

हमारी ही मुठ्ठी में...

प्रहार फ़िल्म का यह गीत निराशा के क्षणों में मुझे बहुत प्रेरणा देता है । नीचे दिये गये लिंक से आप भी इसे सुन सकतें हैं । लिंक पर जाकर गीत select करके play बटन पर click करें ।http://www.youtube.com/watch?v=MUmPjIxdAmEसाथ ही इस गीत के ब...  और पढ़ें
10 वर्ष पूर्व
Reetesh Gupta
मेरी पसंद...
74

इनपे भरोसा कभी ना करना

इनपे भरोसा समझो अपनी जान आफत में डालना है। यानिहमारे एक मित्र हैं चंदूलाल पालकीवाला। यही कोई पचास के लपेट में होंगे। अभी पिछले ही हफ्ते उनकी पालकी उठ गयी मतलब यम के दूत हमारे चंदू जी को उस स्थ...  और पढ़ें
10 वर्ष पूर्व
सचिन
कभी कभी
74

बदले ढंग तो संग भी हैं बदले,......एक गज़ल

बदले ढंग तो संग भी हैं बदले,जीने के फिर हमारे रंग भी बदले॥हां हुये हैं कुछ - कुछ गमगीन हम ना चैन दिन में रातों को नींद कम॥और तो और ग़लतफहमियों के शिकार हो गये,दुनिया की नज़रों से दरकिनार हो गये॥श...  और पढ़ें
10 वर्ष पूर्व
सचिन
कभी कभी
68

एक गजल

मौन हृदय से मेरे अब आवाज रुंधी सी आती हैआती है जब भी याद जी भरकर आती है...मसरुफ हैं वो तो मसरुफ हम भी हैं, ख्वाबों के भंवर में हर रात गुजर जाती है...परेशां रहोगे कब तलक ए बिखरे हुये नजारों बंजर अब ज़...  और पढ़ें
10 वर्ष पूर्व
सचिन
कभी कभी
53

समाचार बाजार बनाता है....

निर्मल आंनद जी का आलेख पढ़ा ॥समाचार कौन बनाता है... मै इस बात से सहमत नही हूं कि शिल्पा-गेर प्रकरण किसी सोची समझी रणनीति का हिस्सा था। जिस समय ये खबर आयी उस समय ऑफिस मे मौजूद था। रात्रि के दस बज चु...  और पढ़ें
10 वर्ष पूर्व
सचिन
कभी कभी
50

है दर्द मेरे दिल में.....

है दर्द मेरे दिल में , लबों पे ये हंसी हैं ,अंधेरों का सफर है, ना कोई रोशनी है। वक्त है कि कभी हमसफर ना बन सका जिंदगी बस यूं ही जिंदगी है, अंधेरों की तन्हाइयां है कि मै सफर में हूं गमों की खामोशियां ...  और पढ़ें
10 वर्ष पूर्व
सचिन
कभी कभी
54

I longed for the स्टार्स........

I longed for the starsDwelling far and far AwayI cud only findBut a baffling wayI longed for the sunGlowing and SplashingI could only feelMy hands burningI longed for the dreamsThat were not trueI could only feel only blueThough I have a Heartshattered, Gloomy eyesYet I will long for All Skies ........  और पढ़ें
10 वर्ष पूर्व
सचिन
कभी कभी
63

सपने..जो अक्सर टूट जाया करते हैं......

खामोश शाम के साथ -साथसपने भी चले आतें हैं। बिस्तर पर लेटते हीघेर लेते हैं मुझे और नोचने लगते है अपने पैने नाखूनो से ..जैसे चीटियों के झुंड में कोई मक्खी फंस गयी हो घर , कार, कम्प्यूटर, म्यूजिक सि...  और पढ़ें
10 वर्ष पूर्व
सचिन
कभी कभी
54


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