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सीख

सीख                                                सुश्री शांति पुरोहित की कहानी         आज मीनू की शादी को सात माह होने को आये है| रोहित के साथ वो इतनी खुश थी कि उसे अपने म...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
SHIKHA KAUSHIK
WORLD's WOMAN BLOGGERS ASSOCIATION
58

गॉड पार्टिकल (भाग - 1)

आज मैं आपको गॉड पार्टिकल के बारे कुछ बताना चाहता हूँ कि गॉड पार्टिकल एक कण है। जिसे जिनेवा स्थित दुनिया की सबसे बड़ी प्रयोगशाला सर्न में मौजूद लार्ज हेड्रोन कोलइडर में खोजा गया है। गॉड पार्ट...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
HARSHVARDHAN SRIVASTAV
Knowledgeable-World
136

अहंकार

एक संन्यासी एक राजा के पास पहुंचा। राजा ने उसका खूब आदर-सत्कार किया। संन्यासी कुछ दिन वहीं रूक गया। राजा ने उससे कई विषयों पर चर्चा की और अपनी जिज्ञासा सामने रखी। संन्यासी ने विस्तार से उनका उ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
हंसराज 'सुज्ञ'
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"समीक्षा पोस्ट" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

मित्रों!      दोहा छन्द अर्धसम मात्रिक छन्द है। इसके प्रथम एवं तृतीय चरण में तेरह-तेरह मात्राएँ तथा द्वितीय एवं चतुर्थ चरण में ग्यारह-ग्यारह मात्राएँ होती हैं। दोहा छन्द ने काव्य साहित्य ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक
184

bijli mahadev temple , Kullu , Himachal ,बिजली महादेव मंदिर , कुल्लू , हिमाचल

bijli mahadev temple ,kullu , himachal travelogue2438 मीटर की उंचाई पर है बिजली महादेव का मंदिर । कुल्लू से 20 औश्र मनाली से करीब 50  किलोमीटर दूर है ये जगह और चनसारी गांव यहां का आखिरी पडाव है ।मंदिर के पास पहुंचकर मैने जूते उता...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
Manu
yatra (यात्रा ) मुसाफिर हूं यारो .............
117

बुधवारीय चर्चा --- १२९५ ....... जीवन के भिन्न भिन्न रूप ..... तुझ पर ही वारेंगे हम .!

चर्चा मंच के पूरे परिवार , मित्रो और पाठकों को  आपकी मित्र शशि पुरवार का स्नेह  भरा नमस्कार . _/\_ आज की चर्चा में जीवन के सभी रंग शामिल है .... कहीं धूप  तो कहीं   छाँव है जीवन की ......जीवन के अनेक रं...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक
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लड़कों को क्या पता -घर कैसे बनता है ...

लड़कों को क्या पता -घर कैसे बनता है ...एक समाचार -कैप्टेन ने फांसी लगाकर जान दी ,.बरेली में तैनात २६ वर्षीय वरुण वत्स ,जिनकी पिछले वर्ष २८ जून को एच.सी.एल .कंपनी में सोफ्टवेयर  इंजीनियर रुपाली से श...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
SHALINI KAUSHIK
! कौशल !
58

बेटा शरीफ के ब्रेन को क्यूँ देता है तू पेन ?

[सन्दर्भ -Don't buy electricity from India: Hafiz Saeed to Pak - Hindustan Timeswww.hindustantimes.com/world-news/Pakistan/Don-t-buy-el...1 day ago ... Don't buy electricity from India: Hafiz Saeed to Pak. PTI ...comments Tweet ... His warning to the Sharif government came in the wake of its ...]Home » South AsiaHafiz Saeed warns Pak against friendship with India ]    नेता जी &nbs...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
SHIKHA KAUSHIK
नेता जी क्या कहते हैं ?
49

वैश्य महिलाओं के मेयर बनने पर हार्दिक बधाई

साभार : वैश्य एक्सप्रेस ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
Praveen Gupta
हमारा वैश्य समाज - HAMARA VAISHYA SAMAJ
74

KGBV (कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय) : लड़कियों की क्षमताओं पर भरोसा करना

फरवरी का महीना राजस्थान के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में शैक्षणिक मेलों के माहौल का होता है। इन मेलों मे लड़कियां तरह – तरह की स्टॉल लगाती हैं जो उनके विषय की भी होती हैं और मस्ती की भी...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
Dalip
कथोपकथन
44

बड़ा खुलासा आज, किया क्यूँ इस "इसरो" ने-

रविकर पक्का धूर्त, इसे दो रोने धोने -इस रोने से क्या भला, नहीं समय पर चेत |बादल फटने की क्रिया, हुवे हजारों खेत |हुवे हजारों खेत, रेत मलबे में लाशें  |दुबक गई सरकार, बहाने बड़े तलाशें |रविकर पक्का ध...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
रविकर
"लिंक-लिक्खाड़"
48

उत्थानों की बात, करोगे कब रे थानों-

थानों में हैं मुर्गियां, हवालात में लात |हवा लात खा पी करें, अण्डों की बरसात |अण्डों की बरसात, नहीं तो डंडे बरसें |बरसों से यह खेल, झेलती पब्लिक डरसे |भोगे नक्सलवाद, देश मानों ना मानो |उत्थानों की ब...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
रविकर
रविकर की कुण्डलियाँ
49

रविकर पक्का धूर्त, इसे दो रोने धोने -

इस रोने से क्या भला, नहीं समय पर चेत |बादल फटने की क्रिया, हुवे हजारों खेत |हुवे हजारों खेत, रेत मलबे में लाशें  |दुबक गई सरकार, बहाने बड़े तलाशें |रविकर पक्का धूर्त, इसे दो रोने धोने  |बड़ा खुलासा ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
रविकर
"कुछ कहना है"
46

मोबाइल चैटिंग का नया अंदाज

आप सभी को मेरे ब्लॉग पर  आने के लिए भदाई आज आप के लिए एक ऐसी साईट लेकर आया हु जिस पर जाकर आप सभी  को बहुत  मजा आएगा इस साईट पर जाने के लिए यहा क्लिक करे वि चैट का सोफ्टवेअर इंस्टोल करे आप इससे ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
bheemraj
internet ki bate
66

अन्याय एक लघु कथा

          अन्याय एक लघु कथा                       सुश्री शांति पुरोहित की कहानी                                                                          ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
SHALINI KAUSHIK
WOMAN ABOUT MAN
91

दोहे

जल बिन सब बेजान हैं ,धरती कहे पुकारबरखा देखो आ गई ,लेकर सुखद फुहारघाव धरा के भर गए , ग्रीष्म हो गया लुप्तजल फैला चहुँ ओर है ,धरा हो गई तृप्तबरखा ले कर आ गई , राहत और सुकूनदिल्ली भी अब बन गई ,देख देहरा...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
सरिता भाटिया
गुज़ारिश
49

पाखंड (कुछ दोहे

निर्मल बाबा नाम है ,मन में रखते मैल!खुद को समझे लोमड़ी ,बाकी सबको बैल !!बाहर से सुन्दर दिखें, भीतर मैला अंग।असुर जैसा बदल रहे , भांति भांति से रंग।!बोलबचन भौकाल से,छाप रहे है नोट,पाखंडी लड्डू चखें ,...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक
66

दोहा : परिचय एवं विधान

दोहा चार चरणों से युक्त एक अर्धसम मात्रिक छंद है जिसके  पहले व तीसरे चरण में १३, १३ मात्राएँ तथा दूसरे व चौथे चरण में ११-११ मात्राएँ होती हैं, दोहे के सम चरणों का अंत 'पताका' अर्थात गुरु लघु से ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक
55

बेहतरीन इबादत

सबसे बेहतरीन इबादतों में से एक है तन्हाई में अपने ईश्वर को याद करना, जहाँ तीसरा कोई नहीं हो... जैसे कि रात के अंधेरों में उससे बातचीत करना या फिर शौच या स्नान के समय कहना कि जिस तरह शरीर की गन्...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
Shah Nawaz
34

लड़कों को क्या पता -घर कैसे बनता है ...

लड़कों को क्या पता -घर कैसे बनता है ...  एक समाचार -कैप्टेन ने फांसी लगाकर जान दी ,.बरेली में तैनात २६ वर्षीय वरुण वत्स ,जिनकी पिछले वर्ष २८ जून को एच.सी.एल .कंपनी में सोफ्टवेयर  इंजीनियर रुपाली स...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
SHALINI KAUSHIK
WOMAN ABOUT MAN
86

देवभूमि की त्रासदी के जिम्मेदार कब तक अपनी जिम्मेदारी से भागेंगे !!

देवभूमि उतराखण्ड में आई आपदा के बाद जैसे जैसे दिन गुजरते जा रहे हैं वैसे वैसे इस आपदा के लिए जिम्मेदार कौन है यह भी साफ़ होता जा रहा है ! लेकिन निर्लज्जता की पराकाष्ठा तो देखिये जिनकी लापरवाही ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
पूरण खण्डेलवाल
91

hard working lady of himachal ,हिमाचल की मेहनती औरत

hard working lady of himachal जब मैने जंगल को पार कर लिया तो खुला मैदान आ गया । यहीं पर एक कृत्रिम झील बनाने की कोशिश की गयी है । बरसात में ये झील पानी से भर जाती होगी । अंबाला वाले आदमी और उनके बच्चे उपर खडे कमर पर ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
Manu
yatra (यात्रा ) मुसाफिर हूं यारो .............
90

जनाब "सरवर" की एक ग़ज़ल : हम हुए गर्दिश-ए-दौरां.....

हम हुए गर्दिश-ए-दौरां से परेशां क्या क्या ! क्या था अफ़्साना-ए-जां और थे उन्वां क्या क्या ! हर नफ़स इक नया अफ़्साना सुना कर गुज़रा दिल पे फिर बीत गयी शाम-ए-ग़रीबां क्या क्या ! तेरे आवारा कहाँ जायें...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
आनन्द पाठक
उर्दू से हिंदी
57

रोज़ी जी आप ये ब्लॉग का नाम बदल दें !

कितना विचित्र व् अपमानजनक है ये ब्लॉग का नाम -i am the great indian hot womenrosy daruwala's bloghttp://rosydaruwala.blogspot.in  हिंदी   ब्लॉग जगत में ऐसे नाम के ब्लॉग को कभी कोई स्थान नहीं दिया  जा  सकता  है  . भारतीय नारी श्रद्धा  क...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
SHIKHA KAUSHIK
भारतीय नारी
66

विज्ञान में कला

जिस तरह कला में विज्ञान निहित है। क्या उसी तरह विज्ञान में कला भी निहित है ??...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
अज़ीज़ राय
3

कुछ अनछुए पहलू!

तन्हाइयों में घिरा कुछ सुकून की तलाश में सोचा इक खामोश सा कमरा ढूंढ लूं मकान में खुशकिस्मती से इक कोठरी मिली जिसे खोला तो देखा उसमें मेरे बचपन का हर लम्हा बिखरा हुआ है ये लम्हे अब मेरी तन्ह...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
surender
"ख़्वाबों का तसव्वुफ़"
30

हमें जरुरत क्या है अपने दैनिक जीवन में भगवान् की....?(कुँवर जी)

श्री हरी!ॐ !हमें जरुरत क्या है अपने दैनिक जीवन में भगवान् की?उसके अस्तित्व को मानने अथवा न मानने से क्या फर्क पड़ता है हमारे दैनिक जीवन में?उनका नाम लेने से अथवा स्मरण करने से अथवा उनके अस्तित्व ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
hardeep rana
kunwarji's
93

5 हाइकु

विचित्र लगे   रोज होता उत्सवमधुशाला मेंमिटते यहाँभेद-भाव सबकेमधुशाला मेंआसमान कीरस्सी पर लटकेये चाँद-तारे   रोज देखतीरस्सी पर झूलतीजवाँ चाँदनीरोज सूखतीअलगनी पे देखोछत पे धूप....  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
Sarika Mukesh
अंतर्मन की लहरें Antarman Ki Lehren
43

विपत-प्रबंधन ढील, बहे घर-ग्राम-कबीला-

थोथी-थूल दलील दे, भाँजे लापरवाह | लीला लाखों जिंदगी, कातिल है नरनाह | कातिल है नरनाह, दिखाए दुर्गति-लीला | विपत-प्रबंधन ढील, बहे घर-ग्राम-कबीला | धरे हाथ पर हाथ, मजे में बाँचे पोथी | छी छी सत्ता स्वार...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
रविकर
रविकर की कुण्डलियाँ
59

राजनैतिक दोहे

आज़ादी है मुल्क में,करता रह विस्फोट |सत्ता को लाशें नहीं,गिनने हैं कुछ वोट कब्रगाह में हो गया,पूर्ण नगर तब्दील |नेता मंचों पर खड़े, देते  रहे  दलील |हर हत्या के बाद वे, ला कठोर प्रस्ताव |राजध...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक
54


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