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नई हलचल

lohajung , mundoli , dewal ,लोहाजंग ,मुंडोली , देवाल

पहली बार मुझे लोहाजंग में कम समय मिला था रूकने का और वो भी एक लाज में ही , इस बार मैने लोहाजंग के सुंदर मंदिर को देखने का निश्चय किया । वैसे जाट देवता भी काफी जल्दी में लोहाजंग से गुजरे थे और उनके ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
Manu
yatra (यात्रा ) मुसाफिर हूं यारो .............
146

प्यार की वैज्ञानिक कविता

प्यार की वैज्ञानिक कवितास्मृति के चुम्बक परबारहा लौट आते हो लौह दिल के मालिक यास दिए जाते हो मन नाभिक के पास   इलेक्ट्रान बने घूमते हो आतंरिक कक्षा में बने ना समीप ना दूर होते हो क्यों मेरे ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
निहार रंजन
बातें अपने दिल की
151

प्रेम-बिछड़ना

बिछडना प्रेम  को पूर्ण करता है ,कहीं न कहीं ये बात एक दम सही है . क्यों कि जब प्रेम आसानी से मिल जाता है तब थोड़े दिन में प्रेम नहीं रहता है... बस एक रिश्ता भर रह जाता है जिसे दो लोग शायद जिंदगी भर ढ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
sakhi
sakhi with feelings..kahaniya/Articles
18

Rohan

Best shayri in hindi movies
5 वर्ष पूर्व
Rohan
40

एडवांस ऑर्डर मिलने पर होली की उपाधियाँ बांट रहा हूँ... लेंगे क्या ?

...होली 'त्यौहारों का त्यौहार' है... खूब मौज-मस्ती होती है इस दिन...न कोई बड़ा और न कोई छोटा... आप हर किसी के गले मिलते हैं, उसे रंगों से सराबोर करते हैं... और उससे वह बात भी कह देते हैं जो आप किसी न किसी लिह...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
प्रवीण शाह
33

ईश्‍वर

र्इश्‍वर मूर्तियों में नहीं आपकी भावनाओं में और आत्‍मा आपका मन्दिर है। --- चाणक्‍य ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
रौशन जसवाल विक्षिप्‍त
29

मृत शरीर को प्रणाम :सम्मान या दिखावा

मृत शरीर को प्रणाम :सम्मान या दिखावाअरस्तू के अनुसार -''मनुष्य एक सामाजिक प्राणी  है समाज जिससे हम जुड़े हैं वहां रोज़ हमें नए तमाशों के दर्शन होते हैं .तमाशा ही कहूँगी मैं इन कार्यों को जिनकी आय...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
SHALINI KAUSHIK
! कौशल !
60

कर्मशीलता

कर्मशील लोग शायद ही कभी उदास रहते हो कर्मशीलता और उदासी दोनों साथ साथ नहीं रहती । -- बोवी...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
रौशन जसवाल विक्षिप्‍त
46

अज्ञेय की काव्य दृष्टि: कुछ नोट्स- महेश आलोक

               अज्ञेय की काव्य दृष्टि: कुछ नोट्स                       (तार सप्तक एवं दूसरा सप्तक के संदर्भ में)                            &n...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
Mahesh Alok
कलम
35

पर्वत पिघलने से रहा

यहां कोई क्रांति नहीं होने वालीलाख हो-हल्ला होधरने और अनशन होंक्रांति की सामग्री मौजूद नहीं यहांजाति, धर्म, क्षेत्र में बंटेलोग क्रांति नहीं करतेअपने पेट की फिकर में परेशानलोग आंदोलन नहीं ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
बृजेश नीरज
Voice of Silent Majority
68

हिन्दू गान - सुधीर मौर्य 'सुधीर'

Sudheer Maurya ===============आओ मिलके गाये उन हिन्दुओ की आरती अभिमान जिनपे करती है अपनी माँ भारती तक रहा वो हिन्द था पर्शिया को जीत के अभिमान चूर कर दिया चाणक्य, चन्द्रगुप्त ने चीन भी थर्राता था उस बर्...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
सुधीर मौर्य
कलम से..
101

अँधेरी रात का चाँद

बड़ी अजीब  मेरे  मुहब्बत की  कहानी  हैदिल है जिसका, वो किसी और की दीवानी है.हर ख्वाहिश किसी  की पूरी  नहीं होती ये मुकद्दर की बात है, तहरीरे पेशानी है. किसी दरख़्त पर  मुझे  पनाह नही...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
KAVYASUDHA (काव्य सुधा)
KAVYA SUDHA (काव्य सुधा)
50

बेटा भेजूं हाट, समय-गति गत कर काटे -

काटे गए दरख्त हैं, बूढ़ पुरनियाँ रूग्न |बीज नए यूरोप के, उगते पादप *भुग्न | उगते पादप *भुग्न, महामारी फैलेगी |हुवे अधिनियम सख्त, त्रास लडको को देगी |मिले विकट हथियार, कलेजा रविकर फाटे |बेटा भेजूं ह...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
रविकर
"कुछ कहना है"
43

पता नहीं इस लड़की का क्या होगा?-2

इस बीच एस0एस0पी0 अमरेश  मिश्रा और डी0आई0जी0 कल्लूरी से लिंगा की बुआ सोनी और उसके पति अनिल मिले। दोनों से पुलिस अधिकारियों ने साफ-साफ कहा कि लिंगा ने कोर्ट में पुलिस की इज्जत खराब की है, उनके पास उ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
loksangharsha
लो क सं घ र्ष !
39

Attack at crpf camp ,facebook news

आज फेसबुक पर मैने देश के ​नीति निर्धारको के खिलाफ गुस्से की आग भडकती देखी । श्रीनगर में हुए हमले के बाद नेताओ और उनकी नीतियो के खिलाफ सोशल मीडिया में हल्ला मचा है । कुछ चुनिंदा तस्वीरे और फेसब...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
Manu
yatra (यात्रा ) मुसाफिर हूं यारो .............
232

आखिर क्यूँ ?

हुकुमरानो के तोहफों में रोज क्यूँ इजाफ़ा हो रहा ?
मुफलिसी में इंसान रोज भूख से क्यूँ बेजार हो रहा ?
दिलों मे...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
सुनीता शर्मा
12

नाग गले शशि गंग धरे तन भस्म मले शिथिलाय रहे-

मदिरा सवैया स्वारथ में कुल देव पड़े, शुभ मंथन लाभ उठाय रहे ।  भंग-तरंग चढ़े सिर पे शिव को विषपान कराय रहे ।  कंठ रुका विष देह जला शिव, पर्वत पे भरमाय रहे ।  नाग गले शशि गंग धरे तन भस्म म...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
रविकर
रविकर की कुण्डलियाँ
48

क्या स्त्री और पुरुष के बीच मित्रता संभव नहीं है? ललित कुमार

हिंदी काव्य-गद्य का विशाल ऑनलाइन कोष बनानेवाले ललित कुमार का योगदान अत्यंत सराहनीय है -  इतनी बड़ी सुविधा कठिनाइयों को आसान करते हुए ललित जी ने दिया, जिसके लिए मैं उन्हें उनके ही बौद्ध...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
Ravindra Prabhat
परिकल्पना
84

No Title

जीवन-दर्शन                                   दोमीठेबोल                                   जीवननहींकुछ                                   साँसोंकाखेल&nbs...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
Sarika Mukesh
अंतर्मन की लहरें Antarman Ki Lehren
46

शुक्रवार, 15 मार्च 2013

कलयुग की महाभारत                                 सब कुछ तो लगा दिया                                 मैंने खुद ही                                 अपना दाँ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
SHALINI KAUSHIK
WOMAN ABOUT MAN
74

गेहूँ-चने से भरे-लदे खेतों की रंगत में!

बच्चों के सिर से परीक्षा का बोझ उतरा तो उन्होंने चैन की बंसी बजाई तो मैंने भी कुछ राहत पायी। पिंजरे में बंद रटन्तु तोते की तरह एक ही राग अलापने की बोरियत से निजात दिलाने उन्मुक्त हवा में सा...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
Kavita Rawat
KAVITA RAWAT
134

गिरेबान में झाँक, स्वयं के पाकिस्तानी

पाकिस्तानी नेशनल, असेम्बली दे घाव-पाकिस्तानी नेशनल, असेम्बली दे घाव । अफजल फांसी पर करे, यह निंदा प्रस्ताव । यह निंदा प्रस्ताव, लाश परिजन को जाए ।  देता दुष्ट सुझाव,  दोगलापन भरमाय...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
रविकर
"लिंक-लिक्खाड़"
42

King's well - Pozzo del Re - राजा का कूँआ

Delhi, India: In the Mehrauli archeological park, close to Mehrauli city, there is "Rajon ki Baoli" (Kings' stepwell) built by Daulat Khan in sixteenth century. Its architecture reminded me of the 13th century "Ugrasen's stepwell" in Connaught Place in Delhi. While the architecture of 14th centry stepwells built in Tughlakabad is completely different.दिल्ली, भारतः महरौली पुरातत्व पार्क में महरौली शहर के प...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
SUNIL DEEPAK
Chayachitrakar - छायाचित्रकार
90

बांग्लादेश के हिन्दू भी इंसान ही तो है

Sudheer Maurya==================सन 1971  मेंपूर्वीबंगालकोपकिस्तानकेआत्याचारसेमुक्तिदिलानेकेलिएवहांकेहिन्दुओनेस्फूर्तिदायकस्वतंत्रतायुद्धलड़ा, आजदीमिलीपरउनपरहोतेआत्याचारआजभीकमनहुए।बंगलादेशके उ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
सुधीर मौर्य
कलम से..
196

at 200 x zoom

मेरा नया कैमरा , जिसके बारे में मैने एक पोस्ट भी लिखी है , से लिये गये कुछ फोटोज ।पहला , एक कबूतर जो बैठा हुआ था काफी दूर पर 50 एक्स जूम उसे काफी पास ले आयादूसरा , दो काले घेरे , एक में बिजली का टावर है औ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
Manu
yatra (यात्रा ) मुसाफिर हूं यारो .............
75

ज़िन्दगी से मुलाक़ात

आओ बतलाऊं दिल की बातआज दिन था कितना खासज़िन्दगी से एक मुलाक़ातबढ़ी गुफ्तगू की सौगात कैसे सुबह से शाम हो गई दिल की बातें आम हो गईंजादू झप्पी से हुआ आगाज़कितना सुन्दर रहा रिवाज़शब्दों को भी पक...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
तुषार राज रस्तोगी
तमाशा-ए-जिंदगी
52

तुम मुझको क्या दे पाओगे?

तुम मुझको क्या दे पाओगे?google se sabharतुम भूले सीता सावित्री ,क्या याद मुझे रख पाओगे ,खुद तहीदस्त हो इस जग में तुम मुझको क्या दे पाओगे?मेरे हाथों में पल बढ़कर इस देह को तुमने धारा है ,मन ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
SHALINI KAUSHIK
WOMAN ABOUT MAN
86

जीता जागता इंसान

उकतागयाहूंवहीचेहरेदेखदेखसुबहशामवहीसपाटचेहरेभावहीनकिसीरोबोटकीतरहबसचलायमानकभीदर्दनहींछलकताइनकीआंखोंमेंकभीकभीमुंहथोड़ाफैलजाताहैउबासीलेतेहुएकभीकभीलगताहैजैसेमुस्करारहेहैंय...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
बृजेश नीरज
Voice of Silent Majority
62

श्री खेतेश्वर आदर्श माध्यमिक विधालय मायलावास के प्रागणा मे वार्षिकउत्सव समारोह

सादर वन्दनीय तुलसारामजी महाराज के साथ मे भारत साधू समाज के प्रदेशाध्यक्ष श्री निर्मलदासजी महाराज एव आशापुरी धाम के गादीपती श्री अभयरामजी महाराजयह कार्यक्रम श्री खेतेश्वर आदर्श माध्यमिक ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
  Sawai Singh Rajpurohit
RAJPUROHIT SAMAJ
146

.....फिर से मुझको बहला दो माँ.....

फिर से मुझको बहला दो माँ, वो दुनिया फिर दिखला दो माँ..वो कल कल बहते झरने , वो ची ची करती चिड़ियाँ,वो झिलमिल करते तारों को , आँचल में फिर छुपला दो माँ फिर से मुझको बहला दो माँ, वो दुनिय...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
Prashant Gupta
'क्रांति'
17


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