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नई हलचल

श्याम स्मृति---जीवन व एश्वर्य...डा श्याम गुप्त

                    आज हमारी युवा पीढी , जो भौतिकवादी पाश्चात्य विदेशी नैतिकता से प्रभावित है एवं हर काम समय पर ही होता है तथा जल्द काम शैतान का ..जैसी  कहावतों अदि से इ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
  Sawai Singh Rajpurohit
एक ब्लॉग सबका
88

हिन्दु शब्दश: भार, बीच सागर में डूबे-

क्या नरेन्द्र मोदी प्रधानमंत्री होंगे ? रणधीर सिंह सुमन  लो क सं घ र्ष !  हिन्दु बोट पर चढ़ चले, सागर-सत्ता पार |शिल्पी नहिं नल-नील से, बटी लटी सी धार |बटी लटी सी धार, कौन पूरे मन्सूबे |हि...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
रविकर
"कुछ कहना है"
117

दिल की दास्ताँ – भाग ३

आखिरकार  दिन, महीने और फिर साल गुज़रे और निज़ाम ऐसे ही चलता रहा | पंद्रह साल से ज्यादा बीत गए थे | सुधांशु २८ साल का हो गया था | आपसी मन मुटाव के चलते रिश्तों के बीच के एहसास भी सूली चढ़ चुके थे | लालाज...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
तुषार राज रस्तोगी
तमाशा-ए-जिंदगी
73

पूर्णिया में सतीनाथ भादुड़ी के साहित्य पर विमर्श..

-सौ बांग्ला लेखकों में तीस प्रतिशत बिहार के लेखक हैं..-‘ढोढाइ चरित्रमानस’ कोसी अंचल के सामाजिक जीवन का आईना है..    बांग्ला के प्रसिद्ध साहित्यकार सतीनाथ भादुड़ी द्वारा स्थापित पूर्णिया जि...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
- अरविन्द श्रीवास्तव
94

अनैतिक राजनीति

आजकल रामचन्द्र गुहा की पुस्तक "देशभक्त और अन्धभक्त" (Patriots & Partisans, Allen Lane India, 2012) पढ़ रहा हूँ.मुझे गुहा के लिखने की शैली अच्छी लगती है. उनकी स्पष्ट और सीधी लेखन शैली में जटिल विचारों को सरलता से अभिव्यक्त...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
SUNIL DEEPAK
जो न कह सके
152

सदन दहलता ख़ास, किंग को दहला पंजा-

 सत्तावन "जो-कर" रहे,  जोड़ा बावन ताश ।चौका (4)  दे जन-पथ महल, अट्ठा(8)-"पट्ठा" पास । *सिंह इज किंग अट्ठा(8)-"पट्ठा" पास, किंग(K) पंजा(5) से दहला(10) ।रानी(Q)नहला(9)जैक(J),  देख छक्का(6) मन बहला ।   *...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
रविकर
रविकर की कुण्डलियाँ
47

जबकि, जानता हूँ...

हम जानते हैं फिर भी चाहते हैं ना चाहें तो असंभव संभव होगा कैसे ! रश्मि प्रभा============================================================रात को जब, लेटता हूँ,तो छत पर तारे दिखते हैं,और मैं, उन्हें गिनता हूँ।जबकि, जानता हूँ, गिन न...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
Ravindra Prabhat
वटवृक्ष
66

War - Guerra - युद्ध

Rome, Italy: In the darkness of the night, when I first stumbled accross the sculptures "heads" by the Mexican sculptor Javier Marin, for a moment I felt as if I was in a medieval battle field with severed heads strewn around. One of those heads was of a bearded man who looked old from a distance. However, when I went closer, he did not seem old, but the expression of his eyes and mouth seemed full of sadness.रोम, इटलीः रात के अँधेरे में जब मे...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
SUNIL DEEPAK
Chayachitrakar - छायाचित्रकार
38

...मनोदशा

....धीरे-धीरे विद्यालय बन्द करने का भी समय हो चला था तबतक उसे याद आया कल बच्चियों ने कहा था-माँ स्कूल मे प्रोग्राम है आपको जरूर चलना है,सबके तो पापा आएंगे' माँ भी द्रवित होकर जाने के लिए कह रही थी,स...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
vandana
Wings of Fancy
112

आज फिर याद आए तुम..........फाल्गुनी

आज जब हरे-हरे खेतों में सरसरा उठी मेरी चुनरी सरसों में लिपट गई नटखट बावरी तब उसे छुड़ाते हुए याद आए तुम और तुम्हारा हाथ जिसने निभाया था कभी मेरा साथ  यादों की कोमल रेशम डोर उलझ गई बेतरह आज ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
Yashoda Agrawal
मेरी धरोहर
80

NaMo : कितना दम, कितनी हवा?...खुशदीप

"कुछ कॉरपोरेट्स नरेंद्र मोदी का नाम प्रधानमंत्री पद के लिए उछालने में लगे हैं...जो भी ऐसा कर रहे हैं, वो आग से खेल रहे हैं...प्रधानमंत्री की खोज़ ऐसे की जा रही है जैसे कि न्यूक्लियर बम के लिए रिसर्...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
ATUL WAGHMARE
0

वीरान-ए-बहार

Valentine Week Special :)झुकी हुई पलकों से कुछ इशारे हो गए,डूबते हुए नखुदा को सहारे हो गये...उम्र भर चाहता रहा खुद को,इक नज़र में गैर भी प्यारे हो गए...नशा छाया तुम्हारा हम पे कुछ ऐसा,बिन सोचे समझे हम तुम्हारे हो ग...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
Manav Mehta 'मन'
मानव 'मन'
53

राजा राम का दरबार

                                          [my song -my voice -SHIKHA KAUSHIK 'NUTAN']...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
SHIKHA KAUSHIK
23

105. प्रधानमंत्री का चुनाव सीधे नागरिक करें

       सबसे पहले तो एक कहावत को दुहरा दिया जाय- "युग के साथ मान्यतायें बदलती हैं"। बेशक, संविधान-सभा में बहुत बहस के बाद यह तय हुआ होगा कि प्रधानमंत्री का चयन सीधे नहीं होना चाहिए, बल्कि ब...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
जयदीप शेखर
देश-दुनिया
61

लुटेरे !

देश में आज लुट मची है। जिसको जहाँ मौका मिलता रहा है ,दोनों हाथ से लुट रहा है। नेता तो दशानन है, दश हाथ से लुट रहा  है, लेकिन बड़े  अफसर, सरकारी कर्मचारी ,उद्योगपति  भी पीछे नहीं हैं। लुट का माल...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
Kalipad
अनुभूति
62

तन्हाई ....

कोई कितना भी साथ रहे एक न एक दिन चला ही जाता है ..तब फिर से ना चाहते हुए भी तन्हाई अपनी बाहों में घेर लेती है...पहले पहल गुस्सा आता था चिढ होती थी मगर अब तन्हाई सहेली बन गई है ...इसलिए अक्सर लोगो से क...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
parul'pankhuri'
Os ki boond
93

Tribute to Jagjit Singh!

http://www.youtube.com/watch?feature=player_detailpage&v=f2wc56TN-Ec...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
बृजेश नीरज
65

भारतीय लोक-तंत्र

*सराजाम सारा जमा, रही सुरसुरा ^सारि |सुधा-सुरा चौसर जमा, जाम सुरासुर डारि |जाम सुरासुर डारि, खेलते दे दे गारी |पौ-बारह चिल्लाय, जीत के बारी बारी |जो सत्ता हथियाय, सुधा पी देखे मुजरा  | जन-गण जाय...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
रविकर
रविकर की कुण्डलियाँ
47

"हैप्पी प्रपोज्ड-डे" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

प्रस्तावदिवस की बधाई हो..!आज है प्रस्ताव का दिन, प्रणय के उत्कर्ष का।अब नहीं बाकी रहा है, वक्त विचार-विमर्श का।उनके ही होते यहाँ पूरे सुनहरे ख्वाब है-जो मनाते हर समय आनन्द अपने हर्ष का।।"मयंक"...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक
143

Cherish Love

आज आया है सावन पर वैसा नहीं,आज हुई है बारिश पर वैसी नहीं,नाचे आज मोर पर वैसे नहीं,खिल उठा है मौसम पर वैसा नहीं,गुनगुना रही है हवा पर वैसी नहीं,जैसे होती थी मेरे बचपन में...भीगा करते थे आंगन में, पेड...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
Rajshree
Swaying Hearts
97

INSTRUMENTAL-SHRI RAM CHADRA KRUPALU BHAJMAN.

INSTRUMENTAL-SHRI RAM CHADRA KRUPALU BHAJMAN.DEAR FRIENDS,I PLAYED INSTRUMENTAL "SHRI RAM CHADRA KRUPALU BHAJMAN."  ON MY  ELE. HAWAIIAN GUITAR . ENJOY & PUT YOUR PRECIOUS COMMENTS PLEASE.MARKAND DAVE.AHMEDABAD-GUJARAT.INDIA.DOWNLOAD FULL LENGTH-MP3 AUDIO.http://www.4shared.com/mp3/SP132r1R/INSTRUMENTAL-SHRIRAM_CHANDRA_K.htmlDOWNLOAD RINGTONE-MP3 AUDIO.http://www.4shared.com/mp3/BtiNSfrP/RINGTONE-SHRI_RAMCHANDRA_KRUPA.htmlDOWNLOAD KARAOKE TRACKhttp://www.4shared.com/mp3/7ycvgK8p/KA...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
Markand Dave
M.K.TVFilms - HINDI ARTICLES
114

बजट

बजट हमेशा इस रूप में संतुलित होना चाहिए कि लोगों पर बोझ कम से कम पड़े। --- रास पेरोट...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
रौशन जसवाल विक्षिप्‍त
21

कर्मशीलता

कर्मशील लोग शायद ही कभी उदास रहते हो कर्मशीलता और उदासी दोनों साथ साथ नहीं रहती। -- बोवी ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
रौशन जसवाल विक्षिप्‍त
19

वह सृष्टि है ..

वह सबकुछ है पर कुछ भी नहीं है  रश्मि प्रभा =================================================================-    वह सृष्टि है ...सृष्टि को रचती है। वह सुन्दर है ...सुन्दरता की जननी है। वह सुख है ...सुख प्रदान करती है। वह श्रेष्ठ है .....  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
Ravindra Prabhat
वटवृक्ष
61

उत्सव के परिणाम अपने नज़रिए से दें

कृपया उत्सव के परिणाम अपने नज़रिए से दें .......... शुभकामनायें बहुत मिलींसुझाव भी चाहिए अपनी पसंद को जाहिर कीजिये एक वोट टिप्पणी से अधिक कारगर होगी विजयी होना ही मायने नहीं रखता किसकी नज...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
Ravindra Prabhat
परिकल्पना
47

Khushi

Teri khushi main meri khushi hai..Meri khushi main Teri khushi hai...Per ye n Teri khushi hai, n meri kushi...Fir bhi ye unki khushi hai, jinki khushi se Teri khushi aur meri khushi hai.... Love Sakhi...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
Rajshree
Swaying Hearts
65

बढ़ता मध्य-प्रदेश, अरब-पति नौकर पाए-

 हृष्ट-पुष्ट रिश्वत रखे, बम बम रिश्वत खोर |देते लेते निकलते, चन्दा चोंच चकोर |चन्दा चोंच चकोर, चतुर चुटकियाँ बजाते |काम निकलता देख, रोक खुद को ना पाते |बढ़ता मध्य-प्रदेश,  अरब-पति नौकर पाए |लेना द...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
रविकर
रविकर-पुंज
52

ग्रोथ-रेट बस पाँच की, मिले कमीशन बीस-

 परसेंटेज का कर रहा, खुलकर खेल खबीस । ग्रोथ-रेट बस पाँच की, मिले कमीशन बीस ।मिले कमीशन बीस, रीस मन ही मन करता ।फिफ्टी फिफ्टी बंटे, अभी तो बहुत अखरता ।खेत खान विकलांग, सभी का बढ़ा पेट है ।चलो ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
रविकर
"कुछ कहना है"
44


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