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इमानदारी जहाँ रोती हो ,बईमानी जहाँ हँसती हो ,वहाँ लोकतंत्र का मोल नहीं ,भ्रष्टाचार जहाँ फलता हो !________सुनीता__________________________असल मित्र वही सच्चा जो प्रभू मन भाए !शेष जगत में सब कुछ मिथ्या जो मन भरमाए !!________...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
सुनीता शर्मा
106

wo teri aankhe wo tera chehra

वो तेरी आँखे वो तेरा चेहरातेरी आँखों सा प्यार तेरा गहरा मेरे हर गुनाह को माफ कर देनाबना दिया मेरी शोहरत का पन्ना सुनहरामेरे जिस्म से छूकर तेरी खुशबु आयेतू दूर है तो मै हू प्यासा सहरा - देवेन्द...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
Devendra Gehlod
Diary of poetry | Collection of poetry
88

दोहा सलिला : भवन माहात्म्य संजीव

[इंस्टिट्यूशन ऑफ़ इंजीनियर्स, लोकल सेंटर जबलपुर द्वारा गगनचुम्बी भवन (हाई राइज बिल्डिंग) पर १०-११ अगस्त २०१३ को आयोजित अखिल भारतीय संगोष्ठी  की स्मारिकामें प्रकाशित कुछ दोहे।]दोहा सलिला :भव...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
kuldeep thakur
कविता मंच।
54

Mountain village - Villaggio montano - पहाड़ी गाँव

Laghi (VI), Italy: A small mountain village. We started for our walk early in the morning. The grass was wet with the dew and in a short while even our shoes became wet. We walked on the roads winding up and down and met only some persons from the village but there were no tourists.लागी, इटलीः छोटा सा पहाड़ी गाँव. सुबह सुबह हम लोग सैर के लिए निकल पड़े. रात की ओस से घा...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
SUNIL DEEPAK
Chayachitrakar - छायाचित्रकार
166

भगतन की भगतनी होय बैठी ,ब्रह्मा के ब्रहमाणी

माया महाठगनी हम जानी ,निर्गुण फांस लिए कर डोले बोले मधुरी बानी।केशव के कमला बन बैठी ,शिव के भवन भवानी ,पंडा के मूरत होय बैठी ,तीरथ में भई पानी ,जोगी के जोगिन हुई बैठी ,राजा के घर रानी।काहू के हीरा ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक
39

संगम युग पे राखी

संगमयुग का हर दिन मौजमय होता है। हिदू केलेंडर में जो चंद्र मॉस पर आधारित रहता है कहीं मातम दिवस नहीं हैं। मौजें हो मौजें हैं हर दिन। अगस्त का महीना विशेष होता है इसी माह कृष्णजान्माष्टमी है रक...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक
37

इज्जत चा भाजीपाला .

मुलगा - तु किती वाजता उठतेस ?....मुलगी- माझ्या मनावर मी केव्हा पणझोपते ,आणि केव्हा पण उठते...मुलगा- अरे वा !तुझ्या सवयी माझ्या कुत्र्या सारख्या आहेत.......  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
vaghesh
विनोद नगरी
54

Shimla stay and market ,शिमला में रूकना और बाजार

Shimla stay and market ,शिमला में रूकना और बाजार beautiful shimla cityजाखू हिल्स पर कुछ समय बिताने के बाद अब शिमला शहर की ओर चल पडा । शिमला शहर यूं तो मेरा दो बार पहले भी आगमन हुआ है पर इस बार मै अकेला था बाइक पर । दिन में अभी...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
Manu
yatra (यात्रा ) मुसाफिर हूं यारो .............
182

तुमको जब भी क़रीब पाती हूं...

मुहब्बत का रिश्ता जिस्म से नहीं होता...बल्कि यह तो वो जज़्बा है जो रूह की गहराइयों में उतर जाता है...इसलिए जिस्म का होना या न होना लाज़िमी नहीं है...बहुत ख़ुशनसीब हैं वो लोग जिनकी ज़िन्दगी के दामन ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
Firdaus Khan
Firdaus Diary
51

गुज़ारिश हरियाली तीज की : चर्चा मंच 1335

शुभम दोस्तों मैं सरिता भाटिया लेकर आई हूँ चर्चामंच पर*********************सोमवारीय चर्चा गुज़ारिश हरियाली तीज की  मायके से बिधाई की बेला उपासना सिआग ..............................................................................................  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक
43

रैली समीक्षा - नरेंद्र मोदी एट हैदराबाद विद यस वी कैन

भाजपा के संभावित नहीं, बल्‍कि पक्‍के प्रधानमंत्री पद के उम्‍मीदवार नरेंद्र मोदी ने आज हैदराबाद में एक रैली को संबोधन किया, कहा जा रहा था कि यह रैली आगामी लोक सभा चुनावों के लिए शुरू होने वाले ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
Kulwant Happy
Fast Growing Hindi's Website
90

अब वह दिन दूर नहीं-पी वी संधू को सलाम

अब वह दिन दूर नहीं जब महिला शक्ति को सलाम करने को ये दुनिया खड़ी होगी '' तू अगर चाहे झुकेगा आसमां भी सामने, दुनिया तेरे आगे झुककर सलाम करेगी . जो आज न पहचान सके तेरी काबिलियत कल उनकी पीढियां तक ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
SHIKHA KAUSHIK
भारतीय नारी
53

गणतंत्र दिवस पर देखिए 7,000 फ्री वीडियो

इस गणतंत्र दिवस इंडिया वीडियो और वन इंडिया मिलकर आपके लिए 7000 फ्री वीडियो लाएं हैं। 67 वे गणतंत्र दिवस के मौके पर इंडियावीडियो और वन इंडिया आपके लिए एक खास फ्लैग लाए हैं इस फ्लैग में 7,000 वीडियो छिप...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
ललित चाहार
Tech Education HUB
106

"बाबा नागार्जुन आधी रात के बाद लिखते थे" (डा. रूपचन्द्र शास्त्री ‘'मयंक')

चित्र में- डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री, स्कूटर पर हाथ रखे बाबा नागार्जुन, मेरी माता जी, मेरी श्रीमती अमर भारती और छोटा पुत्र विनीत।     बाबा नागार्जुन, अपने दिल्ली के पड़ोसी मित्र और जाने-माने ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक
9

नींद चीज है बड़ी

नींद चीज है बड़ी  उंघते रहिएबेफिक्री में आंखे मूंदते रहिएआग लगती है लगे हमको क्‍याआम दशहरी जनाब चूसते रहिएमौका मिले तो तंज कर लोनहीं तो मस्‍ती में झूमते रहिएआसां नहीं है अ‍हम को तोड़नादु...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
रौशन जसवाल विक्षिप्‍त
78

"मेरा बस्ता कितना भारी" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

मेरी बालकृति "नन्हें सुमन" सेएक बालकविता"मेरा बस्ता कितना भारी"मेरा बस्ता कितना भारी।बोझ उठाना है लाचारी।।मेरा तो नन्हा सा मन है।छोटी बुद्धि दुर्बल तन है।।पढ़नी पड़ती सारी पुस्तक।थक जाता ह...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक
73

धर्म, नास्तिकता और धर्मनिरपेक्षता

पिछले कोई तीन दशकों से सामाजिक और राजनैतिक क्षेत्रों में धर्म, काफी दबंगता से अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहा है। कहीं आतंकवादी हमलों तो कहीं साम्प्रदायिक हिंसा और कहीं धार्मिक दक्षिणपंथियों की...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
loksangharsha
लो क सं घ र्ष !
44

जय जवान

आज प्रस्तुत हाइकु हमारे देश की आज़ादी को स्थापित करने और उसे सतत बनाए रखने के लिए हमारी सीमाओं पर दिन-रात ड्यूटी में लगे तमाम वीर सैनिकों/शहीदों  को सादर नमन करते हुए समर्पित हैं:ऐ मेरे देशतु...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
Sarika Mukesh
अंतर्मन की लहरें Antarman Ki Lehren
49

"घर बुलाता है...!!!"

तब ...घर से जब बाहर निकलता थाकब दोपहर हुई ...कब शाम हुईरात ने कब घेरा पता ही नहीं चलता थाऔर वापस लौटना ही भूल जाता थातब ...माँ की आवाज़ आती ...बेटा रात बहुत हो गयी .. घर आ जा ..मानो घर खुद शाम मेंमुझे ढूंढ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
suman sourabh
..Tum Suman..!!
168

तलवारबाजी

तलवार बाजी के मुकाबले मेँ. .एक चाइनीज ने बाल के दो टुकड़े कर दियेएक पाकिस्तानी ने उड़ती हुई मक्खी की गर्दन काटदी . ..इब अपने भारतीय की बारी आई ।भारतीय ने मच्छर उड़ाया.. तलवार घुमाई. . . लेकिनफिर भी म...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
vaghesh
हिंदी ठहाका
130

सुभाष चंद्र महान को,...

हर आते जाते मुसाफिर से पूछ रही है भारत मां,मां का प्राणों से प्यारा, पुत्र आखिर गया कहां, कोई कहता जीवित है, शायद शहीद हो गये इस असीम संसार में, नेता जी कहीं खो गये।न यान मिला न शव मिला, न मानती सत्...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
kuldeep thakur
man ka manthan. मन का मंथन।
49

उद्देश्य:भारतीय भाषाओं की उपयोगिता एवं आवश्यकताओं को रेखांकित करना

Sun, Aug 11, 2013 at 4:09 PMनई दिल्ली मे हुआ दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजननई दिल्ली: 11 अगस्त 2013 (राजीव गुप्ता*) विधि शिक्षा और न्याय क्षेत्र में भारतीय भाषाओं की उपयोगिता एवं आवश्यकताओं को रेखांकि...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
BHAVNESH KUMAR DULARIA
हिंदी स्क्रीन
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***अतिथि शिक्षको की अनिश्चितकालीन हड़ताल **

******अतिथि शिक्षको की अनिश्चितकालीन हड़ताल *********
अतिथि शिक्षको का अनिश्चितकालीन धरना क्रमिक भूख हड़ताल शाह्जहा पार...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
Atithi shikshak chhindwara
185

अतिथि शिक्षको की अनिश्चितकालीन हड़ताल

अतिथि शिक्षको का अनिश्चितकालीन धरना क्रमिक भूख हड़ताल शाह्जहा पार्क में। अतिथि शिक्षको की मांगो पर ध्यान नहीं दिय...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
गेस्ट
23

‘होना चाहिए’

खबरें अच्छी होनी चाहिए, ‘चटपटी’ तो हाजमोला भी होती है। ट्विटर और फेसबुक पर इन दिनों ये ‘होना चाहिए’ वाले जोक्स बहुत शेयर किए जा रहे हैं। कुछ को ये पका रहे हैं तो कुछ को हंसा रहे हैं। तो आज आप भी ह...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
Rajendra kumar
भूली-बिसरी यादें
66

एक ग़ज़ल : आदर्श की किताबें ......रचना कार आनन्द पाठक,जयपुर

 एक ग़ज़ल : आदर्श की किताबें ......आदर्श की किताबें पुरजोर बाँचता हैलेकिन कभी न अपने दिल में वो झाँकता हैजब सच ही कहना तुमको ,सच के सिवा न कुछ भीफिर क्यूँ हलफ़ उठाते ,ये हाथ काँपता है ?फ़ाक़ाकशी से मरना ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
kuldeep thakur
कविता मंच।
44

अनुभूति मनोरम..

आदरणीय सुधीवृन्द सादर वन्दे! मित्रों सावन चल रहे हैं, ग्रामीण अंचल में जहाँ देखो हरियाली ही हरियाली... कहीं झूले पर गीत गाती किशोरियां तो कहीं हरी हरी चूड़ियां खनकाती वधुएं... मेंहदी की खुशबू ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
बृजेश नीरज
78

Great Beneficence ( Ishwarchandra Vidya Sagar- A motivational Story in Hindi)/उपकार

उपकार( ईश्वरचंद्रविद्यासागर- एकउपकारसेजीवनबदलदिया )ऐसे  उपकारी जो जीवन को नयी दिशा दे .  ईश्वरचंद्रविद्यासागरएकबारकहींजारहेथे, रास्तेमेंएकलड़काभीखमांगरहाथा, उसलड़केनेईश्वरचंद्रवि...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
richa shukla
Hindi Blog For Motivational, Personal Development Article,knowledge of computers technology, job
66

इंटेलिजेंस ब्यूरो की सहालग

नकली खौफ पैदा करने की कोशिश देश में स्वतंत्रता दिवस, गणतंत्र दिवस हो या कोई बड़ा त्यौहार आने वाला होता है तो इंटेलिजेंस ब्यूरो की सूचनाएं इलेक्ट्रॉनिक व प्रिंट मीडिया पर प्रसारित होने लगती है...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
loksangharsha
लो क सं घ र्ष !
51

62. कागज की कश्ती, बारिश का पानी...

मैंने बेटे को दो विकल्प दिये- या तो नाव तैराओ, मैं फोटो खींचता हूँ; या फिर, तुम फोटो खींचो, मैं नाव तैराता हूँ. जैसा मैंने सोचा था- वह फोटो खींचने के लिए राजी हुआ- नाव तैराने के लिए नहीं. शायद उ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
जयदीप शेखर
कभी-कभार
228


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