अपना ब्लॉग जोड़ें

अपने ब्लॉग को  जोड़ने के लिये नीचे दिए हुए टेक्स्ट बॉक्स में अपने ब्लॉग का पता भरें!
आप नए उपयोगकर्ता हैं?
अब सदस्य बनें
सदस्य बनें
क्या आप नया ब्लॉग बनाना चाहते हैं?
हमारे विषय
नवीनतम सदस्य

नई हलचल

अफ़रोज़ ,कसाब-कॉंग्रेस के गले की फांस

अफ़रोज़ ,कसाब-कॉंग्रेस के गले की फांस दिल्ली गैंगरेप कांड के एक आरोपी अफ़रोज़ के नाबालिग होने के कारण उसकी इस कांड में सर्वाधिक वहशी संलिप्तता होने के बावजूद उसे नाममात्र की ही सजा मिलने की बात है...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
SHALINI KAUSHIK
कानूनी ज्ञान
58

संकलन

साहित्यकेक्षेत्रमेंकईप्रयासचलरहेहैं।हिन्दीसाहित्यकोपरिमार्जितऔरसमृद्धशालीबनानेवालेइनप्रयासोंकोनमनकरतेहुएउनसेचुनेकुछलिंक्सयहांदिएजारहेहैं।इननवीनप्रयासोंकाआनंदलीजिए-1- hum s...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
बृजेश नीरज
57

बिन पानी सब सून

बाघ की कम होती संख्या चिंता का विषय है। लेकिन कई बार लोग कहते हैं, की बाघों की मौत पर तो सभी चिंता  कर रहे हैं, और बाघ बचाने की बाते होती हैं, पर कभी भी लोग कम होते पानी को लेकर इतना चिंतित नह...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
ATUL WAGHMARE
0

बिन पानी सब सून

बाघ की कम होती संख्या चिंता का विषय है। लेकिन कई बार लोग कहते हैं, की बाघों की मौत पर तो सभी चिंता  कर रहे हैं, और बाघ बचाने की बाते होती हैं, पर कभी भी लोग कम होते पानी को लेकर इतना चिंतित नह...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
corbettnews
कॉर्बेट न्यूज़
74

मेरे एक गाँव की लड़की..

Sudheer Maurya********************मेरादिल आहेजब सर्द-सर्द भरनेलगाथा कदमदहलीजपे जवानीकेजब रखनेलगाथा तबमेरे आँखोंसेटकराईथी मेरेएक गाँवकीलड़कीजवानी तिफ्ली सेउसके गलेलगके हंसती थी...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
सुधीर मौर्य
ब्लाग तड़ाग
339

101. उम्मीद...?!

       मैं नहीं जानता 'समाजवादी जनपरिषद' क्या है और यह क्या काम करती है, मगर इसके उपाध्यक्ष सुनील साहब का एक जबर्दस्त लेख "विदेशी पूँजी का 'महाभूत'" आज अखबार में पढ़ने को मिला। लेख क्या है, ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
जयदीप शेखर
देश-दुनिया
83

जालिमों होशियार!

पुराने लोग कहते हैं भरता है पाप का घडाएक दिन ज़रूर अन्याय का होता है अंत और मजलूम जनता के दुःख-दर्द दूर हो जाते हैं उस दिन...पुराने लोग कहते हैं इंसान को दुःख से नहीं चाहिए घबराना कि सोना भी निखरता...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
anwar suhail
अनवर सुहैल का रचना संसार
75

ओ ! गंगा के किनारे मेरे नाम का घर बनाने वाली लड़की..

Sudheer Maurya 'Sudheer' **********************************हाँ मेंनहींजनताउसे कभीमिलाभीनहीं परउसकीसूरत नजानेक्यों तुमसेमिलतीहै।ओ ! गंगाकेकिनारे मेरेनामका घरबनानेवालीलड़की आकभी लहरोंपेआकेदेख मेनेकश...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
सुधीर मौर्य
कलम से..
148

No Title

Musings on “Khil Uthe Palash” by Dr Sarika Mukesh                          —Prof. Dr. Neelanjana Pathak.                                                                                          ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
Sarika Mukesh
अंतर्मन की लहरें Antarman Ki Lehren
64

ग़ज़ल गंगा: ग़ज़ल

ग़ज़ल गंगा: ग़ज़ल...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
बृजेश नीरज
65

मर्यादा पुरुषोत्तम राम की सगी बहन : भगवती शांता-5

अब-तक दशरथ की अप्सरा-माँ स्वर्ग गई दुखी पिता-अज  ने आत्म-हत्या करली ।पालन-पोषण गुरु -मरुधन्व  के आश्रम में नंदिनी का दूध पीकर हुआ ।।कौशल्या का जन्म हुआ-कौसल राज के यहाँ -रावण ने वरदान प्राप...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
रविकर
रविकर की कुण्डलियाँ
51

सुबह नहीं हुई अभी

आजजोअराजकताफैलीहुईहैउसकेलिएहमस्वयंउत्तरदायीहैंक्योंकिहमइसअराजकताकीमुखालफतनहींकरते।इसकेविरोधमेंकोईआवाजनहींउठाते।हमसबसोरहेहैंगहरीनींदमें, इसइंतजारमेंकबसुबहहोगी।लेकिनसुबहत...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
ATUL WAGHMARE
0

सुबह नहीं हुई अभी

आजजोअराजकताफैलीहुईहैउसकेलिएहमस्वयंउत्तरदायीहैंक्योंकिहमइसअराजकताकीमुखालफतनहींकरते।इसकेविरोधमेंकोईआवाजनहींउठाते।हमसबसोरहेहैंगहरीनींदमें, इसइंतजारमेंकबसुबहहोगी।लेकिनसुबहत...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
बृजेश नीरज
Voice of Silent Majority
53

तुम्हारी यादें: हाइकू

1 तुम्हारी यादें आ रही है बहुत तड़पाती है। 2इश्क के दर्द नजदीक से देखा देते है जख्म।3पुकार रही घर की दहलीज इन्तजार है। 4आँखों के आँसूं रुका न अबतक बने तलाब। 5नेक सलाह है अमल कर...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
ATUL WAGHMARE
0

तुम्हारी यादें: हाइकू

1 तुम्हारी यादें आ रही है बहुत तड़पाती है। 2इश्क के दर्द नजदीक से देखा देते है जख्म।3पुकार रही घर की दहलीज इन्तजार है। 4आँखों के आँसूं रुका न अबतक बने तलाब। 5नेक सलाह है अमल कर...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
Rajendra kumar
भूली-बिसरी यादें
214

रविकर गुजरा माह, आज बोला "तो-गरिया"-

बढ़िया था ना  बोलता, अपनी चुप्पी तोड़ ।ओ-वेशी ही कर रहा, बेमतलब की होड़ ।बेमतलब की होड़, नहीं अब यूँ बहकाना ।माना वह है मूर्ख, तुम्हें भी कहे जमाना ।रविकर गुजरा माह, आज बोला "तो-गरिया" ।रहा देखता राह, ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
रविकर
"कुछ कहना है"
55

प्रशासन

बेहतर प्रशासन के लिए जरूरी है कि कुछ मानकों और आदर्शों के अनुसार आप संयमित और समावेशी दृष्टिकोण रखें। --- लायसेनिया करासे ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
रौशन जसवाल विक्षिप्‍त
26

फिर भी कोशिश ज़रूरी है

दूध का जला छांछ भी फूककर पीता है ,,,,,फफोले पड़ते गए पड़ते गए सोचती रही - विश्वास किसी भी रिश्ते की बुनियाद है और जलते जलते मैं कंचन होने लगी !पर अचानक सोने की तलाश में इतने सूखे पत्ते जले&nb...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
Ravindra Prabhat
परिकल्पना
80
मैं और उनकी तन्हाई
81

मनोदशा

''महिला ही जब महिला का तिरस्कार करे तो पुरुषों का क्या...''सुनकर वर्तिका थोड़ा ठिठुकी और अपने रास्ते पर चल पड़ी.ऐसे कटाक्ष सुनने की वह आदीहो गई.घर में सासू मां के कठोर शब्द तो उसने पति के न रहने के बा...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
vandana
Wings of Fancy
123

दिल की दास्ताँ – भाग २

लालाजी भी आदत से बाज़ आने वालों में से नहीं थे | उन्होंने भी सुधांशु के गाल पर तमाचा रसीद करने में ज़रा भी वक़्त जाया नहीं किया | उसके कोमल मन पर बारम्बार ऐसे आघात उसके स्वाभाव को और ज्यादा विद्रोही ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
तुषार राज रस्तोगी
तमाशा-ए-जिंदगी
63

कुछ सूक्ष्म अनुभूतियाँ

सार........वह मुझमें हीपा लेना चाहती थीआदि से अन्त तकएक अनादि सृष्टिमैंने बो दिया हैउसकी उर्वर भूमि मेंसारा अपनापनताकि मैं भी, पैदा हो सकूँफल-फूल सकूँ;और आज मैंएक और अपने रूप मेंदेखो, बढ़ने लगा हू...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
Ravindra Prabhat
वटवृक्ष
97

Lost cultures - Culture perdute - खोयी सभ्यताएँ

Sardinia, Italy: I had already presented some images from the 2 thousand year old Nuraghe-making culture of Sardinia island. Today's images are of a round stone building from a Nuragic village. Along the inner wall, it has a stone ledge for seating of people. According to the guide this roofless building was a meeting room where decision-makers of the community met. I thought that it could have been a prayer room, but in reality, how did the ancient people use it, who can tell that? May be only ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
SUNIL DEEPAK
Chayachitrakar - छायाचित्रकार
37

क्या तुम हो बसंत !

तुम्हारे सुख बस तुम्हारे है तुम्हारे दू:ख भी बसंत तो निरपेक्ष है वह तुम्हारे मातम और उदासी में भी रंग भर ही देगा देखो वह फिर कोशिश कर रहा है अर्थहीन जीवन में उत्...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
तरुण
Tarun's Diary-"तरुण की डायरी से .कुछ पन्ने.."
71

देश समृद्ध हो, नागरिकों का आत्मबल ऊँचा हो!

       "सैनिकों" के लिए "मोराल" का बहुत महत्व होता है- मनोबल का। टैंक, जहाज, गोला-बारूद कितना भी हो, अगर सैनिकों का मनोबल कमजोर हुआ, तो परिणाम घातक हो सकता है। अफसोस कि अपने देश में "नागरिकों"...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
जयदीप शेखर
देश-दुनिया
91

बेदिनी से चलें या ना चलें,

एक पोस्ट पहले आप सबने देखा और पढा कि किस तरह बेदिनी बुग्याल मै दिन के साढे बारह बजे पहुंच गया था पर एक बजे बर्फ पडने लगी तो मै टैट में स्लीपिंग बैग में लेट गया । मेरा मन आगे चलने का था और लेटे रहना ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
ATUL WAGHMARE
0

बेदिनी से चलें या ना चलें,

एक पोस्ट पहले आप सबने देखा और पढा कि किस तरह बेदिनी बुग्याल मै दिन के साढे बारह बजे पहुंच गया था पर एक बजे बर्फ पडने लगी तो मै टैट में स्लीपिंग बैग में लेट गया । मेरा मन आगे चलने का था और लेटे रहना ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
Manu
yatra (यात्रा ) मुसाफिर हूं यारो .............
116

My Father...मेरे पिता

दो फरवरी 2010 मौनी अमावस्या वाले दिन पिताजी(पत्रकार रामजी प्रसाद सिंह) ने इस नश्वर संसार को अलविदा कह दिया था। यानि पूरे दो साल हो गए पिताजी को हमें छोड़कर गए हुए। इन दो सालों में बहुत कुछ बदल गया...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
rohit
15

ओ मेरी सुबह---------

                                              ओ मेरी सुबह                                  &...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
jyoti khare
उम्मीद तो हरी है .........
74

हलवा -परांठा से पापा...

इंसान अगर स्वभाववश कोमल ह्रदय हो तो वह आदतन ऊपर से एक कठोर कवच पहन लेता है। कि उसके नरम और विनम्र स्वभाव का कोई नाजायज फायदा न उठा सके। ज्यादातर आजकल की दुनिया में कुछ ऐसा ही देखा जाता है. वि...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
Shikha varshney
स्पंदन SPANDAN
58


Postcard
फेसबुक द्वारा लॉगिन