अपना ब्लॉग जोड़ें

अपने ब्लॉग को  जोड़ने के लिये नीचे दिए हुए टेक्स्ट बॉक्स में अपने ब्लॉग का पता भरें!
आप नए उपयोगकर्ता हैं?
अब सदस्य बनें
सदस्य बनें
क्या आप नया ब्लॉग बनाना चाहते हैं?
नवीनतम सदस्य

नई हलचल

Flipkart Shopping - Amazing Deals and Offers Zone

Flipkart is an e-commerce company founded by two most superior guys: Sachin Bansal and Binny Bansal, headquartered in Bangalore since 2007. Initially, it has been started with a motive to sell books online but with the passage of time, it has grown its business and started adding new lifestyle products to its categories. Today, they are in the list of India's top lifestyle online stores with various categories. Amazing Flipkart Deals and Offers ZoneIf you are shopaholic or love fashion then you ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
Manu
27

ग़ज़ल (मेरे हमसफ़र )

मेरे हमनसी मेरे हमसफ़र ,तुझे खोजती है मेरी नजर तुम्हें हो ख़बर की न हो ख़बर ,मुझे सिर्फ तेरी तलाश है मेरे साथ तेरा प्यार है ,तो जिंदगी में बहार है मेरी जिंदगी तेरे दम से है ,इस बात का एहसाश है तेर...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
Madan mohan saxena
मदन मोहन सक्सेना की ग़ज़लें
81

निर्झर टाइम्स 19 - जुलाई

कुदरत का कानूनप्रस्तुतकर्ता : सरिता भाटिया हुवे पुरुष कुल फेल, पास होता इक-आधाप्रस्तुतकर्ता : रविकर आध्यात्मिक शब्दों की अर्थ युक्त सूची (आध्यात्मिक शब्दावली )प्रस्तुतकर्ता : ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
बृजेश नीरज
61

Earn Money Fast & Easily Online ओनलाइन पैसा कमाने का तेज और आसान तरीका

आप इस साइट को जॉइन कर केवल विज्ञापन पढकर  4500 रू0 प्रतिदिन तक कमा सकते हो। जाइन करने के लिये क्लिक करेंमाइ बिग गाइड पर पहले भी ओनलाइन इनकम के बारे में बताया गया है, लेकिन आज आपको एक साइट के बारे ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
abhimanyu
44

मुक्त-जीवन

5 वर्ष पूर्व
Dayanand Arya
..जिंदगी के नशे में.……
67

करूं न याद, मगर किस तरह भुलाऊं उसे...

फ़िरदौस ख़ानअहमद फ़राज़ आधुनिक दौर के उम्दा शायरों में गिने जाते हैं. उनका जन्म 14 जनवरी, 1931 को पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिम सीमा प्रांत के कोहाट में हुआ था. उनका असली नाम सैयद अहमद शाह था. उन्होंने ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
Firdaus Khan
Firdaus Diary
45

कुदरत का कानून

खेला करती थी कुदरतयहाँ खुले मैदान मेंइंटों के जंगल खड़े हैंआज उसी मैदान मेंबस कुछ लालच की खातिरकर दी उसकी शांति भंगआलिशान मकान तो हैंदिल में है कितना दंभखेल कुछ ऐसा रचा किमैदान वापिस पा लिया...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
सरिता भाटिया
गुज़ारिश
50

प्रकृति होय बदरंग...डॉ. देवेंद्र मोहन मिश्रा

जो रहीम उत्तम प्रकृति का करि सकै कुसंग।संगत बुरी अगर मिलै प्रकृति होय बदरंग।।बड़े बढ़ाई ना करैं, बड़े न बोलें बोल।खुद की पब्लिसिटी ना करै तो हो जीरो मोल।।सत्ता थिर न कबहुं रहै यही जानत सब कोय...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक
56

Corrupt files Repair Tool

कंप्यूटर पर काम करते करते आपने भी कई बार देखा होगा की कुछ फाइल्स करप्ट हो जाती हैं। कंप्यूटर में फाइल्स का करप्ट होना एक आम सी बात है। और इसकी वजह है तरह तरह के सोफ्ट्वेयरस को अपने कंप्यूटर में ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
ललित चाहार
Tech Education HUB
66

Circles of life - Cerchi della vita - जीवन चक्र

Bologna, Italy: I like the abstract art of Andrea Benetti, and I have already presented some of his works. Today there are 3 more works by him that make me think of the cells and the microscopic bacteria from the biology classes. However, I believe that in abstract art, the significance of what you understand when you look at it, is one part of it. It's impact on your unconscious mind, that you can not articulate logically, is equally important.बोलोनिया, इटलीः अँद...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
SUNIL DEEPAK
Chayachitrakar - छायाचित्रकार
81

हुवे पुरुष कुल फेल, पास होता इक-आधा-

देश बड़ा है घर की बनाते हैं सुशील  उल्लूक टाईम्स भाँजा पञ्जा में मगन, भाई थामे तीर |कमल कमंडल हाथ में, लिए भतीजा वीर |लिए भतीजा वीर, बैठ हाथी पर बीबी |पुत्र साइकिल साथ, मुलायम बड़े करीबी |बढ़िया क...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
रविकर
"लिंक-लिक्खाड़"
48

रविकर नौ मन तेल, नहीं नाचे फिर राधा-

आधा बेंचा खेत तो, पूरा किया दहेज़* |आधा बाँटे बहन फिर, स्वर्ग पिता* को भेज |स्वर्ग पिता को भेज, लिया पति* से छुटकारा |बाँटी आधा माल, करे फिर ब्याह दुबारा |रविकर नौ मन तेल, नहीं नाचे फिर राधा |हुवे पुरु...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक
52

आम

आज लगभग दो महीने बाद फिर से ब्लॉग पर हूँ आप की सेवा में , दरअसल अस्वस्थ होने के  कारण सक्रिय नही रह पाया। समय तो था पर जैसा सभी जानते है की मन नही होता उस वक्त जब आप बीमार हो कुछ भी करने का।&nbs...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
सौरभ यादव / SAURABH YADAV
जमीन से ........
150

bike stop , trek start of shikari devi ,रायगढ से आगे

bike stop , trek start of shikari deviलम्बे लम्बे चीड के पेडो के बीच में पडी बर्फ को देखकर मन हर्षित था पर मुझे नही पता था कि बर्फ कितनी मुसीबत लाने वाली है । रायगढ नाम की जगह से शिकारी देवी की दूरी 6 किलोमीटर लिखी थी । ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
Manu
yatra (यात्रा ) मुसाफिर हूं यारो .............
105

स्वर्ग पिता को भेज, लिया पति* से छुटकारा -चर्चा मंच 1311

स्वर्ग पिता को भेज, लिया पति* से छुटकारा -थे तो लाख उपाय पर, बाँट रहे दो लाख-आधा बेंचा खेत तो, पूरा किया दहेज़* |आधा बाँटे बहन फिर, स्वर्ग पिता* को भेज |स्वर्ग पिता को भेज, लिया पति* से छुटकारा |बाँटी आ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक
167

हिम्मत

एका मंदिराजवळसकाळच्या वेळी काही गुरे चरतअसतात ...त्यावेळी मंदिरातुन येणारे लोकगाईला हात लावुननमस्कार करीतहोते ...ते पाहुन म्हैस रेड्याला म्हणाली,"मी मघा पासुन बघतेय, मंदिरातूनयेणारे लोकत्...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
vaghesh
विनोद नगरी
64

भावुकता स्नेहिल ह्रदय ,दुर्बलता न नारी की ,

भावुकता स्नेहिल ह्रदय ,दुर्बलता न नारी की ,संतोषी मन सहनशीलता, हिम्मत है हर नारी की ........................................................................भावुक मन से गृहस्थ धर्म की , नींव वही जमाये है ,पत्थर दिल को कोमल करना ,नहीं है मुश्...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
SHALINI KAUSHIK
! कौशल !
57

कीमती सलाह -लघु कथा

[कीमती सलाह -लघु कथा [सर्वाधिकार सुरक्षित ]चित्र गूगल से साभार ]''...और सुनाओ ठाकुर क्या चल रहा है ? लौंडा किसी काम पर लगा या नहीं ?'' सत्तो ने सड़क पर अचानक मिले अपने मित्र से पूछा तो ठाकुर खिसियाता ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
SHIKHA KAUSHIK
मेरी कहानियां
62

मोदी के तीर

मोदी ने जब तानकर, छोड़ दिए कुछ तीर |  भन्नाए से घूमते, सुन कर कई   वजीर |सुन कर कई वजीर, फाड़ते   रोकर  छाती,बुरका, पप्पी बाँध गले से,  चपर-कनाती |कहे 'राज' कवि-मित्र, लिए पप्पी को गोदी,चक्कर में स...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक
59

मायावी गिनतियाँ : भाग 11

सम्राट इस समय जंगल में मौजूद अपने अंतरिक्ष यान में मौजूद था। उसके साथी उसे घेरे हुए थे और उनके बीच कोई गहन विचार विमर्श हो रहा था। हमेशा की तरह सम्राट रामू के हुलिए में ही था।''हम अपने मिशन...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
Dr. Zeashan Zaidi
Hindi Science Fiction हिंदी साइंस फिक्शन
70

स्वर्ग पिता को भेज, लिया पति* से छुटकारा -

आधा बेंचा खेत तो, पूरा किया दहेज़* |आधा बाँटे बहन फिर, स्वर्ग पिता* को भेज |स्वर्ग पिता को भेज, लिया पति* से छुटकारा |बाँटी आधा माल, करे फिर ब्याह दुबारा |रविकर नौ मन तेल, नहीं नाचे फिर राधा |हुवे पुरु...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
रविकर
"कुछ कहना है"
50

“हँसता गाता बचपन की भूमिका और शीर्षक गीत” (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

“हँसता गाता बचपन”की भूमिका औरशीर्षक गीतहँसता-खिलता जैसा,इन प्यारे सुमनों का मन है।गुब्बारों सा नाजुक,सारे बच्चों का जीवन है।।नन्हें-मुन्नों के मन को,मत ठेस कभी पहुँचाना।नित्यप्रति कोमल प...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक
129

KASHMIRI HINDU, भारत माँ हुई लज्जित - कश्मीरी हिंदुओं के निर्वासन पर

१९ जनवरी १९९० – ये वही काली तारीख है जब लाखों कश्मीरी हिंदुओं को अपनी धरती, अपना घर हमेशा के लिए छोड़ कर अपने ही देश में शरणार्थी होना पड़ा | वे आज भी शरणार्थी हैं | उन्हें वहाँ से भागने के लिए मजब...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
Praveen Gupta
हिन्दू - हिंदी - हिन्दुस्थान - HINDU-HINDI-HINDUSTHAN
116

"बचपन को लौटा दो" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

सीधा-सादा. भोला-भाला।बच्चों का संसार निराला।।बचपन सबसे होता अच्छा।बच्चों का मन होता सच्चा।पल में रूठें, पल में मानें।बैर-भाव को ये क्या जानें।।प्यारे-प्यारे बहुत सलोने।बच्चे तो हैं स्वयं ख...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक
48

Police Constable and Equivalent Posts Recruitment Examination उत्तर प्रदेश पुलिस में पुलिस आरक्षी एवं समकक्ष पदों पर सीधी भर्ती-2013

उत्तर प्रदेश पुलिस में पुलिस आरक्षी एवं समकक्ष पदों पर सीधी भर्ती-2013  विज्ञप्ति दिनांकित- जून २०,२०१३ विज्ञप्ति दि...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
abhimanyu
48

ग़ज़ल (इनायत)

दुनिया  बालों की हम पर जब से इनायत हो गयीउस रोज से अपनी जख्म खाने की आदत हो गयीशोहरत  की बुलंदी में ,न खुद से हम हुए वाकिफ़ गुमनामी में अपनेपन की हिफाज़त हो गयीमर्ज ऐ &nb...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
Madan mohan saxena
मदन मोहन सक्सेना की ग़ज़लें
88

हमारा धर्म और हम.

सामान्यत: मैं धर्म से जुड़े किसी भी मुद्दे पर लिखने से बचती हूँ। क्योंकि धर्म का मतलब सिर्फ और सिर्फ साम्प्रदायिकता फैलाना ही रह गया है। या फिर उसके नाम पर बे वजह एक धर्म को बेचारा बनाकर वोट कम...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
Shikha varshney
स्पंदन SPANDAN
65

यहाँ दिल अब पत्थर हैं

व्यक्ति विशेष यहाँ ऐसे भी हैंजिनमें शेष अब प्राण नहींविचारों से निष्प्राण हैं जोउन्हें सही गलत का ज्ञान नहींकुछ लोग यहाँ ऐसे भी हैजो दोस्त बनकर डसते हैंमुंह देखे मीठी बातें करपीठ पीछे से हँ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
तुषार राज रस्तोगी
तमाशा-ए-जिंदगी
55

जीमेल का बैकअप्

आपके जीमेल खाते का बैकअप् लेकर आपके जरुरी मेल और फाइल्स को सुरक्षित रखने के लिए एक मुफ्त औजार ।एक आसान प्रोग्राम इसमें आपको अपना आई डी, पासवर्ड देना है फिर वो फोल्डर चुनना है जिसमे आप बैक अप् क...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
ललित चाहार
Tech Education HUB
68


Postcard
फेसबुक द्वारा लॉगिन