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नई हलचल

हिंदी प्रेमियों के लिये एक नयी पहल...

 मैंने आज वालमिकी जयंती पर हिंदी प्रेमियों के लिये एक मंचनाम  से एक समूह बनाने का प्रयास किया है, मुझे लगता है कि वालमिकी जी से महान रचना कार कौन होगा, जिन्होंने रामायण जैसे महा काव्य की रचन...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
kuldeep thakur
man ka manthan. मन का मंथन।
66

इस्लामीकरण का विरोध

इस्लाम को भारत में सफलता मिलने का ऐक कारण यहाँ के शासकों में परस्पर कलह, जातीय अहंकार, और राजपूतों में कूटनीति का आभाव था। वह वीरता के साथ युद्ध में मरना तो जानते थे किन्तु देश के लिये संगठित हो...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
Praveen Gupta
हिन्दू - हिंदी - हिन्दुस्थान - HINDU-HINDI-HINDUSTHAN
146

आखिर क्यूँ

दर्द दिल का मैं जाने क्यूँ दबाए बैठा हूँ,आँखों में अपनी दरिया छुपाये बैठा हूँ ,जिसे खुदा से बढकर इश्क किया मैंने,उसी ने अनजानो की तरह अलविदा किया,आज टूट कर मैं खुद को खो रहा हूँ,तन्हाई, बेरुखी बे...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
अखिलेश रावल
"मेरे भाव मेरी कविता"
68

सृष्टि महाकाव्य ...द्वितीय सर्ग...उपसर्ग...डा श्याम गुप्त ..

(यह महाकाव्य अगीत विधा में आधुनिक विज्ञान ,दर्शन व वैदिक विज्ञान के समन्वयात्मक विषय पर सर्वप्रथम रचित महाकाव्य है , इसमें सृष्टि की उत्पत्ति, ब्रह्माण्ड व जीवन व मानव की उत्पत्ति के गूढ़तम व...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
Drshyam
अगीतायन
78

ईश्वर की खोज में... ' अल्फा केवल एक ही होता है '....

...भाग- १ { ईश्वर की खोज में.... ' अल्फा ' } से आगे... इंटरव्यूइंटरव्यू के दिन मैं सुबह सुबह तैयार हो समय से पाँच मिनट पहले बताई गयी जगह पहुँच गया... जिस होटल में इंटरव्यू था वहाँ लॉबी में एक बोर्ड पर नोटि...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
प्रवीण शाह
37

सहकारिता का भविष्य

गुजरात और कुछ हद तक महाराष्ट्र को छोड़कर समूचे उत्तर भारत में सहकारिता आन्दोलन पर नजर डालें तो सहकारिता का अर्थ कुछ और ही दिखता है। बिहार और मध्यप्रदेश से लेकर हरियाणा, राजस्थान और पंजाब तक फ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
Krishan Vrihaspati
Bhoomeet | Hindi Rural Magazine | Agriculture Magazine |Farmers Magazine|Indian Magazine
106

WELCOME RAHUL JI AS CONGRESS PARTY NEW WORKING PRESIDENT.

.WELCOME  RAHUL JI AS CONGRESS PARTY NEW WORKING PRESIDENT.[http://www.facebook.com/pages/RAHUL-GANDHI-WITH-A-VISION-FOR-COMMON-PEOPLE]YESTERDAY I WAS SURE THAT SHRI RAHUL GANDHI WOULD TAKE OATH AS A CABINET MINISTER BUT HE DID'NT .ONE THING IS CERTAIN THAT ONLY A LEADER LIKE RAHUL JI CAN DO SO IN PRESENT INDIAN POLITICS .HE HAS CHOSEN THE PATH OF PUBLIC SERVICE DIRECTLY .RAHUL JI HAS PROVED AGAIN THAT WHY IS HE AN IDEAL LEADER .HE IS REALLY A YOUTH ICON .HE PREFERS TO STRENGTHEN PARTY...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
SHIKHA KAUSHIK
earthly heaven
98

हिन्दू तुम कट्टर बन जाओ ।।

     अभी हाल ही में हुए फैजाबाद जिले के दंगे में हिन्‍दुओं की दुर्गति के बाद मन बहुत खिन्‍न हुआ ।  इसी खिन्‍नता ने काव्‍य का रूप ले लिया ।  यह काव्‍य सभी हिन्‍दुओं को समर्पित है ।अपना देश ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
SANSKRITJAGAT
महाकवि वचन-MAHAKAVI VACHAN
302

कब तक चुप रहूँ

देखता हूँ अन्यायऔर सहता हूँ जुल्मगूंगा नहीं हूँफिर भी चुप रहता हूँ,हर तरफ कोहराम हैचौराहे पर बिक रहा ईमान हैअंधा नहीं हूँफिर भी आँखें बंद रखता हूँ,दर्द से चीख रहे हैंपरिंदे, पर्वत, पेड़-पौधेस...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
nilesh mathur
आवारा बादल
62

"ग़ज़लकार बल्ली सिंह चीमा के साथ एक दिन"

बल्ली सिंह चीमा मेरे लिए कोई नया नाम नहीं है। आज से 24-25 साल पहले इनसे मेरी मुलाकात हुई थी। उन दिनों बाबा नागार्जुन खटीमा आये हुए थे। बाबा के सम्मान में एक कविगोष्ठी आयोजित की हुई थी। उसमें बल्ली...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक
128

ऐ क्षितिज !

ऐ क्षितिज !जब लौट जायेंगे सब पाखीअपने आशियाने की ओर और सूरज दबे पाँव धीरे धीरे रात के आगोश में चला जायेगा आधा चाँद जब दूर कहीं होगा चाँदनी के इन्तजार में मेघ हौले हौले सूरज को देंगे वि...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
सु-मन (Suman Kapoor)
बावरा मन
50

खून का रिश्ता (भाग 1)

आपरेशन थियेटर के बाहर मौजूद लोगों के चेहरों पर परेशानी व घबराहट के लक्षण दूर से देखे जा सकते थे। सभी किसी अनहोनी के भय से सहमे हुए थे। दरअसल आपरेशन थियेटर के अन्दर घर का चिराग़ जिंदगी व मौत के ब...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
Dr. Zeashan Zaidi
Hindi Science Fiction हिंदी साइंस फिक्शन
61

ख़ामोशी

कभी कभी ये चुप हो कर भी बहुत कुछ कहतें हैं....... ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
abhishek shukla
30

शेर

गम यूही कम नहीं थे जमाने में आपको बहुत वकत लगा हमें रुलाने मेंअब भी कुछ लखीरे जिंदा थी जब चेहरा देखा हमने आईने में सारी उर्स न मिटा सके वो निसानी दोपल भी न लगे आपको जिनहें बनाने में ।     &...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
तरूण कुमार, सावन
सावन का सफर
87

इस यात्रा में..

हमारे गाँव-घर, नदी, जल, जनपद और रास्ते   कितने बदल गए देखते-देखते इस यात्रा में कपड़े, फैशन और लोगों से मिलने-जुलने की रिवाज़ की तरह कितनी ही अनमोल चीजें रोज़ छूटती गईं हमसे और यादों के भँवर मे...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
सुशील कुमार
स्पर्श | Expressions
68

दोहरापन

कहाँ घुमती है ये किस्मत,किस दर पर  है हकीकत,चमक हर और बिखरी है,काली अमावस में भी यारो,मिलती अब तो चांदनी है,मगर जब नैन बंद होते है,खुद से होता दीदार है,पूनम का पूरा चाँद कम है,ना दिनकर उतना उजिया...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
अखिलेश रावल
"मेरे भाव मेरी कविता"
69

स्वार्थ

आज अंजू बहुत खुश हैं …आखिरकार संजय के साथ लखनऊ जा रहीं हैं ना .हर बार संजय उसे मनाता था और वह चाहती भी थी कि, थोड़ा संजय मनाये… थोड़ा उसके सामने गिडगिडाए …इसलिए अंत तक ना-नुकुर करतीं रहती थी लेक...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
ajay kumar
"मन की बातें"
63

रहस्य:व्यक्तिगत कायाकल्प का भाग –२

रहस्य:व्यक्तिगत कायाकल्प का भाग –२[इस लेख को बेहतर समझने के लिए कृपया पिछले दो लेखो को फिर से पढ़िए ]बुल्गारिया के मनोवैज्ञानिक लोजनोव दुनिया भर से मिलने वाले super learning के उदाहरणों से हैरान थे,उ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
ajay kumar
"मन की बातें"
205

रहस्य :व्यक्तिगत कायाकल्प का {भाग -१}

रहस्य :व्यक्तिगत कायाकल्प का {भाग -१} मित्रों !मैंने पढ़ा हैं की सन १८५९मे जेनेवा के डॉ .एमिल कुए के क्लिनिक में सवास्थ्य लाभ की दर अन्य अस्पतालों या क्लीनिको की तुलना में पांच गुनी अधिक पायी गयी...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
ajay kumar
"मन की बातें"
80

No Title

तेरे शब्दचोट करते हैंमुझ पर....किसी लोहार केहथोड़े कि मानिद...मैं सोच रहा हूँआखिरतुम मुझे __किस शक्ल मेंढालना चाहती हो........  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
Manav Mehta 'मन'
मानव 'मन'
78

No Title

'''''人 EID MUBARAK'(____) . ┃口┃FRIENDS . ┃口┃ . ┃口┃............★ . ┃口┃............人 . ┃口┃......(_____)........人 . ┃口┃..(__________).(____) . ┃口┃_╭━━━━━╮_'|口| . ┃╭╮╭╮╭╮╭╮╭╮ |三| . ┃┃┃┃┃┃┃┃┃┃┃ |三| . ┃┃┃┃┃┃┃┃┃┃┃ |三| . ┃┃┃┃┃┃┃┃┃┃┃ |三...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
vijay kumar
मैं और उनकी तन्हाई
66

अदभुत माया

अनुपमहैरचनातेरीरचनाकार, तुझेकिसरूपमेंपूजेसंसार।सबकोअलगरूपआकारदिया,  परखुदक्योंनकोईरूपलिया।किसीउपवनमेंपतझड़लायी,  किसीगुलशनकोखूबमहकाया,सोचताहूंकभीकभी, येजगतुनेकैसाबनाया। ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
kuldeep thakur
man ka manthan. मन का मंथन।
55

कुछ अशआर

नवा-ए-दिल एक कल बीत चुका, एक कल आने को है सुनो मेरे अहबाब, आज कुछ बताने को है    किस-किस से बचता रहूँ सफ़र-ए-हयात में हर किसी को आता दामन में दाग लगाने को है  आबरू के खातिर ही गई मिटटी में सीतान...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
निहार रंजन
बातें अपने दिल की
99

"मेरा सुझाव अच्छा लगे तो इस कड़वे घूँट का पान करें"

मित्रों!    बहुत दिनों से एक विचार मन में दबा हुआ था! हमारे बहुत से मित्र अपने ब्लॉग पर या फेसबुक पर अपनी प्रविष्टि लगाते हैं। वह यह तो चाहते हैं कि लोग उनके यहाँ जाकर अपना अमूल्य समय लगा कर को...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक
259

समय बड़ा बलवान

माज़ूरलाख बहलाता हूँ दिल को, लेकिन  बहल पाता नहीं बना पीर का सागर ह्रदय, अब कुछ मुझे भाता नहीं  रौशनी ही रौशनी चारों तरफ फैली हुई है क्षितिज में  लेकिन अंधेरों के नगर की कैद से निकला जाता नह...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
निहार रंजन
बातें अपने दिल की
118

पाप-पुण्य की कसौटी -एक लघु कथा

 पाप-पुण्य की कसौटी -एक लघु कथा     प्रभात के घर  आज  गुरुदेव आने  वाले  थे  .गुरुदेव का सम्मान  प्रभात का पूरा  परिवार  करता है .गुरुदेव ने ज्यों ही उनके  मुख्य द्वार पर अपने ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
SHIKHA KAUSHIK
मेरी कहानियां
64

मेरा मन...

कुंठाओ से घिरा हुआ ये मनआज पुकार रहा है तुम्हेंके तुम कहाँ होकहाँ हो तुम के ये दिल अबबिन तुम्हारे न तो जी रहा है और न मर रहा हैबस तुम से मिलने की आखिरी आस मेंआज तो ये अपनी आखिरी साँस  मेंतुम्हा...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
Mahesh Barmate
माही....
83

Marigold (गेंदा)

5 वर्ष पूर्व
Prashant Suhano
SUHANO DRISHTI
79

"प्रभू पंख दे देना सुन्दर" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

आज फेसबुक परडॉ. प्रीत अरोरा जी का यह चित्र देखा तो बालगीत रचने से अपने को न रोक सका!काश् हमारे भी पर होते।नभ में हम भी उड़ते होते।।पल में दूर देश में जाते,नानी जी के घर हो आते,कलाबाजियाँ करते ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक
61

Origin of Kangra and its Name!

Kangra Valley:- Kangra valley is situated in Himachal Pradesh, India. It is one of the popular tourist destinations around Himachal Pradesh, with the mountain season around March and April.It is located in the mid of the Himachal Pradesh. There are numbers of places in Kangra that is visited by number of tourist and many other every year. Dharmshala, the headquarters of Kangra district, lies on the southern drive of Dhauladhar in the valley. Kangra district came into the existence in 1stSep...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
Manu
Kangra Valley
198


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