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नई हलचल

About Himachal Pradesh

                                                                About Himachal  Himachal is one of the most popular and famous state among sate of Republic India located in the western of Himalayas. Himachal Pradesh is famous for its natural beauty. The state is also famous for melting pot of cultures, languages, religion and climate...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
Manu
Kangra Valley
107

तुम मेरे हो के भी मेरे न हुए

तुम मेरे हो के भी मेरे न हुएहम तो बरसों-बरस अन्धेरे में रहे  साथ चलते हुए यूँ भी अक्सरअजनबी भी बन जाते अपने ये कैसे सफ़र पे हम तुमदिन रात के फेरे से रहे तुम मेरे हो के भी मेरे न हुए हम तो बर...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
Sharda Arora
गीत-ग़ज़ल
64

भगवान यह नही पुछेगा कि हम कौन सी ब्रान्ड की कार Use करते थे!

भगवान यह नही पुछेगा कि हम कौन सी ब्रान्ड की कार Use करते थे, पंरतु यह जरुर पुछेगा कि कितने जरुरतवालो और अशक्त लोगो को उनके घर तक पहुँचाने की मदद थी! Rajpurohit Samaj Blog ...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
  Sawai Singh Rajpurohit
284

कल रात तुझे सपने में देखा

कल रात तुझे सपने में देखा,चाँद जमीं पर चलते देखा lस्वर्ग लगे है कितना सुन्दर,आज यहीं धरती पर देखा ll                                         तुम हँस दो तो जीवन चलता,            ...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
HIMANSHU AGARWAL
ANTARDWAND...
78

मम्मी हम भी गुडिया की शादी रचायेंगें !

मम्मी  हम भी गुडिया की शादी   रचायेंगें !मम्मी  हम भी गुडिया की शादी   रचायेंगें    ;गुड्डे के घर जायेंगें रिश्ता तय   कर आयेंगें ,मम्मी   हम भी गुडिया की&n...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
SHIKHA KAUSHIK
मेरा आपका प्यारा ब्लॉग
137

कांग्रेस को महंगे साबित होंगे प्रणब !!!

अगर कुछ बड़ा उलट फेर नहीं हुआ तो प्रणब मुखर्जी का देश का प्रथम नागरिक बनना तकरीबन तय है। पचपन फीसदी से अधिक वोट उनके समर्थन में है। यूपीए गठबंधन के साथ ही कुछ बामपंथी और एनडीए के कुछ घटक दलों ने...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
Manish Mishra
अक्षत-मन AKSHATMANN
64

शान्ति की खोज

हम क्यों लिखते है? - ताकि पाठक हमें ज्यादा से ज्यादा पढ़ें। पाठक हमें क्यों पढ़े?  - ताकि पाठको को नवतर चिंतन दृष्टि मिले। पाठको को नई चिंतन दृष्टि का क्या फायदा? - एक निष्कर्ष युक्त सफलतापे...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
हंसराज 'सुज्ञ'
50

नींद में भी

नींद में भी कभी बारिश होती है।भिगो देती है मेरी हृदय की माटी कभी उर्वर सीने मेंउगते हैं सपनों के उद्भिद।बारिश उनके लिए यत्न करती हैलहू से भर देती रक्त कर्णिका की नदियों को।नींद में भी कभी गुल...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
yogesh dixit
हम सब उम्मीद से हैं
79

हे संचालक! तू महान है (व्यंग्य)

            हे संचालक! तू महान है  (व्यंग्य)कोई भी आयोजन हो, छोटा या बड़ा, आयोजन की सफलता या असफलता का केंद्र बिंदु संचालक ही होता है। साथ ही संचालक के व्यक्तित्व से आयोजन के वैशिष्ट्य का ...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
Dr. Rahul Mishra
कही-अनकही-बतकही
54

गुवाहाटी की उस लड़की के नाम : ब्रह्मपुत्र आज सिसक सिसक कर रो रही है !!!

 IMAGE COURTESY : ART BY VIJAYKUMAR  भाग एक :हेबाला [ श्री भूपेन हजारिका अक्सर north -east की लडकियों को बाला कहतेथे. ] ; तो हे बाला , हमें माफ़ करना , क्योंकि इस बार हम तुम्हारे लियेकिसी कृष्ण को इस बार  धरती पर अवतरित नही...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
vijay kumar sappatti
कविताओं के मन से....!!!!
283
Copy & Pest
243

ग़रीबी

मेरे पास बस एक भाषा हैचुप्पीमेरे पास बस एक पूंजी हैग़रीबीमेरे पास एक पूरी दुनिया है...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
yogesh dixit
हम सब उम्मीद से हैं
66

मुझे एक ऐसी धरती दिखाओ

मुझे एक ऐसी धरती दिखाओजहाँ की औरतेंवहाँ के पोस्टरों पर बनी औरतों से ज़्यादा ख़ूबसूरत होंऔर जिनका ईश्वर लगाता होमेरी आँखों के गिर्द, मेरे माथे पर और मेरी दुखती गर्दन परअच्छे-अच्छे लेप'फिर कभी...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
yogesh dixit
हम सब उम्मीद से हैं
79

कैसे बनाये ब्लॉगर ब्लॉग .....

पिछले सप्ताह किन्ही श्याम जी का ईमेल प्राप्त हुआ॥ श्याम जी का कहना था की ॥ उन्होने hindi4tech ब्लॉग को देखा और वो भी ब्लॉगर प्लेटफोर्म पर एक ब्लॉग बनाना चाहते है ... मगर इसमें परेशानी के चलते उन्होने म...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
Piush Trivedi
Hindi4Tech ( Seo Tricks, Tips,Gadjets & Tutorial For Blogger, Wordpress )
100

आ साथी, अब दीप जलाएँ......

आ साथी, अब दीप जलाएँ लगी  निशा  होने  है, गहरीघोर तिमिर होगा अब प्रहरीअपनी अभिलाषाओं को फिर से,निंद्रा-पथ की राह दिखाएँआ साथी, अब दीप जलाएँहै  पावस  की  रात अँधेरीघन-बूँदों की सुन कर ल...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
Vikram singh
vikram7
81

अनटचेबल ...........

आमिर खान के सत्यमेव जयते से बेशक बहुत सारे लोगों को बहुत सारी शिकायतें हों , और इसके पक्ष विपक्ष , नफ़े नुकसान के गणित-गुणाभाग का आकलन विश्लेषण किया जा रहा हो , लेकिन मेरे लिए सिर्फ़ इतना ही काफ़ी है...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
अजय कुमार झा
कुछ भी...कभी भी..
60

Har Har Mahadev. The God of light.

OMHar Har MahadevMahadev is a lord of lords. Mahadev’ second very famous name is Lord Shiva. Shiva is a Sanskrit word, means auspicious.  In Hindu Pantheon believe in Trinity (Trimurti), - Bramha Dev, Vishnu Dev and Mahadev. Vishnu is the preserve and Bramha is the creator and mahadev is a responsible for distraction. He is the destructive from of the Almighty.Mahadev is a symbol of Power or ‘Shakti’. Mahadev have a nature of Yogi and he believed to be at the core of the centrifugal f...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
richa shukla
computer tech in Hindi language
187

"बेजान गुलशन..!!"

वो कहते हैं कि अब वहां विराना होता हैपहले जहाँ कभी महफिल सजती थीमहखाने से भी ज्यादा जहाँ शोर होता थावहां अब शमशान से भी ज्यादा खामोशी रहती है गवाह हैं वहां की दीवारों में कै...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
suman sourabh
..Tum Suman..!!
64
Vivek Vaishnav
77

मैं, घाटन की लड़की

(सआदत हसन मंटो की मशहूर कहानी बू से प्रेरित) न थे हम वादा,न थे हम प्रेम,हम थे बस वोखामोश पल, जोगिरा था साथ,बूंदों की लड़ियों के,उस बारिश में, जिसमेंनहा रहे थे पीपल के पत्ते |हम नहीं थे छल भी,हम थे, ह...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
Ritika Rastogi
फुर्सत के पल..
87

मैत्री ..दोस्ती और मैत्री !!!

सफ़र लम्बा था ...बहुत लम्बा ,उतना ही कठिन ...सूर्य देवता मानो सर पर विराजमान थे ..मंजिल का कोई अता -पता  न था..पैरो के निचे जलती रेत  ..मस्तिष्क शून्य , मन... वो तो शायद संग था ही नहीं ....जाना किस ओर हैं ...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
Dr.Radhika Budhkar
आरोही
65

बेबसी

6 वर्ष पूर्व
उसका सच
उसका सच
65

ग़ज़लगंगा.dg: देवता जितने भी थे पत्थर के थे

कुछ ज़मीं के और कुछ अंबर के थे.अक्स  सारे  डूबते  मंज़र  के  थे.कुछ इबादत का सिला मिलता न थादेवता जितने भी थे पत्थर के थे.दिल में कुछ, होठों पे कुछ, चेहरे पे कुछकिस कदर मक्कार हम अंदर के थ...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
ATUL WAGHMARE
0

ग़ज़लगंगा.dg: देवता जितने भी थे पत्थर के थे

कुछ ज़मीं के और कुछ अंबर के थे.अक्स  सारे  डूबते  मंज़र  के  थे.कुछ इबादत का सिला मिलता न थादेवता जितने भी थे पत्थर के थे.दिल में कुछ, होठों पे कुछ, चेहरे पे कुछकिस कदर मक्कार हम अंदर के थ...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
Manoj Pandey
प्रगतिशील ब्लॉग लेखक संघ
69

‘रुस्तम-ए-हिंद’श्री दारा सिंहजी को हमारी विनम्र श्रद्धांजलि ..सुगना फाऊंडेशन मेघलासिया

हनुमान अब हमारे बीच नही रहे,उनके नि‍भाए किरदार हमे उन्‍हें भूलने नही देंगे.पहलवान अभिनेता दारा सिंहजन्म     19 नवम्बर1928 पंजाबमृत्यु     12 जुलाई 2012 मुम्बईसबके प्रिय महान कलाकार, महान इंस...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
  Sawai Singh Rajpurohit
89
MY PHOTOGRAPHIC ROMANCE
78

……और फिर तुम्हारी याद !

                                          Image courtesy : Vijay Kumar Photography……और फिर तुम्हारी याद !एक छोटा सा धुप  का  टुकड़ाअचानक ही फटा हुआ आकाशबेहिसाब बर...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
vijay kumar sappatti
कविताओं के मन से....!!!!
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