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नवीनतम सदस्य

नई हलचल

मधुकर

मैंने देखा दिवा स्वप्न एक,             जाने कौन कहाँ से आया?कुछ पल ही नयनों में ठहरा             फिर ओझल  हो गया पराया.कहाँ  कोई यहाँ रुक पाता है?              धर्मशाला ये हृद...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
abhishek shukla
33

"दुनिया वक्र है..." (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

हर रोज सुबह आयेगी शाम ढलेगी  रात हो जायेगी और फिर होगा नया सवेरा  मिट जायेगा धरा से अंधेरा लेकिन... मन के कोटर में न कभी धूप आयेगी और न कभी सवेरा होगा अंधेरा था और अंधेर...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक
46

तुम भाग्य विधाता नही हो..

.बहुत चाह है तुम्हे ...भगवन बन जाने कीलेकिन मेरी किस्मत की लकीरतुमने नही लिखीरच्येता हो तुममेरे कर्मो केक्युकी बांधा है तुमनेमुझे बन्धनों मेंमुझे क्या करना हैमुझे क्या नही करना हैतुम निश्चि...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
SHALINI KAUSHIK
WOMAN ABOUT MAN
64

समझौता

लडकियोंतुमको सिर्फ परी कथाये हीक्यों सुनाई जाती हैंबचपन सेतुमको सिर्फ गुडिया/ चौके चूल्हे का सामान ही मिलता हैंखिलौनों मेंक्यों तुमको राजकुमारी सरीखा कहा जाता हैंकहानियो मेंक्यों सफ़े...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
SHIKHA KAUSHIK
WORLD's WOMAN BLOGGERS ASSOCIATION
71

तस्लीम को ही वोट क्यों दिया जाए ?

इस समय विश्व की 14 भाषाओं (6 श्रणियों) में दिया जाने वाला 'बॉब्स अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार-2013', चर्चा में है। पुरस्‍कार के प्रथम चरण में चयनित ब्‍लॉगों के लिए ऑनलाइन वोटिंग कराई जा रही है, जिसके बाद व...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
Ravindra Prabhat
परिकल्पना
60

नव संवत्सर की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनायें !!

पेड़ पौधे और पूरा वनस्पति जगत जब प्रफ्फुलित सा रहता है ! पतझड़ निकल जाता है और पेड़ों पर नए पते निकल आते हैं ! खेतों में फसल पकने का समय होता है और कृषि प्रधान देश में इससे ज्यादा उत्सव का माहौल क...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
पूरण खण्डेलवाल
48

श्याम स्मृति.....सादा जीवन ..क्यों ...डा श्याम गुप्त ....

सादा जीवन ..क्यों ..        जब कभी कोई किसी को अपने से अच्छा, खाते-पीते..विलासमय जीवन बिताते देखता है तो दो प्रकार के विचार मन में आ सकते हैं ...        (१)-मुझे भी कठोर श्रम करना चाहिए ता...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
SHIKHA KAUSHIK
भारतीय नारी
53

मत सोचा कर

फ़रहत शाहज़ाद साहब द्वारा लिखी उनकी कविता 'तनहा तनहा मत सोचा कर' को अपने अंदाज़ में प्रस्तुत कर रहा हूँ |  क्षमा प्रार्थी हूँ, मैं उनका या उनकी नज़्म का अपमान करने या दिल को ठेस पहुँचाने की गरज ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
तुषार राज रस्तोगी
तमाशा-ए-जिंदगी
58

शिक्षा

चरित्र की शिक्षा घटिया प्राणी से भी मिले तो ग्रहण करनी चाहिए। --- चाणक्‍य ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
रौशन जसवाल विक्षिप्‍त
30

face recognition software (अपने चेहरे को कम्‍प्‍यूटर का पासवर्ड बनाइये)

क्‍या आप चाहते हैं कि आपका Computer बिना password  डाले केवल आपको पहचाने और open हो जाये। अगर आपको यह असम्‍भव लग रहा है तो यकीन मानिये ऐसा एक Softwere जिसको Computer में इंस्‍टाल करने के बाद कम्‍प्‍यूटर केवल आपकी शक्...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
abhimanyu
44

माँ तू प्रथम तो नारी है ना ...

तेरे रहते सब दुःख सहते वो फिर हारी है ना उसका दर्द क्यों नहीं बाटती जगदम्बे !माँ !!तू प्रथम तो नारी है ना ...एक एक पल हर पग पग ढोती कांधो पर महिषासुर और रक्तबीज प्रताड़ित कपूतों से ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
तरुण
Tarun's Diary-"तरुण की डायरी से .कुछ पन्ने.."
67

इतिहास के धागे

आन्यो (Agno) नदी के किनारे एक छोटा सा शहर बसा था, वल्दान्यो (Valdagno). वल्दान्यो माने "आन्यो की घाटी". वल्दान्यो से करीब पाँच किलोमीटर दूर, दक्षिण पूर्व में, जहाँ पहाड़ शुरु होते हैं, वहीं के एक छोटे से ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
SUNIL DEEPAK
जो न कह सके
158

Morning light - Luce della mattina - प्रभा ज्योति

Agra, India: I had reached the red fort early in the morning and the tourist crowds had not yet arrived. The morning light coming through the doors looked very nice. In Mughal emperor Jahangir's palace, where some shooting of Jodha Akbar was also done, I experimented with camera settings and took different pictures. By decreasing exposure time and changing white balance settings, the pictures have very strong reds. The third image has normal exposition and you can see the difference. It is still...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
SUNIL DEEPAK
Chayachitrakar - छायाचित्रकार
32

Rose

नव संवत्सर तथा नव वर्ष की आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं!...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
Neeraj Singh
24

आने का शुक्रिया

चोटों पे चोट देते ही जाने का शुक्रियापत्थर को बुत की शक्ल में लाने का शुक्रिया          जागा रहा तो मैंने नए काम कर लिएऐ नींद आज तेरे न आने का शुक्रिया सूखा पुराना जख्म नए को जगह ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
Rajendra kumar
भूली-बिसरी यादें
96

शूटर लिया बुलाय, बाप की दिया सुपारी

 नवसंवत्सर की शुभकामनायें -पारी-पारा मेटिये, रिश्ते नाते ख़ास । लेने जो देते नहीं, आजादी से साँस । आजादी से साँस, रास आते ना भाई । दादा दादी बाप, चचा चाची माँ माई  । सभी दुखों का मूल...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
रविकर
रविकर की कुण्डलियाँ
43

46. नववर्ष- विक्रम सम्वत् 2070- मंगलमय हो...

आज सुबह-सुबह बदली छायी हुई थी- लगा, आज के सूर्योदय की तस्वीर नहीं खींच पाऊँगा- मगर कुछ क्षणों के लिए सूर्यदेव दीख ही गये... नये साल की शुभकामनायें......  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
जयदीप शेखर
कभी-कभार
140

mathura shri krishan janmbhoomi मथुरा , श्री कृष्ण जन्म भूमि

हमने होटल वालो से पूछा कि यहां पर घूमने के लिये कौन सा साधन अच्छा रहेगा तो उन्होने बताया कि रोडवेज की एक बस सुबह छह बजे मथुरा बस स्टैंड से चलती है जो कि पूरे दिन में मथुरा और वृंदावन के सभी दर्शन...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
Manu
yatra (यात्रा ) मुसाफिर हूं यारो .............
117

गामवाली

(कोसी के धार-कछार के मध्य गामवाली की धरती) इब्तिदा चचा ग़ालिब के इस शेर से -लिखता है 'असद' सोज़िशे दिल से सुखन-ऐ-गर्म  ता रख ना सके कोई मेरे हर्फ़ पर अंगुश्त [अपने ह्रदय ताप से 'असद' इतने दहकते श...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
निहार रंजन
बातें अपने दिल की
66

देश आजाद मगर हमारी सोच नहीं ( चर्चा - 1211 )

आज की चर्चा में आपका हार्दिक स्वागत है अंग्रेजी नववर्ष का बहुत शोर रहता है मगर भारतीय नववर्ष चुपके चुपके आरम्भ होता है , सही ही तो है हमारा देश आजाद हो गया मगर हमारी सोच नहीं । नव वर्ष की हार...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक
45

नेता जी नहीं डरेंगें-एक राजनैतिक लघु कथा

  गठबंधन की सरकार में मुख्य  समर्थक दल के नेता मीडिया से बात कर रहे थे .एक पत्रकार ने सवाल दागते हुए पूछा-''क्या आपकी पार्टी समर्थन वापस ले रही है ?  '' नेता जी सँभालते हुए बोले ''....नहीं ....बिलकु...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
SHIKHA KAUSHIK
नेता जी क्या कहते हैं ?
53

नेता जी नहीं डरेंगें-एक राजनैतिक लघु कथा

    गठबंधन की सरकार में मुख्य  समर्थक दल के नेता मीडिया से बात कर रहे थे .एक पत्रकार ने सवाल दागते हुए पूछा-''क्या आपकी पार्टी समर्थन वापस ले रही है ?  '' नेता जी सँभालते हुए बोले ''....नहीं ....बि...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
SHIKHA KAUSHIK
मेरी कहानियां
55

शिर्डी साईं बाबा /सत्य साईं बेनकाब {Shirdi sai baba Exposed !}

                                                                                                     शिर्डी साईं बाबा बेनकाब  भाग २ >>सर्वप्रथम तो सभी ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
प्राचीन सम्रद्ध भारत
24

नवसंवत्सर शुभकामनायें-------

              या देवी सर्वभूतेषु बुद्धिरूपेण संस्थिता ।            नमस्तस्ये नमस्तस्ये नमस्तस्यै नमो नमः॥                        &...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
jyoti khare
उम्मीद तो हरी है .........
151

तेरा नाम

शाम ढली तो लेम्प के इर्द-गिर्दकुछ अल्फाज़ भिन-भिनाने लगे.......‘टेबल’ के ऊपर रखे मेरे ‘राईटिंग पेड’ के ऊपर-उतर जाने को बेचैन थे सभी ......कलम उठाई तो गुन-गुनाई एक नज़्म-मूँद ली आँखें दो पल के लिए उसको स...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
Manav Mehta 'मन'
मानव 'मन'
83

तेजाबी तानों से बेहाल पीड़ित परिवार -तेजाबी हमलावर अब तक फरार

कांधला में २ अप्रैल को हुई तेजाबी घटना का कोई भी हमलावर आज दसस्वें  दिन तक भी नहीं पकड़ा गया है .कल कॉग्रेस की पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. रीता बहुगुणा जी ने भी पीड़ित परिवार से मिलकर हर संभव मदद व् ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
SHIKHA KAUSHIK
(विचारों का चबूतरा )
77

तेजाबी तानों से बेहाल पीड़ित परिवार -तेजाबी हमलावर अब तक फरार

कांधला में २ अप्रैल को हुई तेजाबी घटना का कोई भी हमलावर आज दसस्वें  दिन तक भी नहीं पकड़ा गया है .कल कॉग्रेस की पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. रीता बहुगुणा जी ने भी पीड़ित परिवार से मिलकर हर संभव मदद व...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
SHIKHA KAUSHIK
भारतीय नारी
57

मेरा बचपन

जीवन की पथरीलीराहों में चलते चलतेजीवन की सुलगतीआग में जलते जलतेजीवन की कंटीलीचुभन में घुटते घुटतेयाद आती हैसुकोमल बचपन कीकर्तव्यों की बेड़ी मेंजकड़े जीवन मेंयाद आती हैउस स्वछंदता कीसुको...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
तुषार राज रस्तोगी
तमाशा-ए-जिंदगी
63

"नव सम्वत्सर आया है" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

फिर से उपवन के सुमनों मेंदेखो यौवन मुस्काया है।उपहार हमें कुछ देने को,नूतन सम्वत्सर आया है।।उजली-उजली ले धूप सुखद,फिर सुख का सूरज सरसेगा,चौमासे में बादल आकर,फिर उमड़-घुमड़ कर बरसेगा,फिर नई ऊर...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक
43

प्रभु हनुमान

संकटमोचनजी हनुमान बनाते सबके बिगड़े काम तुमेह हम शीश नवाते हैं बदन सिंदूर लगाते हैं जब बन बन भटके रामकिये तुमने ही सारे काम बचाये लक्ष्मण जी के प्राण संकटमोचनजी हनुमान बनाते सबके बिगड़े काम तु...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
Rajeev Sharma
कलम कवि की
52


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