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HTC Desire 500 Review - The Longing Desire

  After they achieved great success in the android market with the masterpiece HTC One, One mini and so on, Smartphone giants HTC are ready to take their chances on a mid range android handset with pretty good offerings known as the new HTC Desire 500. Coming with a quad-core processor and much more internal features will this 4.3 inch android junior turn out to be a success for HTC? In order to find out, lets take a quick overview of the new HTC Desire 500.Read more »...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
lalit banjara
Tech 2 Android Reviews
212

Problem of Eyes when using computer for a long time? Here is a solution ...

Hey!Are you getting strain and pain in eyes when using the computer for a long time? It is most common problem for the computer user's that their eyes got troubles like strain, dryness, pinching eyes, headache, occasional double vision, when people use the computer long time. Here is a solution. आगे पढेँ >>>>>...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
vivek mishra
46

प्रेम-पत्र(२)

                     प्रेम-पत्र(२) हें प्रियतम !तुमसे अपने प्रेम कों भला कैसे परिभाषित करूं?कुछ चीजों कों व्यक्त करने के लिए शब्द ही कहाँ बने हैं ?जब भी तुम्हारी आँखों का दीदार...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
ajay kumar
"मन की बातें"
72
सिनेमा गीत-संगीत
179
चुटकुले और हंसगुल्ले (कुछ हल्के-फुल्के पल...)
165

जाम-ए-हसरत

जाम - ए - हसरत न रख ख़ाली ऐ साकी तमाशा-ए-जिंदगी का जश्न बाकी है अभी !!सु..मन ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
सु-मन (Suman Kapoor)
अर्पित ‘सुमन’
142

भांग का सेवन

भांग का सेवनलोग-बाग बताते है कि भांग का सेवन करने से आदमी किसी अन्य लोक में पहुँच जाता है, लेकिन होली के दिन भांग की ठंडाई पी तो मुझे नींद आ गई, और जैसा कि भांग का धर्म है- मैं स्वप्न-लोक में व...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
केशव कहिन
16

अनुभवी और आकर्षक...

तीन -चार दशक पूर्व अपने आकर्षण और अभिनय से दर्शकों को मोहित कर चुकी अभिनेत्रियां अब चरित्र भूमिकाओं में ढलकर सिल्वर स्क्रीन पर शानदार अभिनय की बानगी पेश कर रही हैं। उन्हें एक बार फिर अभिनय के ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
Somya
सौम्य वचन
149

तुम्‍हारे बाद.....1

आसमानबहुत रो रहा है इस बारबेमौसम....तुम खो जो गए मिलकर....दहाड़ती है कभी कभीपीड़ाउसकी छाती में.....!अनुजा21.03.05...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
Anuja Shukla
अग्निगर्भा अमृता
59

कर वाधाकेँ चूर चूर

बाल कविता-104कर वाधाकेँ चूर चूररोड़ा-खपटा काँट-कूशकेँ देख कतहु नै थम्हि जोसत्त बाटपर चलैत-चलैत तूँ नीक बटोही बनि जोजाहि बाटपर चलैत-चलैत एक पुरुख बनल महापुरुखओहि बाटक रज माँथ सटा कूदैत-फानैत तूँ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
AMIT MISHRA
23

ग़ज़ल( ऐतबार)

जालिम लगी दुनिया हमें हर शख्श  बेगाना लगा हर पल हमें धोखे मिले अपने ही ऐतबार सेनफरत से की गयी चोट से हर जखम हमने सह लिया घायल हुए उस रोज हम जिस रोज मारा प्यार से प्यार के एहसIस   से जब जब रहे ह...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
Madan mohan saxena
मदन मोहन सक्सेना की ग़ज़लें
66

No Title

ख़यालों  में  बो मेरे आते भी हैं रातो को नीदें   चुराते   भी हैं कहतें नहीं राज दिल का  बह  हमसे  चोरी से    नजरे  मिलातें  भी हैंमुक्तक प्रस्तुत...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
Madan mohan saxena
मदन मोहन सक्सेना की रचनाएँ
43

न हो पाए जंगल में कोई फाइट

विक्की घोडा तेज़ दौड़ता ;खुद पर था इतराता ,हिन्-हिनाकर जोर-जोर से ;हाथी पर रौब जमाता !***********************हाथी ने फिर अर्जी लिखकर ;शेरू से करी शिकायत ,जंगल के राजा ने रखी ;जंगल में पंचायत !***********************विक्की बोला इ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
SHIKHA KAUSHIK
मेरा आपका प्यारा ब्लॉग
93

दायें बीयर बार पब, बाएं बिकता गोश्त

गाँधी कब का भूलते, दो अक्तूबर दोस्त |दायें बीयर बार पब, बाएं बिकता गोश्त |बाएं बिकता गोश्त, पार्क में अनाचार है |उधम मचे बाजार, तडपती दिखे नार है |इत मोदी का जोर, बड़ी जोरों की आँधी |उत उठता तूफ़ान...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
रविकर
रविकर-पुंज
64

जाय भाड़ में तंत्र, चना इक फोड़े रविकर-

दागी भर भर गोलियां, बाँटी खुब खैरात |टाँय टाँय फिस हो गई, 'मन-माने' औकात |'मन-माने' औकात, झूठ सब रिश्ते-नाते |तुम ही सच्चे 'तात', माफ़ कर दे हे 'माते' |जाय भाड़ में तंत्र, चना इक फोड़े रविकर |किन्तु सुफल मि...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
रविकर
रविकर की कुण्डलियाँ
52

तुम गर जरा मुझे प्यार दो

-राजेश त्रिपाठीमेरे गीतों को दे दो मधुर रागिनी, मेरे सपनों को होने साकार दो।सारी दुनिया की खुशियां मिल जायेंगी, तुम गर जरा मुझे प्यार दो।।कामनाएं तड़पती, सिसकती रहीं।जिंदगी इस कदर दांव चलती ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
kuldeep thakur
कविता मंच।
50

अतिक्रान्तिकारी -हरिशंकर परसाई

धोखाधड़ी मुझे पसन्द नहीं। खैर, मैं उन्हें काम का आदमी लगा नहीं। दूसरे दिन मुझे बाहर जाना पड़ा। दोतीन महीने बाद लौटा तो लोगों ने बताया कि उन्होंने सामान और नकद लेकर शादी कर डाली। तीनचार दिन बाद स...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
loksangharsha
लो क सं घ र्ष !
50

श्रीमदभगवद गीता अध्याय चार :श्लोक (२५ -२६ ) दैवम एवापरे यज्ञं ,योगिन : पर्युपासते , ब्रहमाग्नाव अपरे यज्ञं ,यज्ञेनैवोपजुह्वति।

श्रीमदभगवद गीता अध्याय चार :श्लोक (२५ -२६  )दैवम एवापरे यज्ञं ,योगिन : पर्युपासते ,ब्रहमाग्नाव अपरे यज्ञं ,यज्ञेनैवोपजुह्वति। दैवम -स्वर्ग के देवता ;एवा  -वास्तव में ;  अपरे -अन्य ; &nbs...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक
39

क्या आप जानते हैं आप कौन हैं ?

क्या आप जानते हैं आप कौन हैं ?बच्चो!हमारा शरीर कोशिकाओं का बना है लेकिन हरेक सात साल के बाद हमारे शरीर की सारी कोशाएं (कोशिकाएं ,Human Cells )बदल जाती हैं। हमारा शरीर लगातार बदल रहा है आकार में भी। आ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक
40

Gestures & emotions - Gesti e emozioni - मुद्राएँ व भावनाएँ

Agra, India: Kathak dance is characterized by complex foot movements and the capacity to express emotions through the face and gestures. Today's images have gestures from the kathak recital of Ruchika Sharma - which emotions does she express in these images?आगरा, भारतः कत्थक नृत्य में एक ओर है पैरों को चलाने की दक्षता और दूसरी ओर है चेहरे व हाथों की म...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
SUNIL DEEPAK
Chayachitrakar - छायाचित्रकार
56

बच्चो !क्या आप जानते हैं ,आत्मा का पिता कौन है ?

बच्चो !क्या आप जानते हैं ,आत्मा का पिता  कौन है ?आत्मा का पिता परमात्मा है दोनों दिव्य ऊर्जा हैं सनातन काल से इन दोनों का अस्तित्व बना हुआ है।  जब बच्चा माँ के गर्भ में आता है तब फिमेल एग (...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक
35

प्रणव नाद से मुखर जी, रोके अनुचित चाह-

कार्टून :- बालहठकाजल कुमार के कार्टूनप्रणव नाद से मुखर जी, रोके अनुचित चाह |वाह वाह युवराज की, देता कुटिल सलाह |देता कुटिल सलाह, मानती किचन कैबिनट |हो जाते सब चित्त, करा दे बबलू नटखट |झेल रही सरकार,...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
रविकर
"लिंक-लिक्खाड़"
45

देता कुटिल सलाह, मानती किचन कैबिनट -

NEWप्रणव नाद से मुखर जी, रोके अनुचित चाह |वाह वाह युवराज की, देता कुटिल सलाह |देता कुटिल सलाह, मानती किचन कैबिनट |हो जाते सब चित्त, करा दे बबलू नटखट |झेल रही सरकार, रोज ही विकट हादसे |रविकर करता ध्यान, ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
रविकर
"कुछ कहना है"
48

कच्चे धागे से उलझा - सा -- हिंदी ब्लॉगर्स चौपाल चर्चा अंक : 015

कच्चे धागे से उलझा - सा यह रिश्ता कैसा रिश्ता है,चक्की के दोनों पाटों में केवल अपनापन पिसता है, यही नियति थी,इसकी परिणति आखिर होती और भला क्या,तू घर में बैठा एकाकी मैं भी भटक रहा हूँ तनहा,था जो, जो ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
ललित चाहार
हिंदी ब्लॉगर्स चौपाल
56

Dream

Dream is after all A Bubble of soapWhich will burst intothousands of beautiful fragmentsif you done to clasp itDream never diesnever dream of pastwhich is dead and gonenever dream of futurewhich is yet to comeDream brings joysand sorrowsdream brings youto unseen worlddream is after alla bubble of soap. ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
Rajeev Kumar Jha
khamosh dil ki dhadkane
117

कवि से

माना आपका कोमल ह्रदय है संसार की सारी व्यथाओं का आपके ही उर संचय है कलम अनुक्षण विकल है घृत के साथ उठती अग्निशिखा सी प्रचंड है, प्रदीप्त है, निर्भय है मगर ह्रदय में व्यथा की निधि लेकर कहीं खो ना ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
निहार रंजन
बातें अपने दिल की
72

पावन माटी से प्यार ( चर्चा - 1387 )

आज की चर्चा में आपका हार्दिक स्वागत है गाँधी जयंती और लाल बहादुर शास्त्री जी की जयंती पर देश दोनों महापुरुषों को नमन करता है , हालांकि सोशल मीडिया पर गाँधी जी लोगों के निशाने पर हैं । मतभेद स...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक
131

जिनसे महका सारा हिन्दुस्तान

आज के दिन दो फूल खिले थेजिनसे महका सारा हिन्दुस्तानसिर्फ चौराहों और दीवारों मे नहीअपने दिल मे दो इनको स्थानएक ने अहिंसा को अपनाकर वापस लाया हिन्द का मानदूजे ने दिल से आवाज लगाई जय जवान जय कि...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
Suresh Rai
मन का दर्पण,मन की बात.
93

औरत की नज़र में हर मर्द है बेकार .

  फरमाबरदार बनूँ औलाद या शौहर वफादार ,औरत की नज़र में हर मर्द है बेकार .करता अदा हर फ़र्ज़ हूँ मक़बूलियत  के साथ ,माँ की करूँ सेवा टहल ,बेगम को दे पगार .मनसबी रखी रहे बाहर मेरे घर से ,चौखट पे कदम रखते ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
SHALINI KAUSHIK
WOMAN ABOUT MAN
77

बच्चे बड़े हो गये ..

ज्यों ही सुबह उगती  है,चहचाहट जगती है,घोसलें में, जो मेरे बगीचे में लगा है,और जिसे मैं देखता हूँ , खिड़की से झांक कर हर रोज.शाम को फिर बढ़ जाती है हलचल चहचहाने की, आहट भी नहीं होती है,रात गहराने की , ह...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
शिव प्रकाश मिश्रा
हम हिन्दुस्तानी HAM HINDUSTANI
88


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