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नई हलचल

शिक्षक दिवस के बहाने ज़रा विचार तो कीजिये !!

आज शिक्षक दिवस है और इसको हर साल मनाते हैं ! बधाईयां , शुभकामनायें देकर हम अपनें कर्तव्य की इतिश्री कर लेते हैं ! लेकिन जैसे जैसे नाम बदलते गए वैसे वैसे इनमें भावनात्मक लगाव भी कम होता गया इसका व...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
पूरण खण्डेलवाल
24

"गुरू वन्दना" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

ओम् जय शिक्षा दाता, जय-जय शिक्षा दाता।जो जन तुमको ध्याता, पार उतर जाता।।तुम शिष्यों के सम्बल, तुम ज्ञानी-ध्यानी।संस्कार-सद्गुण को गुरु ही सिखलाता।।कृपा तुम्हारी पाकर, धन्य हुआ सेवक।मन ही मन ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक
39

मन के हारे हार, मन के जीते जीत

किसी विद्वान ने क्या खूब कहा है- “मन के हारे हार मन के जीते जीत है”
इस वाक्य कि गहराई में जाया जाये, तो इस वाक्य कि ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
richa shukla
8

मील का पत्थर


एक राहगीर अपनी मंजिल को पाने को अपने गंतव्य कि ओर बढ़ा चला जा रहा था A उसने राह में देखा, कि एक मील का पत्थर गडा हुआ ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
richa shukla
8

भगवान बुद्ध का अनमोल मोती-राहुल

कपिलवस्तु के राज कुमार सिद्धार्थ, अपने परिवार व राज्य का त्याग कर के तपस्या करने चले गये और फिर पूरे seven year बाद अपने fathe...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
richa shukla
4

जीत जायेंगे हम The Winning Spirit

जीत जायेंगे हम The Winning Spiritजीवन में सफलता और असफलता हमेशा आते है कोई सफल होकर असफल होता है तो कोई असफल होकर सफल होता है / सफलता और असफलता प्रायः आशा ख़ुशी और सकारात्मक सोच लेकर आते है वही असफलता निराश...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
Ashish
कानपुर पत्रिका
70
बातें अपने दिल की
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शिक्षा शिक्षक और हम

आज शिक्षक दिवस है यानि भारत के पूर्व राष्ट्रपति और दार्शनिक तथा शिक्षाविद डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णनका जन्मदिन प्रश्न है कि आज शिक्षक दिबस की कितनी जरुरत है शिक्षक लोग आज के दिन बच्चो...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
Madan mohan saxena
मदन मोहन सक्सेना की रचनाएँ
54

लो सब्जी दी तौल, जेब तो रखो खोलकर-

 तोल-मोल कर व्यर्थ ही, त्योरी रहे चढ़ाय |लेना है तो टका दो, इक तोला ही आय |इक तोला ही आय, अन्यथा नापो रस्ता |मँहगा आलू प्याज, रुपैया पल पल सस्ता |लो सब्जी दी तौल, जेब तो रखो खोलकर |झोले का क्या काम, न...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
रविकर
रविकर-पुंज
71

शिक्षक

                **शिक्षक दिवस की हार्दिक शुभकामनायें**दे कर के सम्मान गुरु को,      जीवन में है सफल बनोगे.गुरु में श्रद्धा के द्वारा ही     श्रेष्ठ ज्ञान अधिकारी होगे.बिना गुर...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
Kailash Sharma
बच्चों का कोना
164

God Buddha's precious pearl - Rahul

भगवान बुद्ध का अनमोल मोती-राहुलकपिलवस्तु के राज कुमार सिद्धार्थ, अपने परिवार व राज्य का त्याग कर के तपस्या करने चले गये और फिर पूरे seven year बाद अपने father शुद्धोदन के अनुरोध पर, बौधिसत्व को प्राप्त ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
richa shukla
Hindi Blog For Motivational, Personal Development Article,knowledge of computers technology, job
89

कहानी हर घर की...

सास चाहती है बहु उसके 'हिसाब' से चले और बहु चाहती है कि सास उसके 'हिसाब' से! वहीँ पिता चाहता है बेटा उसके 'हिसाब' से चलना चाहिए, मगर बेटे का 'हिसाब' कुछ दूसरा ही होता है। उधर पति चाहता है कि पत्नी पर उस...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
Shah Nawaz
46

River's journey - Viaggio del fiume - नदी की यात्रा

South Tyrol, Italy: When we saw from the mountain, the river was like a silver ribbon in the valley below. A little closer, it seemed as if its waters were still. Even more closer, it was like a little girl, playing with the stones.दक्षिण टाइरोल, इटलीः ऊपर पहाड़ से देखा तो नीचे घाटी में नदी चाँदी के रिब्बन की तरह चमक रही थी. कुछ करीब पह...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
SUNIL DEEPAK
Chayachitrakar - छायाचित्रकार
42

पाया ज्ञान तमाम, निपट अज्ञानी लेकिन

"शिक्षक का सम्मान" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक') गुरुवर करूँ प्रणाम मैं, रविकर मेरो नाम |पाया अक्षर ज्ञान है, पाया ज्ञान तमाम |पाया ज्ञान तमाम, निपट अज्ञानी लेकिन |बहियाँ मेरी थाम, अनाड़ी हूँ ते...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
रविकर
"लिंक-लिक्खाड़"
42

रविकर रह चैतन्य, अन्यथा उघड़े बखिया -

बखियाने से साड़ियाँ, बने टिकाऊ माल | लेकिन खोंचा मार के, कर दे दुष्ट बवाल |कर दे दुष्ट बवाल, भूख नहिं देखे जूठा |सोवे टूटी खाट, नींद का नियम अनूठा |खोंच नींद तन भूख, कभी भी देगा लतिया |रविकर रह चै...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
रविकर
"कुछ कहना है"
50

शिक्षक दिवस की शुभकामनाएँ

माली छात्र जीवन का बनकर ,भिन्न भिन्न फूल खिलाये शिक्षक |रंग बिरंगे फूल खिलाकर महके और महकाये शिक्षक | कच्चे घड़े को स्वरूप देकर  आधार हमारा बनाये शिक्षक |अपार सम्पदा ज्ञान की देकर कर्तव...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
सरिता भाटिया
गुज़ारिश
50

शिक्षक दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं ( चर्चा- 1359 )

आज की चर्चा में आप सबका हार्दिक स्वागत हैशिक्षक हूँ और शिक्षक दिवस पर चर्चा लगा रहा हूँ , यह सौभाग्य की बात है , शिक्षक और गुरु का दर्जा तो भगवान से भी ऊपर माना गया है लेकिन आज का गुरु गुरु क...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक
172

आनन्द भयो..

जय श्री कृष्ण मित्रों! मुझे आशा ही नही पूर्ण विश्वास है आपने यह सप्ताह बड़ी धूम के साथ मनाया होगा। एक तो अपने नटखट लाला कान्हा के जन्मदिन ने भक्तिरस में सराबोर किया, दूजे कल यानि 31 अगस्त ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
बृजेश नीरज
64

शत शत नमन सद्गुरु के चरणों में !

शत शत नमन   सद्गुरु  के  चरणों  में !शत शत नमन   सद्गुरु  के  चरणों  में !   सद्गुरु  के  चरणों  में हम शीश  धरते हैं , श्रद्धा  अवनत  होकर   प्रणाम  करते   हैं .****************** आ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
SHIKHA KAUSHIK
भारतीय नारी
44

आज का आदमी ............. जगदीश चन्द्र ‘जीत’

मानव मनु की संतानआज कितना स्वार्थी हैअकेला खाता है।अकेला पीता हैपास में पडोसीकितने दिन से भूखा-नंगपडा होमरा होकौन जाने?परिवार के दो-चार सदस्यों कीउदर-पूर्ति मेंसमझता है आज का मानवअपने जीवन...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
darshan jangra
प्रेम के फूल
79

अभिवंदना

दोस्तों !शिक्षक दिवस के उपलक्ष्य में सारे शिक्षकों की याद में एक नमन -बचपन से लेकर आज तककी है हमने सिर्फ जिसकी पूजा।उस शिक्षक जैसा,न मिला हमको कोई दूजा। आज करते हैं हम सर्व प्रथमउस "प्रथम शिक्ष...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
Mahesh Barmate
माही....
60

बिलौटी (भाग २)

रात-बिरात बेचैन आत्माओं की तरह मंडराने वाला जीव रमाकांत, नषे में धुत उधर से गुज़रा। चांदनी के धुंधलके-उजियारे में महुआ के तले, एक गठरीनुमा आकृति देख कर वह ठिठका। दबे पांव पगली तक पहुंचा।पगली “...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
anwar suhail
गुमशुदा चेहरे / gumshuda-chehre
96

पथ पर चलते एक जन को देखा (कविता)

पथ पर चलते एक जन को देखापथ पर चलते एक जन को देखाजिज्ञासु उस हिय को देखा प्रवाहहीन मुरझाये स्वर-सा संत्रासित बिन नीर निर्झर का |पथ पर चलते एक जन को देखा.....श्लाघनीय उन पद सुमनों कोदृश्य देख हुआ मन ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
डॉ. वी. के. पाठक
109

हिंद स्वराज का सफ़रनामा

फ़िरदौस ख़ानहिंदुत्व की विचारधारा से ओत-प्रोत किताब हिंद स्वराज की अनंत यात्रा में लेखक अजय कुमार उपाध्याय ने हिंद स्वराज की रोशनी में महात्मा गांधी के जीवन की विराट यात्रा का संक्षिप्त वि...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
Firdaus Khan
Firdaus Diary
34

कुछ खट्टा कुछ मीठा मेला..(भारत प्रवास २०१३ के कुछ बिखरे पन्ने-1)

 दिल्ली पुस्तक मेले का परिसर, खान पान में व्यस्त जनता।किसी भी मेले का अर्थ मेरे लिए होता है, कि वहां वह सब वस्तुएं देखने, खरीदने को मिलें जो आम तौर पर बाजारों और दुकानों में उपलब्ध नहीं होत...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
Shikha varshney
स्पंदन SPANDAN
80

शिक्षक दिवस

शिक्षक दिवस पर अपने उन सभी अध्‍यापकों को सादर प्रणाम जिनके प्रयासों के परिणाम स्‍वरूप जीवन मार्ग पर अग्रसर होने में सक्षम हो पाया हूं। ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
रौशन जसवाल विक्षिप्‍त
76

लग गयी मुल्क को किसकी नजर

राजेश त्रिपाठीजाने कैसा ये दौरे सियासत है।हर शख्स दर्द की इबारत है।।हर सिम्त घात में हैं राहजन।या खुदा ये कैसी आफत है।।अब कौन करे भला जिक्रे महबूब।मुश्किलों की ही जब इनायत है।किस तरह बचाये ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
Rajesh Tripathi
Kalam Ka Sipahi / a blog by Rajesh Tripathi कलम का सिपाही/ राजेश त्रिपाठी का ब्लाग
115

एक ग़ज़ल : गो धूप तो हुई है...

गो धूप तो हुई है , पर ताब वो नहीं हैजो ख़्वाब हमने देखा ,ये ख़्वाब वो नहीं है मजलूम है कि माना,ख़ामोश रहता अकसरपर बे-नवा नहीं है ,बे-आब वो नहीं हैकुछ मगरिबी हवाओं का पुर-असर है शायदफ़सलें नई नई हैं ,आदाब ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
आनन्द पाठक
गीत ग़ज़ल औ गीतिका
38

"भँवरा" (डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री ‘मयंक’)

मेरी बालकृति "नन्हें सुमन" सेएक बालकविता"भँवरा"गुन-गुन करता भँवरा आया।कलियों फूलों पर मंडराया।।यह गुंजन करता उपवन में।गीत सुनाता है गुंजन में।।कितना काला इसका तन है।किन्तु बड़ा ही उजला मन ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक
78

ऐसा व्यक्ति न शराब से नफरत करेगा न शराबी से। शराबी शराब छोड़ कर अच्छा बन सकता है और शराब से कई आसव औषधियाँ रेड वाइन विनेगर भी बन सकता है।

श्रीमदभगवत गीता चौदहवाँ अध्याय (श्लोक २० -२७  )(२० )जब मनुष्य देह की उत्पत्ति के कारण तथा देह से उत्पन्न तीनों गुणों से परे हो जाता है ,तब वह मुक्ति प्राप्त कर जन्म ,वृद्धावस्था और मृत्यु ,के दुख...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक
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