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जान

ये जान जान कर जान गया ,ये जान तो मेरी जान नहींजिस जान के खातिर  जान है ये, इसमें उस जैसी शान नहीं जब जान बो मेरी चलती   है ,रुक जाते हैं चलने बाले जिस जगह पर उनकी नजर पड़े ,थम जाते हैं  मय क...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक
35

जान

ये जान जान कर जान गया ,ये जान तो मेरी जान नहींजिस जान के खातिर  जान है ये, इसमें उस जैसी शान नहीं जब जान बो मेरी चलती   है ,रुक जाते हैं चलने बाले जिस जगह पर उनकी नजर पड़े ,थम जाते हैं  मय क...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
Madan mohan saxena
मदन मोहन सक्सेना की रचनाएँ
52

Jitendra Lodhi

JITENDRA LODHI
JITENDRA LODHI
5 वर्ष पूर्व
Jitendra Lodhi
10

computer tips

computer related tips...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
Jitendra Lodhi
8

बाहर का उन्माद, बने अन्तर की हलचल-

चंचल मन को साधना, सचमुच गुरुतर कार्य |गुरु तर-कीबें दें बता, करूँ निवेदन आर्य | करूँ निवेदन आर्य, उतरता जाऊँ गहरे |  जहाँ प्रबल संघर्ष, नहीं नियमों के पहरे | बाहर का उन्माद, बने अन्तर की हलचल |द...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
रविकर
"कुछ कहना है"
40

मोहम्मद रफ़ी साहब की पुण्यतिथि पर विशेष........

अपनी मदहोश कर देने वाली आवाज़ से सबको अपना दीवाना बनाने वाले गायक मोहम्मद रफ़ी की आज पुण्यतिथि है| इन्हें 'शहंशाह-ए-तरन्नुम' भी कहा जाता है| रफ़ी का जन्म 24 दिसम्बर 1924 को अमृतसर, के पास 'कोटला सुल्त...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
Journalist
मेरा संघर्ष
60

मायावी गिनतियाँ : भाग 23

'क्या इन गिनतियों में कोई सम्बन्ध है?' थोड़ी देर विचार करने के बाद उसे इसका जवाब न में मिला। इन गिनतियों में न तो कोई खास क्रम था और न ही कोई सम्बन्ध। फिर उसने एक बात और सोची। 'वह कौन सी सबसे छ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
Dr. Zeashan Zaidi
Hindi Science Fiction हिंदी साइंस फिक्शन
52

बाहर का उन्माद, बने अन्तर की हलचल-

  ताऊ और रामप्यारी की हरकीरत ’हीर’ से दो और दो पांच..... ताऊ रामपुरिया  ताऊ डाट इन -  माला महकौवा मँगा, रखे चिकित्सक एक |उत्सुकता वश पूछता, रोगी टेबुल टेक |रोगी टेबुल टेक, महोदय हेतु बताना |मे...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
रविकर
"लिंक-लिक्खाड़"
37

"हमें फुरसत नहीं मिलती" (ड़.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

नज़ारों में भरा ग़म है, बहारों में नहीं दम है,फिजाएँ भी बहुत नम हैं, सितारों में भरा तम है हसीं दुनिया बनाने की, हमें फुरसत नहीं मिलती। नहीं आभास रिश्तों का, नहीं एहसास नातों काहमें तो आदमी ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक
32
मेरी बात तेरी बात...
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जुलाई: कुछ तो खास है इस महीने में, प्रसिद्ध लोगों का प्रसिद्ध महीना...

भारत में किसी भी बात को आम होने और आम से खास होने में ज्यादा वक़्त नही लगता| कहते है कि वक़्त, जगह, समाज, लोग, सभी पहलुओं से कुछ ऐसी बाते जुडी रहती है, जो उस व्यक्ति या समय को खास बना देती है, ऐसा ही कु...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
Journalist
मेरा संघर्ष
55

No Title

नरक की अंतिम जमीं तक गिर चुके है आज जो नापने को कह रहे , हमसे बह  दूरिया आकाश की ..इस कदर भटकें हैं युबा आज के इस दौर में खोजने से मिलती नहीं अब गोलियाँ  सल्फास की  आज हम महफूज है ,क्यों दुश...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक
41

No Title

नरक की अंतिम जमीं तक गिर चुके है आज जो नापने को कह रहे , हमसे बह  दूरिया आकाश की ..इस कदर भटकें हैं युबा आज के इस दौर में खोजने से मिलती नहीं अब गोलियाँ  सल्फास की  आज हम महफूज है ,क्यों दुश...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक
55

चलते रहो इसी में जीवन की पवित्रता है

मैं पवित्र करने वालों में वायु और शस्त्रधारियों में राम हूं। इन प्रतीकों को थोड़ा हम समझें। वायु इस जगत में सर्वाधिक स्वतंत्र है। और स्वतंत्रता ही पवित्रता है। वायु कहीं बंधी नहीं है, कहीं ठ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
darshan jangra
प्रेम के फूल
86

Incredible Humility - A inspirational story in Hindi, (अदभुत विनम्रता)

       Incredible HumilityIncredible humblenessअदभुत विनम्रतास्वामीरामकृष्णपरमहंसकरुनाऔरदयाकेसागरथे/ श्रीरामकृष्णपरमहंसअपनेजीवनकाल  मेंलोगोंकोअहंकारऔरघमंडकोदूरकरनेऔरनम्रबननेकेअनेकोंउपायबतायाकरत...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
richa shukla
Hindi Blog For Motivational, Personal Development Article,knowledge of computers technology, job
119

मेरी कुछ क्षणिकाएँ

एक :संबिधान है न्यायालय है मानब अधिकार आयोग है लोकतांत्रिक सरकार है साथ ही आधी से अधिक जनता अशिक्षित ,निर्धन और लाचार है .दो:कृषि प्रधान देश है भारत भी नाम है भूमि है ,कृषि है, कृषक ह...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
Madan mohan saxena
मदन मोहन सक्सेना की रचनाएँ
60

राज्य नए मुख्तार, और भी कई बनाना-

 राग तेलंगाना, ताल हैदराबादीpramod joshi  जिज्ञासा गाना ढपली पर फ़िदा, सुने नहीं फ़रियाद |पड़े मूल्य करना अदा, धिक् धिक् मत-उन्माद |धिक् धिक् मत-उन्माद, रवैया तानाशाही |चमचे देते दाद, करें दिन रात उग...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
रविकर
"लिंक-लिक्खाड़"
46

Cow bells - Campanelli delle mucche - गायों की घँटियाँ

Novegno (VI), Italy: Yesterday morning, after the rains, the mountains looked so clean and beautiful that we thought it was the right day to go out for a picnic. We went to Novegno mountain. The place where we stopped for the picnic, had lots of cows grazing around. The whole time that we stayed there, we kept on hearing the sweet music of the bells tied around the necks of those cows.नोवेन्यो, इटलीः कल सुबह वर्षा के बाद पर्वत ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
SUNIL DEEPAK
Chayachitrakar - छायाचित्रकार
40

कब बनेंगे इंसान?

बटला हाउस इनकाउंटर हो या मालेगाँव ब्लास्ट, मामला चाहे इशरत जहाँ का हो या फिर साध्वी प्रज्ञा का, सबको अपने-अपने धर्म के चश्मे से देखा जाता है। मीडिया जिसके सपोर्ट में रिपोर्ट दिखाए वोह खुश दूसर...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
Shah Nawaz
34

संविदा शाला शिक्षक 01 भर्ती में कामर्स विषय की अनदेखी

(छिन्दवाड़ा) मध्यप्रदेश सरकार एक तरफ शिक्षा की अलख जगाने की बात करती है और नित नए स्कूल खोलने की घोषणा करती है और जब स...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
Kailash Kumar
20

छंद कुण्डलिया : मिलें गहरे में मोती

हलचल होती देह से, मन से होता ध्यानलहरों को माया समझ, गहराई को ज्ञानगहराई  को  ज्ञान , मिलें  गहरे में  मोतीसीधी-सच्ची बात, लहर क्षण-भंगुर होतीगहराई   में  डूब  ,  छोड़  लहरें  हैं चंच...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक
55

दिल्‍ली अभी दूर है 'नरेंद्र भाई'

भले गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम आज देशभर में ही नहीं, बल्कि विश्व स्तर पर लोकप्रियता की सभी हदें पार कर चुका है, लेकिन इसको आगामी लोक सभा चुनावों के लिए सफलता की गारंटी कदापि नही...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
Kulwant Happy
Fast Growing Hindi's Website
107

YOU

My Dear Souls ; Just be YOU . Nothing else really matters. Nothing else really concerns . YOU are the creator of your life and your world . Refine YOU. Create a better YOU. YOU and YOU . BUT never forget The original creator. THE almighty GOD . When you think of you , thank HIM. HE is always there . for you , for me and for everyone. GOD bless YOU all. Much Love, Light , Hugs and Blessings ! Pranaam Swami Prem Vijay ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
vijay kumar sappatti
HRUDAYAM :: ह्रदयम
67

संता कोण?

आता मला सांगा यातील संता कोण आहे ???..ग्राहक - एक कोलगेट द्या ओ ...दुकानदार - कोणती ???..ग्राहक - पेप्सोडेंट …...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
vaghesh
विनोद नगरी
57

,नेताजी कहीन है।

यह मुम्बई -देल्ही -काश्मीर ढाबा नहीं है मुंबई में बारह रुपये ,दिल्ली में पांच रुपये भर पेट खाना खाइए ,बब्बर-रसीद कहीन है। बारह पांच के चक्कर में काहे पड़त  हो भैया रूपया रूपया एक खाना खा...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
Kalipad
अनुभूति
93

नुकाएल प्रेम

128. नुकाएल प्रेम"हमरा माँफ कऽ दे...हमरा नै मार...आइये हम तोहर फोटो फाड़ि देबौ...सबटा पत्र जड़ा देबौ...हमरा छोड़ि दे...भू..त...भूत..."एकाएक शीतल स्पर्शसँ भूत पड़ा गेल ।हमरा आगूमे डेराएल सन कनियाँ ठाढ़ छलीह ।एखने...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
AMIT MISHRA
25

chail chowk ] rohanda to kamrunag, Himachal ,चैल चौक , रोहांडा से कमरूनाग

chail chowk ] rohanda to kamrunag, Himachal ,चैल चौक , रोहांडा से कमरूनाग another way of kamrunag जंजैहली से वापसी बगस्याड के रास्ते ही हुई । बगस्याड से कांडा और कांडा से इस बार मै जिस रास्ते को आया था केयोलीधार उसकी बजाय चैल चौक वाला र...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
Manu
yatra (यात्रा ) मुसाफिर हूं यारो .............
154

कीचड़ तो तैयार, मगर क्या कमल खिलेंगे-- चर्चा मंच 1323

1100 followers मुबारक - गुरुवर का आदेश, देश की हालत जाँचो -करता चर्चा पेश, पाठकों प्रियवर बाँचो -"माँ शारदा वंदन" (श्यामा अरोरा)अम्ब शारदे वंदन तेरा हम करते अभिनन्दन तेरा दर पर आये है हम भिखारी पूरी...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक
39

सावन का महीना. ..चतुर्मास और हम

सावन का पहला सोमवार गुजरा...देश के कई हिस्सों में इस समय सावन की झड़ी लगी हुई है...कई लोगो ने अंडे और मांसाहार का त्याग कर दिया है....इस बहाने कुछ समय तक शरीर वातावरण के मुताबिक खुद को ढाल लेगा....तीनो...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
rohit
28

जिसकी नहीं कदर यहाँ पर ,ऐसी वो बेजान यहाँ है .

अबला हमको कहने से ,सबकी बढती शान यहाँ है ,सफल शख्सियत बने अगर हम ,सबका घटता मान यहाँ है ...................................................बेटी घर की इज्ज़त होती ,इसलिए रह तू घर में ,बेटा कहाँ फिरे भटकता ,उसका किसको ध्यान यहाँ ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
SHALINI KAUSHIK
! कौशल !
103


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