अपना ब्लॉग जोड़ें

अपने ब्लॉग को  जोड़ने के लिये नीचे दिए हुए टेक्स्ट बॉक्स में अपने ब्लॉग का पता भरें!
आप नए उपयोगकर्ता हैं?
अब सदस्य बनें
सदस्य बनें
क्या आप नया ब्लॉग बनाना चाहते हैं?
नवीनतम सदस्य

नई हलचल

Four fools accomplishment-चार मूर्खों कि सिद्धि

चार मूर्खों कि सिद्धिएक गाँव चार मुर्ख मित्र रहते थे । वे मुर्ख होते हुवे भी आपस में बहुत प्रेम करते थे और सदभाव के साथ आपस में मिल कर रहते थे, इसलिए वो हर काम एक साथ आपस कि सहमती से करते थे । उनके ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
richa shukla
Hindi Blog For Motivational, Personal Development Article,knowledge of computers technology, job
58

प्रेमचन्द-फिर वही विवाद

प्रेमचन्द को लेकर एक बार फिर पुराने विवादों को जीवित करने के प्रयास हो रहे हैं, उनके सामाजिक दृष्टिकोण व प्रतिबद्धता के प्रति एक बार फिर शंकाएँ प्रकट की जा रही हैं। एक हिन्दी दैनिक की इस विवाद...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
loksangharsha
लो क सं घ र्ष !
43

आता कसं वाटतंय

एकदा मक्या रेल्वे रुळा शेजारून चालला असतो !त्याच्या शेजारून कॉलेज चीमुले चालली असतात !त्यातला एक मुलगा मक्या ला सतवायाचे ठरवतो !तो मक्या ला विचारतोहे काय आहे? (रुळ दाखवून )मक्या : रुळ आहेत !मुल...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
vaghesh
विनोद नगरी
50

जो खुद ही माया में अटके हों ....

आजकल अध्यात्म का मार्ग कितना सहज-सरल हो गया है …. बस दोनों हाथ जोड़ कर भक्तिभाव से टीवी ऑन कीजिए, धार्मिक चैनल के बटन दबाइए और खो जाईये अध्यात्म में। बड़े-बड़े वातानुकूलित महलों में रहकर आर्थ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
prakash govind
110

नासतो विद्यते भावो न भावो विद्यते सतः । उभयोरपि दृष्टॊऽन्तस्त्वनयो तत्वदर्शिभिः ॥

Sri Bhagwat Gita: Chapter 2, Verses 16-17नासतो विद्यते भावो न भावो विद्यते सतः । उभयोरपि दृष्टॊऽन्तस्त्वनयो तत्वदर्शिभिः ॥    Here Lord Krishna is explaining the basic difference between ‘Satya’ and ‘Asatya’, the ‘Truth’ and ‘Deception’ that surrounds this human life. ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक
35

ताड़ का गुलगुला

ताड़ का पका हुआ फलउसे छीलकर एक छिद्रयुक्त बर्तन पर घिसा गया... (चलनी पर भी घिसा जा सकता है. किसी जमाने में टोकरी को धो-धाकर उसे उलट कर उसी पर घिसा जाता था.)इस तरह का द्र्व जमा होगा... इसकी खुशबू दूर तक ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
जयदीप शेखर
कभी-कभार
204

sampat bhargave

5 वर्ष पूर्व
sampat bhargave
0

जय हिन्द!

5 वर्ष पूर्व
जयदीप शेखर
देश-दुनिया
90

sampat bhargave

5 वर्ष पूर्व
sampat bhargave
0

sampat bhargave

om banna
om banna
5 वर्ष पूर्व
sampat bhargave
1

sampat bhargave

5 वर्ष पूर्व
sampat bhargave
1

sampat bhargave

chuki
chuki
5 वर्ष पूर्व
sampat bhargave
0

sampat bhargave

5 वर्ष पूर्व
sampat bhargave
0

sampat bhargave

pinepal
pinepal
5 वर्ष पूर्व
sampat bhargave
0

sampat bhargave

5 वर्ष पूर्व
sampat bhargave
0

sampat bhargave

5 वर्ष पूर्व
sampat bhargave
0

sampat bhargave

5 वर्ष पूर्व
sampat bhargave
0

sampat bhargave

sp in office
sp in office
5 वर्ष पूर्व
sampat bhargave
2

sampat bhargave

sampat in mediacl store
sampat in mediacl store
5 वर्ष पूर्व
sampat bhargave
1

नेतागीरी

141. नेतागीरी-यौ नेता जी, अहाँ अपनो लोक संग विश्वासघात करै छी !-की भेल अहाँकेँ ?-सब दिन अहाँक आगू-पाछू हम केलौं आ मंत्रीक कुर्सी ओ नवका छौंड़ाकेँ दऽ देलियै ।-आहि रे बा ! नेता भऽ कऽ नेतागीरी नै सिखलौं !ह...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
AMIT MISHRA
37

"शिक्षक का सम्मान" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

गुरु की महिमा का करें, कैसे शब्द बखान।जग में मिलता है नहीं, बिना गुरू के ज्ञान।।अन्तस को दे रौशनी, गुरू ज्योति का पुंज।गुरु के शुभ आशीष से, सुरभित होय निकुंज।।चला रहे अनपढ़ जहाँ, शिक्षा की दूका...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक
43

चल चोरी करने ....................................

चल चोरी करने की नादानी करते हैं |उनको उनसे ही चुराने की शैतानी करते हैं||चल तहजीब की कुछ कुर्बानी करते है |उस दिल में घर कर लेने की मनमानी करते है||हाँ-हाँ न-न में,उनकी इस आनाकानी में...| चल व्यक्त ह्...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक
43

INDIA: रूपए के इस संकट की जड़ों पर भी जाईये!

Wed, Sep 4, 2013 at 12:12 PM                              INDIA: रूपए के इस संकट की जड़ों पर भी जाईये!नदियों से पानी व रेत लूटी गयी:पहाड़ों को डुबोया व खोखला किया गयाAn Article by the Asian Human Rights Commission          &nbs...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
Childless Women Specialist BABA JI +91-9909794430
कामरेड स्क्रीन
0

बने कान्त एकांत में, होय क्वारपन क्लांत-

खिड़कियाँमन की खिड़की पर जमी, दर्द-गर्द की पर्त |अभिलाषाएं थोपती, अजब गजब सी शर्त || पौण्ड्रक(१)कपट-तापसDevdutta Prasoon साहित्य प्रसूनलाई कन्या साथ में, पुत्र कहाँ दी छोड़ |कन्या को भी छोडती, पकडे गुरु...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
रविकर
"लिंक-लिक्खाड़"
44

तेरा मेरा साथ रहे ....

-सौम्या अपराजिताधारावाहिक की शूटिंग के दौरान अभिनेता-अभिनेत्री हर दिन,हर पल साथ-साथ रहते हैं। एक-दूसरे के सुख-दुःख बांटते हैं। धीरे-धीरे उन्हें एक-दूसरे का साथ भाने लगता है। उनके बीच आपसी समझ,...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
Somya
सौम्य वचन
228

" स्वयं मर्यादा गया भूल "

श्रध्दा का हुआ है शोषण,शर्मिन्दा हुई है जन आस्था,पथभ्रष्ट हुआ फिर एक संत,भूला नैतिकता का रास्तामर्यादा सिखाने वाला, स्वयं मर्यादा गया भूल,फूलों से तौला जिसको,चुभ गया बन कर शूलभगवान सा पुजने व...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
Suresh Rai
मन का दर्पण,मन की बात.
91

ब्लॉग पर You May Also Like का आप्शन कैसे लगायें (How creat You May Also Like option in Blog))

नमस्कार दोस्तों मैंने अपनी पिछली पोस्ट में बताया था कि ब्लॉग पर टेम्पलेट कैसे लगायें। आज हमारी पोस्ट है की ब्लॉग पर You May Also Like का आप्शन कैसे लगायें। आपने  कई ब्लोग्स पर देखा होगा कि हर पोस्ट नीच...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
Farruq
Hindi Internet Technology
96

लिंगीय पक्षपात ग्रामीण विकास में बाधक (आलेख)

लिंगीय पक्षपात ग्रामीण विकास में बाधक डॉ. वी. के. पाठकसाभार: समाज कल्याण (वर्ष 47, अंक5, दिसम्बर 2001) से पुनर्प्रकाशित ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
डॉ. वी. के. पाठक
107

राजनीति एवं प्रशासन में महिलाएं (आलेख)

राजनीति एवं प्रशासन में महिलाएं (आलेख) डॉ. वी. के. पाठक साभार: समाज कल्याण (वर्ष 47, अंक1, अगस्त 2001) से पुनर्प्रकाशित ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
डॉ. वी. के. पाठक
91

गुरु का आओ सम्मान करें [सार छंद]

गुरु का आओ सम्मान करें, उनकी आज्ञा पालें ,छात्र जीवन है कच्चा घड़ा, खुद को उन सम ढालें |गुरु का आओ सम्मान करें, ज्ञान का वरदान लें , सही गलत की पहचान करें, कर्तव्य का दान लें |  गुरु का आओ सम्मान क...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
सरिता भाटिया
गुज़ारिश
47


Postcard
फेसबुक द्वारा लॉगिन