अपना ब्लॉग जोड़ें

अपने ब्लॉग को  जोड़ने के लिये नीचे दिए हुए टेक्स्ट बॉक्स में अपने ब्लॉग का पता भरें!
आप नए उपयोगकर्ता हैं?
अब सदस्य बनें
सदस्य बनें
क्या आप नया ब्लॉग बनाना चाहते हैं?
नवीनतम सदस्य

नई हलचल

"ग़ज़ल-तमन्नाओं की लहरे हैं" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

हँसी भी है-खुशी भी है, तमन्नाओं की लहरे हैंतभी नमकीन पानी में, बहुत से लोग ठहरे हैंउमड़ी भावनाएँ जब, तभी तो ज्वार आता हैसमन्दर की तलहटी में, पड़े माणिक सुनहरे हैंकई सदियों से डूबी हैं, यहाँ गुस्...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक
41

डॉ.मदन प्रताप सिंह को जन्मदिवस की हार्दिक शुभकामनाए

प्रिय भाई और मेरे मार्गदर्शक श्री डॉ. मदन प्रताप सिंह राजपुरोहित आप को जन्मदिवस की हार्दिक शुभकामनाए जन्मदिन के ये ख़ास लम्हें मुबारक,आँखों में बसे नए ख्वाब मुबारक,जिंदगी जो लेकर आई है आ...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
  Sawai Singh Rajpurohit
RAJPUROHIT SAMAJ
69

चाँद जरा रुक जाओ

चाँद जरा रुक जाओ आने दो दूधिया रौशनी सितारों थोडा और चमको बिखेर दो रौशनी                मैं अपने महबूब को               ख़त लिख रहा हूँ               चांदनी रा...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
राजीव कुमार झा
यूं ही कभी
66

Six formulas to get long life in Hindi

Six formulas to get long lifesix formula to get long lifeदीर्घ जीवन पाने के 6 सूत्रदीर्घ और स्वस्थ जीवन को पाने कि चाह तो सभी को होती है फिर वो चाहे राजा हो या रंक । पर ये चाह हर किसी कि पूर्ण नहीं हो पाती कारण हमारा खुद पर नियंत्रण...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
richa shukla
Hindi Blog For Motivational, Personal Development Article,knowledge of computers technology, job
219

थोडी सी सावधानी रखे और हैकिंग से बचे

आज सुबह सुबह एक दोस्त का मेल आया कि उसका जीमेल अकाउंट किसी ने हैक कर लिया है और वह नही खुल रहा है। किसी तरह से उसका अकाउंट तो वापस सही कर दिया। तभी लगा कि इन्टरनेट का उपयोग करते समय ईमेल अकाउंट की...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
ललित चाहार
Tech Education HUB
193

Dreaming colours - Sognare colori - रंगो के सपने

Genoa, Italy: At the old port, when I see this sculpture that is used as the background for a play, I wish I could cover it with colours.जेनोवा, इटलीः प्राचीन बंदरगाह पर एक नाटक के नेपथ्य में उपयोग की जाने वाली इस शिल्पकला को जब देखता हूँ तो जाने क्यों जी करता है कि इसे रंगो से...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
SUNIL DEEPAK
Chayachitrakar - छायाचित्रकार
30

साथ सुता के सो ले बाबा-

अंध-भक्ति श्रद्धा जब बाढ़ी ।झोंके लोग कमाई गाढ़ी । पर डूबे सागर में *पाढ़ी ।काली दाढ़ी उजली दाढ़ी -विष जीवन में घोले बाबा ।  भोले बाबा भोले बाबा ॥पढ़े लिखे लोगों की मर्जी ।शायद हों बाबा के क...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
रविकर
"कुछ कहना है"
38

किया कलेजा चाक, आज कहते हो झूठी -

झूठी कहते ना थको, व्यर्थ बको अविराम ।याद करो उस शाम को, जब थे लोग तमाम । जब थे लोग तमाम, वहाँ बक्कुर नहिं फूटा ।फूटी किस्मत हाय,  तभी दिल रविकर टूटा ।रही मुहब्बत पाक, किन्तु मैं तुझ ...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
रविकर
रविकर की कुण्डलियाँ
38

तुम तुम ही हो

तुम्हारी आभावसंत की बहारफूलों का हार     ***हुआ मैं धन्यपाया तुम्हारा प्यारप्रिये आभार     ***मिलो जो तुममहक उठे मनमेरे सनम     ***...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
Sarika Mukesh
अंतर्मन की लहरें Antarman Ki Lehren
58

क्या बतलाऊँ अपना परिचय - हिंदी ब्लॉगर्स चौपाल - अंकः004

क्या बतलाऊँ अपना परिचय मैं हूँ जलता अंगार एक मैं हूँ चिर शोषितचिर संतापित मुझमें न रक्त मुझमें न मांस चलती कराह या घुट-घुटकर मेरे प्राणों की साँस - साँसजलता ! हाँ तिल -तिल जलता हूँ  &...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
ललित चाहार
हिंदी ब्लॉगर्स चौपाल
70

चर्चा - 1366

 आज की चर्चा में आप सबका हार्दिक स्वागत है चलते हैं चर्चा की ओरहे गणेश ,गणपति ,गणनायक भाषा बनी न राष्ट्र की, यह दिल्ली की भूल जीवन के कवि सम्मेलन में, गाना तो मजबूरी हैगिद्ध भोजन कर रह...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक
38

Free will is necessary for love

प्रश्न :यदि परमात्मा ने हमें कर्म करने की स्वायत्तता न दी हुई होती ,हम उसे  प्रेम करें ही करें  वह  इस बात के  लिए भी हमें बाधित  कर सकता था। फिर माया का फंदा भी हमारे गिर्द न होता। ...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक
42

उभारी नफरतें बढ़कर ,सियासत ने जिन हाथों से ,

सरकशी बढ़ गयी देखो, बगावत को बढ़ जाते हैं ,हवाओं में नफरतों के गुबार सिर चढ़ जाते हैं ............................................................................मुहब्बत मुरदार हो गयी,सियासी चालों में फंसकर ,अब तो इंसान शतरंज की मोहरें नज़र आते ह...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
SHALINI KAUSHIK
! कौशल !
48

बाबाजी की बूटी

बुराई को अच्छाई सेअकडू को सुताई सेमहंगाई को सस्ताई सेक्लीन कर दीजियेभूख को तृप्ति मेंआशा को मुक्ति मेंभोग को युक्ति में तल्लीन कर दीजियेउंचाई को गहराई मेंअँधेरे को परछाई मेंकसाव को ढिलाई म...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
तुषार राज रस्तोगी
तमाशा-ए-जिंदगी
46

No Title

मंगलमय हो पूर्ण दिन, स्वर्ण कमल सम आज |शांतिपूर्ण क्षण-क्षण रहे,  सुखमय  रहे समाज |दुनिया के ऐश्वर्य की,  मिले   आप   को   भेंट,यही प्रार्थना-कामना,  करता  प्रभु  से  'राज' |  &nb...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक
50

आदिवासी के नाम पर बने विवि से आदिवासी ही नदारद

श्रीधरम की क़लम से इंदिरा गाँधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय का सचआदिवासी समाज को ऊच्च शिक्षा से जोड़ने और वैश्वीकरण की  दौड़ में उन्हें उन्नति के रास्ते पर लाने के उद्देश्य से अमरकंटक ...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
Shahroz
Hamzabaan हमज़बान ھمز با ن
62

जल बिच कमल ,कमल बिच कलियाँ , ता पर भंवर निवासी , सो मन वसि त्रै लोक भयो है , जती ,सती सन्यासी।

    कबीर की एक मशहूर उलटवासी :भाव -सार पानी में मीन पियासी ,मोहे सुन सुन आवत हांसी। जलथल सागर खूब नहावे ,भटकत फिरे  उदासी। आतम ज्ञान निरो (बिना )नर भटके ,कोई मथुरा कोई कासी ,जैसे मृगा नाभ...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक
66

बोये बीज बबूल के........

भारत का विभाजन धर्म के आधार पर जनसंख्या व क्षेत्रफल को ध्यान में रखकर हुआ था, यह ऐतिहासिक सत्य है । लेकिन विडम्बना य...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
सत्यनाराण मिश्र
14

निर्भया के बहाने विकृत होते समाज पर एक चिंतन

ताकि सुरक्षित रहें हमारी बहू-बेटियांराजेश त्रिपाठी     16 दिसंबर 2012 की मनहूस रात में नयी दिल्ली में मानव के भेष में कुछ दानवों ने देश की एक बेटी के साथ जो दानवीय अत्याचार किया, उसने सारे वि...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
Rajesh Tripathi
Kalam Ka Sipahi / a blog by Rajesh Tripathi कलम का सिपाही/ राजेश त्रिपाठी का ब्लाग
195

sup ya chalni- a motivational story in Hindi

सूप या चलनीएक प्रसिद्ध सूफी संत थे । उनके बारे में एक Recognition यह थी कि वो किसी भी व्यक्ति से जब मिलते थे तो मिलते ही वो एक बार में ही उसके मनोभावों को भाँप लेते थे । और ये जान जाते थे, कि वो व्यक्ति किस...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
richa shukla
Hindi Blog For Motivational, Personal Development Article,knowledge of computers technology, job
81

Samsung Galaxy Note 3 Review : Imagination Unleashed

After doing wonders in the market one after the another there is no questioning the superiority of Samsung in the smartphone industry. Recently launched sequel of the Samsung galaxy S3, the Galaxy S4 made significant impact in the market. The smart phone is one of the best phone ever released by Samsung and after seeing  the recent sales there is no denying that fact. Read more »...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
lalit banjara
Tech 2 Android Reviews
188

परमात्मा सर्वआत्माओं के प्रति तटस्थ रहता है। किसी के साथ कोई पक्षपात नहीं करता है। यदि कर्ता वह होता तो या तो हम सब अच्छा कर्म करते ,साधु होते। या फिर बुरा करके सबके सब राक्षस होते।

Free Will vs God is the Doerप्रश्न :आखिर सर्वप्रिय रचता  परमात्मा ने आत्माओं की रचना कर अपनी ही रचना को  इस  दुखपूर्ण संसार में दुःख झेलने के लिए क्यों अकेला छोड़ दिया  ?उत्तर :एक दृष्टांत हाज...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक
35

वकीलों से सवाल

अगर गुनहगार का साथ देना भी गुनाह है तो गुनाह साबित हो जाने पर वकीलों को सजा देने का प्रावधान क्यों नहीं है, जो सबकुछ जानते हुए भी अपने मुवक्किल को बेगुनाह बताता है और गुनाह साबित हो जाने पर तरह ...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
SHIKHA KAUSHIK
भारतीय नारी
50

आखें खुली तो हैरान हो गए

कई  चुनावों से अल्पसंख्यक मुस्लिम समुदाय समाजवादी पार्टी को धर्मनिरपेक्ष दल समझ कर वोट और सपोर्ट करता रहा है लेकिन सपा प्रमुख व उसके नीति नियंतागण उसको पिटवाने व आंसू पोछने का काम करते रहे ...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
loksangharsha
लो क सं घ र्ष !
44

आज मुझसे मिल गले इंसानियत रोने लगी

आज मुझसे मिल गले इंसानियत रोने लगीआज मुझसे मिल गले इंसानियत रोने लगी ,सिसकियाँ भरते हुए रुक रुक के ये कहने लगी !इन्सान  के दिल और दिमाग न रहे कब्जे में अब ,मुझको निकाल  कर  वहां  हैवानियत &nb...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
SHIKHA KAUSHIK
भारतीय नारी
50

कह रही है हमसे हिंदी...

क्यों कम हुआ है मेरा महत्व,आज खतरे में है मेरा अस्तित्व,मुझे कैसे तुमने कमजोर समझा,कह  रही है हमसे हिंदी...भूल गये तुम मेरी मम्ता,न पहचान सके मेरी क्षमता,सुना तुमने जो औरों ने कहाकह  रही है हम...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
kuldeep thakur
man ka manthan. मन का मंथन।
56

जंगलमे क्रिकेट

बाल कविता-102जंगलमे क्रिकेटशेरखानक शाही फिल्डमे आयोजित क्रिकेटबनि एम्पायर ठाढ़ जिराफ, सियार लेने सिलेटहाथीक हाथ बैट शोभै आ माँथ पर भारी हेलमेटपहिले गेन लागलै मुर्गीकेँ बनल ओकर आमलेटखूब दौड़े...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
AMIT MISHRA
30

राति छै बेसी बचल कम जान छै

गजल-1.68राति छै बेसी बचल कम जाम* छैहमर नोरक दाम ओकर नाम छैराजनीतक उठल बिर्रो देश भरिजे छलै दायाँ बुझू से बाम छैघाव टिभकै खूब चिट्ठी खोलितेपस हियामे भरल नेहक दाम छैगारि पढ़ियो वा अहाँ लाठी धरूदेशक...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
AMIT MISHRA
23

धर्मांधता का हो अंत : स्वामी विवेकानंद

(शिकागो भाषण की वर्षगांठ पर विशेष) नई दिल्ली, 10 सितंबर (आईएएनएस)। भारतीय गौरव को जिन महापुरुषों ने देश की सीमा के बाहर ले जाकर स्थापित किया उनमें स्वामी विवेकानंद अग्रणी माने जाते हैं। पश्चि...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
pranav priyadarshi
समय से संवाद
79


Postcard
फेसबुक द्वारा लॉगिन