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नई हलचल

श्री कृष्ण .....shree krishn !!!

हरे कृष्ण ..हरे राम राम राम  कृष्ण कृष्ण हरे हरे .....हरी ओम तत्सत !!!Hare Krishn ....Hare Raam ;Raam Raam ..Krishn krishnHare Hare .....Hari Om Tatsat !!!!...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
vijay kumar sappatti
ART BY VIJAYKUMAR SAPPATTI
154

A VERY HAPPY KRISHNA JANMAASHTAMI .

My Dear Souls ;Hrudayam Family wishes everyone here and every soul of this planet A VERY HAPPY KRISHNJANMAASHTAMI .LORD KRISHNA is universal symbol of Love and Light and here at Hrudayam we celebrate Love and Light each moment .Pranaam !Hare Krishna !!!...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
vijay kumar sappatti
HRUDAYAM :: ह्रदयम
77

कृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाये.

मेरे प्रिय आत्मन मित्रों .आज श्री कृष्ण जन्माष्टमी है . आप सभी को तथा इस धरा के हर व्यक्ति को इस पावन पर्व की शुभकामनाये.श्री कृष्ण मेरे आराध्य है , तथा प्रेम तथा भक्ति के प्रकाश रूप है . और हम हृद...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
vijay kumar sappatti
THE INNER JOURNEY ::: अंतर्यात्रा
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THE MUSIC OF MY LIFE : मेरे जीवन का संगीत
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आप सभी को श्री-कृष्ण जन्मास्टमी की हार्दिक शुभ कामनाएँ, सुगना फाऊंडेशन-मेघालासिय जोधपु

"जय श्री राधे कृष्णा" प्यारे साथियों आप सभी सप्रेम सादर आमंत्रित हैंश्री खेतेश्वर ब्रह्मधाम तीर्थ आसोतरा में श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर कार्यक्रम का आयोजन किया है जिसमे अहमदाबाद के शास्त...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
  Sawai Singh Rajpurohit
273

आप सभी सप्रेम सादर आमंत्रित हैं श्री खेतेश्वर ब्रह्मधाम तीर्थ आसोतरा में श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर

"जय श्री राधे कृष्णा" प्यारे साथियों आप सभी सप्रेम सादर आमंत्रित हैंश्री खेतेश्वर ब्रह्मधाम तीर्थ आसोतरा में श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर कार्यक्रम का आयोजन किया है जिसमे अहमदाबाद के शास्त...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
  Sawai Singh Rajpurohit
157

समता की धोबी पछाड़

एक नदी तट पर स्थित बड़ी सी शिला पर एक महात्मा बैठे हुए थे। वहाँ एक धोबी आता है किनारे पर वही मात्र शिला थी जहां वह रोज कपड़े धोता था। उसने शिला पर महात्मा जी को बैठे देखा तो सोचा- अभी उठ जाएंगे, थोड़ा ...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
हंसराज 'सुज्ञ'
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स्याही वाला कलम

      बैंक में अपनी शाखा के काउण्टर पर मुझे स्याही वाले कलम से काम करते देख कई लोग आश्चर्य व्यक्त करते हैं- ‘आप अभी तक इस कलम का इस्तेमाल करते हैं?’ या फिर- ‘स्कूल के बाद पहली बार इस कलम को द...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
जयदीप शेखर
कभी-कभार
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Realization !!!!

Don't be in too much of a hurry to solve all your doubts and problems. As the masters say: “Make haste slowly.” I always tell my students not to have unreasonable expectations, because it takes time for spiritual growth. It takes years to learn Japanese properly or to become a doctor. Can we really expect to have all the answers, let alone become enlightened, in a few weeks? The spiritual journey is one of continuous learning and purification. When you know this, you become humble. There is ...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
vijay kumar sappatti
HRUDAYAM :: ह्रदयम
70

ओम साई राम !!!! श्रधा और सबुरी ही कल्याण करेंगे .!!!

श्रधा और सबुरी ही कल्याण करेंगे ओम साई राम ...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
vijay kumar sappatti
शिर्डी के साईबाबा .......SHRI SAIBABA OF SHIRDI
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सुप्रभात

नया   सवेरा  नयी  उमंगे  नया  जोश  भर  जाए,सूरज अपनी स्वर्णिम आभा तुम पर खूब लुटाए!कोयलिया  भी  तुमको  अपने  मीठे  गीत सुनाए,जो  भी  होवे कामना  तुम्हारी  वो  पूरी  हो  ...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
Sarika Mukesh
अंतर्मन की लहरें Antarman Ki Lehren
94

दिल है हीरे की कनी, जिस्म गुलाबों वाला

मंज़र भोपालीदिल है हीरे की कनी, जिस्म गुलाबों वालामेरा महबूब है दरअस्ल किताबों वालाहुस्न है -...[यह काव्य का सारांश है, पूरा पढ़ने के लिए फ़ीड प्रविष्टी शीर्षक पर चटका लगायें...]...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
विनय प्रजापति 'नज़र'
ग़ज़लों के खिलते गुलाब
104

आत्मचिंतन (स्व-मूल्यांकन ) !

हाराहुआवहनहीं, जोअपनेप्रयासमेंसफलनहींहुआ, हाराहुआव्यक्तिवहहै, जिसनेप्रयासकियाहीनहींअथवाजिसनेअपनाआत्मविश्वासखोदियाहै ! मुर्दावहनहींजोमरगयाहै, मुर्दावहहैजिसकाआत्मविश्वासमरगया...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
Rishikesh Meena
Rishikesh Meena
103

कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती !!!

लहरों से डरकर नौका पर नहीं होती !कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती !!नन्हीं चींटी जब दाना लेकर चढ़ती है !चढती दीवार पर सौ बार फिसलती है !!मन का विश्वास रगों में साहस भरता है !चढ़कर गिरना, गिरकर ...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
Rishikesh Meena
Rishikesh Meena
104

ऑनर किलिंग:सजा-ए-मौत की दरकार नहीं

ऑनर किलिंग:सजा-ए-मौत की दरकार नहीं ''प्रेम''जिसके विषय में शायद आज तक सबसे ज्यादा लिखा गया होगा,कहा गया होगा ,कबीर दास भी कह गए-''ढाई आखर प्रेम का पढ़े सो पंडित होए''देवल आशीष कहते हैं-''प्यार कर्...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
SHALINI KAUSHIK
कानूनी ज्ञान
52
THE MUSIC OF MY LIFE : मेरे जीवन का संगीत
70

आंसू

उस दिन जब मैंने तुम्हारा हाथ पकड़ा ,तो तुमने कहा..... नही..और चंद आंसू जो तुम्हारी आँखों से गिरे..उन्होंने भी कुछ नही कहा... न तो नही ... न तो हाँ ..अगर आंसुओं कि जुबान होती तो ..सच झूठ का पता चल जाता ..जिंद...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
vijay kumar sappatti
कविताओं के मन से....!!!!
116

बिछड़ कर

मुझसे बिछड़ कर खुश रहते हो........................मेरी तरह तुम भी झूठे हो.....!!!!!...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
vijay kumar sappatti
बस यूँ ही..........WRITINGS OF SILENCE......
72

ज़िन्दगी की सोहबत

न तुम हमारे , न घर हमारा हम ही नादान हैं दिल लगाए हुए  मजबूर हैं आदत से परिन्दे तिनकों में हैं खुद को उलझाए हुए अपनी दुनिया तो अँधेरी है अपने क़दमों का दम भी भुलाए हुए हाथ जो झटका तुमने हैं आस...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
Sharda Arora
गीत-ग़ज़ल
65

O GOD !WHY DID YOU MAKE ME A GIRL ?

FROM GOGGLEO GOD WHY DID YOU MAKE ME A GIRL ?EVERY GIRL'S LIFE IS A TERRIBLE TROUBLE .O GOD ......NO ONE WAS HAPPY ON MY BIRTHPARENTS TREAT ME JUST LIKE A CURSEYOU MAKE ME FLOWER THEY SAY ME THORN .O GOD !............................THEY HATE ME ..IRRITATE MEDISGRACE ME ...DEPRESS MEGOD YOUR GEM HAS TURNED DULL PEARL .O GOD !...............................I HAVE NO RIGHT TO LIVE LIKE A BOYLOTS OF LIMITATIONS I CAN'T FLYGOD TELL ME HOW CAN I SING CAROL .O GOD !.....................MERCILESS PAREN...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
SHIKHA KAUSHIK
earthly heaven
107

हिमालय की तराई की रंगीन मिठास : बहुरंगी मधुपुरी

महापंडित राहुल सांकृत्यायन की कालजयी कृतिहिमालय की तराई की रंगीन मिठास : बहुरंगी मधुपुरीहिमालय के साथ जुड़ा राहुल सांकृत्यायन का नेह-प्रेम जगजाहिर है। उन्होने ऊपरी हिमालयी परिक्षेत्र अर्...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
Dr. Rahul Mishra
कही-अनकही-बतकही
83

ग़ुबार साफ़ करो आईने की आँखों से

अक़ील नोमानीमिटा के ख़ुद को तुम्हें पाना चाहता हूँ मैंहमेशा अपने ही काम आना चाहता हूँ मैं अजीब...[यह काव्य का सारांश है, पूरा पढ़ने के लिए फ़ीड प्रविष्टी शीर्षक पर चटका लगायें...]...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
विनय प्रजापति 'नज़र'
ग़ज़लों के खिलते गुलाब
114

मैंने जो चाहा मुझसे वो दूर हो गया ............

मैंने जो   चाहा  मुझसे  वो,  सदा  ही   दूर    हो  गया  मेरी तन्हाईयों  में  भी, हमेसा  शोर   हो गया मैंने चुपके  से मांगी  थी,  दुआ  तुझसे  मेरे  रब्बा मिला  तो कुछ नह...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
Anupam
मेरी कविताएँ...........................
30
मेरी बात तेरी बात...
122

ईन्तेजार / स्त्री और तुम ...

तुम यू और ऐसे हो जाओगे बदलोगे मगरइतने ..! बदल जाओगे तुमअब वो नहीं ना सहीं मैं जानती हूँ बदलना हीतुम्हारी फितरत है मैंने बदलते देखा है तुम्हे सौ बार मुझे यकीं है त...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
तरुण
Tarun's Diary-"तरुण की डायरी से .कुछ पन्ने.."
67

गौरेया को बचाओ !

                                     ये जो पक्षी  है जिसका चित्र आप इस ब्लॉग में देख रहे है! इसका नाम  गौरेया(SPARROW) है! वर्तमान समय में इसकी स...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
HARSHVARDHAN SRIVASTAV
गौरेया
124

"मधुर रक्त को, कौन राक्षस चाट रहा?" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक' का एक गीत)

आज देश में उथल-पुथल क्यों,क्यों हैं भारतवासी आरत?कहाँ खो गया रामराज्य,और गाँधी के सपनों का भारत?आओ मिलकर आज विचारें,कैसी यह मजबूरी है?शान्ति वाटिका के सुमनों के,उर में कैसी दूरी है?क्यों भारत म...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक
112

No Title

दिल में  जो दर्द  है  आँखों में छुपा लेते हैं,हम  तेरी  याद को  पलकों पे सजा लेते हैं!किस्सा अब तेरी बेवफाई का यूँ आम हुआ,गैर  तो गैर  अब अपने  भी  मजा  लेते हैं!...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
Sarika Mukesh
अंतर्मन की लहरें Antarman Ki Lehren
63

ऐ अहले-सियासत ये क़दम रुक नहीं सकते

मुनव्वर रानाऐ अहले-सियासत ये क़दम रुक नहीं सकतेरुक सकते हैं फ़नकार क़लम रुक नहीं सकतेहाँ होश यह...[यह काव्य का सारांश है, पूरा पढ़ने के लिए फ़ीड प्रविष्टी शीर्षक पर चटका लगायें...]...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
विनय प्रजापति 'नज़र'
ग़ज़लों के खिलते गुलाब
103

लडाई खत्म नहीं , लडाई अब शुरू हुई है

अन्ना हज़ारे और उनके सहयोगियों , जिन्हें सिविल सोसायटी के सदस्य के रूप में देश ने पहचाना था , ने कल अचानक ही घोषणा कर दी और एक प्रश्न पूरे देश के सामने उछाल दिया कि क्या अन्ना और उनके सहयोगियों को ...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
अजय कुमार झा
कुछ भी...कभी भी..
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