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नई हलचल

दर्पण

चेहरा आप कांच के दर्पण में भी देख सकते है लकिन आपके कर्म में ही आपकी आत्‍मा निहित है । --- जार्ज बनार्ड शॉ ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
रौशन जसवाल विक्षिप्‍त
30

नमो नमो ले बोल, महापरिवर्तन आये -

क्या तुम्हें चाहिए ?Amrita Tanmay  Amrita Tanmay  मरती आरुषि महल में, काटी थी तलवार |जिनसे मिलता प्यार था, करते वे ही वार |करते वे ही वार, किसे तलवार चाहिए -कितना चुके लताड़, इन्हें तो मार चाहिए | करे धनुष ट...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
रविकर
"लिंक-लिक्खाड़"
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param pujay shri ram sharma aacharya ji ke anmol vachan- in Hindi (परम पूज्य श्री राम शर्मा आचार्य जी के अनमोल वचन)

परम पूज्य श्री राम शर्मा आचार्य जी के अनमोल वचन A greater thinkerअंगारा कितना भी दहकता हो, लेकिन उसकी शोभा अँगीठी में ही है । जैसे ही उसे अँगीठी से निकला गया, वह ताप विहीन हो जायेगा । समवेत जीवन में ही शा...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
richa shukla
Hindi Blog For Motivational, Personal Development Article,knowledge of computers technology, job
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कितना चमत्कारी है : रुद्राक्ष

                                                                        पिछले कई दिनों से मोबाईल पर आ रहे एक संदेश ने चौंका दिया.संदेश था,यदि आप रुद्राक्ष खरीदन...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
राजीव कुमार झा
156

भगवान और अल्लाह

लोग भगवान और अल्लाह के नाम पर एक दूसरों को मार काट रहे है और एक मेरा दिमाग है कि भगवान और अल्लाह को मानने के लिए तैयार नहीं है और मेरा दिल कहता है की मै उसको मानने के काबिल नहीं हूँ.… अगर भगवान और अ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
Deen Dayal Singh
बचपन के रंग
63

कुण्डलिया [सीमा पर ]

चित्र से काव्य तक छंदोत्सव सीमा के प्रहरी बनना ,चलना सीना तान पगड़ी तेरी लाल है खाकी है पहचान खाकी है पहचान,धर्म है तेरा खाकी खाकी तेरी शान,कर्म है तेरा खाकी मत करना विश्वास,चालें पाक ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
सरिता भाटिया
गुज़ारिश
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Meeting life - Incontrare vita - जीवन से मिलन

Ulangom, Mongolia: For hours we did not see anyone, just endless grassland, mountains and the sky. Then suddenly I could see a tent and some animals. And I was happy. I wondered how painful it must be when people who are used to this quiet and closeness to nature, are forced to live in the cities.उलानगोम, मँगोलियाः घँटों तक आसपास कोई नहीं दिखा, बस अंतहीन घास, पहाड़ और आकाश. फ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
SUNIL DEEPAK
Chayachitrakar - छायाचित्रकार
43

ललुवा की लुटिया डुबा, नमो नमो ले बोल-

कलुवा की कलई खुली, पलुवा की भी पोल |ललुवा की लुटिया डुबा, नमो नमो ले बोल |नमो नमो ले बोल, महापरिवर्तन आये |होय व्यवस्था चुस्त, राष्ट्र आगे सरकाए |मलुवा खलुवा जेल, चाट ना पावे तलुवा |सारे ठलुवा फेल, भ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
रविकर
"कुछ कहना है"
45

श्रीमदभगवत गीता तीसरा अध्याय (श्लोक १७ .... ): यस्त्वामरतिरेव स्याद ,आत्मतृप्तश्च मानव : आत्मन्येव च संतुष्टस्त्स्य कार्यं न विद्यते।

श्रीमदभगवत गीता तीसरा अध्याय (श्लोक १७ .... ) यस्त्वामरतिरेव  स्याद ,आत्मतृप्तश्च मानव :आत्मन्येव च संतुष्टस्त्स्य  कार्यं न  विद्यते। (१७ )परन्तु जो मनुष्य परमात्मा में  ही रमण ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक
44

श्रीमदभगवत गीता तीसरा अध्याय :श्लोक अठारह और उन्नीस

श्रीमदभगवत गीता तीसरा अध्याय :श्लोक अठारह और उन्नीस (१८ )नैव तस्य कृतेनार्थो नाकृतेनेह कश्चन ,न चास्य सर्वभूतेषू कश्चिदर्थव्यपाश्रय : उसका कर्म करने या न करने से कोई प्रयोजन नहीं रहता तथ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक
49

"मत्युदंड या उम्रकैद" आप क्या चाहते हैं

आज दिल्ली बलात्कार कांड पर आरोपियों की सज़ा का निर्णय आ सकता है । मौजूदा कानूनों के अनुसार चारों को ही " मृत्युदंड या आजीवन कारावास" में से कोई एक सज़ा सुनाई जाएगी । मैं आप सबसे सिर्फ़ एक सज़ा चुनने ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
अजय कुमार झा
कुछ भी...कभी भी..
69

लोकतंत्र का हिंसक लोकतंत्र में रूपान्तरण

पष्चिम ,बंगाल   चुनाव आयोग, हाईकोर्ट और 70 हजार पुलिसबलों की सक्रियता के बावजूद पंचायत चुनावों में हिंसा अबाध गति से जारी रही। राजनीति का इस प्रक्रिया में रूपान्तरण हो गया है। दलीय विचारधारा ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
loksangharsha
लो क सं घ र्ष !
29

महामंत्र क्रमांक तीन - इसे 'माइक्रो कविता' के नाम से जानाः चर्चा मंच 1368

ऐसा कुछ महसूस कर रही हूँकि मैं इस चर्चा मंच के साथ न्याय नही कर पा रही हूँबहरहाल अभी तो चलते हैं लिंक्स की ओरः-महामंत्र क्रमांक तीन - इसे 'माइक्रो कविता' के नाम से जाना जाता है।वशबसबस-बस।सूरज की ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक
109

101 सितारों से संबंधित लाजवाब वीडियो

[अनोखी और दिलचस्प जानकारी]Information About 101 Bolywood Stars हम भारतीय दस्तावेज और रिकॉर्ड संरक्षण के मामले में बहुत पिछड़े और लापरवाह हैं। देश में एक राष्ट्रीय फिल्म संग्रहालय के अलावा कोई जगह नहीं है, जहां भार...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
prakash govind
सिनेमा गीत-संगीत
50

'फ़िल्म- कामचोर' में चंद्रू आत्मा जी का गाना

[अनोखी और दिलचस्प जानकारी] Singer Chandru Aatma फ़िल्म - कामचोर (1982) में एक गाना है - 'तुमसे बढ़कर दुनिया में न देखा कोई और जुबाँ पर आज दिल की बात आ गयी' फ़िल्म के द्रश्य में रिकार्ड प्लेयर पर सहगल जैसी आवाज़ में इ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
prakash govind
सिनेमा गीत-संगीत
52

श्री कृष्ण पर बेहतरीन थ्री डी एनिमेटेड फ़िल्म

[अनोखी और दिलचस्प जानकारी]Little Krishna Animation Film Series आज हम आप को बताते हैं भगवान् श्री कृष्ण पर बनी उस विशेष टेलीफिल्म के बारे में जो थ्री डी एनिमेटेड फिल्म है ! इसे निर्माता आशीष सेठ ने होलीवुड के मशहूर अभ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
prakash govind
सिनेमा गीत-संगीत
133

No Title

******************************************सुप्रभात मित्रोपत्नी को समर्पित एक मुक्तक आपके दरबार में-- 0 -पूर्ण चन्द्र सम अनुपम आनन, कुन्दन रंग समाया है |टपक रहा है अमिय अधर से,नैनन मृगमद छाया है |पोर - पोर से टपक रही है, नव-यौ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक
51

No Title

हिंदी की पूर्व-संध्या पर एक विचार मंथन विश्व-पटल पर भारत,भारतीय,भारती - डा.राज सक्सेना विश्व में विडम्बनाएं सर्वत्र उपलब्ध हैं किन्तु सम्भवतः भारत विडम्बनाओं कादेश बन कर रह गया है | इससे ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक
41

जब जीव हरि ते बिलगाना ,तब ते निज देह गेहा माना , माया बस स्वरूप बिसरायो ,तेहि बरम ते दारुन दुःख पायो।

श्रीमदभगवत गीता तीसरा अध्याय (श्लोक १७ .... ) यस्त्वामरतिरेव  स्याद ,आत्मतृप्तश्च मानव :आत्मन्येव च संतुष्टस्त्स्य  कार्यं न  विद्यते। (१७ )परन्तु जो मनुष्य परमात्मा में  ही रमण ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक
46

♥ बिजली कड़की पानी आया ♥ (डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

अपनी बालकृति "हँसता गाता बचपन" सेएक बालकविता♥ बिजली कड़की पानी आया ♥ उमड़-घुमड़ कर बादल आये।घटाटोप अँधियारा लाये।।काँव-काँव कौआ चिल्लाया।लू-गरमी का हुआ सफाया।। मोटी जल की बूँदें आईं।आ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक
62

72. फिर से अइयो / बदरा विदेशी

बहुत पहले हमलोग गुलजार के गीतों का एक कैसेट सुना करते थे। हर गाने से पहले गुलजार साहब ने अपनी खास शैली तथा आवाज में गीत की भूमिका बाँध रखी थी।कल सुबह एक पहाड़ी की चोटी पर ढले हुए साँवले बादलों क...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
जयदीप शेखर
कभी-कभार
64

वो पुरुष ही क्या जिसमे पौरुष के न हो दर्शन

वो पुरुष ही क्या जिसमे पौरुष के न हो दर्शन ,विवश हो जिसके समक्ष नारी स्वयं कर दे समर्पण !**********************************************************नीच दुष्ट राक्षस पिशाच की श्रेणी के नर ,पौरुषहीन ही हैं करते बलात स्त्री का हरण !विव...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
SHIKHA KAUSHIK
भारतीय नारी
40

यह कौन से राजनेताओं की फोटो है?

Guess who are the politicians in the following picture?...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
Shah Nawaz
33

बिखरे स्वर.

टू टे  प र |बिखरे  स्वर |              नीड  जला,              घर - बेघर |नभ कितना ?आँखों  भर  |              तेरी  छवि ,          ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
dheerendra singh bhadauriya
काव्यान्जलि
64

मजहब के नाम पर कितना वोट लोगे ,,

मजहब के नाम पर कितना वोट लोगे ,,, अपने जमीर से पूछों खुद को कितना नोच लोगे ,,, धर्म और जाति को बदनाम न करोजिस माँ के गर्भ मे पले उसे तवाह न करो ,,,,मजहब के नाम पर कितना वोट लोगे ,,,जिस माँ के सिंदूरों की ला...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
RAJKISHOR MISHRA
राजनीति
83

अन्त्याक्षरी

कभी सोचा नहीं था कि इसके बारे में कुछ लिखूँगी: बचपन में सबसे आमतौर पर खेला जाने वाला खेल जब लोग बहुत हों और उत्पात मचाना गैर मुनासिब। शायद यही वजह है कि इसकी शुरुआत "बैठे-२ थक गए हैं, करना है कुछ क...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
Ritika Rastogi
फुर्सत के पल..
119

पेप्सी

"एकदा तीन मिञ बागेत फिरायलाजातात.तिथे गेल्यावर त्यांच्या लक्षात येत, की ते “पेप्सी”घरीच विसरून आलेत..म्हणून तिघांनी मिळून ठरवले कीवयाने सगळ्यात छोटा मिञ जाऊन “पेप्सी” घेऊन येईल.....छोटा मिञ : ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
vaghesh
विनोद नगरी
47

Future of India....भारत का भविष्य

दोस्तो आज कल जहा देखो वहाँ राजनैतिंक चर्चाएँ होती दिखाई दे रही है, हर कोई कॉंग्रेस, BJP की बातें करता मिलता है, लोगो को राजनीति मे इतनी रूचि पहले कभी नही हुई होगी जितनी अब हो रही है|आजकल तो बच्चे भी...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
Pritesh Dubey
Pritesh - Cut to Cut
111

मोबाइल की बैटरी लाइफ बचाने के लिए आसान टिप्स

जबसे स्मार्टफोन का बाजार लोकप्रिय होने लगा है तब से आपको नहीं लगता कि फोन की बैटरी एक बड़ी समस्या बन गई है. जिस-जिस के भी हाथ में आपने स्मार्टफोन देखा होगा उसके पास आपने उस फोन का चार्जर भी देख...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
Farruq
Hindi Internet Technology
163

गुजरात के मुस्लिम नेताओं के प्रति मोदी सरकार की ये कैसी राजनीती ?

By Ilyaskhan Pathan,wankaner :   गुजरात के मोदी को अब स्थानीय मुद्दा कोई मुद्दा नहीं लगता. आखिर अब वो राष्ट्रीय जो हो गए हैं. और एक सच यह भी है कि जैसे ही कोई राष्ट्रीय होता वो अपना सीमित ज्ञान पूरे देश पर थोपना ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
Ilyaskhan
Report by Ilyaskhan
121


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