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No Title

यह सच है......क्योंकि... यह सच है कि हम दोनों ने एक दूसरे से कभी बातचीत नहीं की              क्योंकि शायद हम कभी मूक नहीं थे  यह सच है कि हमने कभी एक दूसरे के ह्रदय में नहीं देखा            &n...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
Sarika Mukesh
अंतर्मन की लहरें Antarman Ki Lehren
53

भ्रूणविज्ञान : श्री मदभागवतम् {Embryology in Bhagwatam}

In English : {Detailed}EMBRYOLOGY AND CHROMOSOMES FROM SHRIMAD BHAGAWATAMभ्रूणविज्ञान (Embryology) का अर्थ है अपने अपरिपक्व अवस्था में गर्भ में  मानव जीव का  अध्ययन ।यह आमतौर पर कहा जाता है कि यूरोपीय देशों ने मानव जीवन के विकास को स...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
हंसराज 'सुज्ञ'
॥ भारत-भारती वैभवं ॥
199

भ्रूणविज्ञान : श्री मदभागवतम् | Embryology in Srimad Bhagavatam

In English : {Detailed}EMBRYOLOGY AND CHROMOSOMES FROM SHRIMAD BHAGAWATAMभ्रूणविज्ञान (Embryology) का अर्थ है अपने अपरिपक्व अवस्था में गर्भ में  मानव जीव का  अध्ययन ।यह आमतौर पर कहा जाता है कि यूरोपीय देशों ने मानव जीवन के विकास को सम...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
प्राचीन सम्रद्ध भारत
31

"अफीम सागर " A Review

पिछले महीने एक उपन्यास पढ़ा "अफीम सागर " जिसके लेखक है अमिताव घोष .. अगर आप पहचान नहीं पा रहे तो इस उपन्यास का अंग्रेजी मूल संस्करण है " Sea of Poppies" जी हाँ बुकर पुरस्कार के लिए 2008 में shortlist हुई  एक ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
Bhavana Lalwani
Life with Pen and Papers
85

BIHAR DIVAS 2013

PHOTO : SAROJ KUMAR...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
Rajiv Mani
MANIfeature
74

ग़ज़ल (शून्यता)

जिसे चाहा उसे छीना , जो पाया है सहेजा है  उम्र बीती है लेने में ,मगर फिर शून्यता क्यों हैं सभी पाने को आतुर हैं , नहीं कोई चाहता देनादेने में ख़ुशी जो है, कोई बिरला  सीखता क्यों है  कहने को त...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
Madan mohan saxena
मदन मोहन सक्सेना की ग़ज़लें
58

एक पुरुष पर विश्वास और बलात्कृत लड़की !-एक लघु कथा

 कोर्ट मैरेज कर  ज्यों  ही पवित्रा व्  प्रभात रजिस्ट्रार ऑफिस से बाहर आये  विभिन्न टी.वी.  चैनलों के संवाददाताओं ने उन्हें घेर लिया .सभी उन्हें बधाई देने लगे .मून चैनल के संवाददाता ने...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
SHIKHA KAUSHIK
भारतीय नारी
54

एक पुरुष पर विश्वास और बलात्कृत लड़की !-एक लघु कथा

 कोर्ट मैरेज कर  ज्यों  ही पवित्रा व्  प्रभात रजिस्ट्रार ऑफिस से बाहर आये  विभिन्न टी.वी.  चैनलों के संवाददाताओं ने उन्हें घेर लिया .सभी उन्हें बधाई देने लगे .मून चैनल के संवाददाता ने ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
SHIKHA KAUSHIK
मेरी कहानियां
77

मुदित-मुदिर मुद्रा मटक, मुद्रा मुफ्त कमाय -

 आभार आदरणीय अरुण निगम जी- मुदित-मुदिर मुद्रा मटक, मुद्रा मुफ्त कमाय । जिला रही नश्वर बदन, जिला-जवाँर घुमाय । यमक अलंकार मुद्रा / जिला जिला-जवाँर घुमाय, जवानी के जलवे हैं । रूपाजीवा&n...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
रविकर
रविकर की कुण्डलियाँ
52

'अंश हूं तुम्हारा'

जब जिन्दगी के किनारों कीहरियाली सूख गई होपक्षी मौन होकरअपने नीड़ों मे जा छुपे होंसूरज पर ग्रहण की छायागहराती ही जा रही होमित्र स्वजन कंटीली राहमेंअकेले छोड़कर चल दिये होंसंसार की सारी नाखुश...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
vandana
Wings of Fancy
28

Start menu on Windows 8 (विण्‍डोज 8 में स्‍टार्ट मीनू लगायें)

जो यूजर Windows xp या Windows 7 को  प्रयोग करते आ रहे हैं, उनके लिये Windows 8 थोडी कठिन हो सकती है, क्‍योंकि Windows 8 में Start menu की सुविधा नहीं गयी है। जिसका मुख्‍य कारण यह है Windows 8 को Touch Screen मोनीटर या Tablet Pc को ध्‍यान में रखक...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
abhimanyu
42

गजल

गजल-1.59छुट्टा साँढ़ सन किए छिछियाइत छीअनकर खेतमे किए घुसियाइत छीलागै चोट बड हँसी सन झटहा खाआनक शोकमे किए ठिठियाइत छीभरि भरि फूसि सगर पिचकारी मारैबुझने बिनु कथा किए पतियाइत छीभ्रष्टाचार हमर न...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
AMIT MISHRA
33

साँस की बदबु:हँसी के कारण

"भले ही इंसान का व्यक्तित्व कितना ही अच्छा क्यों न हो मगर   उसकी एक कमी उसे लोगों के बीच हंसी का पात्र बना सकती है।"आज हम एक ऐसी आम समस्या के बारे में चर्चा करेंगें जो अधिकांश लोगो में पा...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
Rajendra kumar
स्वस्थ जीवन: Healthy life
331

देरी से मिले न्याय से न्याय के मायनें ही बदल जाते हैं !!

किसी भी अपराध के लिए अपराधी को दण्ड मिलना और पीड़ित को न्याय मिलना किसी भी राज्य अथवा देश कि शासन व्यवस्था और वहाँ के समाज के लिए जरुरी होता है ! लेकिन हमारे देश में किसी भी अपराध के लिए अपराधी क...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
पूरण खण्डेलवाल
60

Stories - Storie - कहानियाँ

Delhi, India: I like clicking pictures of people on the streets. Often people don't think that someone would click their picture. Some look around to see if there is something special that interests me. Some smile at me, some get embarrassed. A few times, it resulted in a conversation and they gave me their emails so that I could send them their pictures. Some times, people are not so happy about it. Afterwards when I look at these pictures, I think of our different lives, our similar joys and s...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
SUNIL DEEPAK
Chayachitrakar - छायाचित्रकार
51

"खुली आँखों से ख्वाब"

                                                                                   &n...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
Rajendra kumar
भूली-बिसरी यादें
62

ukhimath (winter home of kedarnath )उखीमठ

उखीमठ का नाम पहले उषामठ था जो बाद में उखीमठ हो गया । उखीमठ की समुद्र तल से उंचाई 4300 फुट है । यहां मेन रोड से एक रास्ता कटता है जिससे करीब एक किलोमीटर जाने के बाद मंदिर आता है । मंदिर में शीतकाल में ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
Manu
yatra (यात्रा ) मुसाफिर हूं यारो .............
108

हर पार्टी ही रखे करिश्माई अदा है .

 सियासत आज की देखो ज़ब्तशुदा है ,हर पार्टी ही रखे करिश्माई अदा है .औलाद कहीं बेगम हैं डोर इनकी थामे ,जम्हूरियत इन्हीं के क़दमों पे फ़िदा है .काबिल हैं सभी इनमे ,है सबमें ही महारत ,पर घंटी बांधने को ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
SHALINI KAUSHIK
! कौशल !
48

SAVE बिजली

मैंने पुरे माह दिये से काम चलायाचंद तेल की बुँदे घर था जगमगायाबल्ब जलाया बस ढूढने के लिए दियाबिल जब आया माथा चक्री बना दियाअब घर में बिजली का होना न होना हैआये कल यही पुराणी सदी क...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
Rajeev Sharma
कलम कवि की
54

मनमोहनसिंह वाशिंगटन से भारत के वित्तमंत्री मनोनीत थे

तीसरे कार्यकाल के लिए मनमोहन सिंह के तैयार होने की खबर फैलते ही सत्तावर्ग में खलबली मच गयी है। जैसा कि आम गलतफहमी है कि सत्ता में रहने की आदत हो जाने की वजह से भारत में नवउदारवादी मुक्त बाजार अ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
loksangharsha
लो क सं घ र्ष !
43

प्राचीन भारत में हुए परमाण्विक युद्ध {Atomic Mahabharata}

आधुनिक परमाणु बम का सफल परिक्षण 16 जुलाई 1945 को New Mexico के एक दूर दराज स्थान में किया गया | इस बम का निर्माण अमेरिका के एक वैज्ञानिक Julius Robert Oppenheimer के नेतृत्व में किया गया |इन्हें परमाणु बम का जनक भी कह...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
हंसराज 'सुज्ञ'
॥ भारत-भारती वैभवं ॥
272

आओ भक्तोँ आज सुनाऊँ गाथा मेरे दाता की ...श्री नरपत सिंह राजपुरोहित

आओ भक्तोँ आज सुनाऊँ गाथा मेरे दाता की ,ब्रह्माअवतार से जन्मे उस विधाता की ,खेतेश्वर दाता नाम उनका, मुकुन्द की है सवारी ,प्रेम से बोलो प्यार से बोलो बोलो जय दाता री ।।....शेरसिँह के घर जन्मे , थे भजन...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
  Sawai Singh Rajpurohit
RAJPUROHIT SAMAJ
136

No Title

हमारी नितांत आत्मीय डा. तृष्णा पटेल ने आज जब अपनी यह कविता हमें पढ़वाई तो हमने सोचा कि क्यों ना इसे आप सभी से भी साझा कर लिया जाए...आपकी प्रतिक्रियाओं की अपेक्षा रहेगी...सादर/सप्रेमडा.सारिका मुक...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
Sarika Mukesh
अंतर्मन की लहरें Antarman Ki Lehren
49

खुशी

सफलता खुशी की चाबी नहीं है। खुशी सफलता की चाबी है। आप जो कर रहे है उससे प्‍यार करते है तो आप जरूर सफल होंगे। --- हरमन केन ...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
रौशन जसवाल विक्षिप्‍त
29

राम नवमी पर शोभायात्रा जोधपूर मे विश्व हिंदू परिषद के तत्वावधान में

जोधपूर मे 19 अप्रेल को राम नवमी पर शोभायात्रा जिसमे शैलाराम सारण अध्यक्ष ,महेन्द्रसिह राजपुरोहित व्यवस्था प्रमुख , वरिष्ट उपाध्यक्ष गणपतसिह कानोडिया , विक्रांत अग्रवाल महामंत्री , महेन्दस...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
  Sawai Singh Rajpurohit
RAJPUROHIT SAMAJ
162

हल्ला बोल बे--------

                                 चिल्लाकर मुहं खोल बे                                 हल्ला बोल,हल्ला बोल बे--...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
jyoti khare
उम्मीद तो हरी है .........
278

आइये जानते है इंटरनेट के एक मिनट के बारे में

मनोज जैसवाल : आज इंटरनेट हर किसी की जिंदगी का अहम हिस्सा बन गया है। कुछ ढूंढना हो तो इंटरनेट, मनोरंजन करना हो तो इंटरनेट, दूर बैठे चहेतों या दोस्तों से गपशप करनी हो तो इंटरनेट। आपने भी घंटों इंट...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
manojjaiswalpbt
मजेदार दुनियाँ
179

"वार्तालाप"

एक आदमी जंगल से गुजर रहा था । उसेचार स्त्रियां मिली ।उसने पहली से पूछा - बहन तुम्हारा नामक्या हैं ?उसने कहा "बुद्धि "तुम कहां रहती हो?मनुष्य के दिमाग में।दूसरी स्त्री से पूछा - बहनतुम्हारा नामक्...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक
95

ग़ज़ल (कुदरत)

क्या सच्चा है क्या है झूठा अंतर करना नामुमकिन है.हमने खुद को पाया है बस खुदगर्जी के घेरे में ..एक जमी बक्शीथी कुदरत ने हमको यारो लेकिनहमने सब कुछ बाट दिया मेरे में और तेरे मेंआज नजर आती मायूसी म...  और पढ़ें
5 वर्ष पूर्व
Madan mohan saxena
मदन मोहन सक्सेना की ग़ज़लें
64


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