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नई हलचल

"दीदार..!!"

कल देखा था तुम्हें मुस्कुराते हुएइसी जगह पर कहींफूल खिले थे चमन मेंतेरे चहकने से यहीं तेरा रूप देखा तो मेरे दबे हुए ख्यालों को एक मुकाम मिल गयाबरसों से नहीं सोया थाइस थके आखों को एक सह...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
suman sourabh
..Tum Suman..!!
67

देस

जहांमेरे नाम भी एक जमीन हो जिस पर चला सकूँ हल बो सकूँ सपनों के बीज जहां सावन तकादे ना कराये ना ही बिन  बुलाये बाढ़ / सूखा थोप दिए जाए जिसके बहाने सरकारी अमरबेल फिर ...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
तरुण
Tarun's Diary-"तरुण की डायरी से .कुछ पन्ने.."
28

Sundari, Khunti

6 वर्ष पूर्व
Prashant Suhano
SUHANO DRISHTI
88

ताकि जो जैसा है वो रहे वैसे ही...

ओस की बूंदे जम गयी थी पलकों पर,अब झपकते तो मोती झर नहीं जाते,साँसों में भर ली थी सुगंध जीवन की.अब उन्हें छोड़ते तो मर नहीं जाते,सपनो में बदल गयी थी जिंदगी,जागते तो सपने बिखर नहीं जाते,तभी तो.......  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
hardeep rana
kunwarji's
64

पत्धरोँ ने मिलकर पत्थर बना दिया

“इंसानोँ ने इंसान मुझे रहने न दिया,पत्धरोँ ने मिलकर पत्थर बना दिया।“सूखी हवा में सूखे पत्तोँ की तरह था,जिसने जिधर चाहा उधर उङा दिया।“जरा सी भी प्यास जब मुझे न रही,सबने आँसू पीने को मजबूरी बना ...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
vivek mishra
29

‘पत्रिका सृजनात्मक एवं पत्रकारिता पुरस्कार 2011′

राजस्थान पत्रिका समूह एवं माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय , भोपाल की ओर से गत 22 जनवरी 2012 (रविवार) को पत्रिका मुख्यालय, केसरगढ़, जयपुर में आयोजित पं झाबरमल स्मृति व्याख्या...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
Ravindra Prabhat
26

View from Pahadi Mandir, Ranchi..

6 वर्ष पूर्व
Prashant Suhano
SUHANO DRISHTI
163

अश्विनी रमेश को हिमोत्‍कर्ष हिमाचलश्री पुरस्‍कार

साहित्‍कार और प्रशासनिक अधिकारी अश्विनी रमेश को हिमोत्‍कर्ष साहित्‍य संस्‍कृति एवं जनकल्‍याण परिषद हिमाचल प्रदेश ने हिमोत्‍कर्ष हिमाचलश्री पुरस्‍कार 2011-12 से सम्‍मानित किया है। रमेश साहि...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
रौशन जसवाल विक्षिप्‍त
83

मैं, मोहब्बत ही मोहब्बत हूँ ......मोहब्बत की कसम

पिछली  रात , सुनसान सड़कों पे इक़ आकृति सी दिखाई दी | करीब जाने पर देखा | वो सुर्ख लिबास में थी | उसके हाथ में बहुत से सुर्ख गुलाब थे | लेकिन मुरझाये हुए | कुछ ग्रीटिंग कार्ड्स भी ...मैंने ही बात शुरू ...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
mamta vyas
मनवा
95

JOIN POLITICS ONLY TO SERVE NOT FOR POST

''Rahul Gandhi in Bhadohi, 7th Feb. 2012: Politics is not to secure any post but to serve people''                    I AM FULLY AGREE WITH RAHUL GANDHI JI .IF EVERY POLITICIAN THINKS LIKE THIS ,NO MATTER THAT OUR POLITICS WOULD BE CLEAN AND A PLACE OF GREAT SERVICE .ONLY POLITICS GIVES A CHANCE TO SERVE OUR NATION ,OUR PEOPLE .WITH THIS GREAT MESSAGE RAHUL GANDHI JI HAS INSPIRED OUR YOUNG GENERATION TO JOIN POLITICS AND SERVE THE NATION .WE...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
SHIKHA KAUSHIK
earthly heaven
95

हर भीड़ के पीछे एक शातिर दिमाग होता है …….

भीड़ में होते हैंअनगिनत पाँव पर नहीं होता है भीड़ का अपना पाँव. भीड़ देखती हैअनगिन आँखों से पर नहीं होती हैं भीड़ की अपनी आँखें. भीड़ अक्सर नारे लगाती हैपर नहीं होता है भीड़ का अपना कोई नारा. भीड़ को देख...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
M Verma
जज़्बात
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Jubilee Park, Jamshedpur..

6 वर्ष पूर्व
Prashant Suhano
SUHANO DRISHTI
246

यात्रा की तैयारी

मुझे चीनी, जापानी और कोरियाई फ़िल्में बहुत अच्छी लगती हैं, और अगर मौका लगे तो मैं उन्हें देखने से नहीं चूकता. घर में सबको यह बात मालूम है इसलिए इन देशों की कोई नयी अच्छी फ़िल्म निकले तो अक्सर मे...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
SUNIL DEEPAK
जो न कह सके
70

Pigeons at mt terrace..

6 वर्ष पूर्व
Prashant Suhano
SUHANO DRISHTI
83

साहित्य,मीडिया और समाज से जुड़े सृजनधर्मियों का सम्मान

मुम्बई।  मुम्बई का प्रवेश द्वार माने जाने वाले शहर कल्याण के स्थानीय लक्ष्मण देवराम सोनावणे कॉलेज वाडेघर के प्रांगण में साहित्यिक-सांस्कृतिक संस्था संस्कृति संगम और सृजन के तत्वावधान ...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
Ravindra Prabhat
30

मैं

खोजता हूँ स्वयं को स्वयं ही में खो गया हूँ मैं !कुछ और था कुछ देर पहले अब कोई और हो गया हूँ मैं !...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
तरुण
Tarun's Diary-"तरुण की डायरी से .कुछ पन्ने.."
29

सपने..

ठहरी हुई झील है या बरसता झरनाडूब सी जाती हूं उसकी चमकती आंखों मेंये चमक मेरी आंखों में भी घुल जाती हैऔर पानी की तरह बस.. बह जाती हैये बहता पानी सिर्फ पानी नहींबहुत सारे अरमानों और सपनों की जुंबा...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
parul chandra
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छोटू, नन्हे और रामू काका

एक दो दिन पहले टीवी के सीरियल तथा फ़िल्में बाने वाली एकता कपूर का एक साक्षात्कार पढ़ा जिसमें उनसे पूछा गया कि क्या आप को अपने बीते दिनों की अपनी किसी बात पर पछतावा है, जिसके लिए आज आप चाह कर भी क...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
SUNIL DEEPAK
जो न कह सके
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राजभाषा विकास मंच RAJBHASHA VIKAS MANCH: काले अंग्रेजों के मुंह पर,आशा भोंसले का तमाचा

राजभाषा विकास मंच RAJBHASHA VIKAS MANCH: काले अंग्रेजों के मुंह पर,आशा भोंसले का तमाचा: अपना शहर:दिल्ली भी,काफी अजीब हॆ.यहां पर आये दिन,कोई न कोई तमाशा होता ही रहता हॆ.पिछले दिनों,2 फरवरी 2012 को एक संगी...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
विनोद पाराशर Vinod Parashar
दिल्ली ब्लागर्स एसोशिएशन DELHI BLOGGERS ASSOCIATION
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काले अंग्रेजों के मुंह पर,आशा भोंसले का तमाचा

अपना शहर:दिल्ली भी,काफी अजीब हॆ.यहां पर आये दिन,कोई न कोई तमाशा होता ही रहता हॆ.पिछले दिनों,2 फरवरी 2012 को एक संगीत समारोह के कार्यक्रम में,राष्ट्रभाषा,राजभाषा व जनभाषा ’हिंदी’ का जॆसा अपमान किया...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
विनोद पाराशर Vinod Parashar
राजभाषा विकास मंच RAJBHASHA VIKAS MANCH
120

२६ जनवरी २०१२

6 वर्ष पूर्व
Deen Dayal Singh
बचपन के रंग
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Rahul Gandhi...The Prince of India

A young man with a vision and one of the India's new ray of hope in the world of Indian politics. He is Rahul Gandhi. Rahul Gandhi is the Congress General Secretary of the Indian National Congress. He is also a Member of Parliament representing the Amethi constituency.Childhood and StudyRahul Gandhi was born on 19 June 1970 in Delhi, the first amongst 2 children of Rajiv Gandhi, former Prime Minister of India and Sonia Gandhi, the present Congress President. His grandmother was former Prime Mini...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
Firdaus Khan
The Paradise
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ट्राफिक जाम

जब नींद ही देर से खुलेगी तो दोस्तों   देर तो होगी ही सुना है   दुर्घटना से    देरी भली पर    जिन्दगी    देर    बनजाये तो    दुर्घटना    बन    जाती   है हर दुर्घटना जाम ...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
Kshitij Ranjan
क्षितिज
84

जगाचा शांतीदूत !

३० जानेवारी ( हुतात्मा दिन ) आणि गांधीजींची पुण्यतिथी त्यानिमित्त हा लेख गांधीजींना समर्पित ...केदार भोपे. ८०५५३७३७१८ kedarsmoto@gmail.com जगाचा शांतीदूत ! महात्मा गांधी एक अशी व्यक्ती जिच्यामुळे भारतीय ...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
Kedar bhope
केदार भोपे
55

हिंदी में बात क्यों नहीं करते दिल्ली के लोग

हिंदी में बात क्यों नहीं करते दिल्ली के लोग, यह लिम्का बुक ऑफ रिकॉ‌र्ड्स के 23वें संस्करण में पीपुल ऑफ द ईयर से नवाजे जाने के बाद आशा भोंसले ने हिंदी में भाषण देते हुए कहा कि उन्हें इस बात का बहुत...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
sakhi
sakhi with feelings..kahaniya/Articles
149

लोमड़ी और सारस (काव्य-कथा)

गहरे दोस्त लोमड़ी सारस,रहते थे एक नदी किनारे.कहा लोमड़ी ने सारस से,खाने पर घर आओ हमारे.सूट, बूट और टाई पहन कर,सारस घर से निकला सजकर.भूख जग गयी थी सारस की,पहुंचा जब वो उसके घर पर.खीर लोमड़ी लेकर आ...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
Kailash Sharma
बच्चों का कोना
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मैं यह जान गया हूँ .....!!!

मैं यह जान गया हूँ कि कितना ही बुरा क्यों न हुआ हो और आज मन में कितनी ही कड़वाहट क्यों न हो, यह ज़िंदगी चलती रहती है और आनेवाला कल खुशगवार होगा.मैं यह जान गया हूँ कि किसी शख्स को बारिश के दिन और खोय...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
vijay kumar sappatti
THE INNER JOURNEY ::: अंतर्यात्रा
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‘‘गुन-गुन करता भँवरा आया’’ (डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री ‘मयंक’)

गुन-गुन करता भँवरा आया।कलियों फूलों पर मंडराया।।यह गुंजन करता उपवन में।गीत सुनाता है गुंजन में।।कितना काला इसका तन है।किन्तु बड़ा ही उजला मन है।जामुन जैसी शोभा न्यारी।खुशबू इसको लगती प्य...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक
96

आलेख सूची

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6 वर्ष पूर्व
Rajendra kumar
स्वस्थ जीवन: Healthy life
68

धीरे धीरे

धीरे धीरे सब बदलता है वक्त भी समाज भी व्यक्ति भी साधन और साध्य भी मगर सोच ...नहीं !कुछ तो चाहिए वर्ना जिन्दगी मायनेदार ना हो जाए !...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
तरुण
Tarun's Diary-"तरुण की डायरी से .कुछ पन्ने.."
29


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