अपना ब्लॉग जोड़ें

अपने ब्लॉग को  जोड़ने के लिये नीचे दिए हुए टेक्स्ट बॉक्स में अपने ब्लॉग का पता भरें!
आप नए उपयोगकर्ता हैं?
अब सदस्य बनें
सदस्य बनें
क्या आप नया ब्लॉग बनाना चाहते हैं?
नवीनतम सदस्य

नई हलचल

Online Shopping Experience with Jabong

Something about Jabong: As we all know Jabong.com is one of the major and primary players in online shopping market India. The main motto of this online company provides best quality or trendy branded products to their online shoppers at very competitive prices. Jabong.com is really one stop destination for all fashion toward people’s or those looking trendy and fashionable apparels, shoes, bags, beauty products, jewellery, fragrances at very economical prices. Here you can shop by categories,...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
Manu
Kangra Valley
377
92

एक त्यौहार भाई-बहन के रिश्तों के नाम : रक्षाबंधन

भारतीय संस्कृति के सबसे बड़े परिचायक हैं हमारे पर्व और त्यौहार. यहां हर महीने और हर मौसम में कोई ना कोई ऐसा त्यौहार होता ही है जिसमें देश की संस्कृति की झलक हमें देखने को मिलती है. त्यौहारों का ...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
darshan jangra
प्रेम के फूल
98

"मेरी गइया" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

मेरी बालकृति "नन्हें सुमन" सेएक बालकविता"मेरी गइया"मेरी गइया बहुत निराली।सीधी-सादी, भोली-भाली।सुबह हुई गइया रम्भाई,मेरा दूध निकालो भाई।हरी घास खाने को लाना,उसमें भूसा नहीं मिलाना।इसका बछड़...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक
73

सुबह की कालिमा - सुधीर मौर्य

सुबह की कालिमा============अंकिता आज थोड़ा उलझन में है। वो जल्द से जल्द अपने रूम पर पहुँच जाना चाहती है। न जाने क्यूँ उसे लग रहा है, ऑटो काफी धीमे चल रहा है। वो ऑटो ड्राइवर को तेज़ चलाने के लिए बोलना चाह...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
सुधीर मौर्य
कलम से..
122

सुबह की कालिमा - सुधीर मौर्य

सुबह की कालिमा============अंकिता आज थोड़ा उलझन में है। वो जल्द से जल्द अपने रूम पर पहुँच जाना चाहती है। न जाने क्यूँ उसे लग रहा है, ऑटो काफी धीमे चल रहा है। वो ऑटो ड्राइवर को तेज़ चलाने के लिए बोलना चाह...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
सुधीर मौर्य
संजोत (Sanjot)
104

पु.ल.

एकदा पुलंचे पाय खूप सुजले होते. तेव्हा आपल्या सुजलेल्या पायांकडे बघत ते म्हणाले,...." आता मला कळले कि,....पायांना पाव का म्हणतात ते ! ...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
vaghesh
विनोद नगरी
54

रक्षा बंधन पर राष्‍ट्रपति की शुभकामनाएं

19-अगस्त-2013 16:33 ISTसमाज का प्रत्‍येक सदस्‍य इस त्‍यौहार पर महिलाओं के लिए सम्‍मान की भावना अपनायेCourtesy Photoराष्‍ट्रपति श्री प्रणव मुखर्जी ने रक्षा बंधन के अवसर पर अपने संदेश में देशवासियों को शुभकाम...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
Childless Women Specialist BABA JI +91-9909794430
हिंदी स्क्रीन
0

Happy World Photography Day

6 वर्ष पूर्व
Pareevrajak
परिव्राजक
96

तप से ही संसार मे

तप से ही संसार में बंधु निखरता नेहजितना तपती है धरा उतना बरसे मेहजल से करना सीखिए विघ्नों का प्रतिकारपत्थर को भी काटती जिसकी शीतल धारतू तू मैं मैं से रहित जब होता है प्यारदुनिया घर सी दीखती घर...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
darshan jangra
प्रेम के फूल
83

होते हरदम हादसे, हरदम हाहाकार-

बिहार में रेल हादसा, 35 कांवड़ियों की मौत  रजनीश के झा (Rajneesh K Jha) होते हरदम हादसे, हरदम हाहाकार |भूखे खाके नहाके, जल थल नभ में मार |जल थल नभ में मार, सैकड़ों हरदिन मरते |मस्त रहे सरकार, सियासतदान अक...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
रविकर
"लिंक-लिक्खाड़"
50

No Title

भेज रही हूँ राखी भईया ,बांधना इसको हाथ में |और मिठाई भी तो मैंने ,भेजी इसके साथ मे |ईश्वर को कर याद हाथ में ,राखी तुम बधवा लेना |और याद कर मुझको थोड़ा ,मीठा भी तुम खा लेना |देर न करना इसे बांधना ,जल्दी ...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक
46

सरेआम लें लूट, गिरी माँझा बिन गुड्डी-

गुड्डी-गुड़ी गुमान में, ऊँची भरे उड़ान | पेंच लड़ाने लग पड़ी, दुष्फल से अन्जान | दुष्फल से अन्जान, जान जोखिम में डाली | आये झँझावात, काट दे माँझा-माली | लग्गी लेकर दौड़, लगाने लगे उजड्डी | सरेआम लें लूट, गि...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
रविकर
रविकर की कुण्डलियाँ
48

केवल कड़े बयान, यहाँ बाकी नहिं कुब्बत-

"ओ बी ओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव"अंक-29प्रस्तुति नौबत-बाजे द्वार पर, किन्तु कँटीली बाड़ | काट फिदायीन घुस रहे, बरबस मौका ताड़ | बरबस मौका ताड़, काट दे प्रहरी-सैनिक | तोड़े गोले दाग, सीजफायर वो दैनिक | के...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
रविकर
"कुछ कहना है"
56

रिमाइंडर याद दिलाएगा आपको आपना काम

श्रीमान अधिक कार्य के कारण नाराज होना यह आजकल लाजमी है। इसी के सम्‍बंध मे मैने कुछ दिन पहले दैनिक भास्‍कर मे एक काम की जानकारी पढी जो आज आपके लिये लेकर आया हू। अगर आप दिनभर काम में व्‍यस्‍त र...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
ललित चाहार
Tech Education HUB
110

हाइकू : जिन्दगी का सफर

१. ढूंढते रहे सुखो की कतरन उम्र गुजरी २. आशा की नाव जिन्दगी का सफर बहती नदी ३. यादों के फंदे अनसुलझे भेद मिट न पाए ४. नदी की धारा इच्छाओं का सफर कभी न रुके ५. घना अन्ध...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
Rajendra kumar
भूली-बिसरी यादें
123

नसीर-रणदीप का आत्मीय रिश्ता

-सौम्या अपराजिता रणदीप हुडा खुद को सौभाग्यशाली मानते हैं  कि लम्बे अन्तराल के बाद उन्हें अपने गुरु और मार्गदर्शक नसीरुद्दीन शाह के साथ एक बार फिर अभिनय करने का अवसर मिला है। अहिशोर सोलोमन न...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
Somya
सौम्य वचन
67

अहाँक सिनेहकेँ

अहाँक सिनेहकेँबान्हि कऽ रखने छी अहाँक सिनेहकेँजग भरिसँ नुका छाँपने छी फाटल केथरीसँअहाँ चिन्ता जुनि कएल करूअहाँक सिनेह केवल अहीँक रहतने बौआएत ने हेराएत ने पगलाएतअहाँक सिनेहकेँ फुलाए नै दे...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
AMIT MISHRA
44

मोती है अनमोल

  वैसे तो मोती दुनियाँ के अनेक समुद्रों में पाया जाता है . लेकिन जो मोती फ़ारस की खाड़ी में (समुद्र से निकली हुई एक बांह के सामान) पैदा होता है ,वैसा और कहीं मिलता . शायद वहां के जल और मिट्टी में क...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
राजीव कुमार झा
243

आधे पौने घंटे की फिल्‍म वन्‍स अपॉन ए टाइम इन मुम्‍बई दोबारा

वन्‍स अपॉन ए टाइम इन मुम्‍बई दोबारा। यह 2010 में आई सुपरहिट फिल्‍म वन्‍स अपॉन ए टाइम इन मुम्‍बई का स्‍किवल है। इसका नाम पहले वन्‍स अपॉन ए टाइम इन मुम्‍बई अगेन था, लेकिन कहीं हिन्‍दी बुरा न मान जाए...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
Kulwant Happy
Fast Growing Hindi's Website
149

जब मैं था तो खुदा न था , "मैं " न होता तो खुदा होता , मिटाया मुझको होने ने , गर "मैं" न होता ,तो खुदा होता।

कबीरदास :कुछ चुनिन्दा दोहे भावार्थ सहित (१ )साहिब मेरा एक है ,दूजो कहा न जाय ,      दूजो साहब जो कहूं। दूजो खड़ो रिझाय। एक में ही मेरी निष्ठा है। एक ही परमात्मा को मानता हूँ और वह है भी एक ह...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक
61

भैया जल्दी आ जाना

भाई है मेरा अटूट विश्वास भाई संग रहे सुंदर अहसास यही अहसास करा जाना  भैया जल्दी आ जाना |भाई मेरे कल का उज्जवल सपना बनाए रखना सदा साथ अपना सपना पूर्ण करा जाना भैया जल्दी आ जाना |भाई ह...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
सरिता भाटिया
गुज़ारिश
50
समाज
386

बहन की गुज़ारिश : चर्चा मंच 1342.

*शुभम दोस्तो*मैं सरिता भाटिया लाई हूँ ***चर्चामंच 1342 पर " बहन की गुज़ारिश "***रक्षाबंधन पर दोहेअलबेला खत्री **|**राखी का त्यौहार प्रवीन मलिक **|**है आज सूनी कलाई आशा सक्सेना **|**आजाद हैं ह...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक
86

मुट्ठी भर प्यार, हाशिए पर नफरत

प्यार क्या हैएक अदृश्य ताकत?जो आपको खड़ा होने की हिम्मत देता है खिलाफ बह रही तमाम हवाओं के खिलाफजो आपको सिखाता है कि जीना है तो मरने के लिए रहो हरदम तैयार और आप मेमने को खाने पर अड़े भूखे शेर से ...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
अनुराग अन्वेषी
94

राष्ट्रपति डाक्टर शंकर दयाल शर्मा जी के जन्मदिन पर हम सभी भारतवासियों की ओर से शत शत नमन

विकिपीडिया से साभार  आज जन्मदिन है देश के  नौवें राष्ट्रपति  डाक्टर शंकर दयाल शर्मा जी का और वे सदैव मेरे लिए श्रद्धा के पात्र रहेंगे क्योंकि उनके बारे में जो सबसे महत्वपूर्ण है वह ये क...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
SHALINI KAUSHIK
! कौशल !
49

बेटी पराई -लघु कथा

बेटी पराई -लघु कथा वैदेही  के घर की चौखट पर कदम रखते ही सासू माँ चहक कर बोली -'' लो आ गयी बहू ....अब बना देगी चाय झटाझट  आपकी .''  वैदेही ने मुस्कुराकर सासू माँ की ओर देखा और पल्लू सिर पर ठीक करते ह...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
SHIKHA KAUSHIK
भारतीय नारी
60

बेटी पराई -लघु कथा

बेटी पराई -लघु कथा वैदेही  के घर की चौखट पर कदम रखते ही सासू माँ चहक कर बोली -'' लो आ गयी बहू ....अब बना देगी चाय झटाझट  आपकी .''  वैदेही ने मुस्कुराकर सासू माँ की ओर देखा और पल्लू सिर पर ठीक करते ह...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
SHIKHA KAUSHIK
मेरी कहानियां
94

साहित्यिक अंजुमन में मानोशी का उन्मेष

      कविता सिर्फ भावाभिव्यक्ति नहीं होती बल्कि वह कवि की दृष्टि और अनुभूतियों से भी पाठक का परिचय कराती है। रचना में कवि का अस्तित्व तमाम बंधनों को तोड़कर बाहर प्रस्फुटित होता है। उसके द...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
बृजेश नीरज
82
Voice of Silent Majority
80


Postcard
फेसबुक द्वारा लॉगिन