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Photo Galary

 Here I am find some of the photos of Kangra Valley, with these photos you can see the some of the tourism places in Kangra Himachal Pradesh. You can also see some of others pictures here like Folk dance pictures which shows the culture of Kangra Himachal Pradesh, Religious places snaps, as well some of other places. You really enjoy these pictures.Folk Dance:-Folk dance is famous in Kangra Himachal Pradesh which shows the culture of Kangra. Jhamakada is a group dance performed in Kangra. T...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
Manu
Kangra Valley
400

सत्ता का सोपान बनी सहकारिता

माना जाता है कि सहकारिता देश में सदियों से चली आ रही संयुक्त परिवार प्रणाली के सिद्धातों पर आधारित है। चाहे वर्तमान में सहकारिता की नींव रहे संयुक्त परिवार न रहे हों पर सहकारिता अभी जिन्दा ह...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
Krishan Vrihaspati
Bhoomeet | Hindi Rural Magazine | Agriculture Magazine |Farmers Magazine|Indian Magazine
118

सुर क्षेत्र से रण क्षेत्र तक

               सुर क्षेत्र से रण क्षेत्र तकहमने कभी सुरों को सरहदों की सीमाओं में नहीं बांधा । हमने तो संगीत को फिजाओं में घोल दिया हैं । अगर कोई हमारी आवाज से आवाज मिलाना चाह...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
तरूण कुमार, सावन
सावन का सफर
98

"बुद्धि के प्रकार" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

बुद्धि तीन प्रकार की होती है-१- रबड़ बुद्धि२- चमड़ा बुद्धि३- तेलिया बुद्धि--विचार कीजिए आप कौनसी बुद्धि के स्वामी हैं?      रबड़ बुद्धि रबड़ की तरह होती है। उदाहरण के लिए आप रबड़ में एक सूई से ...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक
111

काश लौट आए वो माधुर्य. (ध्वनि तरंगों पर ..)

बोर हो गए लिखते पढ़तेआओ कर लें अब कुछ बातेंकुछ देश की, कुछ विदेश कीहलकी फुलकी सी मुलाकातें।जो आ जाये पसंद आपकोतो बजा देना कुछ तालीपसंद न आये तो भी भैयान देना कृपया तुम गाली।एक इशारा भर ही होग...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
Shikha varshney
स्पंदन SPANDAN
56

खून का रिश्ता (भाग-2)

कुछ देर बाद राशि व पंकज दीपक कुमार की बतायी जगह पर पहुंच चुके थे और हैरानी से इधर उधर देख रहे थे। ''आखिर दीपक कुमार ने इस पुराने टूटे फूटे किले में क्यों बुलाया है? क्या एक्सीडेंट ने उसके दिमा...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
Dr. Zeashan Zaidi
Hindi Science Fiction हिंदी साइंस फिक्शन
66

सृष्टि महाकाव्य(क्रमश)---तृतीय सर्ग सद-नासद खंड --डा श्याम गुप्त

सृष्टि महाकाव्य-(ईषत इच्छा या बिगबेंग--एक अनुत्तरित उत्तर --डा श्याम गुप्त         सृष्टि - अगीत महाकाव्य--(यह महाकाव्य अगीत विधामें आधुनिक विज्ञान ,दर्शन व वैदिकविज्ञान के समन्वयात...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
Drshyam
अगीतायन
93

ग़ज़ल

चेहरे की हकीक़त  को समझ जाओ तो अच्छा है तन्हाई के आलम में ये अक्सर बदल जाता हैमिली दौलत ,मिली शोहरत,मिला है मान उसको क्यों मौका जानकर अपनी जो बात बदल जाता है क्या बताये आपको हम अपने  दिल की दास...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
Madan mohan saxena
ग़ज़ल गंगा
64

इस्लामीकरण का विरोध

इस्लाम को भारत में सफलता मिलने का ऐक कारण यहाँ के शासकों में परस्पर कलह, जातीय अहंकार, और राजपूतों में कूटनीति का आभाव था। वह वीरता के साथ युद्ध में मरना तो जानते थे किन्तु देश के लिये संगठित हो...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
Praveen Gupta
हिन्दू - हिंदी - हिन्दुस्थान - HINDU-HINDI-HINDUSTHAN
152

आखिर क्यूँ

दर्द दिल का मैं जाने क्यूँ दबाए बैठा हूँ,आँखों में अपनी दरिया छुपाये बैठा हूँ ,जिसे खुदा से बढकर इश्क किया मैंने,उसी ने अनजानो की तरह अलविदा किया,आज टूट कर मैं खुद को खो रहा हूँ,तन्हाई, बेरुखी बे...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
अखिलेश रावल
"मेरे भाव मेरी कविता"
78

सृष्टि महाकाव्य ...द्वितीय सर्ग...उपसर्ग...डा श्याम गुप्त ..

(यह महाकाव्य अगीत विधा में आधुनिक विज्ञान ,दर्शन व वैदिक विज्ञान के समन्वयात्मक विषय पर सर्वप्रथम रचित महाकाव्य है , इसमें सृष्टि की उत्पत्ति, ब्रह्माण्ड व जीवन व मानव की उत्पत्ति के गूढ़तम व...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
Drshyam
अगीतायन
86

ईश्वर की खोज में... ' अल्फा केवल एक ही होता है '....

...भाग- १ { ईश्वर की खोज में.... ' अल्फा ' } से आगे... इंटरव्यूइंटरव्यू के दिन मैं सुबह सुबह तैयार हो समय से पाँच मिनट पहले बताई गयी जगह पहुँच गया... जिस होटल में इंटरव्यू था वहाँ लॉबी में एक बोर्ड पर नोटि...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
प्रवीण शाह
41

सहकारिता का भविष्य

गुजरात और कुछ हद तक महाराष्ट्र को छोड़कर समूचे उत्तर भारत में सहकारिता आन्दोलन पर नजर डालें तो सहकारिता का अर्थ कुछ और ही दिखता है। बिहार और मध्यप्रदेश से लेकर हरियाणा, राजस्थान और पंजाब तक फ...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
Krishan Vrihaspati
Bhoomeet | Hindi Rural Magazine | Agriculture Magazine |Farmers Magazine|Indian Magazine
116

WELCOME RAHUL JI AS CONGRESS PARTY NEW WORKING PRESIDENT.

.WELCOME  RAHUL JI AS CONGRESS PARTY NEW WORKING PRESIDENT.[http://www.facebook.com/pages/RAHUL-GANDHI-WITH-A-VISION-FOR-COMMON-PEOPLE]YESTERDAY I WAS SURE THAT SHRI RAHUL GANDHI WOULD TAKE OATH AS A CABINET MINISTER BUT HE DID'NT .ONE THING IS CERTAIN THAT ONLY A LEADER LIKE RAHUL JI CAN DO SO IN PRESENT INDIAN POLITICS .HE HAS CHOSEN THE PATH OF PUBLIC SERVICE DIRECTLY .RAHUL JI HAS PROVED AGAIN THAT WHY IS HE AN IDEAL LEADER .HE IS REALLY A YOUTH ICON .HE PREFERS TO STRENGTHEN PARTY...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
SHIKHA KAUSHIK
earthly heaven
108

हिन्दू तुम कट्टर बन जाओ ।।

     अभी हाल ही में हुए फैजाबाद जिले के दंगे में हिन्‍दुओं की दुर्गति के बाद मन बहुत खिन्‍न हुआ ।  इसी खिन्‍नता ने काव्‍य का रूप ले लिया ।  यह काव्‍य सभी हिन्‍दुओं को समर्पित है ।अपना देश ...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
SANSKRITJAGAT
महाकवि वचन-MAHAKAVI VACHAN
319

कब तक चुप रहूँ

देखता हूँ अन्यायऔर सहता हूँ जुल्मगूंगा नहीं हूँफिर भी चुप रहता हूँ,हर तरफ कोहराम हैचौराहे पर बिक रहा ईमान हैअंधा नहीं हूँफिर भी आँखें बंद रखता हूँ,दर्द से चीख रहे हैंपरिंदे, पर्वत, पेड़-पौधेस...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
nilesh mathur
आवारा बादल
72

"ग़ज़लकार बल्ली सिंह चीमा के साथ एक दिन"

बल्ली सिंह चीमा मेरे लिए कोई नया नाम नहीं है। आज से 24-25 साल पहले इनसे मेरी मुलाकात हुई थी। उन दिनों बाबा नागार्जुन खटीमा आये हुए थे। बाबा के सम्मान में एक कविगोष्ठी आयोजित की हुई थी। उसमें बल्ली...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक
138

ऐ क्षितिज !

ऐ क्षितिज !जब लौट जायेंगे सब पाखीअपने आशियाने की ओर और सूरज दबे पाँव धीरे धीरे रात के आगोश में चला जायेगा आधा चाँद जब दूर कहीं होगा चाँदनी के इन्तजार में मेघ हौले हौले सूरज को देंगे वि...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
सु-मन (Suman Kapoor)
बावरा मन
56

खून का रिश्ता (भाग 1)

आपरेशन थियेटर के बाहर मौजूद लोगों के चेहरों पर परेशानी व घबराहट के लक्षण दूर से देखे जा सकते थे। सभी किसी अनहोनी के भय से सहमे हुए थे। दरअसल आपरेशन थियेटर के अन्दर घर का चिराग़ जिंदगी व मौत के ब...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
Dr. Zeashan Zaidi
Hindi Science Fiction हिंदी साइंस फिक्शन
70

ख़ामोशी

कभी कभी ये चुप हो कर भी बहुत कुछ कहतें हैं....... ...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
abhishek shukla
35

शेर

गम यूही कम नहीं थे जमाने में आपको बहुत वकत लगा हमें रुलाने मेंअब भी कुछ लखीरे जिंदा थी जब चेहरा देखा हमने आईने में सारी उर्स न मिटा सके वो निसानी दोपल भी न लगे आपको जिनहें बनाने में ।     &...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
तरूण कुमार, सावन
सावन का सफर
96

इस यात्रा में..

हमारे गाँव-घर, नदी, जल, जनपद और रास्ते   कितने बदल गए देखते-देखते इस यात्रा में कपड़े, फैशन और लोगों से मिलने-जुलने की रिवाज़ की तरह कितनी ही अनमोल चीजें रोज़ छूटती गईं हमसे और यादों के भँवर मे...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
सुशील कुमार
स्पर्श | Expressions
88

दोहरापन

कहाँ घुमती है ये किस्मत,किस दर पर  है हकीकत,चमक हर और बिखरी है,काली अमावस में भी यारो,मिलती अब तो चांदनी है,मगर जब नैन बंद होते है,खुद से होता दीदार है,पूनम का पूरा चाँद कम है,ना दिनकर उतना उजिया...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
अखिलेश रावल
"मेरे भाव मेरी कविता"
81

स्वार्थ

आज अंजू बहुत खुश हैं …आखिरकार संजय के साथ लखनऊ जा रहीं हैं ना .हर बार संजय उसे मनाता था और वह चाहती भी थी कि, थोड़ा संजय मनाये… थोड़ा उसके सामने गिडगिडाए …इसलिए अंत तक ना-नुकुर करतीं रहती थी लेक...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
ajay kumar
"मन की बातें"
70

रहस्य:व्यक्तिगत कायाकल्प का भाग –२

रहस्य:व्यक्तिगत कायाकल्प का भाग –२[इस लेख को बेहतर समझने के लिए कृपया पिछले दो लेखो को फिर से पढ़िए ]बुल्गारिया के मनोवैज्ञानिक लोजनोव दुनिया भर से मिलने वाले super learning के उदाहरणों से हैरान थे,उ...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
ajay kumar
"मन की बातें"
214

रहस्य :व्यक्तिगत कायाकल्प का {भाग -१}

रहस्य :व्यक्तिगत कायाकल्प का {भाग -१} मित्रों !मैंने पढ़ा हैं की सन १८५९मे जेनेवा के डॉ .एमिल कुए के क्लिनिक में सवास्थ्य लाभ की दर अन्य अस्पतालों या क्लीनिको की तुलना में पांच गुनी अधिक पायी गयी...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
ajay kumar
"मन की बातें"
89

No Title

तेरे शब्दचोट करते हैंमुझ पर....किसी लोहार केहथोड़े कि मानिद...मैं सोच रहा हूँआखिरतुम मुझे __किस शक्ल मेंढालना चाहती हो........  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
Manav Mehta 'मन'
मानव 'मन'
90

No Title

'''''人 EID MUBARAK'(____) . ┃口┃FRIENDS . ┃口┃ . ┃口┃............★ . ┃口┃............人 . ┃口┃......(_____)........人 . ┃口┃..(__________).(____) . ┃口┃_╭━━━━━╮_'|口| . ┃╭╮╭╮╭╮╭╮╭╮ |三| . ┃┃┃┃┃┃┃┃┃┃┃ |三| . ┃┃┃┃┃┃┃┃┃┃┃ |三| . ┃┃┃┃┃┃┃┃┃┃┃ |三...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
vijay kumar
मैं और उनकी तन्हाई
78

अदभुत माया

अनुपमहैरचनातेरीरचनाकार, तुझेकिसरूपमेंपूजेसंसार।सबकोअलगरूपआकारदिया,  परखुदक्योंनकोईरूपलिया।किसीउपवनमेंपतझड़लायी,  किसीगुलशनकोखूबमहकाया,सोचताहूंकभीकभी, येजगतुनेकैसाबनाया। ...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
kuldeep thakur
man ka manthan. मन का मंथन।
62

कुछ अशआर

नवा-ए-दिल एक कल बीत चुका, एक कल आने को है सुनो मेरे अहबाब, आज कुछ बताने को है    किस-किस से बचता रहूँ सफ़र-ए-हयात में हर किसी को आता दामन में दाग लगाने को है  आबरू के खातिर ही गई मिटटी में सीतान...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
निहार रंजन
बातें अपने दिल की
104


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