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नई हलचल

नारी की संपूर्णता प्रेम में निहित है...

फ़िरदौस ख़ानसमय बदला, हालात बदले लेकिन नहीं बदली तो नारी की नियति. नारी सदैव प्रेम के नाम पर छली गई. उसने पुरुष से प्रेम किया, मन से, विचारों से और तन से. मगर बदले में उसे क्या मिला धोखा और स़िर्फ ध...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
Firdaus Khan
Firdaus Diary
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एक शाम फ्योदोर दोस्तोयेवस्की के नाम...

फ़िरदौस ख़ानहमें बचपन से ही किताबें पढ़ने का शौक़ रहा है... घर की फ़िज़ा में ही किताबों की महक बसी थी... अम्मी को किताबों से बहुत लगाव रहा है... बहुत सारे उर्दू के रिसाले तो डाकिया लेकर आता था... अम्म...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
Firdaus Khan
Firdaus Diary
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Voice of Silent Majority
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Land of canals - Terra dei canali - नहरों की भूमि

Guyana: While searching for sugar in the supermarket, suddenly I saw the packets of "Demerara sugar" that reminded me of so many travels for crossing the Demerara river and of so many friends who live along its coasts. "Guyana" means the land of rivers. Along with big rivers like Demerara, Corentine and Essequibo, the whole area near the ocean is full of a network of canals.ग्यानाः सुपरमार्किट में चीनी खोज रहा था तो "डेम...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
SUNIL DEEPAK
Chayachitrakar - छायाचित्रकार
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दूर के ढोल

अनिश्चितता की बस्ती में सपनो के महल बनाकर रहना . यथार्थ को छोड़, भागना परछाईयों के पीछे. अंक के पहले शून्य लगाने का कोई मूल्य होता है? उचित राह की पहचान अगर न हो, जिंदगी ठहरती नहीं किसी च...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
KAVYASUDHA (काव्य सुधा)
KAVYA SUDHA (काव्य सुधा)
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स्‍टेट बैंक ऑफ इंडिया की फ्रीडम एप्‍लीकेशन

एंड्रायड स्‍मार्टफोन के लिए फ्रीडम एप्‍लीकेशन लांच करने के बाद स्‍टेट बैंक ऑफ इंडिया ने विंडो स्‍मार्टफोन के लिए फ्रीडम एप्‍प लांच की है। 2011-2012 में एसबीआई ने एंड्रायड फ्रीडम एप्‍लीकेशन लांच ...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
ललित चाहार
Tech Education HUB
119

केदारनाथ में प्रलय (भाग १)

मानव  के अत्यचार से ,प्रकृति हुई नाराज भक्तों  की क्या बात करें ,देव पर गिरा गाज।लाखों  भक्तों की आस्था एकबार फिर डोला प्रलयंकारी बादलों ने केदारनाथ को मिटा डाला।विनाश का अद्भुत दृश्...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
Kalipad
अनुभूति
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तेरे बिन

अजीब कशमकश में है जिन्दगी तेरे बिनजिन्दा हैं या बस जी रहे हैं तेरे बिनपलते थे कुछ ख्वाब पहले भी इस ज़हन मेंपर दिल बेक़रार ना था यूँ तेरे बिनअब तो हर ख्वाब टूटता नज़र आता हैकैसे गुजरेगी तनहा जि...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
Chandan Kumar Gupta
Chandan Kumar Gupta
78

phir bike ,फिर से बाइक उठाकर चल पडे

again riding on bike from bijli mahadevसुबह सुबह बिजली महादेव पहुंच गया था इसका फायदा ये हुआ कि दोपहर तक मुझे वापिस यात्रा शुरू करने का चांस था और मै किसी और मंजिल पर पहुंच सकता था । आज सुबह मणिकरण से चला और अब बिजली मह...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
Manu
yatra (यात्रा ) मुसाफिर हूं यारो .............
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बातें अपने दिल की
73

“मँहगाई की बीन पे , नाच रहे हैं साँप” (चर्चा मंच-अंकः1299)

मित्रों!रविवार के आप सबके प्रिय चर्चाकार अरुण शर्मा अनन्त के यहाँ कुछ दिनों पूर्व पुत्री के रूप में लक्ष्मी ने जन्म लिया है। आज उनसे मेरी बात हुई तो उन्होंने बताया है कि मैं अस्पताल में हूँ। ब...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक
112

सफलता की कुंजी !!!!

अक्सर...अक्सर....पेशे से इमानदारी निभाना...सालों तक कहीं नहीं पहुंचना होता है....हर साल सैलरी में चंद रुपये बैंक के सधारण ब्याज की तरह जुड़ते रहेंगे...पर बढ़ती मंहगाई तुम्हें ये एहसास नहीं होने देगी...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
rohit
28

सौन्दर्य वर्णन - दोहे

कृष्ण मेघ से कृष्णता, ले केशों में डाल |उठा दूज का चाँद ज्यों, रचा विधाता भाल |खिची कमान भोंहें रची, पलक सितारे डाल |नयन कटीले रख दिए, मृग से नयन निकाल |तीखी, सीधी और खड़ी, रची विधाता नाक |रक्तवर्ण, र...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक
71

गाढव आणि म्हैस

एक म्हैस एका गाढवाच्या अंगावर चढली... ...गाढव : अबे.... हे काय करतीय रे...???? ..... म्हैस : काही नाही.. सहज चेष्टा केली..... ......गाढव : च्या मारी तुझ्या... मी "चेष्टा" केली तर अख्खा गावभर बोम्बलत फिरशील....  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
vaghesh
विनोद नगरी
67

Rajat

6 वर्ष पूर्व
Rajat

Rajat

Mai ni Mai 12
6 वर्ष पूर्व
Rajat
36

Rajat

Mai ni Mai 11
6 वर्ष पूर्व
Rajat
36

Rajat

Mai ni Mai 10
6 वर्ष पूर्व
Rajat
28

Rajat

Mai ni Mai 9
6 वर्ष पूर्व
Rajat
38

Rajat

6 वर्ष पूर्व
Rajat

ननदि-भाउज

109. ननदि-भाउज-यै दाइ, एकटा बात बताउ ।अहाँकेँ केहन पति चाही ?-भैया सनक ।-एँ !भैया सनक ? मने ?-मने ई जे जहिना भैया अहाँकेँ मानै छथि तहिना मानै बला आ कर्मठ पति चाही ।-कर्मठ आ मानै बला ?कर्मठ रहितैथ तँ हमर क...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
AMIT MISHRA
30

दुश्मन से यारी

क्या अल्पसंख्यकों को मोदी एण्ड कंपनी के जाल में फंसना चाहिए?.सन् 2002 के कत्लेआम के बादए भारत, और विशेषकर गुजरात की राजनीति में एक नए सितारे का उदय हुआ.नरेन्द्र मोदी का। उनके प्रचारतंत्र के अथक प...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
loksangharsha
लो क सं घ र्ष !
45

आख़िर इस मर्ज की दवा क्या है ?

आज के दौर की सबसे बड़ी समस्या का नाम अगर कुछ है तो वो तनाव है । सभी रोगों का जनक , हरेक को हैरान परेशान  करने वाला मर्ज , ये हर जगह मिलता है लेकिन इसकी  कोई दवा कहीं नहीं मिलती ।आज इस समस्या ...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
mamta vyas
मनवा
100

क्या मुझे रोना नहीं आएगा?

     फौज़िया रियाज़ की क़लम से कहानी: फ़ैसला वो गिर जाती अगर दीवार ना थामती. अब क्या करे? डाक्टर के पास जाए? एक बार कन्फ़र्म करे? या चुपचाप जाकर टीवी पर एम.टीवी देखकर ‘चिल’ करे. शायद ये सब अपन...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
Shahroz
Hamzabaan हमज़बान ھمز با ن
61

5 हाइकु

 माँ की गोद मेंयूँ खिल उठा बच्चाजैसे कमल    ***बच्चा करताज़िद चाँद छूने कीअपने हाथों    ***रूप सलौनाभाए मन सबकेसदा-सदा से    ***खिलता पुष्पआकर्षित करता        अपनी ओर   ...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
Sarika Mukesh
अंतर्मन की लहरें Antarman Ki Lehren
55

छिपकली द्वारा शकुन-अपशकुन विचार....

प्राचीन युगों युगों से हमारी सभ्यता में शकुन और अपशकुन चले आ रहे है यह उस समय से है जब विज्ञान भी नही था अर्थात विज्ञान का प्रचार प्रसार बहुत न्यून था, तभी से मानव के ऊपर इन शकुन व अपशकुन का प्रभ...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
Anil Sharma
Vaastu & Jyotish
370

"दोहा महिमा" (डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

सूफी-सन्तों ने लिया, दोहों का आधार।छोटे से इस छन्द की, महिमा बहुत अपार।१।गति-यति-लय के साथ में, बहती रस की धार।कम शब्दों में ये करें, दिल पर सीधा वार।२।रसिक बिहारी लाल ने, जिनका किया प्रयोग।उन...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक
53

जाओ मेघों लौट जाओ...

बुलाया था हमने मेघा आना,बरसकर हरियाली लाना,तुम बरसे प्रलय बनकर,जाओ मेघों लौट जाओ...मिटा दियेहचारों इनसान,घर शहर बना दिये शमशान,धन संपत्ति नष्ट हो गयी, जाओ मेघों लौट जाओ...तुम क्या जानो मानव की पी...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
kuldeep thakur
man ka manthan. मन का मंथन।
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