अपना ब्लॉग जोड़ें

अपने ब्लॉग को  जोड़ने के लिये नीचे दिए हुए टेक्स्ट बॉक्स में अपने ब्लॉग का पता भरें!
आप नए उपयोगकर्ता हैं?
अब सदस्य बनें
सदस्य बनें
क्या आप नया ब्लॉग बनाना चाहते हैं?
नवीनतम सदस्य

नई हलचल

THE MUSIC OF MY LIFE : मेरे जीवन का संगीत
90

अगले जनम मोहे बिटिया न कीजो : चर्चामंच १२२८

"जय माता दी" अरुन की ओर से आप सबको सादर प्रणाम.तनिक भी विलम्ब किये बिना आइये चलते हैं लिंक्स पर. अगले जनम मोहे बिटिया न कीजोSushila रह-रह कानों में पिघले शीशे-से गिरते हैं शब्द "अगले जनम मोहे बि...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक
205

पाठशाला

जननी का हृदय बच्‍चे की पाठशाला है। --- एच डब्‍लयू बीचर...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
रौशन जसवाल विक्षिप्‍त
37

पहले लक्ष्य तो तय करें

......................................................................................................          दिसम्बर में हुए बलात्कार के बाद देशभर में भारी प्रदर्शन हुए थे.सरकार ने एंटी रेप क़ानून बनाने के लिए जस्टिस वर्मा कमेटी का गठन कर दिया और म...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
ramprakash anant
जन-विमर्श|Janvimarsh
134

त्रिशूल की लंबी होती छाया

मोदी की प्रधानमंत्री पद की उम्मीदवारीपिछले कुछ महीनों ;अप्रैल २०१३ से बिहार के मुख्यमंत्री और जदयू नेता नीतीश कुमार, उनकी गठबंधन साथी भाजपा द्वारा नरेन्द्र मोदी को प्रधानमंत्री पद का उम्मी...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
loksangharsha
लो क सं घ र्ष !
54

सफ़र...

सादर प्रणाम सुधी मित्रों...कुछ तकनीकी दिक्कतों के कारण विलम्ब से उपस्थित हो पा रहीं हूं, क्षमा करें।     आज के दौड़ते दौर में वेद-पुराण की उक्तियां शायद पृष्ठभूमि में चली गई हैं,फिर भी आज के ...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
बृजेश नीरज
64

"मेरी गैया भोली-भाली" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

मेरी गैया बड़ी निराली, सीधी-सादी, भोली-भाली।सुबह हुई काली रम्भाई,मेरा दूध निकालो भाई।हरी घास खाने को लाना,उसमें भूसा नही मिलाना। उसका बछड़ा बड़ा सलोना,वह प्यारा सा एक खिलौना।मैं जब गाय दू...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक
52

उकपाती हाथी

बाल कविता-30उकपाती हाथीएकटा हाथी बड उकपातीढाही मारि उखारै गाछीबात-बातपर झगड़ा करैपटकि-पटकि कऽ हड्डी तोड़ैबिनु बातक दै घर उजारिछीनै भोजन पढ़ै बड गारिएक दिन जाइ छल झूमैत-गाबैतदेखलक पाकल केरा ...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
AMIT MISHRA
32

सूचना

सभी दोस्तों  से अनुरोध है कि मेरे दूसरे ब्लॉग ॐ प्रीतम साक्षात्कार ॐ का URL परिवर्तित हुआ है परिवर्तित URL नीचे दिया गया है prabhumahima.blogspot.in इसलिए कृपया इसका अनुसरण करें ,शुक्रिया !...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
सरिता भाटिया
गुज़ारिश
54

सीबीआई का हलफनामा है या सरकारी दबाव का कबूलनामा !!

कल सर्वोच्च न्यायालय में सीबीआई निदेशक द्वारा प्रस्तुत किये गए हलफनामे के बाद यह तो साफ़ हो गया कि केन्द्र सरकार और उसके मंत्री किस तरह से एजेंसियों का दुरूपयोग कर रही है ! हालांकि यह ऐसी बात ...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
पूरण खण्डेलवाल
52

तेरे नां दी इक बूँद

तेरे नां दी इक बूँद जे चख लूँ तां अमृत होए साहां ते रुलदी पई रूह नू हुण बसेरा दे दे ..!!सु~मन ...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
सु-मन (Suman Kapoor)
अर्पित ‘सुमन’
57

"धरा बचायें: हाइकू"

१.पृथ्वी की गोद पेड़ों की हरियाली सुनी पड़ी है २.कटते वृक्ष बढ़ता प्रदुषणचिन्ता सताए ३.रोती जमीनप्रकृति की लाचारी जख्मी आँचल ४.उड़ते मेघ सींचे कैसे धरती सुखी नदियाँ ५.सुनी बगिया कोयल भी खाम...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
Rajendra kumar
भूली-बिसरी यादें
198

SUNSET

6 वर्ष पूर्व
vijay kumar sappatti
MY PHOTOGRAPHIC ROMANCE
102

Mountains - Montagne - पहाड़

Imer, Italy: In Imer, we had our first glimpse of high dolomite mountains covered with snow. The mountains were still far away but they looked very imposing.इमर, इटलीः ऊँचे बर्फ से ढके डोलोमाइट पहाड़ों की पहली झलक हमें इमर में मिली. पहाड़ अभी दूर थे पर उनकी भव्यता स्पष्ट थी.Imer, Italia: A Imer, abbiamo avuto la pr...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
SUNIL DEEPAK
Chayachitrakar - छायाचित्रकार
99

gundicha temple , puri ,गुंडिचा मंदिर , पुरी

इसे गार्डन हाउस भी कहा जाता है । इसे आंटी हाउस भी कहा जाता है । गुंडिचा मंदिर जो कि जगन्नाथ जी की मौसी का घर है की मान्यता रथयात्रा के दौरान मुख्य मंदिर जितनी ही हो जाती है क्योंकि इसी दौरान यहा...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
Manu
yatra (यात्रा ) मुसाफिर हूं यारो .............
92

'आज'

उद्येश्य बदल गयाभावों की पहरन,शब्दका परिमाण बदल गया।साहित्य,दर्पण समाज काधुंधला हो गयाप्रतिद्वंदी तलवार का,कलमलोकेष्णा का दास बन गयाबाढ है,तो बारिश भी हैआऽज...भावेश का बहाव बदल गयासाहित्य ...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
vandana
Wings of Fancy
33

कभी जो रोटी साझा किया करते थे

शनिवार की चर्चा में सभी का स्वागत है वक्त और हालात जैसे करवट बदलते हैंवैसे ही चर्चा के भी रंग बदलते हैं कहीं धूप तो कहीं छाँव से अहसासों में उतरते हैं कभी ग्रीष्म के ताप से तपाते हैं क...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक
44

पुरी यात्रा #01

      यूँ तो पुरी जानें के लिए ये अनूकूल मौसम नहीं कहा जा सकता, परन्तु अप्रैल की अठ्ठारह को शाम चार बजे हम हटिया से पुरी जानें वाली 'तपस्विनी एक्सप्रेस'  में बैठे थे.. हमारा तीन दिनों का क...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
Prashant Suhano
SUHANO DRISHTI
139

तुम्हारा चेहरा ,

तुम्हारा चेहरा     चाँद से भी खूबसूरत है तुम्हारा चेहरा       हमने सौ बार निगाहों में उतारा चेहरा,सबकी नजरों से महफिल में बचाकर नजरेंचुपके - चुपके से हर नजर ने निहारा चेहरा,द...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
dheerendra singh bhadauriya
काव्यान्जलि
223

पाँच साल और एक निष्कर्ष

"पाँच साल और एक निष्कर्ष" है न कुछ अजीब सा शीर्षक। पर है तो है नियमों के विपरीत इसका भी कोई कारण नहीं।     सर्वप्रथम  ये ऐलान कर देना चाहता हूँ कि मैं अपने धर्म से बेहद प्यार करता हूँ। ...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
सौरभ यादव / SAURABH YADAV
जमीन से ........
89

ईशोपनिषद एवं उसके आधुनिक सन्दर्भ ......अंक १ ....डा श्याम गुप्त ...

                            ....कर्म की बाती,ज्ञान का घृत हो,प्रीति के दीप जलाओ...                                   ...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
Drshyam
श्याम स्मृति..The world of my thoughts... श्याम गुप्त का चिट्ठा..
70

प्यार में

गूगल: साभार कहने में तनिक संकोच नहीं किफूल, नदी, प्यार और सपनों से बनी थी अपनी जिंदगीहाँ, सच है कि फूलों के दरमियाँ काँटे भी थेनदी पर्वत का सीना चीरकर उतरी थीप्यार भी सहना ...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
सुशील कुमार
स्पर्श | Expressions
100

अपने अपने सफ़र की बात है

अपने अपने सफ़र की बात है इक दिया है , हवाएँ साथ हैं समझे थे जिसे हम आबो-हवा सहरा में धूप से क्या निज़ात है आँधी-तूफाँ बने सँगी-साथी टकराये भी अगर तो बरसात है जरुरी है हवा ,काँपती है ...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
Sharda Arora
गीत-ग़ज़ल
70

प्रशंसा

किसी के गुणों की प्रशंसा करने में अपना समय नष्‍ट न करें बल्कि उसके गुणों को अपनाने की कोशिश करनी चाहिए। --- कार्ल मार्क्‍स...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
रौशन जसवाल विक्षिप्‍त
32

गिरता नैतिक मूल्य एंव हमारे जनप्रतिनिधि

मनोज जैसवाल : सभी पाठकों को मेरा प्यार भरा नमस्कार। लोकतंत्र में राजनेताओं और मंत्रियों का जीवन जनता के लिए नैतिक मूल्यों का प्रेरक होना चाहिए। लेकिन पिछले कुछ सालों से एक के बाद एक जनप्रतिन...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
manojjaiswalpbt
ultapulta
173

प्यार के खुरदुरेपन ने-------

                                          वर्षों से सम्हाले                                    ...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
jyoti khare
उम्मीद तो हरी है .........
117

दया

'दया' पर महापुरूषों के विचार ......(1) दयालु चेहरा सदैव सुंदर होता है।     - बेली(2) मुझे दया के लिए भेजा है, शाप देने के लिए नहीं।      - हजरत मोहम्मद(3) जो सचमुच दयालु है, वही सचमुच बुद्धिमान ह...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
हंसराज 'सुज्ञ'
निरामिष
97

एतौ तोरो गोजगरा रौ

गीतएतौ तोरो गोजगरा रौबाँटिहेँ पान मखान रौसासुरसँ एतौ तोरो भरि भरि चगेँरा चूरालड्डू एतौ पेड़ा एतौ एतौ दही केरादऽ हकार बजाबिहेँ सगरो गाम रौबाटिहेँ . . . .राति पुर्णिमा खह खह इजोरिया चक मक चमकै च...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
AMIT MISHRA
31

Glimpses of Lake Sambhar

Salt Plains...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
Bhavana Lalwani
Life with Pen and Papers
101


Postcard
फेसबुक द्वारा लॉगिन