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नई हलचल

आम्-आदमी

उसके बारे में प्रचलित है कि वह थकता नहीं वह हंसता नहीं वह रोता नहीं वह सोता नहीं उसके बारे में प्रचलित है कि डांटने-गरियाने का उस पर असर नहीं होता बडा ही ढीठ होता है चरित्र इनका पिन चुभोने से या ...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
anwar suhail
अनवर सुहैल का रचना संसार
63

एक शाम तेजेंद्र शर्मा के नाम..

लन्दन की बारिश का यूँ तो कभी कोई भरोसा नहीं, और लन्दन वासियों की इसकी खासी आदत भी है।परन्तु कभी कभी जब किसी खास आयोजन में जाना हो यह मोहतरमा बिना किसी पूर्व सूचना के आ धमकें तो बहुत ही खला करती...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
Shikha varshney
स्पंदन SPANDAN
58

कविता - सर्दी आई

मुन्ना जी क्यों काँपे थर-थर,क्या घर में हुई पिटाई। भैया ऐसी बात नहीं है,मुझे कपकपाती सर्दी है आई। ----सालेह अपना स्कूल पनकी पड़ाव ...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
Deen Dayal Singh
बचपन के रंग
95

पूर्णिया सिटी की काली माँ

ये हैं पूर्णिया सिटी की काली माँ   इस तस्वीर का उद्देश्य है-  राष्ट्रीय राजमार्ग-57 का एक दृश्य दिखाना.  दृश्य के बीच में जो कार्टून है, वह हम्हीं हैं. आज (शनिवार, 20 अक्तूबर'12) हमदोनों सुबह-सुब...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
जयदीप शेखर
कभी-कभार
250

मार्गदर्शक पत्र प्रतिक्रियाएँ .........।

मार्गदर्शक  पत्र  प्रतिक्रियाएँ .........कविता से इतने वर्षों दूर रहने के बाद भी ये नहीं खोईं.......यह एक कवि के लिए सबसे बड़ी खुशी एक प्रतिक्रिया होती है ..इसलिए महत्वपूर्ण ....और तब ये पोस्ट कार्ड पर ...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
Padmnabh Gautam
रचना डायरी
88

तुलसी का काढ़ा

मौसम बदलते समय बहुतों को सर्दी-जुकाम होता है- मुझे तो होता ही है! चार-पाँच रोज पहले मुझे सर्दी-जुकाम हुआ- नाक से पानी बह रहा था। मैंने दफ्तर से ही अंशु को फोन किया- कि वह शाम ढलने से पहले तुलसी के क...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
जयदीप शेखर
कभी-कभार
218

"पुस्तक समीक्षा-मेरे बाद" (डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री ‘मयंक’)

एक युवा कवि का काव्य संग्रह "मेरे बाद"    काफी समय पूर्व मुझे इंजीनियर सत्यं शिवम् का काव्य संग्रह "मेरे बाद" प्राप्त हुआ था! इसकी समीक्षा मैं लिखना चाहता था और इसके लिए पस्तक के कवर आदि की ...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक
122

अपने ब्लॉग पते को किसी अन्य ब्लॉग पते पर रीडायरेक्ट करें

मनोज जैसवाल :सभी पाठकों को मेरा प्यार भरा नमस्कार,पिछले कुछ समय से निजी कारणों से ब्लॉगगिंग से दूर रहा इसके लिए माफ़ी चाहता हूँ.दरअसल मैं एक अजीब तरह की समस्या से गुजर रहा था,मन ब्लॉगगिंग में ल...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
manojjaiswalpbt
ultapulta
81

सृष्टि महाकाव्य..ईषत -इच्छा या बिग-बेंग ;एक अनुत्तरित उत्तर... प्रथम सर्ग ---डा श्याम गुप्त...

सृष्टि ..ईषत -इच्छा या बिग-बेंग ;एक अनुत्तरित उत्तर... प्रथम सर्ग ---डा श्याम गुप्त...          सृष्टि -ईषत-इच्छा या बिग-बेंग; एक अनुत्तरित उत्तर ( अगीत विधा महाकाव्य)..प्रथम सर्ग ...... (यह मह...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
Drshyam
अगीतायन
88

अगीत साहित्य दर्पण -अध्याय -६-भाग़ दो व अंतिम -अगीत की भाव संपदा ---डा श्याम गुप्त

                                               अगीत का कला पक्ष - -भाग दो पिछली पोस्ट से आगे ......अलंकार ......               मुख्यतया अंग...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
Drshyam
अगीतायन
90

अगीत साहित्य दर्पण, अध्याय ६ (अंतिम ) --अगीत का कला पक्ष.. भाग १ -- ... डा श्याम गुप्त

                                                     अगीत का कला पक्ष (भाग एक )                     ...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
Drshyam
अगीतायन
97

जिंदगी

मुझे पूरा ऐतवार था तुझ पर जिंदगी, सब कुछ अपना निसार किया तुझ पर जिंदगी।तु तो वक्त के हाथ की कठपुतली है, मैं यूं ही गुमान करता रहा तुझ पर जिंदगी।मैंने तुझे खूब सजाया संवारा, ये मेरा ऐहसान है तुझ प...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
kuldeep thakur
man ka manthan. मन का मंथन।
73

"अन्तःप्रवाह की समीक्षा" (डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री ‘मयंक’)

मन के प्रवाह का संकलन है अन्तःप्रवाह   कुछ दिनों पूर्व ख्यातिप्राप्त कवयित्री स्व. ज्ञानवती सक्सेना की पुत्री श्रीमती आशालता सक्सेना के काव्य संकलन “अन्तःप्रवाह” की प्रति की मुझे डाक स...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक
128

घूस का जस्टिफिकेशन

"घूस क्यों लेते हो, सैलरी तो मिलती है", एक सज्जन ने अपने मित्र से कहा. सज्जन व्यापारी हैं और उनके मित्र एक स्थानीय निकाय में बाबू."आप लोग टैक्स देते हो जिससे सरकार सड़क, पुल इत्यादि बनवाती है" मित्...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
भारतीय नागरिक
भारतीय नागरिक-Indian Citizen
86

पर्यटकों के लिए कल से खुलेगा कॉर्बेट पार्क

     सुप्रीम कोर्ट के 16 अक्टूबर को टायगर रिजर्व में पर्यटन पर लगी रोक को हटाने के बाद अब कॉर्बेट पार्क भी खुलने जा रहा है। शनिवार 20 अक्टूबर से पार्क के बिजरानी और झिरना जोन को सैलानियों के ...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
ATUL WAGHMARE
0

पर्यटकों के लिए कल से खुलेगा कॉर्बेट पार्क

     सुप्रीम कोर्ट के 16 अक्टूबर को टायगर रिजर्व में पर्यटन पर लगी रोक को हटाने के बाद अब कॉर्बेट पार्क भी खुलने जा रहा है। शनिवार 20 अक्टूबर से पार्क के बिजरानी और झिरना जोन को सैलानियों के ...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
corbettnews
कॉर्बेट न्यूज़
186

समझे आप ?

ख़बरों में कहा गया, राहुल गाँधी ने मनमोहन सिंह से मुलाक़ात की !जबकि कहना चाहिए था, मनमोहन सिंह ने राहुल गाँधी से मुलाक़ात की !!समझे आप ???...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
Akbar Khan
TheNetPress.Com
123

अनुलग्नक

कभी कभी परिस्थितियां व्यक्ति को मूक बना देती हैं. चाह के भी कुछ कह पाना बड़ा मुश्किल होता है, विधाता कुछ लोगों को अद्भुत तर्क शक्ति से समृद्ध करके धरा पर भेजते हैं. ऐसे महान लोगों को न तो कोई कुछ...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
abhishek shukla
39

ग़ज़ल

गर कोई हमसे कहे की रूप कैसा है खुदा का हम यकीकन ये कहेंगे  जिस तरह से यार है....संग गुजरे कुछ लम्हों की हो नहीं सकती है कीमत गर तनहा होकर जीए तो बर्ष सो बेकार हैं सोचते है जब कभी हम  ...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
Madan mohan saxena
ग़ज़ल गंगा
66

वो

शाम आई और गुजर गयी अधूरेपन का एहसास देकरबैठा रहा मै इंतज़ार में दिल जुड़ने की आश लेकरदिल जुड़े न जुड़े कोई गम नहीं हमे अबआह भरा मैं तब जब कोई कह गया पराया खास बनकरमहज नाम जुड़ने भर से डरती वो मेरा रकी...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
Chandan Kumar Gupta
Chandan Kumar Gupta
100

तुम..दूर..जा..रहे..हो......

तुम दूर जा रहे हो या पास आ रहे हो.....ये किस तरह मेरे दिल को तडपा रहे हो....नजरे झुकाऊ तो इनमे चेहरा तेरा..पलके उठाऊ तो हर तरफ खालीपन मेरा...किस भ्रम से मुझको बहला रहे हो...तुम दूर जा रहे हो या पास आ रहे हो....  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
parul'pankhuri'
Os ki boond
92

गांधी जी का इस्लाम के बारे में नजरिया

‘‘ इस्लाम अपने अति विशाल युग में भी अनुदार नही था, बल्कि सारा संसार उसकी प्रशंसा कर रहा था। उस समय, जबकि पश्चिमी दुनिया अन्धकारमय थी, पूर्व क्षितिज का एक उज्जवल सितारा चमका, जिससे विकल संसार क...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
Saleem Khan
हमारी अन्‍जुमन
307

ऐतिहासिक तारादेवी मन्दिर

शिमला के निकट बना ऐतिहासिक तारादेवी मन्दिर देश के ऐसे स्थलों में शामिल है जिसे भारत के देवी स्थानों में अत्यन्त महत्व प्राप्त है। वस्तुतः भगवती तारा क्योंथल राज्य के सेन वंशीय राजाओं की कुल...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
रौशन जसवाल विक्षिप्‍त
137

प्रेम रसायन हमरे पासा ....

मेरे घर के सामने काफी दिनों से , एक मकान बन रहा है । रेत  , गिट्टी और पत्थरों के ढेर लगे होते हैं । आसपास के बहुत से बच्चे अक्सर शाम को रेत के ढेर पर खेलने आते हैं । उस दिन मैंने देखा , सभी बच्चे  ...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
mamta vyas
मनवा
99

ईस्लाम का अतिक्रमण

इस्लाम भारत में जिहादी लुटेरों और शत्रुओं की तरह आया जिन्हें हिन्दूओं से घृणा थी। मुस्लिम स्थानीय लोगों को ‘काफिर’ कहते थे और उन्हें को कत्ल करना अपना ‘धर्म’ मानते थे। उन्हों ने लाखों की संख...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
Praveen Gupta
हिन्दू - हिंदी - हिन्दुस्थान - HINDU-HINDI-HINDUSTHAN
183

प्रेम..में..बावरी..

क्यू मौसम आज महकने लगा..क्यू उमंगो पे सवार होके मन ये चला...क्यू दबे होठो पे धीमी हँसी आ गई..क्यू तन मन मेरा गुलमोहर हुआ...क्यू उम्मीदों के नए पंख लगने लगे...क्यू नैना ये सपने सजाने लगे...क्यू पलकें मे...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
parul'pankhuri'
Os ki boond
85

अधूरापन...

अधूरा आकाश..प्यासी धरती का तन...अधूरी बरसात...आधा भीगा मन....अधूरे ख्वाब..ज्यो जल बिन नयन...अधूरी चाहत...तडपाती पवन...अधूरी ख्वाइशे ..मचले चितवन..अधूरी धड़कन...अधूरी हर आस...अधूरी बातें...अधूरी हर सांस ..अधू...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
parul'pankhuri'
Os ki boond
98

विश्व विजेता सम्राट विक्रमादित्य-SAMRAT VIKRAMADITYA

ईसा से कई शताब्दी पूर्व भारत भूमि पर एक साम्रराज्य था मालव गण। मालव गण की राजधानी थी भारत की प्रसिद्ध नगरी उज्जेन । उज्जैन एक प्राचीन गणतंत्र राज्य था । प्रजावात्सल्या राजा नाबोवाहन की मृत्य...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
Praveen Gupta
हिन्दू - हिंदी - हिन्दुस्थान - HINDU-HINDI-HINDUSTHAN
482

पंखुरी

बेला गुलाब चंपा चमेली...आई प्यारी सखी सहेली...कोई लहराई...कोई इठलाई...कसमसा के ली..किसी ने अंगडाई...तन-मन में भर गई उमंग-उमंग..जब कलियों ने छेड़ा जल-तरंग...कोई डाल पे नाची..मटक-मटक...कोई पत्तो संग झूली...लच...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
parul'pankhuri'
Os ki boond
97

संकल्प

कैसा यह मेरा जीवन है, अर्थवान भी अर्थहीन भी, बिन बूंदों के बादल जैसा, आवश्यक भी महत्वहीन भी , जडवत हूँ चेतन भी हूँ, किन्तु चेतना सीमित है ,जा सकता हूँ नभ पार अभी , आशा भी अवलंबित है , कई ...  और पढ़ें
6 वर्ष पूर्व
abhishek shukla
41


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