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नई हलचल

नव वर्ष 2012 मंगल मय हो

  मंगल हो नव वर्ष  आपका,सुखी रहे  परिवार   आपका.स्वस्थ्य      रहे  संतृप्त   रहे,और  भरा रहे भंडार आपका,पायें वो सब, सोचा हो जो कुछ,सपना     हो     साकार    आपका.सफ...  और पढ़ें
8 वर्ष पूर्व
शिव प्रकाश मिश्रा
हम हिन्दुस्तानी HAM HINDUSTANI
64

नए साल की सुबह...(संस्मरण)

( ये संस्मरण मैंने कुछ महीने पहले लिखा था...यादों की कसक से हार कर और हिम्मत कर....लंबा संस्मरण होने की वजह से मैं इसे जारी करने में हिचकता रहा..लेकिन आज जबकि पापा की कही बातें कानों से टकरा रही हैं.....  और पढ़ें
8 वर्ष पूर्व
AMRIT UPADHYAY
कशमकश
98

nav varsh ki shubhkamnaye

visit.. http://www.mahaktepal.comसाल २०१० तुम जा तो रहे हो मन को मेरे भरमा तो रहे हो कभी लगता है मुझको मैंने  इस साल बहुत कुछ पा लिया है पर लगता है अक्सर फिर मुझे बहुत कुछ गवां  दिया है जो मिला है वो हर्षि...  और पढ़ें
8 वर्ष पूर्व
sakhi
sakhi with feelings
101

अभूले दिन, अभूले चेहरे

उन नीम के झरते हुए पीले पत्तों और उतरकर गाढे होते हुए अँधेरे के बीच चलती हुई बातें बहुत दूर तक चली गयी थीं । हम अपने अपने क़दमों की आहटों से अन्जान बहुत दूर निकल गये थे । तब उसने यूँ ही एकपल ठहरते ...  और पढ़ें
8 वर्ष पूर्व
ANIL KANT
हसरतसंज
59

آخر کب ختم ہوگی بندھوا مزدوری‎

فردوس خان آزادی کی 6دہائی گزر جانے کے بعد بھی ہمارے ملک میں بندھوا مزدوری مسلسل جاری ہے۔حالانکہ حکومت نے 1975میں ایک آرڈینینس کے ذریعہ بندھوا مزدوری پر پابندی عائد کر دی تھی، مگر اس کے باوجود یہ سلسلہ آج بھی جاری ہے۔ حکومت بھی اس  بات کو تسلیم کرتی ہے کہ ملک میں بندھوا مزدور...  और पढ़ें
8 वर्ष पूर्व
Firdaus Khan
جہاںنُما
79

छत पर उतरती जून की रातें

वेतपतीजूनकेदिनहुआकरते . एकदमथकेऔरबेजान . उनआखिरीदिनोंकेएकओरसुलगतीदोपहरेंहुआकरतींऔरदूसरीओरजुलाई . इनकेबीचकूलरएकस्वप्नसाजानपड़ता . जोकिमाँद्वाराबचाईजमापूँजीऔरपिताजीकेप्लानकेबाव...  और पढ़ें
8 वर्ष पूर्व
ANIL KANT
हसरतसंज
60

एक प्यार भरी पोस्ट

कभी कभी अचानक कुछ अनुभूत होता हैं ,कहीं से कुछ आवाज आती हैं और आपका दिल कह उठता हैं बस यही तो हम चाहते हैं.किसी को समझना जितना आसान हैं उतना ही कठिन होता हैं अपने आप को समझना अपनी खोज करना ,और कभी क...  और पढ़ें
8 वर्ष पूर्व
Dr.Radhika Budhkar
आरोही
62

व्यंग्य : बिन पेंदी का लोटा सम्मान

हमरे गाँव मा एक रहिन अकिला फुआ,गाँव मा जब भी केहू का कोई बात समझ में नाही आवत रहा त लोग अकिला फुआ के पास जाके पूछत रहेन की फुआ एका मतलब का बा ?काहे के अकिला फुआ बरहन होशियार रहिन ...! हमरी भाषा बहुत ...  और पढ़ें
8 वर्ष पूर्व
Manoj Pandey
मंगलायतन
94

कभी न था!

प्रिय दोस्तों,आप सभी को नव वर्ष २०११ की शुभ-कामनाएं!काफी दिनों के बाद मैं फिर से अपने वियोग-रस के साथ हाज़िर हूँ! आशा करता हूँ आपको मेरी ये रचना पसंद आएगी! शीर्षक है, "कभी न था"आज जा के जाना उस मुहब्...  और पढ़ें
8 वर्ष पूर्व
surender
"ख़्वाबों का तसव्वुफ़"
102

हनुमान-कालनेमी संवाद...

राम-सिया-राम सिया-राम सिया-राममैं तो राम ही राम पुकारूँ....कित्थे आवे कितको जावेबाबा ने सब बेरा रेजानो हे बड़ी दूर बटेयूकर ले रैन-बसेरा रेतु क्यूँ चिंता करता हैकरना है सो राम करेऎसी भगवान की मर...  और पढ़ें
8 वर्ष पूर्व
Reetesh Gupta
मेरी पसंद...
126

श्री राम जय राम जय-जय राम...

श्री राम जय राम जय-जय रामशेष न कोई आशा हो जबचारों ओर निराशा हो जबतब फ़िर बोलो येही नामश्री राम जय राम जय-जय रामजीते-जी तब सबसे नाताइसके बाद न कोई निभाताअंत समय में आता कामश्री राम जय राम जय-जय राम...  और पढ़ें
8 वर्ष पूर्व
Reetesh Gupta
मेरी पसंद...
116

तेरे सिर पर सीता-राम...

तेरे सिर पर सीता-रामफ़िकर फ़िर काहे कीतेरे बिगड़े बनेगें कामफ़िकर फ़िर काहे कीपितु रघुवर श्री जानकी मैयाफ़िर क्यों परेशान हो भैया तेरे हरेंगें कष्ट तमामफ़िकर फ़िर काहे कीजो जन राम-कथा सत-संगी उनके स...  और पढ़ें
8 वर्ष पूर्व
Reetesh Gupta
मेरी पसंद...
117

कृष्ण जिनका नाम है....

कृष्ण जिनका नाम हैगोकुल जिनका धाम हैऎसे श्री भगवान को बारंबार प्रणाम हैयशोदा जिनकी मैया हैनंद जी बापैया हैऎसे श्री गोपाल को बारंबार प्रणाम हैलूट-लूट दधि माखन खायोग्वाल-बाल संग धेनु चरायोऎस...  और पढ़ें
8 वर्ष पूर्व
Reetesh Gupta
मेरी पसंद...
117

विचार आते हैं लिखते समय नहीं - मस्तिष्क की कार्यप्रणाली

                                          मस्तिष्क की कार्यप्रणाली -7   प्लानिंग काम्प्लेक्स :मस्तिष्क की कार्य प्रणाली का एक और महत्...  और पढ़ें
8 वर्ष पूर्व
sharad kokas
ना जादू ना टोना
24

खोदा पहाड़ निकली चुहिया

हमारे यहाँ  बिना क्रम टूटे लगातार माननीयों द्वारा घोटाले पर घोटाले होते रहते हैं। इस बात का पूरा ध्यान रखा जाता है कि ज्यादा समय न निकल जाये और कोई घोटाला या कांड या कुछ भ्रष्ट टाइप का न हो......  और पढ़ें
8 वर्ष पूर्व
Ramendra Mishra
मेरी डायरी
52

क्या सचमुच हमारी भावनात्मक एकता कमजोर हो रही है ?

नि:संदेह भारत ने एक संप्रभुता संपन्न राष्ट्र के रूप में बड़ी-बड़ी उपलब्धियां प्राप्त की । आई टी सेक्टर में दुनिया में उसका डंका बजा । चिकित्सा,शिक्षा, वाहन, सड़क, रेल, कपड़ा, खेल, परमाणु शक्ति, अंतर...  और पढ़ें
8 वर्ष पूर्व
Ravindra Prabhat
29
ART BY VIJAYKUMAR SAPPATTI
103

चिम्पू और मिन्नी - काजलकुमार - लोटपोट

चिम्पू और मिन्नी - काजलकुमार  - लोटपोट दोस्तों , आज मैं आपका परिचय चिम्पू और मिन्नी से करवा रहा हूँ , ये कॉमिक चरित्र श्री काजलकुमार  के द्वारा बनाया गया है , और ये लोटपोट में छपता था/है . और ख़ु...  और पढ़ें
8 वर्ष पूर्व
vijay kumar sappatti
THE INDIAN COMICS भारतीय कॉमिक्स
151

बिछाया बंदरबांट का एक और जाल

पौने दो लाख करोड़ रुपये के २जी स्पेक्ट्रम घोटाले का शोर अभी संसद की फिजाओं में गूंज ही रहा था कि सैकड़ों-हजारों करोड़ की एक और बंदरबांट का जुगाड़ बैठाने की एक और खबर सामने आ गई। 'खाने-पकानेÓ की य...  और पढ़ें
8 वर्ष पूर्व
kaustubh upadhyay
कोलाहल
64

Nauha (2) by Aliza Zaidi

Nauha (2) by Aliza Zaidi Released by Grafh Agency...  और पढ़ें
8 वर्ष पूर्व
Dr. Zeashan Zaidi
Ya Husain Ya Shah-E-Karbala
90

Nauha (1) By Aliza Zaidi

Nauha (1) By Aliza ZaidiReleased by Grafh Agency, Lucknow...  और पढ़ें
8 वर्ष पूर्व
Dr. Zeashan Zaidi
Ya Husain Ya Shah-E-Karbala
92

वो काग़ज़ की कश्ती वो बारिश का पानी

लगभग आधी रात हो रही है और इस वक़्त सुदर्शन फ़ाकिर साहब का एक गीत याद आ रहा है --- वो काग़ज़ की कश्ती वो बारिश का पानी ! फ़ाकिर साहब वो थे जिन्होंने जगजीत सिंह को जगजीत सिंह बनाया !खैर   फिलहाल तो ...  और पढ़ें
8 वर्ष पूर्व
Ramendra Mishra
मेरी डायरी
52

दीप

"दीप प्रज्ज्वलित जब होता है,                    अन्धकार चहुँ दिश मिटता है ! मन का दीपक तब जलता है,                    जीवन उज्जवल हो उठता है !!"...  और पढ़ें
8 वर्ष पूर्व
Ramendra Mishra
मेरी डायरी
58

Featured Edited Video

8 वर्ष पूर्व
Faizan Ansari
Techcare Online
146

अरे प्यारे भगवान जी !

(जीवन , मृत्यु , प्रेम , संवेदनाएं , विचार इत्यादि ही कविता की मुख्य विषयवस्तु क्यों हॊ ? क्या ठोस  वैज्ञानिक तथ्य व प्रक्रियायें कविता का विषय नहीं हो सकती ? मेरा मन कहता है क्यॊं नहीं हो सकत...  और पढ़ें
8 वर्ष पूर्व
SHREESH K. PATHAK
नवोत्पल
95

Alcohol : benefits vs risk

Firdaus KhanThere is consensus that non drinkers should not start and the ones who drink can continue provided they do so in moderation and in absence of contraindications, said Dr. KK Aggarwal, President, Heart Care Foundation of India. People tend to consume more alcohol in winter and near the New Year. Persons who have been lifelong abstainers cannot be easily compared with moderate or even rare drinkers. Recommending alcohol intake to them even if they would agree to drink is not justified.T...  और पढ़ें
8 वर्ष पूर्व
Firdaus Khan
The Paradise
90


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