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लघुत्तम फिल्म पर रायः सिमरन

सौजन्यः गूगल भाई इमेजवाले।मौलिक ईमानदार के परिस्थितजन्य बेईमान बनने की कहानी। अव्यवहारिक से प्लॉट और सोलो स्टोरी में जबरन से ठूंसे पात्र। खासकर हिंदी वक्ता बॉयफ्रेंड। गुस्सैल मुनीम सा हि...  और पढ़ें
4 दिन पूर्व
Barun Sakhajee
आम आदमी सरकारी चंगुल में......
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लिखते रहना ज़रूरी है !

पिछले कई महीनों में जीवन के ना जाने कितने समीकरण बदल गए हैं - मेरा पता, पहचान, सम्बन्ध, समबन्धी, शौक, आदतें, पसंद-नापसंद और मैं खुद | बहुत कुछ नया है लेकिन हर नयी चीज़ रास आती ही हो, ये ज़रूरी तो नहीं | ...  और पढ़ें
4 दिन पूर्व
Ritika Rastogi
फुर्सत के पल..
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DAINIK JAGRAN

4 दिन पूर्व
VBSPURVANCHAL
पूरब बानी....
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ग्राम विकास एवं मानव एकात्मवाद पर हुई प्रतियोगिताएं

विश्वविद्यालय में पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जन्मशती वर्ष के अंतर्गत बुधवार को अंत्योदय, ग्राम विकास एवं मानव एकात्मवाद विषयपर विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। जिसमें परिसर पाठ्य...  और पढ़ें
4 दिन पूर्व
VBSPURVANCHAL
पूरब बानी....
0

कहानी- दाग ही तो है

बहुत दिनों बाद आज जीन्स पहन कर घर से निकली थी। जीन्स में जो कम्फर्ट मिलता था वो किसी और ड्रेस में नहीं था। मन थोड़ा खुश था, उन्मुक्त , एक अलग एहसास। सोचा थोड़ी दूर पैदल चल कर अगले बस स्टाप से बस पर पक...  और पढ़ें
4 दिन पूर्व
Aparna Bajpai
Bol Skhee Re ( साहित्यिक सरोकारों से प्रतिबद्ध )
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गुरू - खजाना यादों का 6

वह किसी स्कूल के अध्यापक नहीं थे। खुद कभी स्कूल गए थे या नहीं इस बारे में मैं पक्का कुछ भी नहीं कह सकता। वह कोई धार्मिक अनुष्ठान भी नहीं करवाते थे। अलबत्ता पूरा मंझनपुर कस्बा उन्हें गुरू के ना...  और पढ़ें
4 दिन पूर्व
bhavna pathak
bhonpooo.blogspot.com
3

असहमति के स्वर का कुचला जाना

गौरी लंकेश...!‘असहमति’ के एक और स्वर को ‘निर्ममता’ से कुचल दिया गया। सत्ता के खिलाफ जाने और लिखने का ‘हश्र’ गौरी लंकेश को अपनी जान देकर चुकाना पड़ा। यों तो हम एक बहुत बड़े लोकतांत्रिक मुल्क हैं-...  और पढ़ें
4 दिन पूर्व
Anshu Mali Rastogi
हथौड़ा
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जय अपराधी बाबा की

 जय अपराधी बाबा की सर्वप्रथम जेल में सज़ा काट रहे सभी बाबाओं को साष्टांग प्रणाम अर्थात  सिर, हाथ, पैर, हृदय, आँख, जाँघ, वचन और मन इन आठों से युक्त होकर भूमि पर सीधे लेटकर मेरा प्रणाम। एक ही बात ...  और पढ़ें
4 दिन पूर्व
राकेश श्रीवास्तव
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सेना से जुड़ी जन-भावनाएं

वायु सेना के मार्शल अर्जन सिंह के अंतिम संस्कार के समय सरकारी व्यवस्था पर प्रेक्षकों ने खासतौर से ध्यान दिया है. उनके अंतिम संस्कार के पहले रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमन ने बरार स्क्वायर पहु...  और पढ़ें
4 दिन पूर्व
Pramod Joshi
जिज्ञासा
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गीत "और न अब हिमपात करो" (डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

सम्बन्धों की दुनियादारी,अनुबन्धों की बात करो।सपने कब अपने होते हैं,सपनों की मत बात करो।।लक्ष्य नहीं हो जिन राहों में,कभी न उन पर कदम धरो,जिनसे औंधे मुँह गिर जाओ,ऐसी नहीं उड़ान भरो,रंग-बिरंगी इ...  और पढ़ें
4 दिन पूर्व
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक
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प्रीत

मूक प्रीत की स्पष्ट हो रही है वाणी अब....अमिट प्रतिबिंम्ब इक जेहन में,अंकित सदियों से मन के आईने में,गुम हो चुकी थी वाणी जिसकी,आज अचानक फिर से लगी बोलनें।मुखर हुई वाणी उस बिंब की,स्पष्ट हो रही अब ...  और पढ़ें
4 दिन पूर्व
पुरूषोत्तम कुमार सिन्हा
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796..कौन हो तुम... कौन है हम..

।। ऊँ  सत्यम् ।।शुभ भोर  महालया(महालय का पर्व नवरात्र के प्रारंभ और पितृपक्ष के अंत का प्रतीक है. )कौन हो तुम...कौन है हम..क्या फर्क पड़ता है..हाँ.. कैसे हो तुमकिस हाल में है हमइन विचारों, विवादों...  और पढ़ें
4 दिन पूर्व
Yashoda Agrawal
पाँच लिंकों का आनन्द
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जो भूले से भूल जाते बिखर गये होते....नीतू राठौर

जरा सी देर सही घर अगर गये होतेतेरे ही सीने से लग के निखर गये होते।नहीं भूली हूँ जुदाई की शाम अब तक भीजो भूले से भूल जाते बिखर गये होते।अभी नहीं जो होता रूह से रूह का मिलनातो इस जनम में दुबारा ठहर ...  और पढ़ें
4 दिन पूर्व
Yashoda Agrawal
मेरी धरोहर
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Tod sab kadi dil ki hathkadi

4 दिन पूर्व
Abhilasha
@Abhi
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...हो पास तो ऐसे चुप न रहो

#होपासतोऐसेचुपनरहोहरेश कुमारहालात ऐसे हैं कि अपने संबंधियों के घर आने पर भी उनको समय देना मुश्किल हो जाता है। बढ़ती महंगाई और खर्चों को देखते हुए एकल परिवार में भी पति-पत्नी दोनों जॉब करने लग...  और पढ़ें
5 दिन पूर्व
Haresh
Information2media
5

क्लेष

   उस विशाल पर्दे पर निकट से लिया गया चित्र बड़ा तथा स्पष्ट था, इसलिए हम उस मनुष्य के शरीर के गहरे घावों को देख पा रहे थे। एक सैनिक उसे पीट रहा था, जबकि वहाँ खड़ी क्रुध्द भीड़ उस का उपहास कर रही थी; ...  और पढ़ें
5 दिन पूर्व
Roz Ki Roti
रोज़ की रोटी - Daily Bread
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निशिगंधा

घनघोर निशा, फिर महक रही क्युँ ये निशिगंधा?निस्तब्ध हो चली निशा, खामोश हुई दिशाएँ,अब सुनसान हो चली सब भरमाती राहें,बागों के भँवरे भी भरते नहीं अब आहें,महक उठी है,फिर क्युँ ये निशिगंधा?प्रतीक्षा ...  और पढ़ें
5 दिन पूर्व
पुरूषोत्तम कुमार सिन्हा
3

बड़े लोगों के बड़े और अजीबो-गरीब उपहार

उपहार हमारे सामाजिक व्यवहार का अभिन्न अंग हैं. इनसे जहां देने वाले की सुरुचि और कल्पनाशीलता का पता चलता है वहीं यह बात भी उभरती है कि उपहार देने वाला उपहार पाने वाले के बारे में कितनी जानकारी ...  और पढ़ें
5 दिन पूर्व
डॉ दुर्गाप्रसाद अग्रवाल
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कुछ मेरी सुनो, कुछ अपनी कहो, हो पास तो ऐसे चुप ना रहो

हरेश कुमारभारत की राजनीति में ऐसा बहुत कुछ है, जो सामने से दिखता नहीं, इसका अर्थ यह नहीं कि सबकुछ पाक-साफ है। राजनीति में एकाध अपवाद ही हैं जिन्होंने अपने लिए कुछ नहीं बनाया। कुछ सीधा लाभ लेते ह...  और पढ़ें
5 दिन पूर्व
Haresh
Information2media
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क्यों - बालगीत 96

मम्मी क्यों आंधी  है आतीजोर जोर से पेड़ हिलातीबादल इतनी जोर गरजतेआपस में क्यों रहें झगड़तेबिजली चमक चमक छिप जाएलपक लपक क्यों हमें डराएकहां से बादल पानी लातेक्या फव्वारों से बरसातेसूरज दा...  और पढ़ें
5 दिन पूर्व
bhavna pathak
bhonpooo.blogspot.com
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Google Tez App Kay Hai Is Se Refer Karke Paisa Kaise Kamaye

Hello Dosto Aaj Me Google ke Upi app tez App ke bare me bataunga Dosto google ne hal hi apana Upi app launch kiya Hai Dosto aap tez App se refer karke 9000 tak kama sakte hai Tez App Ke feachers1 .  DaireCt Bank me Payment Transfer - receive kar sakte Hai 2. Is app ka istamal karne ke liye koi dusara account open karne ki jarurat nahi 3. Refer scheam offer bhi jis ke tahad customer ko free reward diya jayenga 4. Google tez ko india me lunch kiya hai jis me indi...  और पढ़ें
5 दिन पूर्व
ßräñdéd
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दोहे "एकल कवितापाठ" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

एकल कवितापाठ का, अपना ही आनन्द।रोज़ सृजन को कीजिए, करके कमरा बन्द।१। --कर खुद ही टिप्पणी, रोज निभाना धर्म।तब आयेगा समझ में, कविताओँ का मर्म।२।--टिप्पणियों के ढेर से, बन जाता आधार।अपनी रचना बाँ...  और पढ़ें
5 दिन पूर्व
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक
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4

795....उन पूर्वजों की कीर्ति का वर्णन अतीव अपार है,

जय मां हाटेशवरी....अपने पूर्वजों के प्रति स्नेह, विनम्रता, आदर व श्रद्धा भाव से किया जाने वाला कर्म ही श्राद्ध है... श्राद्ध का पावन समय चल रहा है....बहुत अच्छा लगता है....हम अपने पूर्वजों को याद करत...  और पढ़ें
5 दिन पूर्व
Yashoda Agrawal
पाँच लिंकों का आनन्द
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खोई हुई पहचान हूँ मैं...राजेश रेड्डी

गीता हूँ कुरआन हूँ मैंमुझको पढ़ इंसान हूँ मैंज़िन्दा हूँ सच बोल के भीदेख के ख़ुद हैरान हूँ मैंइतनी मुश्किल दुनिया मेंक्यूँ इतना आसान हूँ मैंचेहरों के इस जंगल मेंखोई हुई पहचान हूँ मैंखूब हूँ वाक...  और पढ़ें
5 दिन पूर्व
Yashoda Agrawal
मेरी धरोहर
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मुक्ति

PINTEREST IMAGEहर कविता में शब्द तुम्ही हो गीतों में लय है गर तुम होदिन तुम्हारे नाम से होता है शाम तुम्हारी यादों के साथ ढलती है,तुम्हारे सुख-दुःख से मौसम बदलता है,बारिश हो या तेज धूप चमके मेरे मन का इन्...  और पढ़ें
5 दिन पूर्व
Abhilasha
@Abhi
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आज का राशिफल 19 अगस्त 2017 : Aaj ka Rashifal 19 Aug 2017, Daily rashifal, Danik rashifal

Tuesday, 19 September 2017का दिन आपके लिए कैसा रहेगा। आज आपके जीवन में क्या-क्या परिवर्तन हो सकता है, आज आपके सितारे क्या कहते हैं, यह जानने के लिए पढ़े आज का भविष्यफल, मंगलवार, 19 सितम्बर 2017 का राशिफल। Aaj ka rashifal..मेष (A...  और पढ़ें
5 दिन पूर्व
Satish Kumar
Mera Hindi Blog - Intertainment ways to earn at home sex education all type sms jokes love story
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भाग जगलऊ जो रे...., भाग जगलऊ रे

भाग जगलऊ जो रे ...भाग जगलऊ रेहरेश कुमार1980 के दशक में अपने गांव बेलवा घाट (शिवहर जिला, बिहार) में दुर्गापूजा के दौरान आयोजित नाटक के बीच में डोम-डोमिन संवाद की नाट्य प्रस्तुति अचानक याद आ गया।  इस...  और पढ़ें
6 दिन पूर्व
Haresh
Information2media
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ज़िन्दगी की किताब के पन्ने

आँखों में फिर चमकने लगे हैं यादों के कुछ लम्हेंगूंजने लगी हैं कान में वो तमाम बातें जो कभी हमने की ही नहीं नज़र आई कुछ तस्वीरें जो वक़्त ने खींच ली होगी और तुम्हारा ही नाम पढ़ रह...  और पढ़ें
6 दिन पूर्व
लोकेश नदीश
किल्लोल
2


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