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माँ का होना-न होना

तुम्हारा जाना बहुत अखर रहा है माँ!अनुपस्थिति है फिर भी है उपस्थिति का एहसास. होने न होने के बीच डोलते मनोभाव!कैसे कहूँ! तुम थीं तो सोचता था कब आयेगा तुम्हारा वक्त,बिस्तर साफ़ करना,धोना, पोछना, न...  और पढ़ें
2 सप्ताह पूर्व
Aparna Bajpai
Bol Skhee Re ( साहित्यिक सरोकारों से प्रतिबद्ध )
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1518 में घटी ये रहस्यमयी घटना जिसमें होता था मौत का नृत्य

कुछ रहस्य ऐसे होते हैं जो कभी नहीं सुलझते। ऐसी ही एक रहस्यमयी घटना फ्रांस में 1518 में घटी थी जिसमे स्थानीय लोगों का एक अनोखी बीमारी से सामना हुआ था, जिससे पूरा फ्रांस भयभीत था। सम्पूर्ण विश्व ...  और पढ़ें
2 सप्ताह पूर्व
shweta
offbeat news
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नायब हीरे की असलियत और उसका दुख , एक लघुकथा

काफी समय पहले की बात है, एक राजमहल में एक स्त्री और उसका देवर काम करते थे। एक दिन राजमहल में उस स्त्री के देवर को एक हीरा मिलता है। वो अपनी भाभी को बताता है। महिला होशियारी से वो हीरा बाहर फेंक कर...  और पढ़ें
2 सप्ताह पूर्व
shweta
offbeat news
3

बियर की खाली बोतलों से बना दिया बौद्ध मंदिर!

आमतौर पर बियर या शराब पीने के बाद लोग खाली बोतल को फेंक देते हैं या फिर कबाड़ी को बेच देते हैं, लेकिन क्या आप सोच सकते हैं कि इन बियर की बोतलों से थाईलैंड के बौद्ध भिक्षुओं ने मंदिर बना लिया।इस अ...  और पढ़ें
2 सप्ताह पूर्व
Haresh
Information2media
3

हम खुद अपनी समस्याएं हल क्यों नहीं करना चाहते?

देखते-देखते हमारे चारों  तरफ की दुनिया में बहुत कुछ बदलता जा रहा है. हर बदलाव हमारे मन में बहुत सारी आशंकाएं पैदा करता है. हम भयभीत होते हैं, उसे नकारने के प्रयत्न करते हैं, उसका प्रतिरोध करने ...  और पढ़ें
2 सप्ताह पूर्व
डॉ दुर्गाप्रसाद अग्रवाल
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अमरबेल की तरह

दिल के शज़र कीइक शाख़ पेइक रोज़रख दिया था बेचैनी नेतेरी याद काइक टुकड़ाऔर आज़दिल के शजर कीकोई शाख़ नहीं दिखतीतेरी याद ने ढ़ाँक लिया हैअमरबेल की तरहअब वहाँदिल नहीं हैसिर्फ तेरी याद है...  और पढ़ें
2 सप्ताह पूर्व
लोकेश नदीश
किल्लोल
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औरत और बूढी हाय रे!!!!!!!!!!!!

हाय रे!  योगी सरकार ऐसी गलती कैसे कर गयी, सुबह का अखबार देख केवल मेरा ही नहीं बल्कि सारी महिलाओं का माथा ठनक गया. समाचार कुछ यूँ था-"बसों में मुफत सफर करेंगी 60 साल से ऊपर की महिलायें"    समाचार &n...  और पढ़ें
2 सप्ताह पूर्व
SHIKHA KAUSHIK
भारतीय नारी
8

लो भई योगी सरकार गई काम से

हाय रे!  योगी सरकार ऐसी गलती कैसे कर गयी, सुबह का अखबार देख केवल मेरा ही नहीं बल्कि सारी महिलाओं का माथा ठनक गया. समाचार कुछ यूँ था-"बसों में मुफत सफर करेंगी 60 साल से ऊपर की महिलायें"    समाचार &n...  और पढ़ें
2 सप्ताह पूर्व
SHALINI KAUSHIK
! कौशल !
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वहशी होते समाज के बीच मासूम बच्चे

समाजको हम किस ओर लिए जा रहे हैं यह हमें भी नहीं मालूम। बस चले जा रहे हैं। एक होड़ या कहूं एक जिद-सी है हमारे भीतर एक-दूसरे को ‘मात’ दे आगे निकल जाने की। आगे निकल जाने की यह घुड़-दौड़ हमसे कितना कुछ ...  और पढ़ें
2 सप्ताह पूर्व
Anshu Mali Rastogi
हथौड़ा
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मनोहर धोबी का गधा

*मनोहर धोबी का गधा*मैंने सुना है, पुरानी कथा है कि अवंतिका नगर के बाहर, क्षिप्रा नदी के पार एक महापंडित रहता था। उसकी दूर दूर तक ख्याति थी। वह रोज क्षिप्रा को पार करके, नगर के एक बड़े सेठ को कथा सुन...  और पढ़ें
2 सप्ताह पूर्व
Haresh
Information2media
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दोहे "साधन जाता हार" (डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

जीवन के पथ में मिले, जाने कितने मोड़।लेकिन में सीधा चला, मोड़ दिये सब छोड़।। पग-पग पर मिलते रहे, मुझको झंझावात। शह पर शह पड़ती रहीं, मगर न खाई मात।।मैं आगे बढ़ता गया, भले लक्ष्य हो दूर। नहीं उम...  और पढ़ें
2 सप्ताह पूर्व
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक
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पितृपक्ष का श्राद्ध और कर्ण का दान

पितृ पक्ष हिन्दुओं का अपने पूर्वजों को समर्पित समय है। यह आश्विन मास की कृष्ण पक्ष को प्रारंभ होता है और अमावश्या ...  और पढ़ें
2 सप्ताह पूर्व
PRITIMA VATS
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हमारा वैश्य समाज - HAMARA VAISHYA SAMAJ
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788....बेगैरत सा यह समाज हम लड़कियों को हीं हमारी हदें बताता है|

जय मां हाटेशवरी....सुनकर कुछ अजीब सा लगता है...."2002 में लिखी एक साध्वी की चिठ्ठी ने....2017  में...बाबा राम रहीम के कुकृत्यों का पर्दाफाश किया...."वो भी आज के समय में....जब सोशल मीडिया इतना तीव्र है....क्या ये ड...  और पढ़ें
2 सप्ताह पूर्व
Yashoda Agrawal
पाँच लिंकों का आनन्द
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माँ....निधि सक्सेना

तुम्हारे जाने के बादतुम्हें हर जगह खोजा अलार्म की आवाज़ में..छौंक की गंध में..रामचरितमानस के पाठ में..हर दर्द की दवा में..बाबा के किस्सों में..भाई की आंखों मेंबेटे की मुस्कान में..हर जगह थोड़ा थोड़...  और पढ़ें
2 सप्ताह पूर्व
Yashoda Agrawal
मेरी धरोहर
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अपना-अपना आसमान

 PC: GOOGLEएक अरसे के बाद आज माँ ने बहुत दुलारते हुए कहा,'जितना समेटती जाओगी खुद कोउतनी ही फैलती जाएगी ये दुनिया,जितना पास जाओगी हर किसी के उतना ही खाली होता जायेगा मन तुम्हारा,कब तक पढ़ती रहोगी दुनि...  और पढ़ें
2 सप्ताह पूर्व
Abhilasha
@Abhi
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आप सभी को मेरे विचारों से असहमत होने का 110 फीसदी हक है, लेकिन मुझे पूरी तरह से खारिज नहीं कर सकते

हरेश कुमारआप मेरे विचारों से असहमत हो सकते हैं, यह आपका संवैधानिक अधिकार है। लेकिन आप मुझे एकदम से खारिज नहीं कर सकते। मेरी बातें सिर्फ और सिर्फ अति वामवाद के शिकार तथाकथित बुद्धिजीवियों, ले...  और पढ़ें
2 सप्ताह पूर्व
Haresh
Information2media
7

समर्पण

   मेरे पुरखे मिशिगन प्रांत में आकर बस जाने वालों आरंभिक लोगों में से थे। उन्होंने भूमि को साफ किया, खेती की, बग़ीचे उगाए, जिससे वे अपने परिवार और बच्चों का भरण-पोषण कर सकें। मेरे परिवार में खे...  और पढ़ें
2 सप्ताह पूर्व
Roz Ki Roti
रोज़ की रोटी - Daily Bread
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विनती - बालगीत 73

विनती सुन लो हे भगवानहम बच्चों पर भी दो ध्यानअब बच्चा ना हमें बनानाइस संकट से प्रभू बचानाबच्चों पर बंधन कितना हैघुट घुट डर डर कर जीना हैपल पल रोक टोक है होतीसब की धौंस हमी पर चलतीयहां न आओ वहां ...  और पढ़ें
2 सप्ताह पूर्व
bhavna pathak
bhonpooo.blogspot.com
1

हिन्दुस्तान में वामपंथ का मतलब सिर्फ और सिर्फ हिंदू विरोधी हो चुका है और कुछ नहीं

दुखद सच्चाईबगैर किसी को जाने, समझे कुछ भी कह देते हैं लोग। आखिर, इतनी जल्दीबाजी क्यों है? एक व्यक्ति को समझने में सालोंसाल लग जाते हैं और यहां कुछ लोग इतने विशेषज्ञ हैं कि एक पोस्ट देखी नहीं कि ...  और पढ़ें
2 सप्ताह पूर्व
Haresh
Information2media
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कश्मीर किस का है

पप्पू - पापा, प्यार एक Virus है।पापा - और ये दरवाजे के पीछे रखा लट्ठ AntiVirus है। कहे तो अभी तेरा सिस्टम स्कैन कर दूँ।2राहुल को रैली में भाषण के समय काले झंडे दिखाये जा रहे थे।राहुल - ये काले रंग का झंडा किस...  और पढ़ें
2 सप्ताह पूर्व
shweta
offbeat news
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बाथ टब में नहाते समय कर रही थी मोबाइल फोन का इस्तेमाल, फिर हुआ कुछ ऐसा कि निकल गयी जान

मोबाइल अब सिर्फ बात करने की चीज नहीं रह गया है लोगों की जिंदगी का एक अहम् हिस्सा बन गया है। या यूँ कहें की खुद जिंदगी बन गया है। फोन को लेकर लोगों के बीच इस कदर दीवानगी है कि वह एक सेकेंड के लिए ...  और पढ़ें
2 सप्ताह पूर्व
shweta
offbeat news
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समाज के हर क्षेत्र में चापलूसों की मौज है, ईमानदार और मेहनती लोगों को हर जगह समस्याओं का सामना करना पड़ता है

हरेश कुमारतू मेरी पर पीठ खुजा, मैं तेरी पीठ खुजाऊं।तू मुझे पंत कह, मैं तुम्हें निराला कहूंगा।।ऐसे ही लोग देश में आगे बढ़ रहे हैं। चाहे वह राजनीति का क्षेत्र हो या पत्रकारिता का या किसी और सामाज...  और पढ़ें
2 सप्ताह पूर्व
Haresh
Information2media
5

A SMARTPHONE PASSWORD THAT WILL AUTOMATICALLY CHANGE EVERY TIME | LOCK YOUR PHONE WITH AUTO CHANGE PASSWORD

 A SMARTPHONE PASSWORD THAT WILL AUTOMATICALLY CHANGE EVERY TIME | LOCK YOUR PHONE WITH AUTO CHANGE PASSWORD...  और पढ़ें
2 सप्ताह पूर्व
Anurag Choudhary
SAMPATKUMARI'S Blog "PARISHKAR"
0

SET MOBILE PASSWORD THAT WILL AUTOMATICALLY CHANGE EVERY TIME | LOCK YOUR PHONE WITH AUTO CHANGE PASSWORD

SET MOBILE PASSWORD THAT WILL AUTOMATICALLY CHANGE EVERY TIME | LOCK YOUR PHONE WITH AUTO CHANGE PASSWORD...  और पढ़ें
2 सप्ताह पूर्व
Anurag Choudhary
Anurag Choudhary's Blog on Computer Tips, Blogging Tips, Mobile Phones and other latest Technology
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भारतीय जनता पार्टी को Natural Corrupt Party (NCP) की कब जरूरत पड़ जाए कुछ कहा नहीं जा सकता

हरेश कुमारभारतीय लोकतंत्र की विद्रूपताओं में से एक जो जीता वही सिकंदर रहा है। जाति-धर्म और क्षेत्र के नाम पर खुलेआम वोट डाले जाते हैं। सभी को याद होगा कि कैसे लोकसभा चुनाव के दौरान भारतीय जनत...  और पढ़ें
2 सप्ताह पूर्व
Haresh
Information2media
2

तीन दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का समापन

 विश्वविद्यालय में चल रही ग्रोथ ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी इन द कैंपस ऑफ पूर्वांचल यूनिवर्सिटी विषयक तीन दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का रविवार को समापन हुआ। समापन सत्र में देश के विभिन्न भ...  और पढ़ें
2 सप्ताह पूर्व
VBSPURVANCHAL
पूरब बानी....
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हिन्दी दिवस (14 सितंबर) पर विशेष : दिमाग को रखना हो चुस्त-दुरुस्त तो पढ़ें हिन्दी

 दिमाग को रखना हो चुस्त-दुरुस्त तो पढ़ें हिंदी                                         अनेक शोध से अब यह प्रमाणित हो चुका है कि  हिन्दी की लिपि देवनागरी, दुनिया की अन्य भाष...  और पढ़ें
2 सप्ताह पूर्व
umesh kumar
सफल जीवन जीने के स्वर्णिम सूत्र
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बेटी का ख्वाब पूरा करने के लिए सात साल से सिर्फ नूडल खाकर जिन्दा है ये आदमी

नूडल्स ज़्यदातर हम सभी को पसंद होते हैं। लेकिन रोजाना और लगातार सात सालो तक सिर्फ नूडल कोई शौक के लिए नहीं खा सकता। यदि रोज़ाना कोई नूडल्स खाये भी तो एक-दो दिन में ही उसे खाकर बोर हो जायेगा। लेकि...  और पढ़ें
2 सप्ताह पूर्व
shweta
offbeat news
3


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